यूनेस्को, जिसे हिंदी में संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन कहा जाता है, की स्थापना 16 नवंबर 1945 को की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और संचार में सहयोग बढ़ाना है। यह संगठन 194 सदस्य देशों के साथ मिलकर शिक्षा और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा का काम करता है। यूनेस्को का काम केवल शिक्षा और संस्कृति तक सीमित नहीं है, यह वैश्विक शांति और आपसी समझ बढ़ाने में भी योगदान देता है। यूनेस्को से संबंधित कई तथ्य स्कूल और अन्य परीक्षाओं में भी पूछे जाते हैं। इस लेख में यूनेस्को से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है, जो इसे बेहतर समझने में मदद करेगी।
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यूनेस्को क्या है?
यूनाइटेड नेशन्स एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गेनाइज़ेशन (UNESCO) की स्थापना 16 नवंबर 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की गई थी। UNESCO का संविधान 4 नवंबर 1946 से लागू हुआ। यह संगठन शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति, संचार और सूचना के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देकर शांति और सुरक्षा में योगदान देता है। यूनेस्को आपसी समझ, ज्ञान के आदान-प्रदान और नए विचारों को प्रोत्साहित करता है।
UNESCO का मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में स्थित है। वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनाए गए 2030 एजेंडा में शामिल सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) को प्राप्त करने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। बता दें कि इसका मुख्यालय पेरिस में है और इसके 50 से अधिक क्षेत्रीय कार्यालय दुनिया भर में स्थित हैं।
यूनेस्को का इतिहास
यूनेस्को का इतिहास द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शुरू हुआ, जब दुनिया शांति और सहयोग की तलाश में थी। युद्ध ने शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति को बहुत नुकसान पहुँचाया था। तब यह महसूस किया गया कि स्थायी शांति केवल सैनिक ताकत से नहीं, बल्कि लोगों के बीच आपसी समझ, ज्ञान और सांस्कृतिक सहयोग से स्थापित हो सकती है। इसी सोच के साथ 37 देशों ने 1945 में मिलकर यूनेस्को की स्थापना की। 1946 में इसका पहला सामान्य सम्मेलन हुआ और 1972 में वर्ल्ड हेरिटेज कन्वेंशन अपनाई गई, जिसके तहत विश्व धरोहर स्थलों का संरक्षण शुरू हुआ। वर्तमान में (2025) यूनेस्को में 194 सदस्य देश सक्रिय रूप से शामिल हैं।
यूनेस्को का उद्देश्य
यूनेस्को के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:
- सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कराना और आजीवन सीखना।
- सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के लिए ज्ञान और नीति पर काम करना।
- विश्व की सांस्कृतिक विविधता और शांति की संस्कृति को बढ़ावा देना।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना।
- विश्व में शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना।
- सामाजिक और नैतिक चुनौतियों का समाधान करना।
- वैश्विक प्राथमिकता वाली फील्ड्स पर अधिक ध्यान देना।
- विचारों और सूचनाओं की स्वतंत्र अभिव्यक्ति को प्रोत्साहन देना।
- सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में देशों की मदद करना।
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यूनेस्को के मुख्य कार्य क्षेत्र
यूनेस्को मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में कार्य करता है, जिससे विश्व के समक्ष उन्नत समाज की छवि प्रस्तुत हो सकती है –
1. शिक्षा (Education)
यूनेस्को (UNESCO) शिक्षा को मानव विकास की नींव मानता है। यह संगठन मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में देशों को नीति-स्तर पर सहयोग देता है –
- प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा सुधार
- साक्षरता कार्यक्रम
- शिक्षक प्रशिक्षण
- डिजिटल शिक्षा और समावेशी शिक्षा
2. विज्ञान (Science)
यूनेस्को (UNESCO) प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देता है, जैसे:
- जल संसाधन प्रबंधन
- जलवायु परिवर्तन पर शोध
- जैव विविधता संरक्षण
- समुद्री और पर्यावरणीय विज्ञान
3. संस्कृति (Culture)
यह यूनेस्को (UNESCO) का सबसे चर्चित क्षेत्र है, लेकिन अक्सर अधूरा समझा जाता है। बताना चाहेंगे यह संगठन संस्कृति के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर काम करता है –
- विश्व धरोहर स्थल
- अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage)
- सांस्कृतिक विविधता का संरक्षण
- पारंपरिक ज्ञान और लोक कलाओं का संरक्षण
शामिल हैं।
4. संचार और सूचना (Communication & Information)
यूनेस्को (UNESCO) संचार और सूचना क्षेत्रों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है। ये संगठन निम्नलिखित बिंदुओं पर काम करता है, जिन्हें ये संगठन लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला मानता है –
- प्रेस की स्वतंत्रता
- सुरक्षित पत्रकारिता
- सूचना तक समान पहुंच
- डिजिटल साक्षरता
यूनेस्को का महत्व
यह संगठन दुनिया भर में शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और संचार के क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देता है। इसके द्वारा ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों को ‘विश्व धरोहर स्थल’ (वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स) की सूची में शामिल किया जाता है, ताकि उनका संरक्षण और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, यूनेस्को का मुख्य महत्व यह है कि यह सांस्कृतिक विरासत की पहचान करता है, उसे संरक्षित रखता है और विश्व स्तर पर उसका प्रचार-प्रसार करता है। साथ ही यह संगठन विभिन्न देशों के बीच आपसी सहयोग और समझ बढ़ाकर वैश्विक शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभाता है।
भारत और यूनेस्को का संबंध
भारत यूनेस्को का एक सक्रिय सदस्य देश है। भारत की कई सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को यूनेस्को (UNESCO) द्वारा मान्यता दी गई है, जिनमें ऐतिहासिक स्मारक, प्राकृतिक स्थल और सांस्कृतिक परंपराएं शामिल हैं। इसके अलावा यूनेस्को ने भारत की निम्नलिखित अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (Intangible Cultural Heritage) को भी वैश्विक पहचान दी है। यह मान्यता केवल सम्मान नहीं, बल्कि संरक्षण और वैश्विक सहयोग का माध्यम होती है।
- योग
- कुम्भ मेला
- पारंपरिक कला और उत्सव
भारत में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल
यूनेस्को की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, भारत में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की जानकारी दी गई है –
| विश्व धरोहर स्थल का नाम | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | श्रेणी | शामिल वर्ष |
| ताजमहल | उत्तर प्रदेश | सांस्कृतिक | 1983 |
| आगरा किला | उत्तर प्रदेश | सांस्कृतिक | 1983 |
| फतेहपुर सीकरी | उत्तर प्रदेश | सांस्कृतिक | 1986 |
| कुतुब मीनार और परिसर | दिल्ली | सांस्कृतिक | 1993 |
| हुमायूं का मकबरा | दिल्ली | सांस्कृतिक | 1993 |
| लाल किला परिसर | दिल्ली | सांस्कृतिक | 2007 |
| अजंता गुफाएँ | महाराष्ट्र | सांस्कृतिक | 1983 |
| एलोरा गुफाएँ | महाराष्ट्र | सांस्कृतिक | 1983 |
| एलीफेंटा गुफाएँ | महाराष्ट्र | सांस्कृतिक | 1987 |
| सांची स्तूप | मध्य प्रदेश | सांस्कृतिक | 1989 |
| भीमबेटका शैलाश्रय | मध्य प्रदेश | सांस्कृतिक | 2003 |
| खजुराहो स्मारक समूह | मध्य प्रदेश | सांस्कृतिक | 1986 |
| कोणार्क सूर्य मंदिर | ओडिशा | सांस्कृतिक | 1984 |
| महाबोधि मंदिर | बिहार | सांस्कृतिक | 2002 |
| हम्पी स्मारक समूह | कर्नाटक | सांस्कृतिक | 1986 |
| पट्टदकल स्मारक समूह | कर्नाटक | सांस्कृतिक | 1987 |
| होयसळा के पवित्र मंदिर समूह | कर्नाटक | सांस्कृतिक | 2023 |
| महाबलीपुरम स्मारक समूह | तमिलनाडु | सांस्कृतिक | 1984 |
| बृहदेश्वर मंदिर, तंजावुर | तमिलनाडु | सांस्कृतिक | 1987 |
| गंगैकोंडचोलपुरम और दारासुरम मंदिर | तमिलनाडु | सांस्कृतिक | 2004 |
| रामप्पा मंदिर | तेलंगाना | सांस्कृतिक | 2021 |
| रानी की वाव | गुजरात | सांस्कृतिक | 2014 |
| चंपानेर-पावागढ़ | गुजरात | सांस्कृतिक | 2004 |
| धोलावीरा | गुजरात | सांस्कृतिक | 2021 |
| जयपुर शहर | राजस्थान | सांस्कृतिक | 2019 |
| चित्तौड़गढ़ किला आदि (राजस्थान के पहाड़ी किले) | राजस्थान | सांस्कृतिक | 2013 |
| जंतर मंतर | राजस्थान | सांस्कृतिक | 2010 |
| शांतिनिकेतन | पश्चिम बंगाल | सांस्कृतिक | 2023 |
| चर्च और कॉन्वेंट, गोवा | गोवा | सांस्कृतिक | 1986 |
| अहमदाबाद ऐतिहासिक शहर | गुजरात | सांस्कृतिक | 2017 |
| मुंबई विक्टोरियन और आर्ट डेको | महाराष्ट्र | सांस्कृतिक | 2018 |
| काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) | तेलंगाना | सांस्कृतिक | 2021 |
| नालंदा महाविहार | बिहार | सांस्कृतिक | 2016 |
| काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान | असम | प्राकृतिक | 1985 |
| मानस वन्यजीव अभयारण्य | असम | प्राकृतिक | 1985 |
| केओलादेव राष्ट्रीय उद्यान | राजस्थान | प्राकृतिक | 1985 |
| नंदा देवी और फूलों की घाटी | उत्तराखंड | प्राकृतिक | 1988 |
| सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान | पश्चिम बंगाल | प्राकृतिक | 1987 |
| पश्चिमी घाट | कई राज्य | प्राकृतिक | 2012 |
| ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क | हिमाचल प्रदेश | प्राकृतिक | 2014 |
| कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान | सिक्किम | प्राकृतिक | 2016 |
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यूनेस्को की प्रमुख उपलब्धियां
अपनी स्थापना से अब तक यूनेस्को ने शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान और स्वतंत्रता के क्षेत्र में कई अहम योगदान दिए हैं। इसकी कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
- अब तक दुनिया भर में 1100 से अधिक स्थलों को विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है।
- यूनेस्को ने ‘सभी के लिए शिक्षा’ अभियान से करोड़ों बच्चों तक शिक्षा पहुँचाई।
- प्रेस की आज़ादी और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए लगातार काम किया।
- जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण पर अंतरराष्ट्रीय शोध को प्रोत्साहित किया।
- पारंपरिक संगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों को संरक्षित करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए।
- विश्व डिजिटल लाइब्रेरी जैसी पहल से जानकारी को सभी तक पहुँचाया।
FAQs
यूनेस्को की स्थापना 16 नवंबर, 1945 को हुई थी। इसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में हुआ था।
जुलाई 2025 तक भारत में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की कुल संख्या लगभग 44 हैं। इन धरोहरों में से 36 सांस्कृतिक स्थल, 7 प्राकृतिक स्थल और 1 मिश्रित स्थल है।
वर्तमान में यूनेस्को के अंतर्गत 194 सदस्य देश आते हैं।
वर्तमान में यूनेस्को के महानिदेशक खालिद अल-एनानी हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2025 में ऑड्रे अज़ोले की जगह पदभार संभाला है।
आशा है कि इस लेख के माध्यम से आपको यूनेस्को क्या है, से संबंधित जानकारी प्राप्त हुई होगी। ऐसे ही सामान्य ज्ञान से संबंधित अन्य ब्लॉग पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।
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