जानिए डायरी कैसे लिखें!

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डायरी लिखना एक कला है। डायरी एक दोस्त की तरह है, जिसमें हम अपने अच्छे-बुरे अनुभव, विचार, राय और काम से जुड़ी निजी बातों को बेझिझक बयान कर सकते हैं। डायरी लिखने से मेन्टल प्रोग्रेस और क्रिएटिविटी को उभारने में मदद होती है। इसके साथ आप अपनी फीलिंग्स को बेहतर तरीके से ज़ाहिर करना सीख पाते है। कुछ बातें ऐसी होती है जो हम किसी से शेयर नहीं करना चाहते है या कर नहीं पाते है जिससे अंदर ही अंदर तनाव बढ़ता है इसका सबसे सरल तरीका है डायरी लिखना। आज इस ब्लॉग में हम आपको बताएँगे कि How to Write a Diary in Hindi और साथ ही लिखते समय किन चीज़ों का ध्यान देकर आप अपनी डायरी लिखने के तरीके को और भी बेहतर बना सकते हैं। डायरी कैसे लिखें और इसके साथ ही उसके लाभ और उदाहरण जान्ने के लिए इस ब्लॉग को आखिर तक पढ़ें। 

डायरी लिखना कैसे शुरू करें ?

डायरी कैसे लिखें जानने के लिए उसकी शुरुआत को जानना काफी महत्वपूर्ण है। डायरी लिखना एक दैनिक कार्य है इसलिए हमेशा अपनी डायरी लिखने का एक समय सीमांकित करें। जब आप डायरी लिखने की शुरआत करें तो 10 से 15 मिनट का टाइम निकाल कर लिखना शुरू करें। आप बुलेट्स पॉइंट्स के रूप में इसे लिख सकते है जिससे आपको बोरियत महसूस नहीं होगी। कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जिनका डायरी लिखने का कोई एक सीमांकित समय नहीं होता है लेकिन वो हमेशा अपनी डायरी साथ लेकर जाते है और समय मिलने पर लिखते है। डायरी लिखने की ये आदत आपके  व्यक्तित्व में निखार लाने का एक साधन बन सकता है | जितने भी विद्वान् और सफल लोग है उन दोनों में एक बात सामान्य है कि वो नियमित डायरी लिखते है और व्यस्त होने के बाद भी आदत बनाएं रखते है शायद यही उनकी सफलता का राज़ है। तो आप अगर ये ठान चुके हैं की आप डायरी लिखने की आदत को बनाये रखना चाहते हैं तो ‘कंसिस्टेंसी इस द की’।   

डायरी लिखने का उद्देश्य

अनुभव और रिसर्च अनुसार डायरी लिखने के उद्देश्य कई हो सकते हैं जिनमें से टॉप 3 को हमने नीचे पॉइंटर्स में समझाने का प्रयास किया है :-

1. हम में से कई लोग ऐसे है जिन्हें अपनी मन की बात किसी को भी बतानें में हिचक महसूस होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं। कई बार ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम सोचते हैं की वे हमें जज करेंगे या उन्हें हमारी बात समझ में नहीं आएगी। लेकिन डायरी लिखने में ऐसा नहीं होता। तो जो बात हम दूसरों को समझा पाने अथवा व्यक्त कर पाने में असमर्थ होता है, उसे डायरी में लिखा जा सकता है। डायरी सही अर्थ में एक ‘सच्चे मित्र’ की तरह होती है, जिसे हम सब कुछ बता सकते हैं। इसमें प्रतिदिन की विशेष घटनाओं को लिखकर हम उन्हें यादगार बना लेते हैं।
2. जिस प्रकार हम फोटो देखकर उस अवसर की यादें ताज़ा कर लेते हैं, उसी प्रकार डायरी के माध्यम से हम अतीत में लौट सकते हैं तथा अपने खट्टे-मीठे अनुभवों को दोबारा जी सकते हैं।
(3) प्रसिद्ध व महान व्यक्ति भी डायरी लिखते थे। उनकी डायरी पढ़कर हम पूरा युग देख सकते हैं। कई बार यही डायरी आगे चलकर ‘आत्मकथा’ का रूप ले लेती है। जिससे हम महान व्यक्तियों के विचारों, अनुभवों व दिनचर्या के बारे में जान पाते हैं और इसंपायर हो पाते हैं।

डायरी लिखने की टिप्स एंड प्रोसेस

डायरी लिखते समय किन बातों को रखें ध्यान में और कैसे शुरुआत करने के बाद रखें जारी, जान्ने के लिए नीचे दिए गए पॉइंट्स को ध्यान से पढ़ें :-

(1) शुरू करने से पहले अपनी डायरी पर सबसे ऊपर तिथि, दिन तथा लिखने का समय अवश्य लिखें।
(2) इसे प्रायः सोने जाने से पहले लिखें, ताकि पूरे दिन में घटित सभी विशेष घटनाओं को लिख सकें।
(3) डायरी के अंत में अपने हस्ताक्षर करें, ताकि वह आपका व्यक्तिगत दस्तावेज़ बन सकें।
(4) डायरी लिखते समय सरल व स्पष्ट भाषा का प्रयोग करें।
(5) डायरी में दर्ज विवरण संक्षिप्त होना चाहिए।
(6) अपने अनुभव को स्पष्टता से व्यक्त किया जाना चाहिए।
(7) डायरी में स्थान और तिथि का ज़िक्र होना चाहिए।
(8) इसमें अपना विश्लेषण, समाज आदि पर प्रभाव और निष्कर्ष दर्ज होना चाहिए।

दैनिक डायरी लेखन के लाभ

डायरी लिखने से पहले और उस आदत को जारी रखने के लिए डायरी लेखन के लाभों को जानना भी उतना ही ज़रूरी है। नीचे बुलेट्स में दिए गए लाभों को ध्यान से पढ़ें और डायरी लिखने की शुरुआत करें :-

  • डायरी लिखने के वैसे तो कई लाभ है लेकिन, सबसे अच्छा फ़ायद ये हमारे व्यक्तित्व के विकास में फायदा पहुंचाती है। डायरी लिखना बहुत कारणों सेअच्छा है क्योकि इसमें आप किसी पर निर्भर नहीं रहते।  
  • डायरी लिखने से आपको किसी भी चीज़ को ज्यादा समय तक याद रख पाते है।
  • डायरी लेखन हमारे अंदर लिखने की कला को विकसित करता है। डायरी लिखने से हम ना सिर्फ लिखने की कला में सुधार कर सकते है बल्कि शब्दों का उपयोग बेहतर ढंग से कर पाते है।  
  • डायरी लिखना रचनात्मक शैली में वृद्धि लाता है। डायरी लिखने का फायदे ये भी है कि आपके सोचने के तरीके में बदलाव आता है। आप चीज़ों को ना सिर्फ बेहतर समझ सकते है बल्कि उन्हें नए तरीके से करने का हुनर भी खुद में ला सकते हैं।  

डायरी कैसे लिखें ?

अभी हमने देखा डायरी कैसे लिखना शुरू करें, अब चलिए जानते है How to write a diary in Hindi और लिखने का सबसे आसान तरीका क्या है  :

  • डायरी में क्या लिखना है ?
    डायरी लेखन बहुत प्रकार का होता हैं। आप डायरी में अपने लक्ष्य के बारे में लिख सकते हैं या आप अपने दैनिक दिनचर्या के बारे में लिख सकते हैं। लोगो का कई बार ये सवाल रहता है कि डायरी में क्या-क्या लिखें तो डायरी में अपने इमोशन, विचारों के बारे में लिख सकते हैं। आपको तय करना होगा कि आप डायरी लिखना शुरू करना चाहते हैं या नहीं?
  • डायरी किस विषय पर हो?
    अपनी डायरी को सुंदर और बेहतर बनाने के लिए उसके  एक शीर्षक ज़रुर दें। सबसे ऊपर एक टाइटल लिखे  और बाद में जरूरी जानकारी को आप चाहें तो उसे  बुलेट प्वाइंट की फॉर्म में भी लिख सकते हैं।इसे दोबारा पढ़ते समय आप  विषय से इसके बारे में  में जान सकते हैं। टाइटल और बुलेट प्वाइंट के उपयोग से आपका काफी समय बचेगा |
  • डायरी का एक समय निर्धारित करें
    डायरी लिखने का निर्धारित समय तय करें । एक निश्चित समय तय करने से आपको कई तरह के लाभ हो सकते हैं जैसे आप नियमित रूप से अपनी डायरी को लिख सकते हैं। आप ज़्यादा से ज़्यादा 20 मिनट का समय निकले। इसके लिए अलार्म सेट करने पर आप अपनी डायरी लिखने को किसी भी दिन भूलेंगे नहीं। एक बार निश्चित समय पर  लिखने से आपकी आदत बन जाएगी और वो कहते है ना मोटिवेशन आपकों कार्य शुरू करने में मदद करता हैं मगर आदत आपकों काम करते रहने में मदद करती हैं।
  • अलग अलग रंग के पैन का इस्तेमाल करें
    डायरी को हमेशा अलग अलग रंग के पैन से लिखें क्योकि मानव शास्त्र के अनुसार हर रंग का एक महत्व और ऊर्जा होती है और ये पड़ने में भी उस भाव को प्रकट करता है।
    ब्लैक से आप अपनी कमियों या बाद एक्सपीरियंस के बारे में लिखें। जिससे आपको पता चले ये ग़लती आप दुबारा न रिपीट करें। लाल अपने लक्ष्य और आपने जो भी सीखा उसके बारे में लिख सकते हैं। नीले से आप बाकी की चीज़ों के बारे में लिख सकते है।  
  • आपके मन में जो है वो लिखें
    आपके मन में जो भाव उत्पन्न हो रहे हैं उनको अपनी डायरी में सहेजे और किसी और इस बारे में सलाह न लें। डायरी लिखते समय आपके शब्दों में ग़लतियाँ हो या फिर आपकी राइटिंग खराब हो लेकिन किसी से सलाह ना लें। अगर आप दूसरों की सलाह लेने लगोगे तो आप कभी भी डायरी को नहीं लिख पाएंगे।अगर आप डायरी को नियमित रूप से लिखेंगे तो धीरे-धीरे आप एक बेहतर डायरी लेखक बन सकते हैं और आपका मानसिक विकास तेज़ी से हो सकता है।   
  • तारीख देकर डायरी लिखें
    डायरी में, आप अपने वर्तमान और अतीत में सभी जानकारी को लिखते हैं, उन दिनों को याद रखने के लिए दिन और तारीख को लिखा जाना बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए, नियमित रूप से लिखें लेकिन तारीख हर एक डायरी लेख के साथ लिखना बहुत ज़रूरी है।
  • अपनी डायरी में चित्र या फोटो लगाएं  
    अपनी डायरी को और भी सुंदर और आकर्षित बनाने के लिए कोई भी चित्र या फोटो लगा सकते हैं या बना सकते हैं। अब उदाहरण के लिए आप मान लीजिए कि आप कहीं घूमने गए और आपका वह दिन आपके लिए एक यादगार दिन है, ऐसे में डायरी लिखते समय आप उस जगह की फोटो को भी उस पेज पर चिपका सकते हैं। अगर आप एक अच्छे चित्रकार हैं तो उस पेज पर आप एक सुंदर सा छोटा चित्र भी बना सकते हैं जो उस डायरी पर लिखे लेख से जुड़ा कुछ दृश्य दर्शाता हो।  

डायरी कैसे लिखें के उदाहरण

परीक्षा मे कम अंक लाने पर विश्लेष ।
डाबरी 
14 जून, 2021

आज वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ। इस बार भी मैं पांचवे स्थान पर ही आई। मुझे ऐसा लगता था कि इस बार प्रथम तीन में मेरा नाम आएगा । अब मेरी समझ में आ रहा है कि हर बार में प्रथम तीन में आने से क्यों रह जाती हूँ । मुझे याद  है कि मैंने चार-पाँच प्रश्नों के उत्तर कई बार काटकर लिखे हैं। ओवर राइटिंग भी हुई है। मेरी लिखावट भी साफ नहीं होती है। एक बात और है, मेरे अंदर आत्मविश्वास की कमी है |  मैं कक्षा में भी चुपचाप बैठी रहती हूँ। यदि यही स्थिति रही तो, मैं हर जगह मात खा जाऊँगी। मुझे आत्मविश्वास जगाना ही होगा।

रिया 

FAQs

हिंदी में डायरी लेखन कैसे लिखते हैं?

पृष्ठ में सबसे ऊपर तिथि, दिन तथा लिखने का समय अवश्य लिखें। (2) इसे प्रायः सोने जाने से पहले लिखें, ताकि पूरे दिन में घटित सभी विशेष घटनाओं को लिख सकें। (3) डायरी के अंत में अपने हस्ताक्षर करें, ताकि वह आपके व्यक्तिगत दस्तावेज बन सकें। (4) डायरी लिखते समय सरल व स्पष्ट भाषा का प्रयोग करें।

हम डायरी क्यों लिखते हैं?

डायरी लिखना अत्यंत अच्छी बात है क्योंकि जब हम रोजाना डायरी लिखते हैं तब हम धीरे-धीरे अपने आप को मॉनिटर करते हैं । इससे हम अपनी गलतियों या अच्छाइयों को धीरे धीरे बेहतर तरीके से समझने लगते हैं । हमें पता चलता है कि हमारा कौन सा समय सबसे ज्यादा बर्बाद होता है तथा कौन सा समय सबसे ज्यादा उपयोग में आता है ।

डायरी किस समय लिखनी चाहिए?

अपनी डायरी लिखने का एक निर्धारित समय बनाएं
अपनी डायरी लिखने को और बेहतर बनाने के लिए इसे नियमित रूप से लिखना बहुत ही जरूरी है इसलिए आप निर्धारित समय तय कर सकते हैं जैसे- सुबह उठने के समय, दोपहर को खाना खाने के बाद, या रात को सोने से पहले।

डायरी को कैसे सजाएं?

डायरी जब भी लिखें डेट डालकर लिखें
डायरी सोने से पहले लिखे ताकि दिन के सभी कुछ लिख सके आप डायरी में
जब डायरी लिखेने बैठे तब सब काम कर ले उसके बाद डायरी लिखें ताकि आप सब कुछ डायरी में लिख सके
डायरी को हमेशा सही जगह पर रखें
अगर आप डायरी लिखना चाहते हैं तो आप खुद से डायरी लिखें किसी और से ना लिखवाए

डायरी के पहले पेज पर क्या लिखे?

इस में मैं वो सब कुछ लिखता हूँ जो भी दिल मे होता है, जो अच्छा लगता है या बुरा लगता है.. हर चीज़ लिखता हूँ। आप अपने पर्सनल डायरी में किसी को “I love you” लिख सकते हो, किसी को गालियां दी सकते हो, खुद के बारे में लिख सकते हो, फॅमिली के बारे में लिख सकते हो या किसी और के बारे में भी लिख सकते हो।

उम्मीद है कि इस ब्लॉग से आपको How to write a diary in Hindi की जानकारी मिली होगी। यदि आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं तो हमारे Leverage Edu के एक्सपर्ट्स से 1800 572 000 पर कॉल कर आज ही 30 मिनट का फ्री सेशन बुक कीजिए।

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