बीएससी फिजिक्स के बाद रेडियोलॉजी कोर्सेज कैसे करें?

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साइंस की डिवीजंस में से एक फिजिक्स, इस फिजिकल वर्ल्ड के भीतर आने वाली टर्म्स और मैकेनिज़्म को एकत्रित किया गया भाग है। क्या आपने अपने साइंस टीचर या किसी और व्यक्ति से लॉ ऑफ़ मोशन या ग्रेविटी का ज़िक्र सुना है? यह टर्म्स फिजिक्स को डिफाइन करने का एक छोटा सा भाग है। आप मान लीजिए की फिजिक्स यूनिवर्स में मौजूद सबसे विशाल गैलेक्सीज से लेकर छोटे से छोटे पार्टिकल में शामिल है। अब अगर हम बात करें रेडियोलॉजी की तो रेडियोलॉजी मेडिकल साइंस की एक ब्रांच है जिसमें आप इंसानी एनाटॉमी के काम करने के तरीके को मॉडर्न टेक्नोलॉजी की मदद से डील करते हो। आज के समय में रेडियोलॉजी को डायग्नोस्टिक इमेजिंग के नाम से भी जाना जाता है।

तो अगर आप बीएससी फिजिक्स में अपनी ग्रेजुएशन करना चाहते हैं लेकिन रेडियोलॉजी भी आपको आकर्षित करती है तो आप बैचलर्स के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन रेडियोलॉजी में कर सकते हो। आज के इस ब्लॉग में हम आपको बीएससी फिजिक्स के बाद रेडियोलॉजी कोर्सेज करने के बारे में विस्तार से बताएंगे।

कोर्स का नाम रेडियोलॉजी 
लेवल मास्टर्स और डॉक्टरल प्रोग्राम 
अवधि 2 साल, 
एग्ज़ामिनेशन टाइप सेमेस्टर सिस्टम 
एवरेज सैलरी INR 3-7 लाख/ सालाना 

बीएससी फिजिक्स क्या है?

बीएससी फिजिक्स तीन साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है। हालांकि कुछ इंस्टीट्यूशंस में आप इस प्रोग्राम को चार साल का पाएंगे। इस कोर्स में आने वाले मुख्य आस्पेक्ट्स और टॉपिक्स की बात की जाए तो इसमें काफी कॉन्सेप्ट्स है जिसपर फोकस किया जाता है जैसे क्वांटम मैकेनिक्स, वेव्स, पार्टिकल एंड न्यूक्लियर फिजिक्स, एलेक्ट्रोमैग्नेटिज़्म, थर्मोडाइनामिक्स, स्टैटिस्टिकल मैकेनिक्स आदि। तो इन नामों से जैसा की हमने जाना कि इस प्रोग्राम में फिजिकल वर्ल्ड में मौजूद प्रिंसिपल्स और मैकेनिक्स का समावेश है। इसके साथ यह प्रोग्राम आपको न सिर्फ थेओरिटिकल बल्कि इन सभी आस्पेक्ट्स की प्रैक्टिकल एक्सपोज़र के साथ नॉलेज देता है जिससे टॉपिक्स की बेहतर समझ बनती है।  

रेडियोलॉजी क्या है?

रेडियोलॉजी में आने वाले लेवल्स जिसमें बैचलर्स, मास्टर्स, डॉक्टरल और डिप्लोमा प्रोग्राम्स शामिल हैं सभी की अवधि में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। जैसा की यह ब्लॉग मूल रूप से बीएससी फिजिक्स के बाद रेडियोलॉजी की तरफ ध्यान केंद्रित करता है। हम यहाँ रेडियोलॉजी में मास्टर्स और डॉक्टरल प्रोग्राम्स को ध्यान में रखकर रेडियोलॉजी की बात करेंगे।

मास्टर्स इन रेडियोलॉजी मुख्यतः दो साल की अवधि का कोर्स है जो रेडियो इमेजिंग इक्विपमेंट्स के प्रिंसिपल्स और उनके काम करने के तरीके पर फोकस्ड है। एमएससी रेडियोलॉजी मेडिकल सेक्टर के सबसे प्रसिद्ध कोर्सेज में से एक माना जाता है। मेडिकल सेक्टर की ग्रोथ के चलते आज हमें मेडिकल सेक्टर में मौजूद इक्विपमेंट्स में भी बढ़ोतरी और बेहतरी देखने को मिलती है जिसके लिए प्रोफेशनल्स की मांग में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। एक एक डिग्री होल्डर रेडियोलॉजिस्ट को मिलने वाले विकल्पों और करियर में मिलने वाले ऑप्शंस काफी अच्छी मात्रा में मौजूद है जो आपके भविष्य के लिए फायदा का सौदा हो सकता है। रेडियोलॉजी में आने वाले टाइप्स और टेक्नीक्स निम्नलिखित हैं-

  • अल्ट्रासाउंड 
  • एक्स-रेस 
  • MRI 
  • CT स्कैन 
  • एंजियोग्राफी 
  • मैमोग्राफी 

बीएससी फिजिक्स के बाद रेडियोलॉजी क्यों करें?

जहाँ बीएससी फिजिक्स क्वांटम मैकेनिक्स, वेव्स, पार्टिकल एंड न्यूक्लियर फिजिक्स, एलेक्ट्रोमैग्नेटिज़्म, थर्मोडाइनामिक्स, स्टैटिस्टिकल मैकेनिक्स आदि टर्म्स पर फोकस्ड है वहीँ रेडियोलॉजी में आप रेडियो इमेजिंग इक्विपमेंट्स के प्रिंसिपल्स और उनके काम करने के तरीके पर फोकस्ड रहते हैं। अपनी बैचलर्स फिजिक्स में करने के बाद रेडियोलॉजी को क्यों चुनें और क्या है रेडियोलॉजी को करने के फायदे आइए कुछ फैक्टर्स के ज़रिए समझते हैं-

  • प्रसिद्ध कोर्सेज– रेडियोलॉजी मेडिकल सेक्टर के सबसे प्रसिद्ध कोर्सेज में से एक माना जाता है जो आपको भविष्य में मिलने वाले कई विकल्पों के लिए तैयार करता है। इसके साथ साथ मेडिकल सेक्टर में निरंतर आती ग्रोथ आपको जॉब्स की संख्या और आपके चुने गए प्रफेशन में भी ग्रोथ प्रदान करता है। 
  • ब्रॉड करियर ऑप्शंस– आपके एक फील्ड को चुनने के बावजूद भी रेडियोलॉजी को चुनके आप देश विदेश में कई कंपनियों के लिए एक बेहतर कैंडिडेट बनते हैं। रेडियोलॉजी चुनने के बाद आप चाहें तो प्राइवेट सेक्टर्स में हॉस्पिटल्स,क्लीनिक को अपना टारगेट बना सकते है साथ ही आप सरकारी सेंटर्स में नौकरी पाकर एक सरकारी एम्प्लोयी होने का लुत्फ़ भी उठा सकते हैं। 
  • जॉब पोज़िशन्स– अल्ट्रासाउंड, एक्स-रेस, MRI, CT स्कैन, एंजियोग्राफी, मैमोग्राफी जैसी टेक्नीक्स को सीखने के बाद आप वरियस जॉब प्रोफाइल्स और पोज़िशन्स के लिए परिपूर्ण होते हैं। जिसमें आप रेडियोलॉजिस्ट, MRI टेक्नीशियन, लेक्चरर आदि जैसी प्रोफाइल्स में नौकरी पा सकते हैं। 
  • बेहतर रोज़गार– अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन रेडियोलॉजी में करने के बाद आपको मिलने वाले जॉब ऑप्शंस का सैलरी पैकेज काफी अच्छा रहता है जिसमें आपके अनुभव अनुसार बढ़ोतरी भी देखने को मिलतीं है। 

बीएससी के बाद रेडियोलॉजी स्पेशलाइज़ेशन 

रेडियोलॉजी के वास्त फील्ड होने के चलते इसमें आने वाली सभी टर्म्स आपको एक अलग सिस्टम और एक अलग नौकरी के लिए तैयार करती है। इसके विभिन्न कार्यो में निपूर्णता देने वाले नेचर के कारण ही आप अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद आप एक रेडियोलॉजिस्ट होते हुए किसी भी रेडियोलॉजिकल साइंसेज/ डायग्नोस्टिक लेबोरटरी ज्वाइन कर सकते हैं। बीएससी फिजिक्स के बाद रेडियोलॉजी कोर्सेज के अंदर आने वाली स्पेशलाइजेशन इस प्रकार हैं:

  • कार्डियोवैस्कुलर इमेजिंग 
  • ब्रैस्ट इमेजिंग 
  • गैस्ट्रोइंटेस्टिनल रेडियोलॉजी 
  • पीडियाट्रिक रेडियोलॉजी 
  • न्यूरोडायलॉजी 
  • रेडिएशन ऑन्कोलॉजी

रेडियोलॉजी सिलेबस 

रेडियोलॉजी में करियर की शुरुआत वैसे तो आप बैचलर से करते हैं लेकिन जैसा कि आप बीएससी फिजिक्स के बाद रेडियोलॉजी को चुन रहे हैं इस कॉलम में हम रेडियोलॉजी में मास्टर्स और डिप्लोमा कोर्सेज के सिलेबस को डिस्कस करेंगे। 

मास्टर्स इन रेडियोलॉजी सिलेबस 

एमएससी रेडियोलॉजी के अंदर आने वाले विषयों को सालाना दो भागों में बांटा गया है, जैसे-

पहला वर्ष 

ह्यूमन एनाटॉमी एंड फिज़िओलॉजी  पैथोलॉजी एंड टर्मिनोलॉजी 
इमेज प्रोडक्शन एंड इवैलुएशन  इक्विपमेंट ऑपरेशन एंड क्वालिटी कंट्रोल 
रेडियो डायग्नोसिस एंड रेडियोग्राफिक प्रोसीजर  बायोस्टैटिस्टिक्स एंड हॉस्पिटल मैनेजमेंट 
पेशेंट केयर एंड इवैल्यूएशन  रेडिएशन हैज़ार्डस, प्रिवेंशन एंड सेफ्टी 
रेडियो इमेजिंग एंड डायग्नोसिस-1  रेडिएशन प्रोटेक्शन एंड एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेक्निक्स 

दूसरा वर्ष 

अल्ट्रासाउंड एंड कम्पूटराइज़्ड टोमोग्राफी  रेडियोग्राफी एंड फोटोग्राफी 
स्पेशल इन्वेस्टीगेशन एंड टेक्नोलॉजी  MRI एंड न्यूक्लियर मेडिसिन इमेजिंग 
रीसेंट अडवांसमेंट्स इन मॉडर्न इमेजिंग टेक्नोलॉजी  रेडियो इमेजिंग एंड डायग्नोसिस-2 
डिज़र्टेशन 

डिप्लोमा इन रेडिटोलॉजी सिलेबस 

अगर आप रेडयोलॉजी में डिप्लोमा करने का विकल्प चुनते हैं और सभी विषयों को गहराई से जानना चाहते हैं तो यह ज़रूरी है कि आप डिप्लोमा में आने वाले सिलेबस की बेसिक जानकारी हासिल कर लें। नीचे दिए टेबल में डिप्लोमा में आने विषयों का ज़िक्र शामिल है उसे भी ज़रा ध्यान से देखें :-

इंट्रोडक्शन टू रेडियोग्राफी  कम्प्यूटेड टोमोग्राफी  न्यूक्लियर मेडिसिन इमेजिंग  रेडिएशन फिजिक्स 
एनाटॉमी  इमेजिंग टेक्निक्स  पैथोलॉजी  मेडिकल फिजिक्स 
बायोकेमिस्ट्री  मैग्नेटिक रेजोनेंस एंड इमेजिंग  फिजिक्स ऑफ़ रेडियोलॉजी  रेडियोडाईग्नोसिस 
बायोस्टैटिस्टिक्स  माइक्रोबायोलॉजी  फिज़ियोलॉजी  रेडियोग्राफिक फोटोग्राफी 
डिफरेंट रेडियोग्राफिक टेक्नीक्स  अल्ट्रासॉउन्ड इमेजिंग  कम्युनिकेटिव इंग्लिश  पेशेंट केयर एंड हॉस्पिटल प्रैक्टिस 
रेडियोप्रोटेक्शन  रेडियोथेरेपी  अल्ट्रासोनोग्राफी 

नोट : यह सिलेबस एक जनरलाइज़्ड सिलेबस है जो यूनिवर्सिटी और इंस्टिट्यूट के हिसाब से बदल भी सकता है।

आप AI Course Finder की मदद से भी अपनी रुचि के अनुसार कोर्सेज और यूनिवर्सिटीज का चयन कर सकते हैं।

रेडियोलॉजी के लिए टॉप यूनिवर्सिटीज 

रेडियोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज के लिए विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज के नाम निम्नलिखित है :-

यूनिवर्सिटी का नाम  लोकेशन
मैक डॉगल स्कूल ऑफ़ पेट्रोलियम इंजीनियरिंग एट यूनिवर्सिटी ऑफ़ तुलसा यूनाइटेड स्टेट्स 
यूनिवर्सिटी ऑफ़ एबरडीन यूनाइटेड किंगडम 
डिपार्टमेंट पेट्रोलियम इंजीनियरिंग एट मोंटान यूनिवर्सिटी लियोबेन  ऑस्ट्रेलिया 
जॉन एंड वाईली लियॉन फैमिली डिपार्टमेंट ऑफ़ एनर्जी एंड मिनरल इंजीनियरिंग एट द पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी  यूनाइटेड स्टेट्स 
IFP  फ्रांस 
डिपार्टमेंट ऑफ़ पेट्रोलियम एंड जियोसिस्टम्स इंजीनियरिंग एट द यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्सस एट ऑस्टिन  यूनाइटेड स्टेट्स 
डेल्फ्ट यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी निथरलैंड्स 
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट एट द कोलोराडो स्कूल ऑफ़ माईन्स  यूनाइटेड स्टेट्स 
पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी ऑफ़ तुरीन इटली 
हेरोल्ड वंस डिपार्टमेंट ऑफ़ पेट्रोलियम इंजीनियरिंग एट द टेक्सस ए एंड एम् यूनिवर्सिटी  यूनाइटेड स्टेट्स 

Mega UniConnect, दुनिया का पहला और सबसे बड़ा यूनिवर्सिटी फेयर जहाँ आपको मिल सकता है स्टडी अब्रॉड रेप्रेज़ेंटेटिव्स से बात करने का मौका। 

रेडियोलॉजी के लिए टॉप इंडियन कॉलेज

बीएससी फिजिक्स के बाद रेडियोलॉजी कोर्सेज ऑफर करने वाली टॉप भारतीय कॉलेज के नाम इस प्रकार हैं:

कॉलेज का नाम  फीस (INR)
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ  60,000/-
इंस्टिट्यूट ऑफ़ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज, नई दिल्ली  75,000/-
एम्स, नई दिल्ली  60,000/-
CMC, वेल्लोर  70,000/-
अमृता इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, कोची  50,000/-
कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मनिपाल  55,000/-
JIPMER, पॉण्डिचेरी  65,000/-
बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, वाराणसी  45,000/-
SGPGIMS, लखनऊ  60,000/-
PGIMER, चंडीगढ़  55,000/-

योग्यताएं 

यदि आप इस क्षेत्र में डिग्री प्राप्त करने के इच्छुक हैं, तो आपको अपने चुने हुए विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित योग्यताओं को पूरा करना होगा। ये आवश्यकताएं कोर्सेज के स्तर के अनुसार भिन्न होती हैं, जैसे बैचलर, मास्टर या डिप्लोमा-

  • डिप्लोमा या बैचलर्स डिग्री प्रोग्राम के लिए ज़रुरी है कि उम्मीदवारों ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 प्रथम श्रेणी से पास किया हो।
  • PG डिप्लोमा या मास्टर डिग्री प्रोग्राम के लिए संबंधित क्षेत्र में प्रथम श्रेणी के साथ बैचलर्स डिग्री होना आवाश्यक है। साथ ही कुछ यूनिवर्सिटीज प्रवेश परीक्षा के आधार पर भी एडमिशन स्वीकार करतीं हैं।
  • विदेश की अधिकतर यूनिवर्सिटीज बैचलर्स के लिए SAT और मास्टर्स कोर्सेज के लिए GRE स्कोर की मांग करते हैं।
  • विदेश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए IELTS या TOEFL टेस्ट स्कोर, अंग्रेजी प्रोफिशिएंसी के प्रमाण के रूप में ज़रूरी होते हैं।
  • विदेश यूनिवर्सिटीज में पढ़ने के लिए SOP, LOR, सीवी/रिज्यूमे और पोर्टफोलियो भी जमा करने की ज़रूरत होती है।

क्या आपको IELTS और TOEFL की तैयारी में मदद और एक उचित मार्गदर्शन चाहिए, तो आज ही Leverage Live पर रजिस्टर करें और अपने टेस्ट में उमदा प्रर्दशन करें।

आवेदन प्रक्रिया 

विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। 
  • एक्सपर्ट्स से कॉन्टैक्ट के पश्चात वे कॉमन डैशबोर्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई विश्वविद्यालयों की आपकी आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेज़ों जैसे SOP, निबंध, सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टेस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT, ACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTS, TOEFL, PTE, GMAT, GRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीज़ा और छात्रवृत्ति / छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लेटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण।

आवदेन प्रक्रिया से सम्बन्धित जानकारी और मदद के लिए Leverage Edu के एक्सपर्ट्स से 1800572000 पर संपर्क करें

भारत के विश्वविद्यालयों में आवेदन प्रक्रिया, इस प्रकार है:

  • सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूज़र नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुनें हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  • अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें। 
  • यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज़

आवश्यक दस्तावेज़ों की लिस्ट नीचे दी गई है-

  • 10वीं और 12वीं का मार्कशीट
  • IELTS टेस्ट स्कोर
  • IELTSटेस्ट स्कोर
  • SAT और ACT
  • LOR
  • SOP

छात्र वीजा पाने के लिए भी Leverage Edu विशेषज्ञ आपकी हर सम्भव मदद करेंगे।

एंट्रेंस एग्जाम 

रेडियोलॉजी में एडमिशन के लिए निम्लिखित एंट्रेंस एग्ज़ाम्स अनिवार्य हैं-

  • MCAT 
  • PLAB 
  • IELTS 
  • TOEFL 
  • OET 

रेडियोलॉजी कोर्सेज के लिए आवश्यक किताबें 

रेडियोलॉजी के लिए आवश्यक किताबों की लिस्ट नीचे दी गई है, जिससे आप रेडियोलॉजी क्या है से लेकर रेडियोलॉजी के बारे में और भी कई महत्वपूर्ण बातें जान पाएंगे-

करियर स्कोप 

बीएससी फिजिक्स के बाद रेडियोलॉजी आपको स्पेशलाइज़्ड रोल्स जैसे इमरजेंसी केयर सेंटर्स, ट्रामा सेंटर्स और हॉस्पिटल्स की नॉलेज देता है और आपको उसके काबिल बनाता है। जैसा की यह डिग्री आपको करियर की कई ऑप्शंस देती है आप इसके ज़रिए भविष्य में मिलने वाले कई जॉब के विकल्पों के लिए तैयार होते हैं। इसके साथ साथ अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन कर लेते हैं तो टॉप हॉस्पिटल्स आपको हायर करने में सक्षम होती हैं। यह आस्पेक्ट आपको अच्छे पैकेज की और भी आकर्षित करता है। कुछ प्रसिद्ध जॉब प्रोफाइल्स निम्नलिखित हैं :-

  • सेल्स एग्ज़िक्युटिव 
  • रिसर्च फेलो 
  • MRI टेक्नोलॉजिस्ट 
  • लेक्चरर 

टॉप जॉब प्रोफाइल्स एंड सैलरी 

रेडियोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद मिलने वाली जॉब प्रोफाइल्स और उन्हें मिलने वाली एवरेज सैलरी की लिस्ट निम्नलिखित है :-

जॉब प्रोफाइल्स  सालाना सैलरी (INR)
रेडियोलॉजिस्ट अस्सिस्टेंट  20-22 लाख 
रेडियोलॉजिक टेक्नोलॉजिस्ट  35-37 लाख 
MRI टेक्नीशियन  20-22 लाख 
रेडियोग्राफर  20-23 लाख 

FAQs 

रेडियोलॉजिस्ट का कोर्स कितने साल का होता है?

Bsc in Radiology: बैचलर ऑफ साइंस इन रेडियोलॉजी तीन साल की एक ग्रेजुएशन डिग्री है। जिसमे से तीन साल की पढ़ाई और छह महीने की इंटर्नशिप भी शामिल होती है।

क्या मैं बिना मैथ्स के बीएससी रेडियोलॉजी कर सकता हूं?

कोई व्यक्ति जो रेडियोग्राफी में बीएससी करना चाहता है, उसे विज्ञान (10+2) अधिमानतः भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान/गणित के साथ पूरा करना चाहिए । कोर्स की अवधि तीन वर्ष है। आप 10+2 साइंस के बाद एक साल का सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं।

रेडियोग्राफर के लिए क्या योग्यता है?

रेडियोग्राफर के लिए बेसिक योग्यताएं इस प्रकार है:
1. इच्छुक उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से योग्यता परीक्षा यानी 10 + 2 या समकक्ष डिग्री उत्तीर्ण होना चाहिए|
2. उन्होंने अपने 10+2 स्तर में अनिवार्य रूप से भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के विषयों का अध्ययन किया होगा।

हम आशा करते हैं कि बीएससी फिजिक्स के बाद रेडियोलॉजी कोर्सेज कैसे करें यह आपको समझ आ गया होगा। अगर आप भी विदेश में रेडियोलॉजी कोर्सेज करना चाहते है और साथ ही एक उचित मार्गदर्शन चाहते हैं तो आज ही 1800572000 पर कॉल करके हमारे Leverage Edu के एक्सपर्ट्स के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन बुक कीजिए। 

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