उत्तर: (C) निरीक्षण और प्रयोग पर आधारित व्यवस्थित ज्ञान
विज्ञान वह व्यवस्थित और तर्कसंगत ज्ञान है, जिसके द्वारा प्रकृति, भौतिक जगत और उसमें घटित होने वाली घटनाओं का अध्ययन निरीक्षण, प्रयोग और प्रमाणों के आधार पर किया जाता है।
विस्तृत उत्तर:
विज्ञान वह व्यवस्थित और तर्कसंगत ज्ञान है, जिसके द्वारा प्रकृति, भौतिक जगत और उसमें घटित होने वाली घटनाओं का अध्ययन निरीक्षण, प्रयोग और प्रमाणों के आधार पर किया जाता है। विज्ञान का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि घटनाओं के कारणों को समझना, उन्हें परखना और नियमों के रूप में स्थापित करना है।
‘विज्ञान’ या ‘Science’ शब्द लैटिन भाषा के Scientia शब्द से बना है, जिसका अर्थ है – जानना, समझना या ज्ञान प्राप्त करना।
विज्ञान की प्रकृति और कार्यप्रणाली
विज्ञान किसी निष्कर्ष पर अचानक या अनुमान के आधार पर नहीं पहुँचता। यह एक निश्चित, क्रमबद्ध और तर्कसंगत प्रक्रिया का पालन करता है, जिसे वैज्ञानिक विधि कहा जाता है। इस विधि के मुख्य चरण निम्नलिखित हैं –
- निरीक्षण (Observation): इस चरण में प्रकृति या किसी घटना को ध्यानपूर्वक और बार-बार देखा जाता है। जैसे – वस्तुएँ नीचे क्यों गिरती हैं? पानी गर्म करने पर उबल क्यों जाता है? निरीक्षण विज्ञान की शुरुआत का आधार होता है।
- प्रश्न और समस्या की पहचान: निरीक्षण के बाद वैज्ञानिक घटना के कारण को जानने के लिए प्रश्न उठाते हैं।
जैसे – वस्तुएँ हमेशा पृथ्वी की ओर ही क्यों गिरती हैं? यह चरण जिज्ञासा को वैज्ञानिक समस्या में बदल देता है। - परिकल्पना (Hypothesis): इसमें घटना के संभावित कारण का तर्कसंगत अनुमान लगाया जाता है। यह अनुमान अंतिम सत्य नहीं होता, बल्कि जाँच के लिए प्रस्तुत विचार होता है। जैसे – पृथ्वी किसी अदृश्य बल से वस्तुओं को अपनी ओर खींचती है।
- प्रयोग (Experiment): परिकल्पना को प्रयोगों और परीक्षणों द्वारा जाँचा जाता है। प्रयोग नियंत्रित परिस्थितियों में किए जाते हैं, ताकि सही परिणाम मिल सकें। यदि प्रयोग परिकल्पना का समर्थन करते हैं, तो उसे आगे बढ़ाया जाता है।
- निष्कर्ष और नियम: प्रयोगों से प्राप्त प्रमाणों के आधार पर निष्कर्ष निकाला जाता है। जब कोई निष्कर्ष बार-बार सही सिद्ध हो जाता है, तो वह वैज्ञानिक नियम या सिद्धांत का रूप ले लेता है।
इसी क्रमबद्ध प्रक्रिया के कारण विज्ञान को विश्वसनीय और प्रमाणिक ज्ञान माना जाता है।
विज्ञान की मुख्य विशेषताएँ
- व्यवस्थित और क्रमबद्ध: विज्ञान अव्यवस्थित विचारों पर नहीं, बल्कि निश्चित नियमों और विधियों पर आधारित होता है।
- प्रयोग और प्रमाण पर आधारित: विज्ञान में किसी भी तथ्य को बिना प्रयोग और प्रमाण के स्वीकार नहीं किया जाता।
- तर्कसंगत: विज्ञान कारण-परिणाम के सिद्धांत पर कार्य करता है और अंधविश्वास को स्थान नहीं देता।
- पुनरावृत्ति योग्य: किसी भी वैज्ञानिक प्रयोग को किसी भी स्थान और समय पर दोहराया जा सकता है और समान परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
- सार्वभौमिक: वैज्ञानिक नियम देश, समय, जाति या व्यक्ति पर निर्भर नहीं होते, बल्कि हर जगह समान रूप से लागू होते हैं।
उदाहरण से समझिए
- पानी का 100°C पर उबलना
- पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल
- प्रकाश का अपवर्तन
ये सभी तथ्य निरीक्षण और प्रयोगों से सिद्ध हैं, इसलिए विज्ञान के अंतर्गत आते हैं।
अतः कहा जा सकता है कि प्रकृति के नियमों को समझने और सिद्ध करने का व्यवस्थित, प्रमाणिक और तर्कपूर्ण ज्ञान ही विज्ञान कहलाता है।

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