बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही ॥
भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही ॥
सहसबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा ॥
मातु पितहि जनि सोचबस करसि महीसकिसोर।
गर्भन्ह के अर्भक दलन परसु मोर अति घोर ॥
उत्तर – परशुराम ने सभा में कहा कि मैं बाल-ब्रह्मचारी हूँ। सारा संसार यह जानता है कि मैं क्षत्रिय कुलों का शत्रु हूँ। मैंने अपनी भुजाओं के बल पर कई बार इस धरती से राजाओं अर्थात क्षत्रियों का नाश किया है। मेरे इस भयंकर फरसे ने सहस्त्रबाहु के हजारों भुजाओं को काट डाला है। इस दृश्य को देखकर गर्भवती महिलाएँ अपने गर्भ को भी गिर जाते हैं।
इस पाठ के अन्य प्रश्न
- परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए कौन-कौनसे तर्क दिए?
- परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुईं उनके आधार पर दोनों के स्वभाव की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिखिए।
- लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए।

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