क्यों जरूरी है Shiksha ka Mahatva

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Shiksha ka Mahatva

Shiksha ka Mahatva हमारे देश की प्रगति के लिए बहुत ज़रूरी है। हमारे देश में शहरों की तुलना में गाँव के लोग कम शिक्षित होते हैं। शिक्षा हमारी खुद की और देश की प्रगति में मदद करती है। शिक्षित आदमी को समाज में मान सम्मान भी खूब मिलता है। हम शिक्षा के माध्यम से जीवन में बहुत सफलता प्राप्त कर सकते है। इसलिए हमारे और समाज का शिक्षित होना जरूरी है। हम इस ब्लॉग के माध्यम से आपको Shiksha ka Mahatva बताएंगे। चलिए देखते हैं हमारे जीवन में Shiksha ka Mahatva कितना है। 

Shiksha ka Mahatva का परिचय

आजकल के युग में अगर इंसान शिक्षित ना रहा तो उसे जीवन बिताने में कठिनाई हो सकती है। पढ़ाई करना इंसान के जीवन में बहुत जरूरी होता है। गरीब से गरीब आदमी भी अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर अफसर बनाने का सपना देखता है । और अगर कोई बच्चा ठान ले तो बहुत पढ़ लिखकर डॉक्टर, वकील, जज या upsc की परीक्षा देकर बड़ा अफसर बन सकता है। आजकल के युग में अगर इंसान शिक्षित ना रहा तो उसे बाहर की दुनिया में  कोई इज्जत नहीं देगा उसका सम्मान नहीं करेगा। हमारे देश में ऐसे भी लोग है जो बेटी को पढ़ाने में नहीं मानते और अपने बेटों को बहुत पढ़ाते है। हमें जीवन में सबको Shiksha ka Mahatva ध्यान में रखना ही चाहिए। 

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लड़कियों के लिए Shiksha ka Mahatva 

भारत में लड़कियों की शिक्षा का प्रमाण लड़कों से कम है। भारत के लोग लड़कियों को ज्यादा  पढ़ाने में नहीं मानते। स्कूल तक ही पढ़ाते है और लड़कियों की शादी करवा देते है। लड़कियों की शिक्षा भी उतनी ही जरूरी होती है जितनी लड़को की। हर इंसान को पढ़ने लिखने का हक होता है। हमें लड़कियों के माता पिता को Shiksha ka mahatva समझाना चाहिए। और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की सोच को ज़्यादा से ज़्यादा प्रोत्साहन देना चाहिए। हमारे देश को सावित्री बाई फुले जैसे स्वतंत्रता सैनिकों की वजह से जाना जाता है और हम उसी देश में लड़कियों को नहीं पढ़ाएँगे तो हमारे देश की प्रगति खंडित हो जाएगी। हमारा देश कभी पूरी तरह से डेवलप नहीं होगा और प्रगति न होने के कारण हमारा देश बाक़ी देशों से पीछे रह जाएगा।

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Shiksha ka Mahatva कितना जरूरी

इंसान के पास कम से कम ग्रेजुएशन की डिग्री होनी ही चाहिए। डिग्री के बिना हमें नौकरी भी कोई नहीं देगा। हमें ‘पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया’ को अधिक प्रोत्साहन देना चाहिए। यदि हम शिक्षित होंगे तो हमारी पर्सनैलिटी प्रभावशाली हो जाती है। लोग हमें इज़्ज़त भरी नज़रों से देखते है। हमें अच्छे शिक्षण की वजह से अच्छी नौकरी मिलती है। अच्छी नौकरी होगी तो अच्छी सैलरी होती है जिसके कारण हम एक अच्छा जीवन बिता सकते है। हमारे देश में डॉक्टर बी.आर. अम्बेडकर जैसे लोग थे जिन्होंने हमारे स्वतंत्र भारत का संविधान लिखा। हमारे देश की आने वाली पीढ़ी का शिक्षित होना उनके उज्जवल भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी है। 

भारत देश में आज भी अशिक्षित लोगों का प्रमाण 23 प्रतिशत है। इसलिए हमारे देश की गिनती आज भी डिवेलपिंग कंट्रीज़ में की जाती है। पर हर बार माता पिता का दोष नहीं होता, जैसे की इस ब्लॉग की शुरुआत में कहा गया है कि गरीब से गरीब आदमी भी अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर अफसर बनाने का सपना देखता है, पर उस इंसान की जिंदगी में ऐसे कुछ हालात आते है जो ऐसा होने की अनुमति नहीं देते। कई गरीब लोगों के पास दो वक्त की रोटी खाने के पैसे भी नहीं होते तो ऐसे हालात में वो माँ बाप अपने बच्चे को कैसे पढ़ाएं लिखाए। हमारे देश में गरीबी का प्रमाण ज्यादा है जिसके कारण कोई माता पिता चाह कर भी अपने बच्चों को स्कूल, कॉलेज नहीं भेज पाते। 

आधुनिक युग में शिक्षा का महत्व

आधुनिक युग आज इतनी तेज़ी से चल रहा है कि इस इस युग को आधुनिकता का क्रांतिकारी युग बोला जा सकता है।किसी भी समय में बदलाव अपने आप नहीं आते, बदलाव लाए जाते हैं और इनके पीछे की यह प्रक्रिया शिक्षा के बिना असंभव है। आधुनिक युग में शिक्षा का महत्व पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है।

लोगों को अपना जीवन जीने में और अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए शिक्षा की काफी जरूरत है। शिक्षा जीवन को बेहतर बनाने वाली संभावनाओं तक पहुँचती है। आज सिर्फ ज्ञान प्राप्त करना ही काफी नहीं, औद्योगिकरण के युग में ज्ञान के प्रयोग पर अधिक बल दिया जाता है। इसे व्यावहारिक ज्ञान कहा गया है। इसलिए शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं। जिससे बच्चे छात्र जीवन में ही अपने व्यावसायिक समस्याओं के समाधान प्राप्त कर कुशल कर्मचारी बन सके।

आधुनिक युग में विकसित होती सभ्यता तथा मशीनीकरण ने जहां एक और मनुष्य का काम कम किया है। वहीं दूसरी ओर लोग बेरोज़गार भी हुए हैं। वर्तमान समय में शिक्षा के द्वारा आत्मनिर्भर बनने की मुहिम चलाई जा रही है।

इससे ना सिर्फ नए रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे बल्कि नए व्यवसाय व कार्य क्षेत्र के मार्ग भी खोजे जाएँगे। शिक्षा समाज में आवश्यकता से बढ़कर एक मापदंड बन गई है। समाज में उन्हीं लोगों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है, जिन्होंने अच्छी शिक्षा प्राप्त की है। इसलिए कहा जा सकता है कि आधुनिक युग में शिक्षा बहुत आवश्यक है।

समाज में Shiksha ka Mahatva

शिक्षा मनुष्य के अंदर अच्छे विचारों को लाती है और बुरे विचारों को बाहर करती है। शिक्षा मनुष्य के जीवन का मार्ग दिखाती है। यह मनुष्य को समाज में प्रतिष्ठित काम करने के लिए प्रेरणा देती है। इससे मनुष्य के अंदर मनुष्यता आती है। इसके माध्यम से मानव समुदाय में अच्छे संस्कार डालने में पर्याप्त मदद मिलती है।

शिक्षा मनुष्य को पशु से ऊपर उठाने वाली प्रक्रिया है। पशु अज्ञानी होता है उसे सही या ग़लत का बहुत कम ज्ञान होता है। अशिक्षित मनुष्य भी पशुतुल्य होता है। वह सही निर्णय लेने में समर्थ नहीं होता है। लेकिन जब वह शिक्षा प्राप्त कर लेता है तो उसकी ज्ञानचक्षु खुल जाती है। तब वह प्रत्येक कार्य सोच-समझकर करता है। उसके अंदर जितने प्रकार की उलझनें होती हैं, उन्हें वह दूर कर पाने में सक्षम होता है। शिक्षा का मूल अर्थ यही है कि वह व्यक्ति का उचित मार्गदर्शन करे। जिस शिक्षा से व्यक्ति का सही मार्गदर्शन नहीं होता, वह शिक्षा नहीं बल्कि अशिक्षा है।

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Shiksha ka Mahatva पर 200 शब्दों  में निबंध

सभी के लिए जीवन में बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के लिए सफलता प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक है। स्कूल में ली गई शिक्षा सबके जीवन में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पूरे शिक्षा तंत्र को प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च माध्यमिक शिक्षा जैसे को तीन भागों में बाँटा गया है। शिक्षा के सभी स्तर अपना एक विशेष महत्व और स्थान रखते हैं। 

सभी बच्चों के जीवन में कुछ अनोखा करने का अपना नजरिया होता है। माता पिता भी अपने बच्चो को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, जज बनाने की सोचते है। बच्चों और माता पिता के ऐसे सब लक्ष्य शिक्षा द्वारा ही प्राप्त हो सकते है। सभी माता पिता अपने बच्चों को सफलता की ओर जाते हुए देखना चाहते हैं, जो केवल अच्छी और उचित शिक्षा के माध्यम से ही संभव है।  जीवन में सफलता प्राप्त करने और कुछ अलग करने के लिए शिक्षा सभी के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण साधन है।

शिक्षण प्रक्रिया के दौरान हमें  प्राप्त हुआ ज्ञान हम सभी को अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनाता है। यह हमारे जीवन को बेहतर बनाता है और हमें एक अच्छा जीवन बिताने में मदद करता है। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा बहुत से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। 

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Shiksha ka Mahatva पर 400 शब्दों  में निबंध 

आज के समाज में शिक्षा का महत्व काफी बढ़ चुका है। शिक्षा के उपयोग तो अनेक हैं परंतु उसे नई दिशा देने की आवश्यकता है। शिक्षा इस प्रकार की होनी चाहिए कि एक व्यक्ति अपने वातावरण से परिचित हो सके। शिक्षा हम सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत आवश्यक है। हम अपने जीवन में शिक्षा के इस साधन का उपयोग करके अच्छी चीजें प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षा का समय सभी के लिए सामाजिक और व्यक्तिगत रूप से बहुत महत्वपूर्ण समय होता है, यहीं कारण है कि हमें शिक्षा हमारे जीवन में इतना महत्व रखती है।

जीवन में सफलता प्राप्त करने और कुछ अलग करने के लिए शिक्षा सभी के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण साधन है। यह हमें जीवन के कठिन समय में चुनौतियों से सामना करने में सहायता करता है।शिक्षा स्त्री और पुरुषों दोनों के लिए समान रूप से आवश्यक है, क्योंकि स्वास्थ्य और शिक्षित समाज का निर्माण यह दोनों मिलकर ही कर सकते हैं। यह उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक होने के साथ ही देश के विकास और प्रगति में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस तरह, उपयुक्त शिक्षा दोनों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है। वो केवल शिक्षित नेता ही होते हैं, जो एक राष्ट्र का निर्माण करके, इसे सफलता और प्रगति के रास्ते की ओर ले जाते हैं।दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के प्रयोग के कारण, आजकल शिक्षा प्रणाली बहुत साधारण और आसान हो गयी है। आधुनिक शिक्षा प्रणाली, शिक्षा और समानता के मुद्दे को विभिन्न जाति, धर्म व जनजाति के बीच से पूरी तरह से हटाने में सक्षम है। शिक्षा जहाँ तक संभव होता है उस सीमा तक लोगों बेहतर और सज्जन बनाने का कार्य करती है।

आजकल के समय में  शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए बहुत सारे तरीके अपनाए जाते हैं।आज के आधुनिक संसार में शिक्षा काफी अहम है। वर्तमान समय में शिक्षा का पूरा तंत्र अब बदल चुका है। शिक्षा बहुत महंगी नहीं है, कोई इंसान कम धन होने के बावजूद  भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकता है। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से हम आसानी से किसी भी बड़े और प्रसिद्ध स्कूल, कॉलेज में बहुत कम शुल्क में प्रवेश ले सकते हैं। अन्य छोटे संस्थान भी किसी विशेष क्षेत्र में कौशल को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।शिक्षा लोगों के मस्तिष्क को उच्च स्तर पर विकसित करने का कार्य करती है और समाज में लोगों के बीच सभी भेदभावों को हटाने में मदद करती है।

शिक्षा के महत्व पर भाषण (Short Speech on Importance of Education in Hindi)

आदरणीय मान्यवर, मेरे सम्मानीय अध्यापक और मेरे प्यारे मित्रों को सुप्रभात। मैं इस महान अवसर पर आप सभी के सामने शिक्षा के महत्व के विषय पर भाषण देना चाहता/चाहती हूँ। शिक्षा हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारे माता-पिता हमें घर पर ही बहुत सी चीजें सिखाते हैं और फिर 3 साल का होने के बाद स्कूल भेजते हैं। हमारा घर ही हमारा पहला शैक्षणिक संस्थान है, जहाँ हम दूसरों के साथ व्यवहार करना, और अन्य कौशलों को सीखते हैं हालांकि, व्यवहारिक जीवन में सफल होने के लिए स्कूल की शिक्षा बहुत आवश्यक है।

स्कूली शिक्षा के माध्यम से ही, हम व्यक्तित्व, मानसिक कुशलता, नैतिक और शारीरिक शक्ति का विकास करना सीखते हैं। बिना उचित शिक्षा के, एक व्यक्ति अपने जीवन के सभी शैक्षिक लाभों से वंचित रह जाता है। शिक्षा निजी और पेशेवर जीवन में सफलता की इकलौती कुंजी है। शिक्षा हमें विभिन्न प्रकार का ज्ञान और कौशल को प्रदान करती है। यह सीखने की निरंतर, धीमी और सुरक्षित प्रक्रिया है, जो हमें ज्ञान प्राप्त करने में मदद करती है। यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जो हमारे जन्म के साथ ही शुरु हो जाती है और हमारे जीवन के साथ ही खत्म होती है।

हमें अपने अंदर पूरे जीवन भर अपने अध्यापकों, अभिभावकों, परिवार के सदस्यों और हमारे जीवन से संबंधित अन्य व्यक्तियों से कुछ ना कुछ सीखने की आदत डालनी चाहिए। हम एक अच्छा व्यक्ति बनने, घर, समाज, समुदाय और दोस्तों में रहने के लिए कुछ ना कुछ सीखते रहते हैं। स्कूल जाना और शिक्षा ग्रहण करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और जो सफलता प्राप्त करना चाहते हैं उनके लिए बहुत आवश्यक है।

हम सभी ने एक ही ढंग से, एक ही ग्रह पर जन्म लिया है हालांकि, धन की कमी और अभिभावकों के ज्ञान के अभाव के कारण इस तरह की औपचारिक शिक्षा के लिए एक समान अवसर नहीं मिलता जो सभी का सफलता की ओर नेतृत्व कर सके। जो व्यक्ति उचित शिक्षा प्राप्त करता है वो परिवार, समाज और देश में प्रशंसा के योग्य होता हैं। सभी के लिए उचित शिक्षा लोगों के बीच में समानता लाकर सभी प्रकार के भेदभावों को हटाती है।

शिक्षा हमें न केवल इतिहास, विज्ञान, गणित, भूगोल और अन्य विषयों को सीखने योग्य बनाती हैं हालांकि, यह हमें ये भी सिखाती है, कि जीवन में बुरी स्थितियों को कैसे संभाला जाये।

धन्यवाद।

Shikha ka उद्देश्य

हमारे देश में सब लोग शिक्षित होने चाहिए उसका अहम उद्देश्य यह है की हमारे देश को प्रगति और सफलता मिले। जैसे की इस ब्लॉग में पहले बताया गया है कि आज भी हमारे देश के 23 प्रतिशत लोग शिक्षित नहीं है। अगर हमारे देश की 100 प्रतिशत आबादी शिक्षित हो जाएगी तो हमारे देश की ज़्यादा से ज़्यादा प्रगति होगी। शिक्षा हमारे जीवन को अच्छा बनाती है। शिक्षा हमें एक खुशहाल जिंदगी बिताने में मदद करती है। गरीब आदमी को भी कम से कम स्कूल तक की शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए, स्कूल का शिक्षण ज़िंदगी में अति आवश्यक होता है।

शिक्षा से मानवीय  गुणो का विकास 

शिक्षा से मानवीय गुणो  का विकास अधिक मात्रा में बढ़ गया है। अगर कोई इंसान शिक्षित होगा तो बाकी लोग उसकी इज्जत करते है और शिक्षित आदमी का समाज में एक अलग स्थान होता है। हमें शिक्षित होने के कारण अच्छी नौकरी मिलती है और हमें अच्छी पगार भी मिलती है। उसके कारण हम एक अच्छा जीवन बिता सकेंगे। कोई भी इंसान पढ़ाई न करने की वजह से एक खुशहाल जीवन और अपने देश का विकास खंडित कर रहा है। हमारे देश में केरल राज्य में लोगों की शिक्षा का प्रमाण सबसे अधिक है। भारत देश में बहुत बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी है।  

शिक्षा पर टॉप 10 Quotes  

  1.  बिना शिक्षा प्राप्त किये कोई व्यक्ति अपनी परम ऊँचाइयों को नहीं छू सकता।
  2. शिक्षा ने ऐसी बहुत बड़ी आबादी पैदा की है जो पढ़ तो सकती है पर ये नहीं पहचान सकती की क्या पढ़ने लायक है।
  3. वो जो स्कूल के दरवाजे खोलता है, जेल के दरवाजे बंद करता है।
  4. जिम्मेदारी इंसान को शिक्षित करती है।
  5. शिक्षा का उद्देश्य है युवाओं को खुद को जीवन भर शिक्षित करने के लिए तैयार करना। 
  6. सच है, अल्प ज्ञान खतरनाक है,पर फिर भी ये पूर्ण रूप से अज्ञानी होने से बेहतर है।
  7. जब कोई विषय पूरी तरह से अप्रचलित हो जाता है तो हम उसे आवश्यक पाठ्यक्रम बना देते हैं।
  8. शिक्षा का मकसद है एक खाली दिमाग को खुले दिमाग में परिवर्तित करना। 
  9. जो आपने सीखा है उसे भूल जाने के बाद जो रह जाता है वो शिक्षा है। 
  10. शिक्षा स्वतंत्रता के स्वर्ण द्वार खोलने की चाबी है। 

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