हिंदी व्याकरण में विशेषण से परीक्षाओं में अहम सवाल पूछे जाते हैं। संख्यावाचक विशेषण वे शब्द होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की संख्या या क्रम को दर्शाते हैं। ये विशेषण हमें बताते हैं कि कोई वस्तु या व्यक्ति कितनी संख्या में है या किस क्रम में स्थित है। उदाहरण के लिए, “तीन पुस्तकें” में तीन संख्या को दर्शाने वाला विशेषण है, जबकि “पहला स्थान” में पहला क्रम दर्शाने वाला विशेषण है। ये मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं—निश्चित संख्यावाचक (जैसे, एक, दो, दस) और अनिश्चित संख्यावाचक (जैसे, कुछ, कई, अनेक)। हिंदी व्याकरण में संख्यावाचक विशेषण का विशेष महत्व है, क्योंकि यह वाक्य की स्पष्टता बढ़ाता है। संख्यावाचक विशेषण क्या होते हैं और इसके उदाहरण क्या-क्या होते हैं, यह आपको बताया जाएगा। आइए इस ब्लॉग में जानते हैं Sankhya Vachak Visheshan के बारे में विस्तार से।
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संख्यावाचक विशेषण की परिभाषा क्या है? (Sankhya Vachak Visheshan)
संख्यावाचक विशेषण वे शब्द होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की संख्या, मात्रा या क्रम को दर्शाते हैं। ये विशेषण हमें बताते हैं कि कोई वस्तु या व्यक्ति कितनी संख्या में है या किस क्रम में स्थित है। उदाहरण के लिए, पाँच छात्र में “पाँच” संख्या दर्शाने वाला विशेषण है, जबकि दूसरा स्थान में “दूसरा” क्रम दर्शाने वाला विशेषण है। संख्यावाचक विशेषण मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं—
- निश्चित संख्यावाचक (एक, दो, पाँच)
- अनिश्चित संख्यावाचक (कुछ, कई, अनेक)
- क्रमसूचक संख्यावाचक (पहला, दूसरा, तीसरा)
यह विशेषण वाक्य को अधिक स्पष्ट और अर्थपूर्ण बनाते हैं।
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संख्यावाचक विशेषण के भेद क्या हैं?
Sankhya Vachak Visheshan के 2 भेद होते हैं जोकि इस प्रकार हैं-
- निश्चित संख्यावाचक
- अनिश्चित संख्यावाचक।
संख्यावाचक विशेषण के मुख्य उदाहरण क्या हैं?
संख्यावाचक विशेषण के मुख्य उदाहरण इस प्रकार हैं-
- मैं प्रत्येक दिन मार्केट से 10 अंडे लाता हूं।
- मेरे ऑफिस में 2,000 कर्मचारी हैं।
- तोश की उचाई समुद्र तल से 8,000 फुट ऊपर है।
- हमारे पास 5 बाइक हैं।
- मुकुल ने हरीश को 10 केले दिए।
- कल हिमानी को ऑफिस में 10 कार्य करने हैं।
- अंकिता के पास 5 घड़ियां हैं।
- अजित ने एक शॉर्ट फिल्म से INR 1 लाख कमाए।
- तनुज को लगता था कि 4 और 4 का जोड़ 44 होता है।
- संजना ने सिकंदर के लिए 3 कोट खरीदे।
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FAQs
संख्यावाचक विशेषण वे शब्द होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की संख्या, मात्रा या क्रम को दर्शाते हैं, जैसे— तीन पुस्तकें, पहला स्थान, कई विद्यार्थी आदि।
संख्यावाचक विशेषण तीन प्रकार के होते हैं— (1) निश्चित संख्यावाचक (एक, दो), (2) अनिश्चित संख्यावाचक (कुछ, अनेक) और (3) क्रमसूचक संख्यावाचक (पहला, दूसरा)।
इस वाक्य में “कुछ” अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण है, क्योंकि यह लोगों की संख्या को निश्चित रूप से न बताकर केवल उनकी अनिश्चित संख्या दर्शा रहा है।
इस वाक्य में “दस” निश्चित संख्यावाचक विशेषण है, क्योंकि यह स्पष्ट रूप से संख्या (10) दर्शाता है कि राम ने कुल कितने प्रश्न हल किए।
इस वाक्य में “पहला” क्रमसूचक संख्यावाचक विशेषण है, क्योंकि यह खिलाड़ी के स्थान (क्रम) को दर्शाता है कि वह पहले स्थान पर आया।
आशा है कि इस ब्लॉग से संख्यावाचक विशेषण (Sankhya Vachak Visheshan) की जानकारी मिली होगी। हिंदी व्याकरण के अन्य ब्लॉग्स पढ़ने के लिए बने रहिए Leverage Edu के साथ।