आसान भाषा में समझे Visheshan क्या है?

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Visheshan

हिंदी व्याकरण में समास, संधि, मुहावरे, उपवाक्य, पर्यायवाची शब्द, वर्ण विच्छेद, विलोम शब्द,अनेकार्थी शब्द आदि हम पढ़ते हैं उनमें से एक टॉपिक है विशेषण इसके बारे में भी छोटी कक्षाओं से बड़ी कक्षाओं तक पूछा जाता है। विशेषण इन हिंदी से संबंधित प्रश्न SSC, NTPC, SSC CGL, UPSC, TET, SSC stenographer आदि जैसी और भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण ब्लॉग हम आपके लिए लेकर आए है तो आइये जानते हैं visheshan के बारे में।

विशेषण इन हिंदी Quiz

खेल-खेल में सीखें विशेषण

विशेषण किसे कहते हैं? 

विशेषण शब्द का अर्थ है – विशेषण की विशेषता को सूचित या प्रकट करने वाला शब्द। संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते है। जैसे-

Source : Pinterest
  • छोटा लड़का
  • मोटा लड़का
  • सुंदर चित्र
  • गोरा वर्ण
  • ईमानदार व्यक्ति 
  • लंबा आदमी
  • काला साँप
  • लाल कपड़ा आदि। 

उपयुक्त उदाहरण मे प्रयुक्त शब्द ‘छोटा’, ‘मोटा’,’सुंदर’,’गोरा’ आदि शब्द संज्ञा हैं, और ‘लड़का’,’चित्र’, ‘वर्ण’, ‘व्यक्ति’, ‘सांप’ आदि की विशेषता को बता रहे हैं अतः यह शब्द visheshan शब्द हैं। 

Source : Goyal Brothers Prakashan

Visheshan Examples

  1. राहुल ने लाल कमीज पहनी है।
  2. घोड़ा तेज दौड़ता है। 
  3. सीता धीरे-धीरे बोलती है।
  4. कोयल मीठा बोलती है। 
  5. आम बहुत खट्टा है। 
  6. शेर दहाड़ता है।
  7. आसमान साफ है।
  8. सोहन एक अच्छा लड़का है।
  9. टोकरी में मीठे अंगूर हैं।
  10. मीता सुंदर है।
  11. कौआ काला होता है।
  12. बालक चतुर है। 
  13. हमने गुजराती गीत गाए। 
  14. इस डब्बे में दस किताबें हैं। 
  15. वह बहुत डरपोक है। 
Source : Digi Nurture

विशेष्य किसे कहते हैं?

संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताने वाले शब्दों को visheshan कहा जाता है। और विशेषण जिस संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताता है उसे विशेष्य कहते हैं। विशेष्य या तो संज्ञा रूप में होता है या फिर क्रिया रूप में।

उदाहरण–काला घोड़ा, चार केले, लंबी मेज ।

उदाहरण के अनुसार, काला, चार, लंबी, visheshan है और घोड़ा, केले, मेज़ विशेष्य है।

विशेषण की विशेषता

विशेषण की विशेषता नीचे दी गई हैं।

  1. Visheshan एक विकारी शब्द है।
  2. Visheshan के द्वारा किसी भी वाक्य का स्वरूप स्पष्ट किया जा सकता है।
  3. Visheshan का प्रयोग वस्तु को सजीव व मूर्तिमय रूप प्रदान करता है।
  4. विशेषणों के द्वारा हमें प्रश्नों के उत्तर प्राप्त होते है। जैसे- तुम्हे कितनी चॉकलेट दी।
  5. Visheshan के द्वारा किसी व्यक्ति या वस्तु की विशेषता बताई जाती है। जैसे-राधा सुंदर लड़की की है। यहाँ ‘सुन्दर’ राधा की विशेषता बताता है।
  6. Visheshan किसी की हीनता भी बताता है। जैसे- वह लड़की शैतान है। यहाँ ‘शैतान’ लड़की की हीनता बताता है।
  7. Visheshan द्वारा अर्थ को सीमित रूप प्रदान  किया जा सकता है। जैसे- काला कुत्ता। यहाँ काला कुत्ते शब्द के एक विशेष प्रकार का अर्थ बोध कराता है।
  8. विशेषणों के द्वारा  संख्या निर्धारित की जा सकती है तथा संख्या के दोनो रूपों, निश्चितता और अनिश्चितता का ज्ञान होता है। जैसे- एक आम दो। यहाँ ‘एक’ शब्द से आम की संख्या निर्धारित होती है।
  9. विशेषणों  के द्वारा निश्चित और अनिश्चित परिणाम या मात्रा  के दोनों  रूपों को जाना जा सकता है। जैसे- पाँच सेर दूध। यहाँ ‘पाँच सेर’ से दूध की निश्चित  मात्रा का अर्थ बोध होता है।

Visheshan Ke Bhed 

Visheshan, विशेषण इन हिंदी
  1. गुणवाचक
  2. परिमाणवाचक
  3. संख्यावाचक
  4. सार्वनामिक

1. गुणवाचक विशेषण :-जिस विशेषण से संज्ञा या सर्वनाम के गुण या दोष का पता चलता है, उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं। ये विशेषण भाव, रंग, दशा, आकार, समय, स्थान, काल आदि से सम्बन्धित होते है। जैसे– अच्छा, बुरा, सफेद, काला, रोगी, मोटा, पतला, लंबा, चौड़ा, नया, पुराना, ऊँचा, मीठा, चीनी, नीचा, प्रातःकालीन आदि।

2. परिमाणवाचक विशेषण :–जिन विशेषण शब्दों से किसी वस्तु के परिमाण, मात्रा, माप या तोल का पता चले, वे परिमाणवाचक विशेषण कहलाते है |

इसके दो भेद हैं।
i. निश्चित परिमाणवाचक :– दस क्विंटल, तीन किलो, डेढ़ मीटर।
ii. अनिश्चित परिमाणवाचक :– थोड़ा, इतना, कुछ, ज्यादा, बहुत, अधिक, कम, तनिक, थोड़ा, इतना, जितना, ढेर सारा।

3. संख्यावाचक विशेषण :-जिन विशेषण शब्दों से संख्या का बोध हो वे संख्यावाचक विशेषण कहलाते है |
इसके दो भेद हैं –
i) निश्चित संख्यावाचक :– दो, तीन, ढाई, पहला, दूसरा, इकहरा, दुहरा, तीनों चारों, दर्जन, जोड़ा, प्रत्येक।
ii) अनिश्चित संख्यावाचक :– कई, कुछ, काफी, कम, ज्यादा, बहुत।

4. सार्वनामिक विशेषण :- जो सर्वनाम शब्द संज्ञा के पहले आकर विशेषण का काम करते हैं, उन्हे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं |जैसे: यह विद्यालय, वह बालक, वह खिलाड़ी आदि।

प्रयोग की दृष्टि से विशेषण के भेद

  1.  विशेष्य-विशेषण
  2. विधेय-विशेषण

विशेष्य-विशेषण

जो Visheshan विशेष्य से  पहले आकर उसकी विशेषता बताते है। उसे विशेष्य-विशेषण कहते है तथा वह विशेष्य-विशेष होता हैं। जैसे- राजेश ‘नटखट’ बालक है। सुनीता ‘गंभीर’ लड़की है। इन वाक्यों में ‘राजेश’ और ‘सुनीता’ क्रमशः बालक और लड़की के विशेषण हैं, जो संज्ञाओं (विशेष्य) के पहले आये हैं।

विधेय-विशेषण

जो Visheshan, विशेष्य और क्रिया के बीच आकर उसकी विशेषता बताते है,उसे विधेय-विशेषण कहते है तब  वहाँ  पर विधेय-विशेषण होता हैं।
जैसे- मेरा घोड़ा लाल हैं।
तुम्हारा दामाद आलसी है।
इन वाक्यों में लाल और आलसी ऐसे विशेषण हैं,जो क्रमशः घोड़ा (संज्ञा) और है (क्रिया) तथा दामाद (संज्ञा) और है (क्रिया) के बीच आये हैं।

विशेषणों की तुलना (Comparison of Adjectives)

“जिन विशेषणों के द्वारा दो या अधिक विशेष्यों के गुण-अवगुण की तुलना की जाती है, उन्हें ‘तुलनाबोधक विशेषण’ कहते हैं।” तुलनात्मक दृष्टि से एक ही प्रकार की विशेषता बतानेवाले पदार्थों या व्यक्तियों में मात्रा का अन्तर होता है। तुलना के विचार से विशेषणों की तीन अवस्थाएँ होती हैं

1. मूलावस्था (Positive Degree) : इसके अंतर्गत विशेषणों का मूल रूप आता है। इस अवस्था में तुलना नहीं होती, सामान्य विशेषताओं का उल्लेख मात्र होता है।
जैसे-
अंशु अच्छी लड़की है।
आशु सुन्दर है।

2. उत्तरावस्था (Comparative Degree) : जब दो व्यक्तियों या वस्तुओं के बीच अधिकता या न्यूनता की तुलना होती है, तब उसे विशेषण की उत्तरावस्था कहते हैं।
जैसे-
अंशु आशु से अच्छी लड़की है।
आशु अंशु से सुन्दर है।

उत्तरावस्था में केवल तत्सम शब्दों में ‘तर’ प्रत्यय लगाया जाता है। जैसे-

  • सुन्दर + तर > सुन्दरतर
  • महत् + तर > महत्तर
  • लघु + तर > लघुतर
  • अधिक + तर > अधिकतर
  • दीर्घ + तर > दीर्घतर

हिन्दी में उत्तरावस्था का बोध कराने के लिए ‘से’ और ‘में’ चिह्न का प्रयोग किया जाता है।
जैसे-
बच्ची फूल से भी कोमल है।
इन दोनों लड़कियों में वह सुन्दर है।

विशेषण की उत्तरावस्था का बोध कराने के लिए ‘के अलावा’, ‘की तुलना में’, ‘के मुकाबले’ आदि पदों का प्रयोग भी किया जाता है।
जैसे-
पटना के मुकाबले जमशेदपुर अधिक स्वच्छ है।
संस्कृत की तुलना में अंग्रेजी कम कठिन है।
आपके अलावा वहाँ कोई उपस्थित नहीं था।

3. उत्तमावस्था (Superlative Degree) : यह विशेषण की सर्वोत्तम अवस्था है। जब दो से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं के बीच तुलना की जाती है और उनमें से एक को श्रेष्ठता या निम्नता दी जाती है, तब विशेषण की उत्तमावस्था कहलाती है।
जैसे-
कपिल सबसे या सबों में अच्छा है।
दीपू सबसे घटिया विचारवाला लड़का है।

तत्सम शब्दों की उत्तमावस्था के लिए ‘तम’ प्रत्यय जोड़ा जाता है। जैसे-

  • सुन्दर + तम > सुन्दरतम
  • महत् + तम > महत्तम।
  • लघु + तम > लघुतम
  • अधिक + तम > अधिकतम
  • श्रेष्ठ + तम > श्रेष्ठतम

‘श्रेष्ठ’, के पूर्व, ‘सर्व’ जोड़कर भी इसकी उत्तमावस्था दर्शायी जाती है।
जैसे-
नीरज सर्वश्रेष्ठ लड़का है।

विशेषणों की रचना

विशेषण पदों की रचना प्रायः सभी प्रकार के शब्दों से होती है। शब्दों के अन्त में ई, इक, . मान्, वान्, हार, वाला, आ, ईय, शाली, हीन, युक्त, ईला प्रत्यय लगाने से और कई बार अंतिम प्रत्यय का लोप करने से विशेषण बनते हैं।

  • ‘ई’ प्रत्यय : शहर-शहरी, भीतर-भीतरी, क्रोध-क्रोधी
  • ‘इक’ प्रत्यय : शरीर-शारीरिक, मन—मानसिक, अंतर-आंतरिक
  • ‘मान्’ प्रत्यय : श्री–श्रीमान्, बुद्धि—बुद्धिमान्, शक्ति-शक्तिमान्
  • ‘वान्’ प्रत्यय : धन-धनवान्, रूप-रूपवान्, बल-बलवान्
  • ‘हार’ प्रत्यय : सृजन-सृजनहार, पालन-पालनहार
  • ‘आ’ प्रत्यय : रथ रथवाला, दूध-दूधवाला भूख-भूखा, प्यास-प्यासा
  • ‘ईय’ प्रत्यय : भारत-भारतीय, स्वर्ग–स्वर्गीय
  • ‘ईला’ प्रत्यय : चमक-चमकीला, नोंक-नुकीला
  • ‘हीन’ प्रत्यय : धन-धनहीन, तेज-तेजहीन, दया—दयाहीन
  • धातुज : नहाना—नहाया, खाना-खाया, खाऊ, चलना—चलता, बिकना—बिकाऊ
  • अव्ययज : ऊपर-ऊपरी, भीतर-भीतर-भीतरी, बाहर–बाहरी

विशेषण शब्द लिस्ट

काला, गोरा, कायर, वीर, बड़ा, छोटा, टेढ़ा, मेढ़ा, कुरूप ईमानदार, खट्टा, मीठा, कड़वा, अच्छा, बुरा, भारी, हल्का, दस-बीस (संख्या), बड़ा, काला, लम्बा, दयालु , भारी , सुंदर , कायर , टेढ़ा – मेढ़ा , एक , दो , वीर पुरुष , गोरा , अच्छा , बुरा , मीठा , खट्टा आदि।

Visheshan with Pictures

विशेषण इन हिंदी
Source : Live Worksheets

विशेषण इन हिंदी Worksheet

विशेषण इन हिंदी
Source : Pinterest

विशेषण इन हिंदी अभ्यास प्रश्न

  1. संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतलाने वाले शब्दों को कहते हैं?

(A) विशेष्य
(B) विशेषण
(C) क्रिया विशेषण
(D) इनमें से कोई नहीं

2.निम्नांकित में कौनसा शब्द विशेषण है?

(A) नम्रता
(B) मिठास
(C) शीतलता
(D) सच्चा

3.’अच्छा विद्यार्थी’ में विद्यार्थी शब्द क्या है?

(A) विशेष्य
(B) विशेषण
(C) गुण
(D) संज्ञा

4.’आलस्य’ शब्द का विशेषण क्या है?

(A) आलस
(B) अलस
(C) आलसीपन
(D) आलसी

5.किस वाक्य में विशेषण सम्बन्धी अशुद्धि नहीं है?

(A) उसमें एक गोपनीय रहस्य है
(B) आप जैसा अच्छा सज्जन कौन होगा
(C) कहीं से खूब ठंडा वर्फ लाओ
(D) वहाँ ज्वर की सर्वोत्कृष्ट चिकित्सा होती है

6. प्रविशेषण कहते हैं—

(A) विशेष्य के पहले लगने वाला विशेषण
(B) विशेषण की विशेषता बताने वाला शब्द
(C) विशेष्य की विशेषता बताने वाला शब्द
(D) विधेय की विशेषता बताने वाला शब्द

7.सार्वनामिक विशेषण

(A) संज्ञा के पहले आते हैं
(B) संज्ञा के बाद आते हैं
(C) सर्वनाम के बाद आते हैं
(D) क्रिया के बाद आते हैं

8. विशेषण की दृष्टि से अशुद्ध वाक्य का चयन कीजिए—

(A) आप बुद्धिमान व्यक्ति हैं
(B) माधुरी गुणवान नायिका है
(C) गुड़िया तेज नाचती है 
(D) अमित चतुर बालक है

9. दिए गए संख्यावाचक विशेषण- (पहला, दूसरा) के किस भेद के अंतर्गत हैं? 

(A) क्रमवाचक
(B) गणनावाचक
(C) आवृत्तिवाचक
(D) इनमें से कोई नहीं

10. अर्थ के आधार पर विशेषण के कितने प्रकार हैं ? 

(A) तीन
(B) चार
(C) पांच
(D) छह

उत्तर

  1. (B) विशेषण
  2. (D) सच्चा
  3. (A) विशेष्य
  4. (D) आलसी
  5. (D) वहाँ ज्वर की सर्वोत्कृष्ट चिकित्सा होती है
  6. (B) विशेषण की विशेषता बताने वाला शब्द
  7. (A) संज्ञा के पहले आते हैं
  8. (B) माधुरी गुणवान नायिका है
  9. (A) क्रमवाचक
  10. (B) चार

विशेषण इन हिंदी PPT

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FAQs

विशेषण किसे कहते हैं?

विशेषण शब्द का अर्थ है – विशेषण की विशेषता को सूचित या प्रकट करने वाला शब्द। संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते है। 

विशेषण कितने भेद  होते हैं?

विशेषण के मुख्य रूप से चार भेद हैं-
गुणवाचक
परिमाणवाचक
संख्यावाचक
सार्वनामिक

विशेषण के 10 उदाहरण? 

1. राहुल ने लाल कमीज पहनी है।
2. घोड़ा तेज दौड़ता है। 
3. सीता धीरे-धीरे बोलती है।
4. कोयल मीठा बोलती है। 
5. आम बहुत खट्टा है। 
6. शेर दहाड़ता है।
7. आसमान साफ है।
8. सोहन एक अच्छा लड़का है।
9. टोकरी में मीठे अंगूर हैं।
10. मीता सुंदर है।

क्या लाल एक विशेषण है?

जी हाँ, लाल एक विशेषण है। 

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