कैसे सीखें अनुच्छेद लिखने की कला?

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paragraph writing in Hindi

एक अनुच्छेद बढ़िया तालमेल वाले वाक्यों का एक समूह होता है। इन वाक्यों की सहायता से एक विषय को विकसित किया जाता है। किसी एक भाव या विचार को व्यक्त करने के लिए लिखे गए संबंधित और छोटे वाक्य समूह को anuched lekhan कहते हैं। अनुच्छेद के तीन भाग हैं- उचित प्रस्तुतिकरण, विकास तथा विश्वसनीय निष्कर्ष। आइए विस्तार से जानते हैं कि paragraph writing in Hindi क्या होता है और कैसे इसे अमल में लाया जाता है।

अनुच्छेद लेखन की प्रमुख विशेषताएँ

Anuched lekhan की प्रमुख विशेषताएँ नीचे दी गई हैं-

  • अनुच्छेद किसी एक भाव या विचार या तथ्य को एक बार, एक ही स्थान पर व्यक्त करता है।
  • अनुच्छेद के वाक्य-समूह में उद्देश्य की एकता (यूनिटी) रहती है। अप्रासंगिक बातों को नहीं रखा जाता है। अधिक महत्वपूर्ण बातों को ही अनुच्छेद में रखा जाता है।
  • अनुच्छेद के सभी वाक्य एक-दूसरे से गठित और सम्बद्ध होते है। वाक्य छोटे तथा एक दुसरे से जुड़े होते हैं।
  • अनुच्छेद एक स्वतन्त्र और पूर्ण रचना है, जिसका कोई भी वाक्य अनावश्यक नहीं होता।
  • उच्च कोटि के अनुच्छेद-लेखन में विचारों को इस क्रम में रखा जाता है कि उनका आरम्भ, मध्य और अन्त आसानी से व्यक्त हो जाए और किसी को भी समझने में कोई परेशानी न हो।

अनुच्छेदों के मख्य रूप

Anuched lekhan को मख्य रूप से चार भागों में बांटा गया है, जैसे-

  • विचार प्रधान अनुच्छेद
  • वर्णन प्रधान अनुच्छेद
  • भाव प्रधान अनुच्छेद
  • कल्पना आधारित अनुच्छेद

अनुच्छेद कैसे लिखें?

Paragraph Writing in Hindi को सही तरीके से लिखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु जानना अति आवश्यक है, जैसे कि:

  • पहले पेज के बीच में अनुच्छेद का विषय लिखें।
  • फिर एक लाइन का गेप रखकर हाशिए के पास से अनुच्छेद लेखन शुरू करें। शुरू के कुछ वाक्य विषय के परिचय के लिखें। बीच के कुछ वाक्य विषय के विकास के लिए लिखें। इसमें तथ्य, आँकड़े, तुलनाएँ, तर्क आदि दें। अन्त के कुछ वाक्य निष्कर्ष, चेतावनी, सुझाव आदि के दें। अनुच्छेद एक माला के जैसे होता है, जिसमें अनेक फूल मिलकर एक माला बनाते हैं। 
  • वाक्य छोटे बनाएँ, वाक्य ठीक बनाएँ । 
  • शब्दों को सही तरीके से लिखने का ध्यान रखें। 
  • शब्दों व लाइनों के बीच उचित रिक्त स्थान रखें और सुन्दर लिखाई में लिखें।
  • परीक्षा में अनुच्छेद का प्रश्न सम्बन्धित विषय पर सहायता के लिए कुछ शब्द देकर अथवा कुछ प्रश्न देकर उनके उत्तरों की सहायता से पूछा जा सकता है। अनुच्छेद लिखते समय उन शब्दों का प्रयोग अवश्य करना चाहिए ।
  • कभी-कभी कोई चित्र देकर भी पैराग्राफ लिखने को कहा जा सकता है। इस स्थिति में चित्र को ढंग से देखकर विषय का अनुमान लगायें तथा पैराग्राफ लिखें। यदि साथ में कुछ संकेत या शब्द  दिये हों तो उनका भी उपयोग अवश्य करें।

यह भी देखें: Article Writing in English

अनुच्छेद लेखन के लिए टिप्स

Paragraph Writing in Hindi लेखन की एक कला है। Anuched lekhan के लिए नीचे दी गई महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखनी आवश्यक है-

  • Anuched lekhan में उदाहरण अथवा चित्रण के लिए कोई स्थान नहीं है, आवश्यकता होने पर उसकी ओर संकेत कर देना ही पर्याप्त है।
  • अनुच्छेद में व्यर्थ की बातें उसके प्रभाव को खोखला बनाती हैं।
  • Anuched lekhan के सभी वाक्यों का आपस में एक-दूसरे से संबंध होना चाहिए।
  • अनुच्छेद की पहली और आखिरी पंक्ति अर्थपूर्ण और आकर्षक होनी चाहिए।
  • Anuched lekhan में भाषा की शुद्धता तथा शब्दों के चयन पर विशेष रूप से ध्यान देना अपेक्षित है मुहावरों तथा लोकोक्तियां का प्रयोग अनुच्छेद को शक्ति प्रदान करता है तथा भावाभिव्यक्ति को प्रभावशाली बना देता है।
  • Anuched lekhan में छात्र को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह अपनी बात को उतने ही शब्दों में बांधने का प्रयत्न करें जितने शब्द प्रश्न पत्र में कहे गए हैं।
  • अब परीक्षा में संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लेखन करने को कहा जाता है अतः परीक्षार्थियों को चाहिए कि पहले वह संकेत बिंदुओं के भाव को समझें उनमें संबंध बनाए मन ही मन एक क्रम और ले बनाने के बाद उपरोक्त बातों को ध्यान में रखकर अनुच्छेद लिखें।
  • सामान्यता 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखा जाता है।

अनुच्छेद लिखते समय ध्यान दें

Anuched lekhan करते समय नीचे दी गई बातों का ध्यान होना बेहद ज़रूरी है, जैसे-

  • अनुच्छेद लेखन करने से पहले रूपरेखा, संकेत-बिंदु आदि बनानी चाहिए।
  • अनुच्छेद में विषय के किसी एक ही पक्ष का वर्णन करें।
  • अनुच्छेद लेखन में भाषा सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली होनी चाहिए।
  • एक ही बात को बार-बार न दोहराएँ।
  • अनावश्यक विस्तार से बचें, लेकिन विषय से न भटकें।
  • अनुच्छेद लेखन करते समय शब्द-सीमा को ध्यान में रखना चाहिए।
  • पूरे अनुच्छेद में एकरूपता होनी अत्यंत आवश्यक है।
  • विषय से संबंधित सूक्ति अथवा कविता की पंक्तियों का प्रयोग भी कर सकते हैं।

पैराग्राफ राइटिंग सैम्पल्स

Anuched lekhan के लिए नीचे सैंपल दिए गए हैं-

सैंपल 1

राष्ट्र के प्रति विद्यार्थियों का कर्तव्य

विचार-बिंदु –

  • सुरक्षित राष्ट्र की कामना
  • विद्यार्थी का कर्तव्य 
  • कर्तव्यनिष्ठा .
  • संकटों में सहायक
  • राष्ट्रप्रेमी विद्यार्थी

 राष्ट्र सभी राष्ट्रवासियों को जन्म, अन्न धन- धान्य, आवास तथा सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए प्रत्येक राष्ट्रवासी का कर्तव्य बनता है कि वह राष्ट्रहित का ध्यान रखे। राष्ट्र सुरक्षित होगा तो उसके निवासी भी सुरक्षित होंगे। ‘विद्यार्थी’ का कार्य ‘विद्या-अध्ययन’ करना है। उसे शिक्षा के साथ-साथ ऐसी विद्या भी ग्रहण करनी चाहिए, जिससे राष्ट्रीय भावनाओं का विकास हो। विद्यालयों में एन.एस.एस., एन.सी.सी., स्काउट्स आदि संस्थाएँ इन भावनाओं में योगदान देने के लिए बनी हैं। छात्रों को इनमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। विद्यार्थी को एक कर्तव्यनिष्ठ नागरिक की भाँति व्यवहार करना चाहिए। जब देश पर किसी प्रकार का संकट हो, तो उसे राष्ट्रवाणी से अपनी वाणी मिला देनी चाहिए। राष्ट्र के सामने अनेक प्रकार के संकट आते हैं-कभी बाढ़, कभी सूखा, कभी युद्ध, कभी महामारी तो कभी दुर्घटनाएँ। विद्यार्थियों को प्रत्येक संकट में कमर कसे तैयार रहना चाहिए। किसी भी देश की क्रांति में नवयुवकों का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। जो छात्र पढ़ते समय राष्ट्र-विकास का स्वप्न अपनी आँखों में भर लेगा, वह जिस भी क्षेत्र में जाएगा, वहीं राष्ट्रहित का कार्य करेगा।

सैंपल 2

हमारी वन-संपदा

विचार-बिंदु- 

  • वन प्रकृति को देन 
  • वनों से हमारी दूरी  
  • वन पर्यावरण को संतुलित करते हैं
  • वर्तमान युग का वनों पर प्रभाव

प्रकृति जीवनदायिनी है। प्रकृति में भी वृक्षों और वनों का बहुत महत्त्व है। वन हमें वर्षा देते हैं, प्राकृतिक पदार्थ देते हैं, लकड़ी-कोयला, गोंद, कागज आदि देते हैं, हमारी पशुराशि को सुरक्षित करते हैं। वनों से धरती का कटना समाप्त होता है, बाढे़ं सकती हैं तथा भूमि की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है। वन हर प्रकार से मानव-जीवन का संरक्षण करते हैं । वनों का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है-वर्षा लाना, बाढ़ रोकना और वातावरण को शुद्ध करना। वृक्ष जल के वेग को रोककर वाढ़-नियंत्रण करते हैं। वन भूमि को मरुस्थल बनने से रोकते हैं। वे नमी को सोखकर धरती की निचली परत तक पहुँचा देते हैं जिससे भूमि की उपजाऊ शक्ति भी बनी रहती है। वनों के अभाव में धरती के ऊसर बनने का खतरा बना रहता है। वन अत्यधिक मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। इसी ऑक्सीजन के द्वारा हमारा जीवन चलता है। प्राण-वायु के स्रोत वन ही हैं। आज नगरों में जो बढ़ते हुए प्रदूषण की स्थिति है, वह वनों को रोपने से ही ठीक हो सकती है। वनों में हमारी पशु-राशि भी सुरक्षित रहती है । यदि ये उन न हो तो न जाने कितने ही जीवों की जातियाँ समाप्त हो जाएँ। ये सच्चे जीवनदायक हैं।

 सैंपल 3

इंटरनेट : एक संचार क्रांति

विचार-बिंदु –  

  •   अर्थ 
  •   संचार-जगत में क्रांति 
  •   ज्ञान का भंडार 
  •   शिक्षा में सहायक
  •   दोष एवं प्रभाव

इंटरनेट उस ताने-बाने को कहते हैं जो विश्व-भर के कंप्यूटरों को आपस में जोड़ता है। इंटरनेट से सभी कंप्यूटरों की जानकारियाँ सभी को उपलब्ध हो जाती हैं। इस संचार-तंत्र से संचार- जगत में सचमुच एक क्रांति घटित हो  गई है। लोगों के सामने जानकारियों का अंबार लग गया है। एक प्रकार से यह ज्ञान का विस्फोट है। इंटरनेट पर ज्ञान की अनंत सामग्री उपलब्ध हो गई है। जितनी ताजा खबरें, जितने आधुनिक लेख इंटरनेट पर उपलब्ध हो जाते हैं, उतने तो रोज-रोज छपने वाले अखबारों में भी नहीं मिल पाते। वास्तव में इंटरनेट पल-प्रतिपल बदलता रहता है। इंटरनेट के सहारे रेलवे और हवाई जहाज की टिकटें मिल सकती हैं। बुकिंग की स्थिति का ज्ञान हो सकता है। बच्चों को अपने पाठ्यक्रम की सारी जानकारी इसके माध्यम से मिल सकती है। एक प्रकार से यह शिक्षक की भूमिका भी अदा करता है। इंटरनेट में उपलब्ध पाठ्य-सामग्री को बार-बार पढ़ा जा सकता है। घर बैठे-बैठे विश्व-भर के समाचार- पत्र पढ़े जा सकते हैं। इंटरनेट की इतनी खूबियाँ होते हुए भी इसकी कठिनाइयाँ अनेक हैं। इसका ज्ञान भंडार इतना विपुल है कि ठीक जानकारी उपलब्ध करने के लिए बहुत अधिक समय, ऊर्जा तथा बिजली खर्च करनी पड़ती है। बिजली न हो तो मनुष्य पंगु हो जाता है। इंटरनेट शातिर अपराधियों के लिए स्वर्ग बन गया है । कुशल अपराधी लोगों के बैंक खातों तथा अन्य कागजातों में छेड़छाड़ करके उन्हें घर बैठे-बैठे लूट लेते हैं। अभी इन साइबर अपराधों से बचने के उपाय लोकप्रिय नहीं हैं। धीरे धीरे लोग इन्हें जान जाएँगे। तभी इसके दुष्प्रभावों से बचा जा सकेगा।

सैंपल 4

आदर्श विद्यार्थी

विचार बिंदु-

  •  सच्चे विद्यार्थी का लक्षण
  •  जिज्ञासा और श्रद्धा – आवश्यक गुण
  •  तपस्वी जीवन
  •  अनुशासन आवश्यक
  •  सादा जीवन, उच्च विचार
  •  उपसंहार

विद्यार्थी का अर्थ है-विद्या पाने वाला। आदर्श विद्यार्थी वही है जो सीखने की इच्छा से ओतप्रोत हो, जिसमें ज्ञान पाने है- कचहरी ललक हो। विद्यार्थी का सबसे पहला गुण  है – जिज्ञासा। वह नए-नए विषयों के बारे में नित नई जानकारी चाहता है। वह केवल पुस्तकों और अध्यापकों के भरोसे ही नहीं रहता, अपितु स्वयं मेहनत करके ज्ञान प्राप्त करता है । सच्चा छात्र श्रद्धावान होता है। सच्चा छात्र कठोर जीवन जीकर तपस्या का आनंद प्राप्त करता है। आदर्श छात्र अपनी निश्चित दिनचर्या बनाता है और उसका कठोरता से पालन करता है। वह अपनी पढ़ाई, खेल-कूद, व्यायाम, मनोरंजन तथा अन्य गतिविधियों में तालमेल बैठाता है। आदर्श छात्र फैशन और ग्लैमर की दुनिया से दूर रहता है। वह सादा जीवन जीता है और उच्च विचार मन में धारण करता है। वह केवल पाठ्यक्रम तक ही सीमित नहीं रहता । वह विद्यालय में होने वाली अन्य गतिविधियों में भी बढ़ – चढ़कर हिस्सा लेता है। गाना, अभिनय, एन.सी.सी., स्काउट, खेलकूद, भाषण आदि में से किसी न-किसी में वह अवश्य भाग लेता है ।

सैंपल 5

संघर्ष का नाम ही जीवन

विचार-बिंदु- 

  • संघर्ष और चुनौतियाँ
  • संघर्ष करने से ही व्यक्ति बनता है
  • कर्तव्य

संघर्ष का अर्थ है-टकराहट। आने वाली बाधा को पार करना। जीवन में संघर्ष ही संघर्ष हैं। जन्म लेते ही संघर्ष शुरू जाते हैं। शिशु को भोजन और सुरक्षा का संघर्ष सहना पड़ता है। वह रो-चीखकर बताता है कि उसे दूध और सुरक्षा चाहिए। बडा होने पर संकटों के रूप बदल जाते हैं लेकिन चुनौतियाँ बनी रहती हैं। वास्तव में संघर्षों को झेलने और पार करने पर ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण होता है। यदि गाँधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में अपमान की घटनाएँ न झेली होती तो वे महान मना नहीं बन पाते। यदि सुभाष या सावरकर संघर्षों की चक्की में न पिसे होते तो इतने महान न हो पाते। सुभाष ने देश से बाहर जाकर भी अंग्रेजों को बाहर खदेड़ने का दुस्साहस किया। सावरकर ने काले पानी की सज़ा पाकर भी गोरे शासन को चुनौती दी। वास्तव में अपने जीवन में आने वाले हर संघर्ष और चुनौती का सामना करना हमारा कर्तव्य है। इसी से जीवन में रस भी आता है और जीवन सार्थक बनता है ।

सैंपल 6

अभ्यास का महत्त्व

अगर किसी भी चीज का निरंतर अभ्यास किया जाए, तो किसी भी मुश्किल काम को आसानी से किया जा सकता है। भगवान ने हम सभी  को ऐसी बुद्धि दी जिसका इस्तेमाल कर हम कुछ भी नया और कुछ ऐसा विकसित कर सकते हैं।

”करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।
रसरि आवत जात तें, सिल पर परत निसान।।”

यानी जिस प्रकार रस्सी की रगड़ से कठोर पत्थर पर भी निशान बन जाते हैं, उसी प्रकार निरंतर अभ्यास से मूर्ख व्यक्ति भी विद्वान बन सकता है। यदि विद्यार्थी प्रत्येक विषय का निरंतर अभ्यास करें, तो उन्हें कोई भी विषय कठिन नहीं लगेगा और वे सरलता से उस विषय में कुशलता प्राप्त कर सकेंगे।

सैंपल 7

मित्र के जन्मदिन

मेरे मित्र रोहित का जन्म-दिन था। उसने अन्य मित्रों के साथ मुझे भी अपने घर बुलाया। रोहित के कुछ रिश्तेदार भी आए हुए थे, लेकिन अधिकतर मेरे ही दोस्त आए थे। घर के आँगन में ही समारोह का आयोजन किया गया था। उस स्थान को बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया था। हर जगह झण्डियाँ और गुब्बारे थे। आँगन में लगे एक पेड़ पर रंग-बिरंगे बल्ब जगमग कर रहे थे। जब मैं पहुँचा तो मेहमान आने शुरू ही हुए थे। मेहमान रोहित के लिए कोई-न-कोई उपहार लेकर आते, उसके निकट जाकर बधाई देते और रोहित उनका धन्यवाद करता। क्रमशः लोग छोटी-छोटी टोलियों में बैठकर गपशप करने लगे। संगीत की मधुर ध्वनियाँ गूँज रही थी। एक-दो मित्र उठकर नृत्य करने लगे। कुछ मित्र तालियों बजा कर अपना योगदान देने लगे। चारों ओर उल्लास का वातावरण था। सात बजे के लगभग केक काटा गया। सब मित्रों ने तालियाँ बजाई और मिलकर जन्मदिन की बधाई का गीत गाया। माँ ने रोहित को केक खिलाया। अन्य लोगों ने भी केक खाया। फिर सभी खाना खाने लगे। खाने में अनेक प्रकार की मिठाइयाँ और नमकीन थे। तब हमने रोहित को एक बार फिर बधाई दी, उसकी दीर्घायु की कामना की और अपने-अपने घर को चल दिए। वह कार्यक्रम इतना अच्छा था कि अब भी स्मरण हो आता है।

सैंपल 8

कम्प्यूटर एक जादुई पिटारा

आज का युग विज्ञान का युग है। वर्तमान समय में विज्ञान ने हमें कम्प्यूटर के रूप में एक अनमोल उपहार दिया है। आज जीवन के हर क्षेत्र में कम्प्यूटर का उपयोग हो रहा है। जो काम मनुष्य द्वारा पहले बड़ी कठिनाई के साथ किया जाता था, आज वही काम कम्प्यूटर द्वारा बड़े ही आराम से किये जा रहे हैं। कंप्यूटर का उपयोग दिनो-दिन बढ़ता जा रहा है। कम्प्यूटर ने दुनिया को बहुत छोटा कर दिया है। इंटरनेट द्वारा गूगल, याहू एवं बिंग आदि वेबसाइट पर दुनियाभर की जानकारी घर बैठे ही प्राप्त की जा सकती है। इंटरनेट पर ई-मेल के द्वारा विश्व में किसी भी जगह बैठे व्यक्ति से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए केवल ई-मेल अकाउंट और पासवर्ड का होना आवश्यक होता है। कम्प्यूटर मनोरंजन का भी महत्वपूर्ण साधन है। इस पर अनेक खेल भी खेले जा सकते हैं। कुल मिलकर कहें तो कम्प्यूटर ने मानव जीवन को बहुत सरल बना दिया है। कम्प्यूटर सचमुच एक जादुई पिटारा है।

अनुच्छेद लेखन टॉपिक्स

पैराग्राफ राइटिंग के लिए टॉपिक्स नीचे मौजूद हैं-

  • मेरे सपनों का भारत
  • राष्ट्र के प्रति विद्यार्थियों का कर्तव्य
  • देश प्रेम
  • राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता
  • भारत शांति प्रिय देश
  • हमारे त्योहार और उनका महत्व
  • भारत के राष्ट्रीय पर्व
  • गणतंत्र दिवस
  • भारतीय समाज में नारी का स्थान
  • भारत की छ: ऋतु
  • शहरी जीवन
  • जीव जंतु और मानव
  • संयुक्त परिवार
  • बुजुर्गों की समस्या
  • प्रदूषण की समस्या
  • बेचारा बचपन

कक्षा 1 के लिए पैराग्राफ राइटिंग टॉपिक्स

  • मेरा स्कूल
  • मेरा प्रिय मित्र
  • मेरे पिता
  • गाय
  • मेरा सपनों का घर

कक्षा 2 के लिए पैराग्राफ राइटिंग टॉपिक्स

  • मेरा देश
  • मेरे प्रिय खेल
  • भारत के गाँव
  • प्रदूषण पर निबंध
  • मेरा विद्यालय

कक्षा 3 के लिए पैराग्राफ राइटिंग टॉपिक्स

  • हाथी
  • मेरा प्रिय खेल
  • मेरा परिवार
  • महात्मा गाँधी
  • अमिताभ बच्चन

कक्षा 4 के लिए पैराग्राफ राइटिंग टॉपिक्स

  • छुट्टी
  • वर्षा ऋतु
  • जाड़े की ऋतु
  • डाकिया
  • ग्वाला

कक्षा 5 के लिए पैराग्राफ राइटिंग टॉपिक्स

  • अस्पताल में आधा घंटा
  • परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले का दृश्य
  • रेलवे स्टेशन पर एक घंटा
  • खेल के मैदान पर एक घंटा
  • प्रदर्शनी में एक घंटा

कक्षा 6 के लिए पैराग्राफ राइटिंग टॉपिक्स

  • मेले में दो घंटे
  • बगीचे में दो घंटे
  • नदी किनारे की एक शाम
  • बरसात का पहला दिन
  • एक रेल-दुर्घटना

कक्षा 7 के लिए पैराग्राफ राइटिंग टॉपिक्स

  • दशहरा पर निबंध मेरी अविस्मरणीय यात्रा
  • एक ऐतिहासिक स्थान की यात्रा पर निबंध एक पहाड़ी स्थान की यात्रा
  • दिवाली पर निबंध हमारा गणतंत्र दिवस
  • हमारा स्वतंत्रता दिवस
  • होली का त्योहार

कक्षा 8 के लिए पैराग्राफ राइटिंग टॉपिक्स

  • मेरा प्रिय नेता
  • मेरे प्रिय शिक्षक
  • मेरा प्रिय संगीतकार
  • मेरा प्रिय त्योहार
  • मेरी प्रिय पुस्तक

कक्षा 9 के लिए अनुच्छेद लेखन टॉपिक्स

  • स्वतंत्रता दिवस
  • 15 अगस्त
  • रक्षाबंधन
  • मेरी महत्वाकांक्षा
  • मेरे विद्यार्थी जीवन

कक्षा 10 के लिए पैराग्राफ राइटिंग टॉपिक्स

  • जैसी संगति बैठिए तैसो फल दीन
  • सतत अभ्यास के लाभ
  • विद्यालय में मेरा पहला दिन
  • मेरे नगर में भी हुआ विकास
  • आकाश की ऊंचाइयों को छूता मानव

अनुच्छेद लेखन के लिए वर्कशीट्स

Anuched Lekhan
Source : Pinterest
Paragraph Writing in Hindi
Source- हमारी हिंदी
Paragraph Writing in Hindi
Source – A2Zworksheets

FAQs

Paragraph writing in Hindi किसे कहते हैं?

किसी एक भाव या विचार को व्यक्त करने के लिए लिखे गए संबंधित और छोटे वाक्य समूह को paragraph writing in Hindi कहते हैं।

एक पैराग्राफ में कितने शब्द होते हैं?

एक पैराग्राफ में कम से कम 80-100 शब्द होते हैं।

पैराग्राफ को हिंदी में क्या कहते हैं?

पैराग्राफ को हिंदी में अनुच्छेद कहते हैं।

उम्मीद है कि paragraph writing in Hindi क्या होता है और इसे कैसे लिखते हैं, यह अब आप जान गए होंगे। यदि आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं तो आज ही Leverage Edu एक्सपर्ट्स को 1800 572 000 पर कॉल करके 30 मिनट का फ्री सेशन बुक करें।

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