ITI वेल्डर कोर्स एक स्किल-आधारित तकनीकी कोर्स है, जिसमें धातुओं को जोड़ने, काटने और विभिन्न संरचनात्मक कार्यों के लिए वेल्डिंग तकनीकों की बुनियादी से लेकर प्रैक्टिकल नॉलेज दी जाती है। यह कोर्स आमतौर पर एक वर्ष का होता है और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (ITI) के माध्यम से कराया जाता है। प्रशिक्षण में प्रैक्टिकल कार्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे आप इंडस्ट्रियल सेक्टर में उपयोग होने वाले उपकरणों और सुरक्षा मानकों को समझ सकें।
यह कोर्स पूरा करने के बाद आप मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और फैब्रिकेशन जैसे क्षेत्रों में शुरुआती स्तर के तकनीकी कार्यों के लिए आवश्यक बुनियादी कौशल विकसित कर सकते हैं। इस लेख में ITI वेल्डर कोर्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी दी गई है।
This Blog Includes:
- ITI वेल्डर कोर्स का ओवरव्यू
- ITI वेल्डर कोर्स क्या है?
- ITI वेल्डर कोर्स का स्कोप क्या है?
- ITI वेल्डर कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
- ITI वेल्डर कोर्स की फीस
- ITI वेल्डर कोर्स के लिए सिलेबस
- ITI वेल्डर कोर्स के लिए प्रमुख कॉलेज
- ITI वेल्डर कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया
- ITI वेल्डर कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र
- ITI वेल्डर कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी
- FAQs
ITI वेल्डर कोर्स का ओवरव्यू
| पहलू | विवरण |
| कोर्स का नाम | ITI वेल्डर (वेल्डर ट्रेड) |
| कोर्स का प्रकार | स्किल-बेस्ड तकनीकी / वोकेशनल प्रशिक्षण, जिसमें धातुओं को जोड़ने, काटने और संरचना बनाने की व्यावहारिक तकनीक सिखाई जाती है। |
| अवधि | सामान्यतः 1 वर्ष (2 सेमेस्टर), जिसमें प्रैक्टिकल प्रशिक्षण का हिस्सा अधिक होता है। |
| मान्यता | कोर्स पूरा करने पर NCVT या SCVT द्वारा नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (NTC) दिया जाता है, जिसकी मान्यता भारत में होती है। |
| न्यूनतम योग्यता | आमतौर पर 10वीं पास; कुछ राज्यों/संस्थानों में 8वीं पास भी स्वीकार हो सकती है (नियम राज्य अनुसार बदलते हैं) |
| मुख्य प्रशिक्षण | आर्क वेल्डिंग, गैस वेल्डिंग, कटिंग, पाइप व प्लेट वेल्डिंग, जॉइंट निरीक्षण, मशीन संचालन और औद्योगिक सुरक्षा |
| सिलेबस संरचना | ट्रेड थ्योरी, ट्रेड प्रैक्टिकल, वर्कशॉप कैलकुलेशन, इंजीनियरिंग ड्राइंग और एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स शामिल |
| एडमिशन प्रक्रिया | राज्य ITI पोर्टल के माध्यम से आवेदन, मेरिट या काउंसलिंग आधारित चयन, दस्तावेज सत्यापन के बाद प्रवेश |
| अनुमानित फीस | सरकारी ITI में लगभग INR 200 – INR 5,000 प्रति वर्ष; निजी संस्थानों में फीस अधिक हो सकती है। |
| करियर क्षेत्र | मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, ऑटोमोबाइल, फैब्रिकेशन, रेलवे और औद्योगिक वर्कशॉप |
| शुरुआती अवसर | वेल्डर, फैब्रिकेटर, पाइप वेल्डर, वेल्डिंग असिस्टेंट; कई छात्र कौशल बढ़ाने के लिए अप्रेंटिसशिप भी करते हैं। |
ITI वेल्डर कोर्स क्या है?
आईटीआई वेल्डर कोर्स एक बहुत ही उपयोगी और व्यावहारिक वोकेशनल ट्रेनिंग कोर्स है। इस कोर्स को इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (ITI) द्वारा करावाया जाता है। इसमें आपको वेल्डिंग की बेसिक्स, जैसे गैस मेटल आर्क वेल्डिंग (GMAW), गैस टंगस्टन आर्क वेल्डिंग (GTAW) और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सिखाए जाते हैं। ITI वेल्डर कोर्स सिर्फ एक साल का होता है, जिसे दो सेमेस्टर में बांटा जाता है।
प्रत्येक सेमेस्टर लगभग छह-छह महीने का होता है, जिसमें आपको थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यह कोर्स कुल मिलाकर लगभग 1200 घंटे के प्रशिक्षण के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें 840 घंटे ट्रेड-प्रैक्टिकल, 240 घंटे ट्रेड-थ्योरी तथा 120 घंटे एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स शामिल हैं।
ITI वेल्डर कोर्स का स्कोप क्या है?
नीचे दिए गए बिंदुओं में आपको ITI वेल्डर कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:
- ITI वेल्डर कोर्स पूरा करने के बाद NCVT या SCVT द्वारा मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट मिलता है, जो पूरे भारत में वैध होता है और सरकारी व प्राइवेट दोनों नौकरियों में स्वीकार किया जाता है।
- बता दें कि वेल्डर्स की आवश्यकता हमेशा निर्माण, जहाज निर्माण, ऑटोमोबाइल और फैब्रिकेशन इंडस्ट्री में रहती है, जिससे रोजगार के अवसर स्थिर बने रहते हैं।
- खाड़ी देशों, यूरोप और एशिया के कई देशों में सर्टिफाइड वेल्डर्स की मांग अधिक होती है, जहां बेहतर सैलरी भी मिलती है।
- इस कोर्स में लगभग अधिकतर प्रशिक्षण वर्कशॉप आधारित होता है, जहां आपको ARC, MIG और TIG वेल्डिंग जैसी तकनीकों का अनुभव मिलता है।
ITI वेल्डर कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
इस कोर्स में प्रवेश पाने के लिए कुछ निम्नलिखित योग्यताएं और शर्तें जरुरी होती हैं:
- उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 10वीं पास होना सामान्यतः आवश्यक होता है। कुछ राज्यों या सीमित सीटों में 8वीं पास उम्मीदवारों को भी अनुमति मिल सकती है, लेकिन यह सार्वभौमिक नियम नहीं है।
- आवेदन के समय उम्मीदवार की न्यूनतम आयु सामान्यतः 14 से 16 वर्ष के बीच होनी चाहिए। ऊपरी आयु सीमा कई राज्यों में नहीं होती, लेकिन यह राज्य नियमों पर निर्भर करती है।
- वेल्डिंग एक तकनीकी और फिजिकल ट्रेड है, इसलिए उम्मीदवार की बुनियादी शारीरिक फिटनेस, हाथ-आंख समन्वय और सामान्य दृष्टि क्षमता उपयोगी मानी जाती है।
- प्रवेश प्रक्रिया कई राज्यों में 10वीं के अंकों की मेरिट पर आधारित होती है, जबकि कुछ ITI संस्थानों में सीमित स्तर पर प्रवेश परीक्षा भी हो सकती है।
- आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC/EWS) के उम्मीदवारों को राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षण और आयु में छूट मिल सकती है।
- आवेदन करते समय उम्मीदवार के पास शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान प्रमाण और निवास प्रमाण जैसे जरूरी दस्तावेज होना आवश्यक है।
नोट: प्रत्येक राज्य या ITI केंद्र के नियम अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए इसकी पुष्टि के लिए संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट या नोटिस को अवश्य देखें।
ITI वेल्डर कोर्स की फीस
भारत में मान्यता प्राप्त ITI संस्थानों में वेल्डर कोर्स ऑफर किए जाते हैं। लेकिन इसकी फीस सरकारी और प्राइवेट कॉलेज, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। यहां आपके लिए सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में ITI वेल्डर कोर्स की औसत फीस रेंज एक रेफरेंस के तौर पर गई है:
| संस्थान का प्रकार | न्यूनतम कुल फीस (INR) | अधिकतम कुल फीस (INR) |
| सरकारी संस्थान | INR 200 | INR 5,000 |
| प्राइवेट संस्थान | INR 20,000 | INR 35,000 |
नोट: दी गई जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है। आपको सलाह दी जाती है कि चयनित ITI संस्थान में आवेदन करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से फीस स्ट्रक्चर की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
ITI वेल्डर कोर्स के लिए सिलेबस
ITI वेल्डर कोर्स का सिलेबस राज्य और यूनिवर्सिटी के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन इसका सामान्य और बुनियादी सिलेबस निम्नलिखित तालिका में दिया गया है। सिलेबस या इस कोर्स से संबंधित अधिक जानकारी आप प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पीडीएफ में देख सकते हैं:
| विषय | इम्पोर्टेंट टॉपिक्स |
| ट्रेड थ्योरी (प्रोफेशनल नॉलेज) | आर्क वेल्डिंग का सिद्धांत गैस और इलेक्ट्रिक वेल्डिंग स्टील एंड स्टेनलेस स्टील के प्रकार सावधानियों का महत्व |
| ट्रेड प्रैक्टिकल (प्रोफेशनल स्किल) | MS प्लेट पर स्ट्रेट लाइन बीड गैस कटिंग पाइप वेल्डिंग जोड़ों का इंस्पेक्शन मरम्मत और सुरक्षा उपकरणों की पहचान |
| वर्कशॉप कैलकुलेशन एंड साइंस | मैटेरियल साइंस वेट-डेंसिटी ऊर्जा और काम बेसिक इलेक्ट्रिसिटी फ्रैक्शन्स ट्रिगनॉमेट्री प्रतिशत |
| इंजीनियरिंग ड्राइंग | ज्यामितीय आकृतियाँ 3rd Angle प्रोजेक्शंस ड्राइंग टूल्स सिंबॉल्स, लेआउट और डिमेंशनिंग |
| एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स | कंप्यूटर बेसिक्स इंग्लिश कम्युनिकेशन इंटरव्यू स्किल्स बेसिक फाइनेंस मैनेजमेंट सेफ्टी एंड हैज़र्ड्स एनवायरनमेंट रिलेटेड अवेयरनेस |
| लाइब्रेरी / समाजिक गतिविधियाँ | लाइब्रेरी एक्सेस और संवादात्मक गतिविधियाँ जैसे प्रोजेक्ट ग्रुप डिस्कशन |
| प्रोजेक्ट वर्क | रिवीजन प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन रिजल्ट तैयार करना |
ITI वेल्डर कोर्स के लिए प्रमुख कॉलेज
यहां भारत के कुछ प्रमुख आईटीआई संस्थानों की सूची दी गई है, जहां से आप अपनी योग्यता अनुसार ITI वेल्डर कोर्स कर सकते हैं:
- एडोर वेल्डिंग एकेडमी, मुंबई
- सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज
- भारत भर में औद्योगिक प्रशिक्षण (ITI)
- लिंकन इलेक्ट्रिक इंडिया वेल्डिंग अकैडमी, पुणे
- राष्ट्रीय वेल्डिंग प्रौद्योगिकी संस्थान (NIWT), कोलकाता
- भारतीय वेल्डिंग संस्थान (IIW), मुंबई
- वेल्डिंग एकेडमी ऑफ इंडिया, दिल्ली
- इंडियन वेल्डिंग सोसाइटी, चेन्नई
ITI वेल्डर कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया
ITI वेल्डर कोर्स में प्रवेश के लिए सामान्य आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है:
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- मान्यता प्राप्त ITI संस्थानों में हर साल ITI वेल्डर कोर्स के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन फॉर्म जारी किया जाता है। ये आवेदन प्रक्रिया आपके राज्य अनुसार भिन्न हो सकती है, जिसकी जानकारी आप अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।
- ITI वेल्डर कोर्स संबंधित संस्थान में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन फॉर्म को देखें।
- आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए आवेदन फॉर्म को भरें।
- आवेदन फॉर्म में अपने दस्तावेज जैसे- 10+2 मार्कशीट, पहचान प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) आदि को अपलोड करें और फॉर्म भरते समय अपनी जानकारी को ध्यानपूर्वक अपडेट करें।
- इसके बाद आवेदन शुल्क का भुगतान भरें और यदि आपके द्वारा चयनित संस्थान में प्रवेश पाने के लिए किसी प्रवेश परीक्षा का आयोजन होता है तो आप इस परीक्षा के लिए खुद को तैयार करें।
- यदि आपके चुने गए संस्थान में मेरिट लिस्ट के आधार पर एडमिशन होता है तो आप मेरिट लिस्ट की प्रतीक्षा करें, जो कि 10वीं या 12वीं के अंकों के आधार पर बनती है।
- मेरिट लिस्ट में या परीक्षा के बाद चुने जाने पर कॉउंसलिंग प्रोसेस का पार्ट बनें।
- अंत में अपने दस्तावेज़ सत्यापन कराएं, और अपनी प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करें।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- इस कोर्स के लिए ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया के लिए सबसे पहले अपने लिए मान्यता प्राप्त संस्थान की पहचान करें और फिर इसके लिए पात्रता मानदंड को जांचें।
- फिर संबंधित संस्थान में जाकर आवेदन फॉर्म को खरीदें और फॉर्म को ध्यान पूर्वक पढ़ते हुए ही उसमें अपनी जानकारी को भरें।
- इस कोर्स को करने के लिए उम्मीदवारों के पास मार्कशीट 10+2 मार्कशीट, पहचान प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स होने चाहिए।
- इसके बाद आप अपने आवेदन शुल्क को समय रहते भरें और आगे की प्रक्रिया का हिस्सा बनें।
- सही ढंग से आवेदन फॉर्म भरने के बाद फॉर्म को निर्धारित तिथि से पहले ही सबमिट करें। यदि इसके लिए संस्थान द्वारा किसी परीक्षा का आयोजन किया जाता है, तो उसमें भाग लें।
- यदि मेरिट के आधार पर आपका एडमिशन होगा तो इसके लिए अपने संसथान में जाकर मेरिट लिस्ट को चेक करें।
- अंत में मेरिट लिस्ट में नाम आने पर कॉउंसलिंग प्रोसेस का पार्ट बनें और अपनी आवेदन प्रक्रिया को पूरा करें।
कोर्स के लिए आवश्यक दस्तावेज
इस कोर्स को करने के लिए उम्मीदवारों के पास आमतौर पर निम्नलिखित दस्तावेज होना अनिवार्य है, जो कि लगभग हर संस्थान में एडमिशन के समय मांगे जाते हैं –
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- आवास प्रमाण पत्र
- चरित्र प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- 8वीं या 10वीं की मार्कशीट।
ITI वेल्डर कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र
आप ITI वेल्डर कोर्स पूरा करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:
- सरकारी और PSU सेक्टर
- मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री
- कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर
- ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री
- विदेशों में रोजगार
ITI वेल्डर कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी
ITI वेल्डर कोर्स करने के बाद मिलने वाली अनुमानित सालाना सैलरी Ambitionbox.com के अनुसार नीचे दी गई तालिका में दर्शाई गई है। ये अनुमानित सैलरी आपकी कंपनी, लोकेशन, स्किल्स, अनुभव और आपकी परफॉर्मेंस के आधार पर इससे अधिक भी हो सकती है।
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित वार्षिक वेतन (INR) |
| आर्क वेल्डर | 0.9 लाख – 6 लाख |
| गैस वेल्डर | 1 लाख – 7 लाख |
| अस्सिस्टेंट | 1.2 लाख – 12.5 लाख |
| इलेक्ट्रिक वेल्डर | 2.4 लाख – 8.3 लाख |
| फैब्रिकियन | 0.6 लाख – 6 लाख |
| पाइप वेल्डर | 0.6 लाख – 15 लाख |
FAQs
ITI वेल्डर एक स्किल आधारित तकनीकी कोर्स है जिसमें धातुओं को वेल्डिंग तकनीक से जोड़ना, काटना और मरम्मत करना सिखाया जाता है। इस कोर्स में आर्क वेल्डिंग, गैस वेल्डिंग, पाइप वेल्डिंग और इंडस्ट्रियल सेफ्टी का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया जाता है। कोर्स पूरा करने पर NCVT या SCVT मान्यता प्राप्त ट्रेड सर्टिफिकेट मिलता है, जो भारत में तकनीकी रोजगार के लिए उपयोगी होता है।
इस कोर्स की अवधि सामान्यतया एक वर्ष से दो वर्ष तक होती है। यह अवधि अलग अलग संस्थानों के आधार पर थोड़ी अलग हो सकती है।
ITI वेल्डर कोर्स पूरा करने के बाद आप मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, ऑटोमोबाइल, फैब्रिकेशन और शिपबिल्डिंग क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। सामान्य जॉब रोल्स में आर्क वेल्डर, गैस वेल्डर, पाइप वेल्डर और फैब्रिकेटर शामिल होते हैं।
सरकारी आईटीआई संस्थानों में फीस काफी कम होती है जो लगभग INR 200 से INR 5,000 तक होती है। वहीं प्राइवेट ITI संस्थानों में यह INR 20,000 से INR 35,000 तक हो सकती है।
इस कोर्स में प्रवेश के लिए सामान्यतः उम्मीदवार का 10वीं पास होना जरूरी होता है। कुछ राज्यों या संस्थानों में 8वीं पास उम्मीदवार भी पात्र हो सकते हैं। वहीं, न्यूनतम आयु आमतौर पर 14 से 16 वर्ष के बीच होती है।
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आशा है कि इस लेख में आपको ITI वेल्डर कोर्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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