आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स डिटेल्स: योग्यता, सिलेबस, एडमिशन प्रोसेस, फीस और करियर स्कोप 

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अगर आप हेल्थकेयर सेक्टर में आयुर्वेद के जरिए लोगों की देखभाल करना चाहते हैं, तो 12वीं के बाद आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स कर सकते हैं। यह कोर्स डिप्लोमा और ग्रेजुएशन लेवल पर भारत के कुछ प्रमुख संस्थानों में ऑफर किए जाते हैं। वहीं, आयुर्वेद-आधारित उपचारों की बढ़ती मांग के साथ प्रशिक्षित आयुर्वेद नर्सों की आवश्यकता भी बढ़ रही है।

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स एक हेल्थकेयर ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जिसका उद्देश्य आयुर्वेदिक प्रणाली के अनुसार मरीजों की देखभाल, सहायक चिकित्सा सहायता और चिकित्सीय समर्थन प्रदान करने में सक्षम बनाना है। इसमें आयुर्वेद के सिद्धांतों के साथ रोगी सहायता, उपचार प्रक्रिया, पोषण, जीवनशैली सलाह और प्राथमिक चिकित्सीय सहायता शामिल होती है।

आप संबंधित आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स करने के बाद सरकारी और प्राइवेट आयुर्वेदिक अस्पताल, क्लिनिक, वेलनेस सेंटर्स, रिसर्च सेंटर्स तथा पंचकर्म सेंटर्स में आयुर्वेदिक नर्स, पंचकर्म सहायता विशेषज्ञ व आयुर्वेदिक वेलनेस कार्यकर्ता के रूप में काम कर सकते हैं। यदि आप आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो यह लेख पूरा पढ़ें। 

विवरण जानकारी 
आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स लेवल UG और डिप्लोमा 
वैधानिक निकाय भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग (NCISM)
आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स ड्यूरेशन UG: 3 – 4 वर्ष
डिप्लोमा: 1 – 2 वर्ष
आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स के लिए योग्यता UG: मान्यता प्राप्त संस्थान से 12वीं कक्षा PCB विषयों के साथ
डिप्लोमा: मान्यता प्राप्त संस्थान से 12वीं कक्षा PCB विषयों के साथ 
आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स का एडमिशन क्राइटेरिया मेरिट बेस्ड
प्रमुख जॉब प्रोफाइल आयुर्वेदिक नर्स, पंचकर्म सहायता विशेषज्ञ व आयुर्वेदिक वेलनेस कार्यकर्ता आदि। 
रोजगार के क्षेत्रसरकारी और प्राइवेट आयुर्वेदिक अस्पताल, क्लिनिक, वेलनेस सेंटर्स, रिसर्च सेंटर्स तथा पंचकर्म सेंटर्स आदि। 

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स क्यों करें?

नीचे दिए गए बिंदुओं में आपको आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:

  • भारत और दुनिया भर में आयुर्वेद तथा समग्र चिकित्सा प्रणाली की लोकप्रियता बढ़ रही है, जिससे आयुर्वेदिक नर्सों की आवश्यकता भी बढ़ रही है।
  • यह कोर्स आपको आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों तथा प्राकृतिक उपचार पद्धतियों के अनुरूप मरीजों की देखभाल और हेल्थ सपोर्ट प्रदान करना सिखाता है। 
  • इस कोर्स से प्रशिक्षित नर्सें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
  • यह कोर्स आपको न केवल मरीजों की देखभाल करना सिखाता है बल्कि आयुर्वेदिक पोषण, लाइफस्टाइल मैनेजमेंट और रोग रोकथाम की रणनीतियां भी समझाता है, जो समग्र स्वास्थ्य सेवा में उन्नत भूमिका निभाने में मदद करती हैं।
  • इस कोर्स के माध्यम से पारंपरिक पंचकर्म जैसे विशिष्ट आयुर्वेदिक उपचारों में मरीजों की सहायता करने के लिए आपमें आवश्यक स्किल विकसित किए जाते हैं। 

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स स्ट्रक्चर और मोड

आयुर्वेद नर्सिंग में डिप्लोमा या बीएससी प्रोग्राम भारत में आयुष शिक्षा से संबंधित मानकों के अनुसार संचालित होते हैं, जिनका नियमन ‘भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग’ (NCISM) द्वारा किया जाता है। यह आयोग आयुर्वेद सहित आयुष चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और पाठ्यक्रम मानकों को नियंत्रित करता है, जबकि प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षाएं प्रायः संबंधित राज्य आयुष या आयुर्वेद नर्सिंग परिषदों द्वारा आयोजित की जाती हैं।

आयुर्वेद नर्सिंग एक विशेष क्षेत्र है, जिसमें पारंपरिक नर्सिंग पद्धतियों को आयुर्वेदिक उपचार विधियों के साथ जोड़ते हुए नर्सों को आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं उपचार, हर्बल दवाओं की तैयारी, आयुर्वेदिक अस्पतालों में रोगियों की देखभाल, पंचकर्म प्रक्रियाओं में सहायता तथा आयुर्वेदिक आहार और पोषण से संबंधित कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स का स्ट्रक्चर आमतौर पर थ्योरी, प्रैक्टिकल और क्लिनिकल ट्रेनिंग के संयोजन पर आधारित होता है। यह कोर्स मुख्यतः रेगुलर मोड में ही संचालित होता है, क्योंकि इसमें अनिवार्य क्लिनिकल प्रैक्टिस शामिल होती है। 

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स के लिए योग्यता

चयनित आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स में एडमिशन के लिए सामान्य पात्रता मानदंड इस प्रकार है:

  • शैक्षणिक योग्यता: डिप्लोमा इन आयुर्वेदिक नर्सिंग या बीएससी इन आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स में एडमिशन के लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 12वीं या समकक्ष परीक्षा साइंस स्ट्रीम में फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी (PCB) विषयों के साथ पास करनी होगी। 
  • न्यूनतम अंक: भारत के अधिकांश आयुर्वेदिक संस्थानों में आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स में एडमिशन के लिए न्यूनतम 50% अंक आवश्यक होते हैं। हालांकि कुछ संस्थानों में यह अधिक हो सकता है या आरक्षित वर्ग को न्यूनतम अंकों में छूट मिल सकती है।
  • आयु सीमा: चयनित आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स में एडमिशन के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए। 
  • मेरिट बेस्ड एडमिशन: इस कोर्स में एडमिशन 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट बेस्ड होता है।  

नोट: आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान में अप्लाई करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से एडमिशन क्राइटेरिया की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। 

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स के लिए आवदेन प्रक्रिया 

चयनित आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। वहीं, अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। हालांकि सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:

  • संबंधित आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपने चुने हुए कॉलेज या संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद चयनित आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स का चयन करें। 
  • अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी और पर्सनल डिटेल्स आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म फिल करें। 
  • इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें। 
  • फिर तय समय सीमा में संस्थान द्वारा चयनित कैंडिडेट्स की फाइनल मेरिट लिस्ट सीनियर सेकेंडरी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर जारी की जाएगी।  
  • नाम आने के बाद अपनी सीट कंफर्म करने के लिए तय डेडलाइन के भीतर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराएं और निर्धारित एडमिशन फीस सबमिट करने के बाद एडमिशन कंफर्म करें। 
  • एडमिशन प्रोसेस पूरा होने के बाद, चयनित आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स कॉलेज के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार शुरू होता है। 

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज

यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज या संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं:

  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट
  • बीएससी आयुर्वेदिक नर्सिंग की डिग्री और मार्कशीट (डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए)
  • फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड)
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • निवास व डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो)
  • अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान

यहां कुछ प्रमुख आयुर्वेदिक संस्थानों की सूची दी गई है, जहां से आप अपनी रूचि और योग्यता अनुसार  आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स कर सकते हैं:

कोर्स लेवल कोर्स का नाम प्रमुख कॉलेज व संस्थान अनुमानित फीस 






डिप्लोमा 
डिप्लोमा इन आयुर्वेदिक नर्सिंगसंस्कृति विश्वविद्यालय INR 50,000 (वार्षिक फीस)
डिप्लोमा इन आयुर्वेदिक नर्सिंगउत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल, देहरादून
आयुर्वेदिक नर्सिंगगवर्नमेंट आयुर्वेद कॉलेज, त्रिपुनिथुरा (जल्द ही शुरू होगा)
डिप्लोमा – आयुर्वेदिक नर्सिंग इन फार्मेसी 
आस्था इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (AIMT), पानीपत





ग्रेजुएशन 
आयुर्वेदिक परिचारिका (नर्सिंग)भारतीय चिकित्सा परिषद, देहरादून 
बीएससी नर्सिंग (आयुर्वेदिक)डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर1,44,000
बीएससी नर्सिंग (आयुर्वेदिक)बियानी इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष नर्सिंग, जयपुर
बीएससी नर्सिंग (आयुर्वेदिक)एमवीआर आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स का सिलेबस

यहां डिप्लोमा इन आयुर्वेदिक नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कोर्स का सिलेबस होम्योपैथी विभाग, दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट homeopathy.delhi.gov.in के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:

प्रथम वर्ष 
शरीर रचना एवं क्रियापरिचर्या के मूल सिद्धांत 
स्वस्थवृत्त्य
खंड – क व्यत्तिगत एवं स्वास्थ्यखंड – ख आहार एवं पोषण
खंड – ग योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा
औषध द्रव्य परिचय
रसशाला (फार्मेसी) तथा औषध एवं पथ्य निर्माणकंप्यूटर शिक्षा तथा श्रव्यदृश्य माध्यम
दूसरा वर्ष 
चिकित्सा परिचर्याशल्य-शालाक्य परिचर्या
स्त्रीरोग प्रसूति परिचर्याबालस्वास्थ्य परिचर्या
मनोस्वास्थ्य परिचर्यापंचकर्म परिचर्या

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र 

आप आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स पूरा करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:

  • आयुर्वेदिक अस्पताल
  • AYUSH विभाग
  • आयुष डिस्पेंसरी
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
  • पंचकर्म और आयुर्वेदिक थेरेपी सेंटर
  • वेलनेस सेंटर
  • कम्युनिटी हेल्थ और पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम
  • रिसर्च संस्थान और आयुर्वेदिक एजुकेशन सेक्टर
  • प्राइवेट क्लिनिक और मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल
  • NGO और हेल्थ प्रोजेक्ट
  • स्वयं का क्लिनिक या वेलनेस सेंटर

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी

संबंधित आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स पूरा करने के बाद सैलरी आपके पद, कार्यक्षेत्र, एक्सपीरियंस, सरकारी तथा प्राइवेट सेक्टर व शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox पर उपलब्ध डेटा के अनुसार नीचे दी गई है:

जॉब प्रोफाइलअनुमानित वार्षिक सैलरी (INR)
आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सक1.7 लाख – 1.9 लाख 
आयुर्वेद थेरेपिस्ट2.7 लाख – 3.1 लाख 
आयुर्वेद नर्स 2.1 लाख – 2.3 लाख 
वेलनेस हॉस्पिटल स्टाफ नर्स 1.7 लाख – 2.3 लाख 
कम्युनिटी हेल्थ वर्कर 1.9 लाख – 2.1 लाख 
नर्सिंग असिस्टेंट 2.6 लाख – 3 लाख 
आयुर्वेद कंसलटेंट 3.6 लाख – 4.7 लाख  

आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स के बाद हायर स्टडी के ऑप्शंस 

आप संबंधित आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स करने के बाद अपनी रूचि और करियर फील्ड के अनुसार इन हायर स्टडी विकल्पों को चुन सकते हैं:

  • मास्टर इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (MHA)
  • मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ (MPH)
  • MBA इन हेल्थकेयर मैनेजमेंट
  • एमएससी क्लिनिकल रिसर्च
  • पंचकर्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा

FAQs

आयुर्वेद नर्सिंग कितने साल की होती है? 

आयुर्वेदिक नर्सिंग सामान्यतः 3 से 4 वर्ष की होती है, जिसमें कई संस्थानों में लगभग 6 महीने की अनिवार्य क्लिनिकल इंटर्नशिप भी शामिल होती है। 

आयुर्वेद नर्सिंग में क्या होता है?

आयुर्वेद नर्सिंग में आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार रोगियों की देखभाल, पंचकर्म प्रक्रियाओं में चिकित्सकीय सहायता, हर्बल औषधियों की तैयारी तथा आयुर्वेदिक आहार-विहार आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

आयुर्वेद नर्सिंग कोर्स का स्कोप क्या है?

आयुर्वेद नर्सिंग कोर्स का स्कोप मुख्यतः आयुर्वेदिक अस्पतालों, AYUSH स्वास्थ्य सेवाओं, पंचकर्म केंद्रों और वेलनेस व मेडिकल टूरिज्म सेक्टर में क्लिनिकल सपोर्ट, थेरेपी असिस्टेंस और रोगी देखभाल से जुड़े रोजगार तक सीमित रहता है।

आर्ट्स वाले आयुर्वेदिक नर्सिंग कर सकते हैं क्या?

आर्ट्स स्ट्रीम के छात्र आयुर्वेदिक नर्सिंग (B.Sc या डिप्लोमा स्तर) में सामान्यतः एडमिशन नहीं ले सकते, क्योंकि अधिकांश संस्थानों में 12वीं में साइंस (PCB) होना अनिवार्य है।

क्या आयुर्वेद नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लेने के लिए NEET जरूरी है?

चयनित आयुर्वेद नर्सिंग कोर्स में एडमिशन के लिए NEET आवश्यक नहीं है, बल्कि 12वीं में विज्ञान (PCB) पास होना और संस्थान व राज्य के प्रवेश मापदंड पूरे करना पर्याप्त होता है।

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आशा है कि इस लेख में आपको आयुर्वेदिक नर्सिंग कोर्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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