बीएससी नर्सिंग कोर्स Indian Nursing Council (INC) और भारत की मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटीज़ द्वारा मान्यता प्राप्त है, जिससे आपको करियर के कई अवसर मिलते हैं। बीएससी नर्सिंग पूरी तरह से थ्योरी और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण पर आधारित है, जिसमें क्लिनिकल अभ्यास भी शामिल है। यह कोर्स मेडिकल साइंस, रोग प्रबंधन, नर्सिंग तकनीक और रोगियों की देखभाल में प्रैक्टिकल स्किल्स डेवलप करता है। यह कोर्स आपको न केवल मेडिकल फील्ड की थियोरिटिकल नॉलेज देता है, बल्कि इसमें आप क्लिनिकल ट्रेनिंग के साथ-साथ निजी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शोध संस्थानों में जॉब पाकर अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
इस लेख में बीएससी नर्सिंग कोर्स डिटेल्स दी गई हैं जिसमें आवश्यक योग्यता, सिलेबस, कॉलेज और करियर स्कोप आदि जानकारी शामिल हैं।
This Blog Includes:
- बी.एससी नर्सिंग कोर्स का ओवरव्यू
- बी.एससी नर्सिंग कोर्स क्या है?
- बी.एससी नर्सिंग कोर्स में पढ़ाए जाने वाले विषय
- बी.एससी नर्सिंग कोर्स के लिए सिलेबस
- बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
- बीएससी नर्सिंग कोर्स में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा और तिथि
- बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए कॉलेज और फीस
- बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए एडमिशन प्रोसेस
- बीएससी नर्सिंग कोर्स के बाद हायर स्टडी के ऑप्शंस
- बीएससी नर्सिंग कोर्स करने के बाद करियर स्कोप
- बीएससी नर्सिंग कोर्स करने के बाद सरकारी जॉब का अवसर
- बीएससी नर्सिंग कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी
- FAQs
बी.एससी नर्सिंग कोर्स का ओवरव्यू
| विशेषता | विवरण |
| कोर्स की अवधि | 4 वर्ष (जिसमें 6 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल है) |
| न्यूनतम योग्यता | 12वीं पास (PCB) कम से कम 45-50% अंकों के साथ |
| प्रवेश का आधार | NEET-UG या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा (जैसे AIIMS Nursing, RUHS) |
| न्यूनतम आयु | कम से कम 17 वर्ष |
| अनुमानित औसत फीस (कुल) | सरकारी: INR 20,000 – INR 1 लाख, प्राइवेट: INR 4 लाख – INR 10 लाख |
| मुख्य विषय | एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, न्यूट्रिशन, साइकोलॉजी, मेडिकल-सर्जिकल नर्सिंग |
| करियर विकल्प | स्टाफ नर्स, नर्सिंग ऑफिसर, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO), मिलिट्री नर्सिंग |
| औसत शुरुआती वेतन | INR 3 लाख – INR 8 लाख प्रति वर्ष (अनुभव और अस्पताल के आधार पर) |
बी.एससी नर्सिंग कोर्स क्या है?
बीएससी नर्सिंग एक ऐसा 4 वर्षीय ग्रेजुएट कोर्स है जिसे भारतीय नर्सिंग काउंसिल (INC) द्वारा मान्यता प्राप्त है। यह कोर्स छात्रों को चिकित्सकीय देखभाल, मरीजों के प्रबंधन और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञ बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस कोर्स में थ्योरी और क्लिनिकल ट्रेनिंग दोनों शामिल होते हैं, जिसमें अस्पतालों और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस भी दिया जाता है। इसमें एंटॉमी, फिजियोलॉजी, न्यूट्रिशन, माइक्रोबायोलॉजी, मेंटल हेल्थ और कम्युनिटी नर्सिंग जैसे विषयों की गहन जानकारी मिलती है। बीएससी नर्सिंग करने वाले लोगों के लिए सरकारी व प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में रोजगार के कई अवसर उपलब्ध होते हैं।
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बी.एससी नर्सिंग कोर्स में पढ़ाए जाने वाले विषय
BSc नर्सिंग कोर्स में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों को पढ़ाया जाता है –
| एप्लाइड एनाटॉमी | फार्माकोलॉजी |
| फिजियोलॉजी | पैथोलॉजी |
| एप्लाइड सोशियोलॉजी | मेडिकल-सर्जिकल नर्सिंग |
| साइकोलॉजी | प्रोफेशनल एथिक्स |
| नर्सिंग फाउंडेशन | चाइल्ड हेल्थ नर्सिंग |
| न्यूट्रिशन और डाइटेटिक्स | मेंटल हेल्थ नर्सिंग |
| एप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी | कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग |
| इंफेक्शन कंट्रोल | मिडवाइफरी/गाइनेकोलॉजी नर्सिंग |
| नर्सिंग मैनेजमेंट और लीडरशिप | रिसर्च और स्टैटिस्टिक्स |
बी.एससी नर्सिंग कोर्स के लिए सिलेबस
यहाँ बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए थ्योरी विषय के साथ-साथ प्रैक्टिकल / क्लिनिकल ट्रेनिंग विषयों का कॉमन सिलेबस दिया गया है, जो लगभग हर यूनिवर्सिटी में एक जैसा ही रहता है। हालाँकि आप अपने कॉलेज को चुनते समय वहां की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर सिलेबस को चेक कर सकते हैं:
| सेमेस्टर | थ्योरी विषय | प्रैक्टिकल / क्लिनिकल ट्रेनिंग |
| 1 | एनाटॉमी (शरीर रचना), फिजियोलॉजी (शरीर कार्य), नर्सिंग फाउंडेशन (नर्सिंग के मूल सिद्धांत), बायोकेमिस्ट्री का परिचय | बेसिक नर्सिंग स्किल्स: मरीजों की देखभाल, बायोमेडिकल टूल्स का उपयोग, वॉशिंग और स्टेरिलाइजेशन |
| 2 | माइक्रोबायोलॉजी, न्यूट्रीशन, नर्सिंग फाउंडेशन, अंग्रेजी और कम्युनिकेशन स्किल्स | बेसिक क्लिनिकल स्किल्स, जैसे ब्लड प्रेशर मापन, मरीज का रिकॉर्ड रखना, स्वच्छता और सुरक्षा उपाय |
| 3 | फार्माकोलॉजी, मेडिसिनल नर्सिंग (Medical-Surgical Nursing), पैथोलॉजी, मनोविज्ञान | मेडिकल नर्सिंग प्रैक्टिकल: मरीज की स्थिति पर ध्यान देना, दवाइयों की तैयारी, प्राथमिक उपचार |
| 4 | मेडिसिनल नर्सिंग एडवांस, कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग, पब्लिक हेल्थ नर्सिंग | कम्युनिटी हेल्थ ट्रेनिंग: स्वास्थ्य शिविर, ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण, टीकाकरण और रोग प्रिवेंशन |
| 5 | पेडियाट्रिक नर्सिंग (बच्चों की देखभाल), मेंटल हेल्थ नर्सिंग, ओबीजी नर्सिंग (महिला स्वास्थ्य) | हॉस्पिटल क्लिनिकल ट्रेनिंग: बच्चों और महिलाओं की देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन, इमरजेंसी केसेस |
| 6 | एडवांस मेडिसिनल नर्सिंग, मेंटल हेल्थ एडवांस, कम्युनिटी हेल्थ एडवांस | इंटर्नशिप: मरीजों का डायग्नोसिस, नर्सिंग रिपोर्ट तैयार करना, अस्पताल प्रशासन के अनुभव |
| 7 | एथिक्स, लीगल नर्सिंग, रिसर्च मेथडोलॉजी, मैनेजमेंट इन नर्सिंग | क्लिनिकल प्रैक्टिकल्स: केस स्टडीज, रोगी का मूल्यांकन, रोग प्रबंधन और टीमवर्क |
| 8 | एविडेंस बेस्ड नर्सिंग, एडवांस कम्युनिटी हेल्थ, प्रैक्टिकल नर्सिंग प्रोजेक्ट | फाइनल इंटर्नशिप: अस्पताल में 3–6 महीने की ट्रेनिंग, नर्सिंग प्रोजेक्ट प्रस्तुत करना, पेशेवर अनुभव लेना |
बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
BSc नर्सिंग कोर्स में प्रवेश पाने के लिए कुछ निम्नलिखित योग्यताएं और शर्तें जरुरी होती हैं –
- शैक्षिक योग्यता: बीएससी नर्सिंग में दाखिला लेने के लिए आवेदक ने 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम (PCB – फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) के साथ इंग्लिश विषय में पास होना अनिवार्य है। यह भारत में सभी सरकारी और अधिकतर निजी नर्सिंग कॉलेजों में लागू होता है। 12वीं में अधिकतम 50% से कम न हो यह नंबरिंग आवश्यक है। कुछ राज्य या संस्थान न्यूनतम 45% भी स्वीकार करते हैं। इसलिए न्यूनतम अंक संबंधी योग्यता यूनिवर्सिटी के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकती है।
- आयु सीमा: इस कोर्स के लिए आमतौर पर न्यूनतम आयु 17 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष रखी जाती है। आरक्षित वर्ग के लिए आयु सीमा में केंद्र और राज्य सरकार की नियमों के अनुसार छूट मिल सकती है।
- स्वास्थ्य और फिटनेस: बीएससी नर्सिंग में क्लिनिकल ट्रेनिंग और अस्पताल में इंटर्नशिप होती है। इसलिए आवेदक को शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से सक्षम होना जरूरी है। कई कॉलेजों में मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।
- प्रवेश परीक्षा या मेरिट: कुछ कॉलेजों में प्रवेश 12वीं के अंकों के आधार पर सीधे किया जाता है, जबकि अन्य में राज्य या राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा जैसे AIIMS Nursing Entrance, JIPMER Nursing Exam या State CET आवश्यक हो सकती है।
- अन्य दस्तावेज़ और योग्यता: आपको असामाजिक गतिविधियों में दोषमुक्त, पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान पत्र और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) जमा करने होते है।
नोट – यह योग्यता भारत में Indian Nursing Council (INC) द्वारा अनुमोदित कॉलेजों के लिए मान्य है।
बीएससी नर्सिंग कोर्स में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा और तिथि
यहाँ बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं की तिथि की जानकारी दी गई है, निम्नलिखित परीक्षाओं में बैठने से पहले आप इनकी आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि कर सकते हैं –
| प्रवेश परीक्षा का नाम | परीक्षा तिथि 2026 |
| NEET UG 2026 | 3 मई 2026 |
| AIIMS B.Sc Nursing (Hons.) | 28 जून 2026 |
| AIIMS B.Sc Nursing (Post‑Basic) | 30 मई 2026 |
| MH B.Sc Nursing CET (महाराष्ट्र) | 6-7 मई 2026 |
| JENPAS UG 2026 | जून 2026 (अनुमानित) |
| UP CNET / स्टेट‑लेवल CETs | मई-जुलाई 2026 (अनुमानित) |
| झारखंड B.Sc नर्सिंग एंट्रेंस | जून 2026 (अनुमानित) |
| हिमाचल प्रदेश B.Sc नर्सिंग एंट्रेंस | अक्टूबर 2026 (अनुमानित) |
| उत्तराखंड नर्सिंग एंट्रेंस | जून 2026 (अनुमानित) |
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बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए कॉलेज और फीस
यहाँ बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए कुछ प्रमुख कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस बताई गई है:
| कॉलेज / यूनिवर्सिटी | कॉलेज प्रकार | अनुमानित फीस (प्रति वर्ष) |
| AIIMS, नई दिल्ली | सरकारी | INR 2,400 |
| PGIMER, चंडीगढ़ | सरकारी | INR 5,850 |
| JIPMER, पुडुचेरी | सरकारी | INR 11,410 |
| बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) | सरकारी | INR 2,381 |
| गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कोझिकोड | सरकारी | INR 22,070 |
| गाँधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल | सरकारी | INR 10,000 – INR 18,000 |
| SGPGI, लखनऊ | सरकारी/सेमी‑प्राइवेट | INR 79,800 |
| दयानन्द मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, लुधियाना | प्राइवेट | INR 78,750 |
| क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर | प्राइवेट | INR 31,740 |
| मणिपाल अकेडमी ऑफ़ हायर एजुकेशन | प्राइवेट | INR 1,55,000 |
| KIIT यूनिवर्सिटी, भुवनेश्वर | प्राइवेट | INR 1,79,000 |
| RR नर्सिंग इंस्टीट्यूशन, बंगलोर | प्राइवेट | INR 1,95,000 |
| P.G. कॉलेज ऑफ नर्सिंग, ग्वालियर | प्राइवेट | INR 2,36,200 |
नोट: फीस में बदलाव यूनिवर्सिटी के अनुसार संभव है इसलिए प्रवेश से पहले आप संबंधित संस्थान या कॉलेज की आधिकारिक सूचना जरूर देखें।
बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए एडमिशन प्रोसेस
BSc नर्सिंग कोर्स के लिए आप निम्नलिखित एडमिशन प्रोसेस को फॉलो कर सकते हैं –
- सबसे पहले आप BSc नर्सिंग कोर्स के लिए कॉलेज का चयन करें, जिसकी ऑफिसियल वेबसाइट पर योग्यता के रूप में आप अपने 12वीं के मार्क्स, आयु सीमा और रिक्वायर्ड सब्जेक्ट्स की जांच करें।
- इसके बाद आप कॉलेज या यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर BSc नर्सिंग कोर्स के लिए अपना ऑनलाइन आवेदन करें।
- इसके बाद आप ये देखें कि आपका कॉलेज मेरिट बेस्ड एडमिशन प्रोसेस को देखता है या एंट्रेंस बेस्ड प्रोसेस को फॉलो करता है, क्योंकि कुछ कॉलेजों में AIIMS, JIPMER या राज्य स्तरीय CET जैसी प्रवेश परीक्षाएं और प्रमुख कॉलेज NEET या अपने नर्सिंग एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर छात्रों का चयन करते हैं।
- मेरिट लिस्ट जारी होने पर उसमें अपने नाम की जांच करें क्योंकि कई सरकारी कॉलेजों में मेरिट लिस्ट को 12वीं के अंकों के आधार पर जारी किया जाता है। जबकि कई प्राइवेट कॉलेज में इसके लिए एंट्रेंस के बाद मिलने वाली रैंक के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होती है।
- मेरिट लिस्ट के आधार पर कॉलेज और सीट आवंटन के लिए आपको काउंसलिंग प्रक्रिया में पार्टिसिपेट करना होता है। इसके बाद आपको डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस में मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि डॉक्युमेंट्स को वेरिफाई करना होता है।
- सीट अलॉटमेंट के बाद आपको फीस जमा करके अपने कॉलेज में प्रवेश की पुष्टि करनी होती है।
बीएससी नर्सिंग कोर्स के बाद हायर स्टडी के ऑप्शंस
बीएससी नर्सिंग कोर्स कंप्लीट करने के बाद स्टूडेंट अपनी नॉलेज और स्किल्स को बढ़ाने के लिए हायर स्टडी से संबंधित डिग्री कोर्सेज कर सकते हैं। हायर स्टडी के दौरान आपको मेडिकल-सर्जिकल, प्राइमरी हेल्थ केयरम, हॉस्पिटल ऑपरेशंस और डायलिसिस आदि में स्पेशलाइजेशन करने का मौका मिलता है, जिससे आप खुद को अपग्रेड कर सकते हैं। नीचे टेबल में प्रमुख विकल्पों, उनके उद्देश्य और उनकी अवधि को बताया गया है:
| कोर्स का नाम | अवधि | मुख्य फोकस / स्पेशलाइजेशन | करियर के अवसर |
| एम.एससी नर्सिंग | 2 वर्ष | मेडिकल-सर्जिकल, पीडियाट्रिक, ओबीजी, साइकिएट्रिक, कम्युनिटी हेल्थ। | नर्सिंग ट्यूटर, क्लीनिकल स्पेशलिस्ट, वार्ड मैनेजर। |
| नर्स प्रैक्टिशनर (NP) | 2 वर्ष | क्रिटिकल केयर (ICU), प्राइमरी हेल्थ केयर। | नर्स प्रैक्टिशनर (दवाएं प्रिस्क्राइब करने की सीमित अनुमति)। |
| मास्टर ऑफ पब्लिक हैल्थ (MPH) | 2 वर्ष | महामारी विज्ञान (Epidemiology), स्वास्थ्य नीति, रिसर्च। | हेल्थ ऑफिसर, डेटा एनालिस्ट, WHO/NGO में सलाहकार। |
| एमबीए इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट | 2 वर्ष | हॉस्पिटल ऑपरेशंस, एचआर, फाइनेंस, मार्केटिंग। | हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर, ऑपरेशंस मैनेजर। |
| पोस्ट बेसिक डिप्लोमा | 1 वर्ष | ऑन्कोलॉजी, डायलिसिस, नियोनेटल, कार्डियोथोरैसिक। | विशेष विभाग की इंचार्ज नर्स, एक्सपर्ट तकनीशियन। |
| पीएचडी इन नर्सिंग | 3-5 वर्ष | रिसर्च, एडवांस्ड नर्सिंग थ्योरी। | प्रोफेसर, रिसर्च साइंटिस्ट, प्रिंसिपल। |
बीएससी नर्सिंग कोर्स करने के बाद करियर स्कोप
बीएससी नर्सिंग कोर्स करने के बाद आप नीचे बताए गए पदों पर काम करके अपना अच्छा करियर बना सकते हैं।
| करियर प्रोफाइल | कार्यक्षेत्र | मुख्य जिम्मेदारी |
| नर्सिंग ऑफिसर | सरकारी अस्पताल (AIIMS, राज्य सरकार) | मरीजों की देखभाल और वार्ड प्रबंधन। |
| कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) | ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र (HWC) | प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन। |
| मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) | भारतीय सेना/नौसेना/वायु सेना | सशस्त्र बलों और उनके परिवारों की चिकित्सा देखभाल। |
| इंडस्ट्रियल नर्स | बड़ी कंपनियाँ/कॉर्पोरेट ऑफिस | कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्यस्थल की सुरक्षा का ध्यान रखना। |
| नर्सिंग ट्यूटर/लेक्चरर | नर्सिंग कॉलेज/संस्थान | छात्रों को पढ़ाना और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देना। |
| होम केयर नर्स | व्यक्तिगत आवास (होम हेल्थकेयर) | वृद्धों या गंभीर रोगियों को घर पर पेशेवर सेवा देना। |
| लीगल नर्स कंसल्टेंट | कानूनी फर्म/बीमा कंपनियाँ | चिकित्सा संबंधी कानूनी मामलों और दावों की समीक्षा करना। |
बीएससी नर्सिंग कोर्स करने के बाद सरकारी जॉब का अवसर
बीएससी नर्सिंग पूरा करने के बाद सरकारी क्षेत्र में रोजगार के कई स्ट्रक्चर्ड और औपचारिक अवसर उपलब्ध होते हैं, लेकिन इनमें चयन पूरी तरह भर्ती प्रक्रिया पर निर्भर करता है। केंद्र सरकार के अस्पतालों जैसे एम्स (AIIMS), केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम – CGHS), रेलवे अस्पताल और रक्षा मंत्रालय के अस्पतालों में स्टाफ नर्स की नियुक्ति लिखित परीक्षा और मेरिट के आधार पर होती है। राज्य स्तर पर जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में नियुक्ति संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभाग या राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा की जाती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) पद भी बीएससी नर्सिंग या पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग अभ्यर्थियों के लिए खुलता है, जिसमें चयन राज्यवार अधिसूचना के अनुसार होता है। इसके अतिरिक्त कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और सैन्य नर्सिंग सेवा (MNS) जैसी भर्तियाँ भी नियमित रूप से निकलती हैं।
सरकारी नौकरी पाने के लिए भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) या संबंधित राज्य नर्सिंग परिषद में पंजीकरण अनिवार्य होता है। वेतनमान सामान्यतः 7वें वेतन आयोग के अनुसार लेवल-7 या राज्य सरकार के नियमानुसार निर्धारित होता है, जिसमें मूल वेतन के साथ भत्ते भी शामिल होते हैं।
बीएससी नर्सिंग कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी
भारत में बीएससी नर्सिंग कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी किसी एक तय पैमाने पर निर्भर नहीं करती। यह उम्मीदवार की तकनीकी स्किल्स, अनुभव और जॉब लोकेशन के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर शुरुआती स्तर पर सैलरी सीमित रहती है, लेकिन जैसे-जैसे प्रैक्टिकल अनुभव और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स बढ़ती हैं, वैसे-वैसे आय में भी अच्छा ग्रोथ देखने को मिलता है।
नीचे AmbitionBox पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारत में बीएससी नर्सिंग कोर्स करने के बाद मिलने वाली अनुभव-आधारित अनुमानित वार्षिक सैलरी रेंज दी गई है, जिससे आपको एक सामान्य आइडिया मिल सके:
| अनुभव स्तर | अनुमानित वार्षिक सैलरी रेंज (INR) |
| फ्रेशर (0-1 वर्ष) | INR 1 लाख – INR 3 लाख |
| 1 वर्ष अनुभव | INR 2 लाख – INR 5 लाख |
| 2-3 वर्ष अनुभव | INR 3.5 लाख – INR 6 लाख |
| 4-5 वर्ष अनुभव | INR 4 लाख – INR 6 लाख |
| 6-7 वर्ष अनुभव | INR 4.5 लाख – INR 6.0 लाख (टॉप रोल) |
| भारत में औसत सैलरी | INR 2.8 लाख – INR 3.1 लाख |
FAQs
हाँ, बीएससी कोर्स के दौरान नर्सिंग छात्रों को अस्पतालों में व्यावहारिक प्रशिक्षण (इंटर्नशिप) कराना होता है ताकि वे मरीजों की देखभाल, अस्पताल प्रक्रिया और वास्तविक क्लिनिकल सेटअप सीख सकें। यह कोर्स का एक जरूरी हिस्सा है।
हाँ, बीएससी नर्सिंग के बाद आप मास्टर्स इन नर्सिंग (M.Sc), सुपर स्पेशलाइजेशन कोर्स या नर्सिंग एडमिनिस्ट्रेशन जैसे एडवांस कोर्स कर सकते हैं। इससे करियर संभावनाएँ और उच्च वेतन के अवसर मिलते हैं।
भारत में अब कुछ संस्थान बीएससी नर्सिंग में NEET (UG) स्कोर के आधार पर प्रवेश देते हैं, लेकिन यह हर कॉलेज के लिए अनिवार्य नहीं है। कई राज्यों और कॉलेजों में सीधे 12वीं के मार्क्स या राज्य‑स्तरीय प्रवेश परीक्षा के आधार पर एडमिशन मिलता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि हर जगह NEET देना अनिवार्य हो।
भारत में बीएससी नर्सिंग कोर्स की मान्यता और रेगुलेशन को Indian Nursing Council (INC) और संबंधित राज्य नर्सिंग काउंसिल्स द्वारा नियंत्रित किया जाता है। INC एक केंद्रीय मान्यता संस्थान है जो यह सुनिश्चित करता है कि नर्सिंग शिक्षा की क्वालिटी सभी संस्थानों में समान हो और डिग्री राष्ट्रीय स्तर पर मान्य हो। बीएससी नर्सिंग कोर्स तभी वैध माना जाता है जब कॉलेज या यूनिवर्सिटी INC से मान्यता प्राप्त हो।
बीएससी नर्सिंग कोर्स में मानव शरीर की संरचना (Anatomy), फिजियोलॉजी, नर्सिंग साइंस, कम्युनिटी हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य और क्लिनिकल प्रैक्टिकल प्रशिक्षण आदि विषय पढ़ाए जाते हैं। इन विषयों का उद्देश्य छात्रों को अस्पताल कार्य, मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में सिखाना है ताकि वे वास्तविक अस्पताल सेटिंग्स में काम कर सकें।
हाँ, 12वीं के बाद बीएससी नर्सिंग कोर्स करना संभव है, लेकिन इसके लिए आपको 12वीं कक्षा में विज्ञान (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) विषय के साथ पास होना चाहिए।
हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको बीएससी नर्सिंग कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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