आयकर अधिकारी [Income Tax Officer] कैसे बनें?

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आयकर अधिकारी

आपने अक्सर देखा होगा कि लोग आयकर अधिकारी (Income Tax Officer) का नाम सुनते ही डर जाते हैं, आयकर अधिकारी जिन्हें हम ‘कर पुलिस’ भी कहते हैं। इनका मुख्य काम कर का गबन करने वालों पर नजर रखना है। हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि समय पर टैक्स का भुगतान करना हमारा एक नागरिक के रूप में कर्तव्य है, जो देश की तरक्की में एक अहम भूमिका निभाता है। कर का एक विशेष कार्य क्षेत्र आयकर विभाग के तहत आता है जो कर संग्रहित करने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करता है कि सभी व्यक्ति व संस्थान कर नियमों का पालन कर रहे हैं। दायित्व की इतनी जानकारी मिलने के बाद अब सवाल यह उठता है कि क्या आप यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आयकर अधिकारी बनने की प्रक्रिया क्या है और राजस्व व कर क्षेत्र में कैरियर के लिए क्या अवसर छिपे हैं? अगर आपके दिमाग में यह उत्सुकता उत्पन्न हो रही है, तो दोस्त आप बिल्कुल सही जगह पर हैं क्योंकि हम यहां आपके उन सभी सवालों का जवाब देने वाले हैं, जो आपके दिमाग में एक आयकर अधिकारी बनने को लेकर उठ रहे हैं।

आयकर अधिकारी कौन होता है?

एक आयकर अधिकारी (ITO) एक आधिकारिक अधिकारी या आयकर विभाग का इंस्पेक्टर होता है, जो केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के कर से जुड़े मामलों को देखता है। आयकर अधिकारी को कर विशेषज्ञ भी कहा जाता है। आयकर अधिकारी व्यापारी व व्यक्तिगत खातों की जांच करके यह सुनिश्चित करता है कि तय नियमों के अनुरूप कर की राशि का भुगतान किया गया है या नहीं। आयकर अधिकारी कैसे बनें? यह प्रक्रिया समझने से पहले आपके लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि एक आयकर अधिकारी में बेहतरीन विश्लेषण व गणना करने के गुण होते हैं, जो कर गबन को पकड़ने के लिए बेहद आवश्यक होते हैं।

अगर आप 12वीं पास करने के बाद आयकर अधिकारी बनना चाहते हैं, तो आपको पहले अपनी स्नातक डिग्री पूरी करनी होगी फिर एसएससी सीजीएल या यूपीएससी (भारतीय राजस्व सेवाओं, आईआरएस) की परीक्षा पास करनी होगी।   

हमें ITO की जरूरत क्यों है?

रोज़मर्रा के विभिन्न करों का प्रबंधन करने की ज़िम्मेदारी एक आयकर विभाग की होती है। एक आयकर अधिकारी किसी कंपनी या व्यक्ति के कर उत्तरदायित्व बताने के कार्य से जुड़े होने के साथ-साथ जनता की कर संबंधी समस्याओं को हल करने व कर में हेरफेर करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का कार्य करता है। इन आयकर अधिकारियों पर देश के खजाने में कर के माध्यम से आने वाले राजस्व के 93 फीसदी हिस्से के संग्रहण व प्रबंधन से जुड़े कर्तव्यों की ज़िम्मेदारी होती है। इसके अलावा इन अधिकारियों पर कुल वेतन भुगतान, बिक्री व संपत्ति कर का ब्योरा तैयार करने की भी अतिरिक्त ज़िम्मेदारी होती है।

आइए आपको आयकर इंस्पेक्टर बनने के लिए आवश्यक योग्यता, चयन प्रक्रिया, परीक्षा के तरीके जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं से रूबरू कराते हैं।

एक आयकर अधिकारी कैसे बनें?

क्या आयकर अधिकारी के कर्तव्यों को देखकर आपके मन में भी एक आयकर अधिकारी बनने का ख्याल आ रहा है और आप सोच रहे हैं कि आयकर अधिकारी कैसे बनें? तो इसका जवाब आपको यहां मिलेगा। अगर आप स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और आपकी आयु 30 वर्ष से कम है, तो आपके लिए आयकर अधिकारी बनने का पहला कदम होगा कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा कराई जाने वाली कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा के लिए आवेदन करना। आयकर विभाग के केंद्रीय सरकार के तहत आने के कारण आयकर इंस्पेक्टर की भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा SSC CGL की जिम्मेदारी SSC पर होती है। ग्रेड ‘C’ या ग्रेड ‘B’ के इंस्पेक्टर के रूप में चयनित होने के लिए एक शख्स का कम से कम स्नातक होना जरूरी है।

एक आयकर अधिकारी बनने के लिए जरूरी 

भारत में एक आयकर अधिकारी बनने के लिए आपका भारत सरकार द्वारा निर्धारित कुछ पैमानों पर आपका खरा उतरना अनिवार्य है। आयकर अधिकारी बनने के लिए निम्न बातें जरूरी है :

शैक्षिक योग्यता      किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री
आयु सीमा  27 वर्ष से अधिक नहीं (आरक्षित श्रेणियों को 3-13 वर्ष की छूट)
योग्यता परीक्षा  SSC परीक्षा
पाठ्यक्रम    प्राथमिक परीक्षा: जेनरल इन्टेलिजेंस व जेनरल जेनरल स्टडीज (रीजनिंग व अवेर्नेस)
मुख्य परीक्षा:  इंग्लिश काम्प्रिहेन्शन, अंकगणित, भाषा, कम्यूनिकेशन स्किल व राइटिंग
                                                                     

आयकर विभाग के कार्य प्रणाली

आय कर केंद्र सरकार के अधीन आता है आय कर विभाग का कार्य केवल आय कर कलेक्शन से संवंधित कार्य करना है। खर्च करने का कार्य वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग करता है। इवन आय कर विभाग के लिये भी अपने खर्च के लिये वित्त विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है।

  • किसी भी विभाग द्वारा अर्जित की गई आय कंसोलिडेटेड फण्ड ऑफ इंडिया में जमा होती है और parliament के अनुमोदन के बाद ही वित्त मंत्रालय द्वारा सभी मंत्रालयों को दी जाती है।
  • आय कर विभाग में आय कर कार्य को संपादित करने के लिए टैक्स असिस्टेंट, इंस्पेक्टर, आय कर अधिकारी, सहायक कमिश्नर, कमिश्नर, इत्यादि अधिकारी होते है।
  • अधिकारियों को आय कर की सीमा के अनुसार विवरणियों की जांच करने का, या अपील सुनने का अधिकार होता है।

आयकर विभाग के नियम

आयकर अधिनियम की धारा 69A (Section 69A of Income Tax Act) के तहत अगर कोई भी शख्स पैसा, सोना, ज्वैलरी या अन्य कीमती चीजों का मालिक पाया जाता है और इसका रिकॉर्ड उस व्यक्ति के पास नहीं है और वह इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाता है तो उसे करदाता का आया माना जाएगा. इतना ही नहीं अगर इनकम टैक्स एसेस करने वाला अधिकारी आपके किसी संपत्ति से जुड़े सवाल से संतुष्ट नहीं है तो भी उस रकम को इनकम ही माना जाएगा और इसपर टैक्स देय होगा

आयकर आयुक्त के अधिकार

  • सीआई के आयकर अधिकारी के पास खुद पेश होकर स्पष्टीकरण देने का अधिकार
  • आयकर अधिकारी की सहायता प्राप्त करने का अधिकार
  • किसी शिकायत के समाधान के लिए सहायक आयकर निदेशक (जांच) से संपर्क करने का अधिकार
  • आयकर महानिदेशालय(जांच) के शिकायत सेल तथा केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में शिकायत का अधिकार

SSC CGL परीक्षा के बारे में

कर्मचारी चयन आयोग की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा या SSC CGL परीक्षा एक राष्ट्रीय स्तर पर कराई जाने वाले परीक्षा है, जिसका आयोजन विभिन्न मंत्रालयों, विभागों व संगठनों के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए किया जाता है। इस परीक्षा को आयकर (Income Tax) परीक्षा भी बोलते हैं क्योंकि भारतीय सरकार इस परीक्षा के माध्यम से आयकर अधिकारियों की भर्ती करती है। SSC CGL परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक डिग्री (किसी भी विषय) में होना आवश्यक है।

SSC CGL के लिए योग्यता

SSC CGL के लिए नीचे दी गई योग्यता आवश्यक है:

  • अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष व अधिकतम आयु 27 वर्ष होनी चाहिए
  • SC/ST अभ्यर्थियों को 5 वर्ष व OBC अभ्यर्थियों को 3 वर्ष की छूट दी जाती है। इसके अलावा भारत सरकार या रक्षा सेवाओं में कार्यरत अभ्यर्थियों को भी आयु में छूट दी जाती है।
  • आयकर परीक्षा या SSC CGL के लिए अभ्यर्थी का कम से कम स्नातक (किसी भी विषय में) होना अनिवार्य है
  • आयकर अधिकारी के पद के लिए अभ्यर्थी को भारत सरकार द्वारा निर्धारित शारीरिक मापदंड व शारीरिक दुरुस्त के पैमाने के स्तर पर भी खरा उतरना जरूरी है I

 SSC CGL का पाठ्यक्रम व चयन प्रक्रिया

आयकर अधिकारी बनने के लिए आपको अपने करियर की शुरुआत आयकर इंस्पेक्टर के रूप में करनी होगी, जिसकी नियुक्ति SSC CGL परीक्षा के जरिए होती है। SSC CGL परीक्षा सामान्य रूप से चार चरणों में होती है, लेकिन आयकर विभाग के पदों के लिए टियर 3 और टियर 4 परीक्षा नहीं ली जाती है।

टियर 1 यानी प्राथमिक परीक्षा व टियर 2 यानी मुख्य परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से कराई जाती है, जिसमें अभ्यर्थी को कंप्यूटर के सामने बैठकर प्रश्नों के लिए दिए गए उत्तर के विकल्पों में से सही विकल्प चुनना होता है।  

इन दोनों परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के बाद अभ्यर्थी को एक पर्सनैलिटी/ स्किल टेस्ट या इंटरव्यू देना होता है, जिसका आयोजन SSC द्वारा अपने क्षेत्रीय कार्यालय में कराया जाता है। 

SSC CGL परीक्षा के 3 चरणों की जानकारी नीचे विस्तृत रूप में दी गई है :

प्राथमिक परीक्षा (Preliminary Examination)

इस परीक्षा में अभ्यर्थी को दो पेपर देने होते हैं। हालांकि आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि प्राथमिक परीक्षा महज अभ्यर्थी की योग्यता जांचने का एक जरिया है, इस परीक्षा में प्राप्त किए गए अंकों को अंतिम परीक्षा परिणाम में नहीं जोड़ा जाता है। 

खंड           विषय     प्रश्नों की संख्या     अधिकतम अंक        समय
पार्ट A         जेनरल इंटेलीजेंस व
  जेनरल अवेर्नेस
100      100       2 घंटे
पार्ट B             अंकगणित       100         100        2 घंटे

मुख्य परीक्षा (Main Examination)

आयकर अधिकारी कैसे बनें? इस कड़ी के लिए यह परीक्षा बेहद ही महत्वपूर्ण है। मुख्य परीक्षा में उन अभ्यर्थियों को बैठने का मौका मिलता है जो प्राथमिक परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हों। यह परीक्षा दो भागों में होती है पहले भाग में अभ्यर्थी को लिखित परीक्षा देनी होती है जबकि दूसरे भाग में पर्सनैलिटी टेस्ट होता है।     

लिखित परीक्षा के विषय अधिकतम अंक समय
जनरल स्टडी (रीजनिंग व अवेर्नेस) 3 घंटे 200                                          
इंग्लिश काम्प्रिहेंशन 2 घंटे 20 मिनट 100
अंक-गणित 4 घंटे 200                                          
भाषा 2 घंटे 20 मिनट 100
कम्युनिकेशन स्किल व राइटिंग 2 घंटे 20 मिनट 200

पर्सनालिटी टेस्ट या इंटरव्यू

अगर आप मुख्य परीक्षा में सफल होते हैं, तो परीक्षा का अंतिम चरण है पर्सनल इंटरव्यू, जहां आपकी पर्सनालिटी व बौद्धिक क्षमताओं की परीक्षा ली जाती है। इसके साथ ही एक स्किल टेस्ट भी लिया जाता है, जिसमे अभ्यर्थी को 15 मिनट में 2000 शब्द टाइप करने होते हैं। यह टेस्ट SSC द्वारा अपने क्षेत्रीय कार्यालय में कराया जाता है। 

अगर आप आयकर अधिकारी कैसे बने और उससे जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की सूची तैयार कर रहे हैं, तो सभी परीक्षाओं के कटऑफ मार्क (पास होने के लिए जरूरी अंक) की जानकारी होना आपकी सूची का अगला बिंदु होना चाहिए। आयकर विभाग के पदों के लिए कटऑफ हमेशा अधिक ही होता है क्योंकि परीक्षा में शामिल होने वाले अधिकांश अभ्यर्थी इन्हीं पदों को चुनते हैं। हालांकि, कटऑफ परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों व पदों की संख्या पर भी निर्भर करता है।

आयकर इंस्पेक्टर (Income Tax Inspector) चयन प्रक्रिया

SSC CGL परीक्षा के चार चरण होते हैं और इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए अभ्यर्थी को सभी चरणों में बेहतर प्रदर्शन करना होता है। नीचे दी गई सारी में आयकर इंस्पेक्टर बनने की प्रक्रिया के सभी चरणों को दर्शाया गया है:

टियर   परीक्षा का मोड परीक्षा का प्रकार                                                        
टियर 1 MCQ (प्रश्न के उत्तर के लिए दिए
गए विकल्पों
में से एक को चुनना होता है) ऑनलाइन                         
टियर 2 MCQ ऑनलाइन                                                                        
टियर 3                    डिस्क्रिप्टिव पेपर (लिखित पेपर) 
 ऑफलाइन                         
टियर 4 स्किल टेस्ट ऑफलाइन                                                                

SSC CGL के लिए कट ऑफ (Cut-Offs)

देश की केंद्रीय सरकार द्वारा दी जाने सबसे लाभकारी नौकरियों में से एक होने के कारण आयकर इंस्पेक्टर के लिए कट ऑफ SSC CGL के तहत आने वाले अन्य नौकरियों से अधिक होती है। नीचे दी गई सारणी में अनुमानित कट ऑफ का जिक्र है:

वर्ग (Category)    कट ऑफ ( 700 अंकों में से)
सामान्य (General)     578.75
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)                        557.75
अनुसूचित जनजाति (ST) 511. 50
अनुसूचित जाति (SC)  515.25
ओर्थपेडीक विकलांग (OH)    489.50
हिअरिंग हैंडिकैप्प्ड (HH)  473.00
एक्स-सर्विसमैन   482.50

नोट : ऊपर सारणी में दर्शाए गए कट ऑफ का मकसद अभ्यर्थी को सिर्फ एक अनुमान देना है। SSC-CGL परीक्षा की वास्तविक कट ऑफ इससे अलग हो सकती है। 

ग्रुप ‘B’ पद के लिए ट्रेनिंग प्रक्रिया

इस परीक्षा में सफलता पाने के बाद अभ्यर्थी को Direct Taxes Regional Training Institute (DTRTI) में 12 सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाती है। अभ्यर्थी को नियुक्त किए गए क्षेत्र के संस्थान में भेजा जाता है। यह ट्रेनिंग काफी कठिन होती है, जिसके तहत चयनित अभ्यर्थी को विभिन्न तरह की प्रशासकीय तरीके, कर कानून व तहकीकात के तरीके सिखाए जाते हैं। इसके साथ ही चयनित शख्स को एक आयकर इंस्पेक्टर के वेतन, अनुलाभ व सेवा के दौरान मिलने वाले अन्य लाभों की जानकारी दी जाती है। 

UPSC के जरिए आयकर अधिकारी

आपको अपने आयकर अधिकारी कैसे बने सूची के बिंदुओं में UPSC के रास्ते को भी जोड़ने की जरूरत है, क्योंकि यह सबसे अहम है व आपको सीधे अधिकारी बनाने की क्षमता रखता है। जो लोग सीधे अधिकारी बनने की चाहत रखते है उन्हें UPSC द्वारा आयोजित कराए जाने वाले सिविल सर्विस परीक्षा की ओर रुख करना चाहिए और भारतीय राजस्व सेवाओं को चुनना चाहिए। इस परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष है और एक शख्स 6 बार इस परीक्षा में बैठ सकता है।  इस परीक्षा के सभी चरण पार करने के बाद आपको सहायक आयुक्त, आयकर (Assistant Commissioner of Income Tax) के पद पर नियुक्त किया जाएगा, जो ग्रुप ‘A’ श्रेणी की पोस्ट है। इसके साथ ही एक तय समय की सेवा देने के बाद आपको वक्त के साथ अच्छे काम को देखते हुए प्रोमोशन भी दिया जाता है। हालांकि, अगर आपके काम की रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी मिलती है, तो प्रोमोशन नहीं दिया जाता है।

एक आयकर अधिकारी के अनुलाभ

आयकर अधिकारी कैसे बनें? इस ओर एक अभ्यर्थी की उत्सुकता तब और भी बढ़ जाती है जब उसे पद के अनुलाभ का पता लगता है। कम उम्र में आयकर विभाग में नियुक्ति पाने वाले लोगों के पास प्रोमोशन पाकर नीचे दिए बड़े पदों में पहुंचने का सुनहरा मौका रहता है :

  • उपायुक्त, आयकर विभाग (Deputy Commissioner of Income Tax)
  • संयुक्त आयुक्त, आयकर विभाग (Joint Commissioner of Income Tax)
  • आयुक्त, आयकर विभाग (Commissioner of Income Tax)
  • प्रधान आयुक्त, आयकर विभाग (Principal Commissioner of Income Tax)
  • मुख्य आयुक्त, आयकर विभाग (Chief Commissioner of Income Tax)
  • प्रिंसिपल चीफ कमीश्नर, आयकर विभाग (Principal Chief Commissioner of Income Tax)

एक आयकर अधिकारी का वेतन

आयकर अधिकारी आयकर विभाग के तहत काम करते हैं, जो केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के तहत काम करता है। CBDT एक सांविधिक प्राधिकरण है जो कर उगाही व संग्रहण से जुड़े मामलों पर कार्य करता है। आयकर इंस्पेक्टर की मुख्य जिम्मेदारियों में कर विवरणी को जाँचना व किसी कंपनी, शख्स या संगठन के विवरण में गड़बड़ी मिलने पर उसे रिपोर्ट करना शामिल है। आयकर अधिकारी के रूप में आपको एसेसमेंट सेक्शन या नॉन-एसेसमेंट सेक्शन में नियुक्त किया जा सकता है। अगर आपकी नियुक्ति एसेसमेंट सेक्शन में होती है, तो आपकी जिम्मेदारियां डेस्क जॉब वाली होंगी जैसे ऑडिटिंग, टैक्स रिफंड या TDS से जुड़े मुद्दों के विवरणों को जाँचना। वहीं, नॉन-एसेसमेंट सेक्शन में आयकर इंस्पेक्टर कर गबन करने वालों के खिलाफ सबूत जुटा कर जांच पड़ताल करते हैं या आयकर विभाग की फील्ड टीम के साथ मिलकर रेड करते हैं।

बेहतरीन वेतन व लाभ के साथ रुतबे वाली नौकरी होने के कारण अक्सर नौकरी की तैयारी में जुटे अभ्यर्थी यह जरूर खोजते हैं कि आयकर अधिकारी कैसे बने? एक बेहतरीन निर्धारित वेतन के साथ आयकर कर्मचारी विशेष भत्ते का भी लाभ उठा सकते हैं। आयकर विभाग में ग्रेड के आधार पर कर्मियों के वेतन में थोड़ा अंतर होता है, आइए आयकर अधिकारी के वेतन व भत्ते को समझते हैं-

Categories City 1 City 2 City 3
Basic Pay 44900 INR 44900 INR 44900 INR
HRA 10776 INR 7184 INR 3592 INR
TA 3600 INR 1800 INR 1800 INR
DA 7633 INR 7633 INR 7633 INR
DA on TA 612 INR 306 INR 306 INR
NPS Deduction 10% (Basic + DA) 5253 INR 5253 INR 5253 INR
Gross Earnings 67521 INR 63929 INR 60337 INR
CGEIS 30 INR 30 INR 30 INR
CGHS 350 INR 350 INR 350 INR
Government Contribution 7355 INR 7355 INR 7355 INR
Total Deduction 5633 INR 5633 INR 5633 INR
Total Salary of an Income Tax Officer 61888 INR 58296 INR           57407 INR

नोट:  ऊपर सारणी में दर्शाए गए वेतन अनुमानित हैं। केंद्र सरकार के आदेशानुसार वास्तविक वेतन में बदलाव हो सकता है।

अगर आप अधिकारी बनने के बाद किसी वरिष्ठ पद पर आकर सेवानिवृत्त होते हैं, तो एक संभावना यह भी है कि आपको किसी प्राधिकरण या प्राधिकारी वर्ग के चेयरमैन के रूप में नियुक्त कर दिया जाए। इसके अलावा सरकारी अधिकारी होने का एक और फायदा है कि विभाग में वरिष्ठता के आधार पर आपको सरकारी निवास भी दिया जाता है। इसके साथ ही सरकार यह भी सुनिश्चित करती है कि प्रोमोशन व उन्नति के लिए जरूरी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अधिकारियों को पेड लीव भी मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. आयकर अधिकारी का वेतन कितना होता है?

भारत में एक आयकर अधिकारी का वेतन विभिन्न पदों के अलग-अलग होता है। SSC CGL आयकर इन्सपेक्टर व आयकर अधिकारी का शुरुआती वेतन लगभग  9,000-34,000 INR होता है। इसके अलावा 4,000-5500 INR तक का ग्रेड पे भी मिलता है।

2. आयकर अधिकारी के लिए कौन सी परीक्षा होती है?

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) आयकर इंस्पेक्टर व आयकर अधिकारी की नियुक्ति के लिए आयकर विभाग के तहत भर्ती परीक्षा का आयोजन कराता है। आयकर अधिकारी के पद के लिए होनी वाली परीक्षा को SSC CGL परीक्षा के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें परीक्षार्थी को परीक्षा के बाद इंटरव्यू शारीरिक मापदंड/शारीरिक तंदरुस्ती व मेडिकल टेस्ट से गुजरना पड़ता है। 

3. कैसे मैं एक आयकर अधिकारी बन सकता हूं?

भारत में एक आयकर अधिकारी बनने के लिए दो ही मुख्य रास्ते हैं, पहला SSC CGL व दूसरा UPSC. SSC CGL परीक्षा मुख्य रूप से आयकर विभाग में ग्रेड C व ग्रेड B इंंस्पेक्टर पद पर भर्ती के लिए होती है, जो केंद्र सरकार के दायरे में है। इसके अलावा, आयकर अधिकारी बनने के लिए अभ्यर्थी UPSC के जरिए भारतीय राजस्व सेवाओं में जा सकता है, जिसके लिए अभ्यर्थी को UPSC द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करना होगा और आपका चयन सहायक आयुक्त, आयकर विभाग के रूप में हो जाएगा, जो ग्रेड A का पद है।

4. आयकर विभाग में जाने के लिए क्या योग्यता चाहिए?

आयकर विभाग के विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग योग्यता की आवश्यकता होती है, लेकिन अगर गैर-कानूनी तरीके से जुटाई गई संपत्ति के विरुद्ध सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आयकर अधिकारियों की मांग बढ़ रही है।

हम आशा करते हैं कि इस ब्लॉग से आपको मदद मिली हो और आपको आयकर अधिकारी कैसे बनें? इसकी पूरी जानकारी मिल पाई होगी। आप Leverage Edu में हमारे विशेषज्ञों से हमेशा संपर्क कर सकते है, जो आपके आयकर अधिकारी बनने के सपने को ध्यान में रखते हुए आपको एक बेहतर ग्रेजुएट प्रोग्राम का चयन करने में मदद करेंगे। सामान्य योग्यताओं की बात करें तो किसी भी विषय में स्नातक डिग्री व 18 से 27 तक की आयु सीमा शामिल हैं।

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