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उत्तर: पहले के भले लोग दूसरों की भलाई और हित के लिए सदैव तत्पर रहते थे। वे अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और परिजन की सेवा करते थे। इसके लिए वे कष्ट सहने और कठिनाइयों का सामना करने को भी तैयार रहते थे। उनका स्वभाव निष्ठावान, परोपकारी और त्यागपूर्ण होता था, जो सच्चे मन से दूसरों की भलाई चाहते थे।
अन्य प्रश्न
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