उत्तर: D इसका सही उत्तर है। बता दें कि ये प्राचीन सभ्यताओं में से एक है, जिसे सिंधु घाटी सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि यह प्राचीन भारत की एक अद्वितीय और विकसित सभ्यता थी, जिसकी प्रमुख विशेषताओं में नगर नियोजन, कला और शिल्प, जल प्रबंधन और सिंचाई प्रणाली, कृषि और पशुपालन, व्यापार और वाणिज्य, धार्मिक विश्वास, लिपि और भाषा थी।
विस्तृत उत्तर:
हड़प्पा सभ्यता, जिसे सिंधु घाटी सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है, कांस्य युग की एक प्रमुख सभ्यता थी जो भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमी हिस्सों में लगभग 3300 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच फली-फूली। यह सभ्यता मुख्य रूप से आधुनिक पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिमी भारत के क्षेत्रों में केंद्रित थी, जिसका विस्तार अफगानिस्तान और ईरान के कुछ हिस्सों तक भी था।
हड़प्पा सभ्यता का विकास सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के उपजाऊ मैदानों में हुआ। कृषि अधिशेष ने जनसंख्या वृद्धि और शहरी केंद्रों के उदय को बढ़ावा दिया। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो इसके दो सबसे बड़े और महत्वपूर्ण शहरी केंद्र थे, लेकिन धोलावीरा, लोथल, कालीबंगा और राखीगढ़ी जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण स्थल भी खोजे गए हैं।
हड़प्पा सभ्यता की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक इसकी असाधारण जल निकासी प्रणाली थी। हर घर से छोटी नालियाँ निकलकर बड़ी सार्वजनिक नालियों से जुड़ती थीं, जो अंततः शहर के बाहर पानी ले जाती थीं।
मोहनजोदड़ो में मिला विशाल स्नानागार एक और प्रभावशाली सार्वजनिक संरचना है, जिसका उपयोग संभवतः धार्मिक या सामुदायिक स्नान के लिए किया जाता था। इसके अलावा, बड़े अनाज भंडारण गृहों की खोज से पता चलता है कि कृषि उत्पादन पर्याप्त था और अनाज का कुशल भंडारण और वितरण प्रणाली मौजूद थी।
हड़प्पा सभ्यता ने तकनीकी और कलात्मक क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण प्रगति की। उन्होंने निर्माण के लिए मानकीकृत ईंटों का उपयोग किया, जिनका अनुपात पूरी सभ्यता में एक समान था। बाट और माप की एक सुसंगत प्रणाली व्यापार और वाणिज्य को सुगम बनाती थी।
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