भारत में कृषि अधिकारी कैसे बनें?

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कृषि अधिकारी कैसे बनें

भारत में कृषि अधिकारी एक ऐसा सरकारी पद है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों तक वैज्ञानिक खेती की जानकारी, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और कृषि विकास से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को निभाना होता है। यह पद अलग-अलग राज्यों में अलग नामों और कार्यक्षेत्रों जैसे- कृषि अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी या कृषि विस्तार अधिकारी के साथ मौजूद होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कृषि अधिकारी कैसे बनें, यदि नहीं तो ये लेख आपके लिए है। इस लेख में भारत में राज्य-स्तरीय कृषि अधिकारी बनने की शैक्षणिक योग्यता, प्रवेश प्रक्रिया, भर्ती चरण और करियर से जुड़ी वास्तविक जानकारी को सरल भाषा में समझाया गया है।

कृषि अधिकारी कौन होता है?

कृषि अधिकारी राज्य सरकार के कृषि विभाग के अंतर्गत कार्य करता है। उसका कार्य केवल किसानों को सलाह देना ही नहीं होता, बल्कि सरकारी कृषि योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करना, फसल उत्पादन से जुड़े आंकड़ों की रिपोर्टिंग करना और क्षेत्रीय कृषि समस्याओं का समाधान देना भी शामिल होता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि “कृषि अधिकारी” का कार्य-प्रोफाइल राज्य, विभाग और पदनाम के अनुसार बदल सकता है। इसलिए किसी एक परिभाषा को सभी जगह लागू नहीं किया जा सकता। आसान भाषा में समझें तो कृषि अधिकारी वो विशेषज्ञ होते हैं जिनका काम किसानों की खेती को आसान, आधुनिक और लाभदायक बनाना है।

कृषि अधिकारी ही किसानों को बताते हैं कि किस मौसम में कौन-सी फसल अच्छी चलेगी, कौन-सा बीज इस्तेमाल करना चाहिए, उर्वरक और दवाइयों का सही तरीका क्या है और पानी या कीटों की समस्या कैसे संभालनी है।

कृषि अधिकारी बनने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

सबसे पहले हम आपको कृषि अधिकारी बनने के सभी स्टेप विस्तार से समझाएंगे, ताकि आप यह समझ जाएं कि कृषि अधिकारी बनने की शुरूआत कहां से होती है और कौन-कौन से चरण हैं जिन्हें आपको तय करने पड़ेंगे। 

स्टेप 1: 12वीं के बाद सही स्ट्रीम चुनें

कृषि अधिकारी बनने के शुरूआत कक्षा 12वीं से ही हो जाती है। जहां आपको 12वीं कक्षा, साइंस स्ट्रीम यानि पीसीएमबी या फिर पीसीबी से करनी होती है। यदि 12वीं में आपके पास एग्रीकल्चर विषय था तो इससे कई अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं। इसीलिए कृषि अधिकारी बनने के लिए 12वीं में आपके पास ये विषय होने चाहिए। इसकी पात्रता शर्तें यूनिवर्सिटी और राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए प्रवेश से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन देखना ज़रूरी है।

स्टेप 2: कृषि क्षेत्र में सही डिग्री कोर्स चुनें

कृषि अधिकारी बनने के लिए सही डिग्री चुनना बहुत महत्वपूर्ण है। कृषि अधिकारी बनने के लिए कई कोर्स उपलब्ध हैं, जिन्हें कर आप एक सफल कृषि अधिकारी बनने की दिशा में कदम रख सकते हैं। नीचे सबसे मुख्य डिग्री और उनका विवरण दिया गया है:

A. कृषि अधिकारी के लिए कौन-से डिग्री कोर्स जरूरी हैं?

कोर्सअवधिविशेषताएं
बी.एससी.  एग्रीकल्चर4 सालयह खेती, मिट्टी, फसल, उर्वरक और कीट प्रबंधन का सबसे पूरा और मुख्य कोर्स है। 
बी.एससी.  होर्टीकल्चर4 सालयह आपको फल, फूल और सब्ज़ियों की खेती में एक्सपर्ट बनाता है। 
बी.एससी.  फॉरेस्ट्री4 सालइससे आपको जंगल, पेड़-पौधों और पर्यावरण संरक्षण का ज्ञान प्राप्त होता है। 
बी.एससी.  एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग4 सालइससे खेती में मशीनों और आधुनिक तकनीक का अध्ययन कराया जाता है।  

बी.एससी डेयरी/हसबैंडरी

4 सालइसमें दूध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य और डेयरी प्रबंधन सिखाया जाता है। 

बी.एससी फूड टेक्नोलॉजी

3–4 सालइसमें फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी, फूड केमिस्ट्री और पोषण विज्ञान जैसे अन्य विषयों के बारे में पढ़ाया जाता है। 

बी.एससी एग्री-बिज़नेस

3–4 सालइससे कृषि व्यवसाय, मार्केटिंग और फाइनेंस का ज्ञान प्राप्त होता है। 

बी.एससी सॉयल साइंस

4 सालइसमें मिट्टी की संरचना, उर्वरता, पोषक तत्व, सिंचाई और भूमि सुधार के तरीके सीखाए जाते हैं।

बी.एससी ऑर्गेनिक फार्मिंग

3–4 सालइसमें आपको ऑर्गेनिक फार्मिंगके तरीके बताए जाते हैं। 

नोट – यह स्पष्ट समझना ज़रूरी है कि हर कृषि-संबंधित डिग्री हर भर्ती के लिए पात्र नहीं होती। पात्रता हमेशा संबंधित राज्य की भर्ती अधिसूचना में तय की जाती है।

B. कृषि अधिकारी के लिए भारत के टॉप कॉलेज 

नीचे कृषि अधिकारी कोर्स करने के लिए प्रमुख कॉलेज  उनके रैंकिंग और स्थान के साथ दिए गए है:

रैंककॉलेजस्थानउपलब्ध कोर्सेजकुल फीस
1भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI)दिल्लीबी.एससी. कृषि, एम.एससी. कृषि, पीएच.डी., डिप्लोमा कोर्सलगभग  51,850 रूपए।
2राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI)करनालबी.टेक डेयरी टेक्नोलॉजी, एम.टेक, पीएच.डी., सर्टिफिकेट कोर्सलगभग 1.04 लाख रूपए।
3पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU)लुधियानाबी.एससी. कृषि, बी.एससी. बागवानी, एम.एससी. कृषि, पीएच.डी.लगभग 3.12 लाख रूपए।
4बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)वाराणसीबी.एससी. कृषि, बी.टेक. कृषि इंजीनियरिंग, एम.एससी., पीएच.डी.लगभग 1.70 लाख रूपए।
5तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालयकोयंबटूरबी.एससी. कृषि, बी.एससी. बागवानी, बी.टेक. कृषि इंजीनियरिंग, एम.एससी., पीएच.डीलगभग 1.65 लाख रूपए।

नोट: ध्यान दें कॉलेज की कुल फीस कोर्सेज पर निर्भर करती है, जिसका बदलना संभव है।

C. इन कॉलेजों में एडमिशन कैसे लें?

कृषि अधिकारी बनने के लिए जब आप सही कोर्स और कॉलेज चुन लेते हैं, तो अगला चरण एडमिशन एंट्रेंस एग्ज़ाम देने का होता है। भारत में कृषि से जुड़ी डिग्रियों में प्रवेश लेने के लिए कई प्रकार के परीक्षाएँ होती हैं। नीचे सबसे मुख्य और ज़्यादा मान्यता प्राप्त एंट्रेंस एग्ज़ाम दिए गए हैं:

एंट्रेंस एग्जामसंस्थान
CUET–UGयह परीक्षा सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बी.एससी एग्रीकल्चर जैसे कोर्सों में एडमिशन लेने के लिए ली जाती है।यदि आप सरकारी या अच्छे केंद्रीय कृषि कॉलेज से पढ़ना चाहते हैं, तो CUET एग्जाम बहुत अहम है।
ICAR–AIEEA / NTA एग्रीकल्चर एग्जामइस एग्जाम के ज़रिये देश की मशहूर कृषि विश्वविद्यालयों में बी.एससी, बी.टेक (Agri) और अन्य कृषि कोर्सों में एडमिशन मिलता है।
इसे कृषि क्षेत्र का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित एंट्रेंस माना जाता है।
राज्य स्तरीय कृषि प्रवेश परीक्षाएँMHT-CET (एग्रीकल्चर) – महाराष्ट्र
राजस्थान JET
बिहार BCECE
यूपी एग्रीकल्चर प्रवेश परीक्षा 
एमपी पैट 
तेलंगाना EAMCET (अग्री)
एपी EAMCET (अग्री)

नोट – ध्यान रखने योग्य बात ये है कि प्रवेश प्रक्रिया और सीटों की संख्या हर वर्ष बदल सकती है।

स्टेप 3: पढ़ाई के दौरान ज़रूरी स्किल्स विकसित करें

  • ज्ञान- खेती, फसल, मिट्टी, बीज, खाद और कीट-नाशक की अच्छी जानकारी होनी आवश्यक है।
  • समझ- इसके लिए किसानों की समस्याएँ समझकर सही समाधान देने की क्षमता होनी ज़रूरी है।
  • फील्डवर्क- गांव और खेतों में जाकर काम करने की आदत और व्यावहारिक अनुभव होना ज़रूरी है।
  • अच्छी भाषा-  किसानों से सरल भाषा में बात करने के लिए अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स ज़रूरी हैं।
  • रिपोर्टिंग- रिपोर्ट बनाना, कागज़ी काम और डेटा संभालने की क्षमता होनी चाहिए।
  • तकनीक-  नई कृषि तकनीक, ड्रोन, सेंसर और एग्री-टेक टूल्स की जानकारी होनी चाहिए।
  • अपडेट-  मॉडर्न खेती तरीकों और क्रॉप प्रोडक्शन का ताज़ा ज्ञान होना चाहिए।
  • टीमवर्क-  किसानों और सहकर्मियों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता होनी चाहिए।
  • योजनाएँ- सरकारी कृषि योजनाओं, सब्सिडी और नीतियों की सामान्य जानकारी होना ज़रूरी है।

स्टेप 4: कृषि क्षेत्र में इंटर्नशिप या प्रैक्टिकल ट्रेनिंग करें

कृषि अधिकारी बनने के लिए कोर्स पूरा करने के बाद आपको कृषि विज्ञान केन्द्र, ICAR इंस्टीट्यूट और स्टेट एग्रीकल्चर जैसे विभागों से इंटर्नशिप या फिर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग करनी चाहिए। यहां काम करने से आपको ग्राउंड लेवल का अनुभव मिलता है। सरकारी विभागों के अनुभव आपके भविष्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसकी सहायता से आप इंटरव्यू में रियल लाइफ एग्ज़ाम्पल दे पाते हैं, जो आपको करियर के लिए अच्छा स्कोप बन सकता है।  

स्टेप 5: कॉलेज के बाद कृषि अधिकारी बनने के लिए भर्ती प्रक्रिया

कॉलेज या डिग्री पूरा करने के बाद, अब आप सीधे कृषि अधिकारी बनने के लिए भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं। कृषि अधिकारी बनने के लिए राज्य और केंद्रीय स्तर पर अलग-अलग परीक्षाएँ होती हैं। इस प्रक्रिया में कई स्टेप्स होते हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है। नीचे हर स्टेप को विस्तार से बताया गया है:

ऑनलाइन आवेदन 

  1. सबसे पहले संबंधित राज्य कृषि सेवा आयोग, PSC या UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
  2. ऑनलाइन फॉर्म भरें और सभी आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
  • पहचान प्रमाण (Aadhaar, PAN, Passport)
  • डिग्री / मार्कशीट
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • फोटो और सिग्नेचर
  1. आवेदन शुल्क जमा करें।

प्रारंभिक परीक्षा

  • यह एक MCQ आधारित परीक्षा होती है।
  • इसमें कृषि विज्ञान, सामान्य विज्ञान और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल आते हैं।
  • इस चरण को पास करना जरूरी है, तभी आप अगले चरण में जा सकते हैं।

मुख्य परीक्षा 

  • मेन्स लिखित परीक्षा होती है।
  • इसमें कृषि विषय, फसल उत्पादन, मिट्टी विज्ञान, बीज, उर्वरक, सिंचाई और जल प्रबंधन जैसे विषयों पर गहराई से सवाल पूछे जाते हैं।
  • अच्छे अंक लाने के लिए पिछले सालों के प्रश्नपत्रों और मॉक टेस्ट से तैयारी बहुत मददगार होती है।

 इंटरव्यू 

  • मेन्स पास करने के बाद आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।
  • इंटरव्यू में उम्मीदवार से ग्रामीण क्षेत्र की खेती, किसानों की समस्याएँ, सरकारी योजनाओं और नई कृषि तकनीकों के बारे में सवाल पूछे जाते हैं।
  • यहाँ आपका व्यावहारिक अनुभव, संवाद कौशल और समाधान देने की क्षमता परखा जाता है।

 मेडिकल टेस्ट और दस्तावेज़ सत्यापन

  • इंटरव्यू में पास होने के बाद मेडिकल टेस्ट होता है, जिसमें आपकी शारीरिक फिटनेस, आंखें और सामान्य स्वास्थ्य जांचा जाता है।
  • इसके बाद दस्तावेज़ सत्यापन होता है। इसमें आपकी डिग्री, उम्र प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जांच होती है।

फाइनल चयन और पोस्टिंग

सभी चरणों के सफलतापूर्वक पूरा हाने के बाद आपकी पोस्टींग एककृषि अधिकारी के तौर पर निम्न विभागों में की जाती है:

  • कृषि विभाग
  • कृषि विज्ञान केंद्र
  • जिला कृषि कार्यालय
  • ब्लॉक कृषि कार्यालय

कृषि अधिकारी बनने के बाद करियर स्कोप और सैलरी

परीक्षा पास करने और चयन होने के बाद आपके सामने नौकरी के कई विकल्प खुल जाते हैं। आप सरकारी विभागों से लेकर बैंकों और रिसर्च संस्थानों तक अलग-अलग जगह काम कर सकते हैं। सरकारी सेक्टर में कृषि अधिकारी की शुरुआती सैलरी 40 से 50 हज़ार प्रति माह होती है। अनुभव बढ़ने पर यह सैलरी 1 लाख से जयादा भी हो सकती है। इसके अलावा उन्हें कई भत्ते और सुविधाएं भी मिलती है। नौकरी के प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित है:-

  • राज्य कृषि विभाग
  • कृषि फील्ड अधिकारी
  • राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
  • भारतीय खाद्य निगम

FAQs

कृषि अधिकारी बनने के लिए कौन-सी डिग्री जरूरी है?

कृषि अधिकारी बनने के लिए मूल रूप से संबंधित क्षेत्र (जैसे B.Sc एग्रीकल्चर या अन्य कृषि-संबंधित विषय) में स्नातक डिग्री होना जरूरी है। 12वीं (साइंस स्ट्रीम) पास होना इस तरह की डिग्री में एडमिशन लेने की शुरुआती शर्त है, लेकिन केवल 12वीं पास उम्मीदवार सीधे कृषि अधिकारी पद के लिए पात्र नहीं माने जाते।

कृषि अधिकारी बनने के लिए कौन सी परीक्षा होती है?

कृषि अधिकारी बनने के लिए राज्य या केंद्र द्वारा आयोजित संबंधित प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है।

कृषि अधिकारी की कौन-सी परीक्षा आसान है?

कृषि अधिकारी की कौन‑सी परीक्षा आसान यह कहना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन कुछ मामलों में राज्य स्तर की भर्ती परीक्षा और बैंकों के एग्रीकल्चर फील्ड ऑफीसर बनने के लिए दी गई परीक्षा अपेक्षाकृत सरल होती है।

क्या प्राइवेट सेक्टर में एग्रीकल्चर ऑफीसर की नौकरी मिलती है?

हाँ, प्राइवेट सेक्टर में एग्रीबिज़नेस कंपनियों, बीज / उर्वरक / कृषि इनपुट कंपनियों, खाद्य प्रसंस्करण, फार्म-मैनेजमेंट और सलाहकार सेवाओं में नौकरी के अवसर मौजूद हैं।

कृषि अधिकारी बनने में कितना समय लगता है?

यदि आप 12वीं के बाद एग्रीकल्चर कोर्स करते हैं तो ग्रैजुएशन करने में आपको 3 से 4 साल लग सकते हैं। उसके बाद 1 से 2 साल एग्जाम की तैयारी में। कुल मिलाकर आपको 5 से 6 साल लगता है। 

हमें उम्मीद है कि इस लेख से आपको कृषि अधिकारी बनने की पूरी जानकारी मिल गई होगी। अन्य करियर से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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