JBT कोर्स यानी जूनियर बेसिक ट्रेनिंग 12वीं के बाद किया जाने वाला 2 साल का डिप्लोमा कोर्स है। नेशनल कॉउन्सिल फॉर टीचर एजुकेशन (ncte.gov.in) ने इसे ऑफिशियली डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन यानी D.El.Ed नाम दिया है, हालाँकि अलग-अलग राज्यों में यह D.Ed, BTC या JBT नाम से भी जाना जाता है।
NCTE रेगुलेशंस 2014 (ncte.gov.in) के अनुसार यह कोर्स कक्षा 1 से 8 तक यानी प्राइमरी और अपर प्राइमरी दोनों स्तर के बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को तैयार करता है। कोर्स में थ्योरी, प्रैक्टिकल और कम से कम 20 हफ्ते की स्कूल इंटर्नशिप शामिल होती है।
अगर आप शिक्षण क्षेत्र में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं और वो भी 12वीं के बाद कम समय में तो JBT/D.El.Ed एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस लेख में JBT कोर्स से जुड़ी हर जरूरी जानकारी दी गई है।
| विवरण | जानकारी |
| कोर्स का नाम | जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT), वर्तमान में अधिकतर राज्यों में D.El.Ed के नाम से जाना जाता है। (NCTE ने इसे officially “Diploma in Elementary Education” नाम दिया है।) |
| कोर्स का प्रकार | शिक्षक प्रशिक्षण डिप्लोमा (Teacher Training Diploma) |
| उद्देश्य | कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षक तैयार करना |
| अवधि | 2 वर्ष (अधिकतर सेमेस्टर सिस्टम में) |
| पात्रता | 12वीं पास, सामान्यतः 50% अंक (आरक्षित वर्ग को छूट मिल सकती है) |
| प्रवेश प्रक्रिया | राज्य स्तर पर मेरिट या प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन |
| मान्यता | नेशनल कॉउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) से मान्यता जरूरी |
| कोर्स की संरचना | थ्योरी, प्रैक्टिकल और स्कूल इंटर्नशिप |
| मुख्य विषय | बाल विकास, शिक्षण विधियाँ, गणित और भाषा शिक्षण, पर्यावरण अध्ययन |
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JBT कोर्स क्यों करें?
जेबीटी कोर्स को करने से पहले आप उन कारणों को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से जान सकते हैं, जो आपको बताएंगे कि जेबीटी कोर्स आपको क्यों करना चाहिए –
- JBT/D.El.Ed कोर्स आपको कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रोफेशनली तैयार करता है। अगर आप शिक्षक के तौर पर करियर शुरू करना चाहते हैं तो यह एक सीधा और स्पष्ट रास्ता है।
- यह एक डिप्लोमा कोर्स है जिसे 12वीं के बाद सिर्फ 2 साल में पूरा किया जा सकता है यानी ग्रेजुएशन की प्रतीक्षा किए बिना आप जल्दी टीचिंग फील्ड में कदम रख सकते हैं।
- कोर्स पूरा करने के बाद आप CTET या अपने राज्य की TET परीक्षा देकर सरकारी प्राथमिक शिक्षक बनने के योग्य हो जाते हैं।
- भारत में प्राथमिक स्तर पर योग्य शिक्षक की माँग लगातार बनी हुई है। हर साल विभिन्न राज्यों में प्राइमरी टीचर की सरकारी भर्तियाँ निकलती हैं, जिनके लिए JBT/D.El.Ed एक अनिवार्य योग्यता है।
D.Ed कोर्स की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें: D.Ed कोर्स क्या है?
JBT कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
JBT/D.El.Ed में एडमिशन लेने से पहले यह जान लें कि योग्यता संबंधी कुछ नियम राज्य के अनुसार अलग-अलग होते हैं –
- किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी स्ट्रीम में 10+2 पास होना जरूरी है। एनसीटीई के अनुसार न्यूनतम 50% अंक आवश्यक हैं, हालाँकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार छूट मिलती है।
- उत्तर प्रदेश में यह कोर्स 12वीं के बाद नहीं होता वहाँ डी.एल.एड में प्रवेश के लिए ग्रेजुएशन अनिवार्य है।
- आयु सीमा राज्य के अनुसार अलग होती है हरियाणा में 18 से 42 वर्ष, हिमाचल प्रदेश में 18 से 47 वर्ष, राजस्थान में अधिकतम 28 वर्ष, और दिल्ली में अधिकतम 24 वर्ष। इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य की ऑफिशियल वेबसाइट जरूर देखें।
- प्रवेश प्रक्रिया भी राज्य के अनुसार अलग होती है कुछ राज्यों में मेरिट के आधार पर सीधे एडमिशन मिलता है, जबकि हिमाचल प्रदेश में एचपी डी.एल.एड सीईटी और राजस्थान में प्री डी.एल.एड एंट्रेंस एग्जाम अनिवार्य है।
- ध्यान रखें ओपन बोर्ड या प्राइवेट बोर्ड से किया गया डी.एल.एड सरकारी नौकरी के लिए मान्य नहीं है। सरकारी भर्ती के लिए एनसीटीई-रिकग्नाइज़्ड रेगुलर 2-ईयर डिप्लोमा ही वैध होता है।
D.El.Ed की पूरी जानकारी के लिए यह भी पढ़ें: D.El.Ed कोर्स डिटेल्स
JBT कोर्स में एडमिशन कैसे होता है?
JBT कोर्स में एडमिशन राज्य स्तर पर होता है और इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की प्रक्रिया उपलब्ध है-
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले आप अपने नजदीकी DIET या टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में जाएं, जहाँ से आप इस कोर्स को करना चाहते हैं।
- जेबीटी कोर्स के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद आप अपने लिए एडमिशन फॉर्म को प्राप्त करें।
- एडमिशन फॉर्म में मांगी गई शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी को सही तरीके से भरें।
- अब एडमिशन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेजों की कॉपी को अटैच करें।
- इसके बाद आप आवेदन फॉर्म की फीस भरें और अपने फॉर्म को सबमिट करें।
- यदि आपके द्वारा चुने गए संस्थान में प्रवेश परीक्षा का आयोजन होता है तो परीक्षा में पास होकर कॉउंसलिंग प्रक्रिया का हिस्सा बनें। यदि एडमिशन मेरिट बेस्ड होता है तो मेरिट लिस्ट की प्रतीक्षा करें।
- अंत में अपना डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन कराएं और अपनी एडमिशन प्रोसेस को पूरा करें।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले अपने द्वारा चुने गए संस्थान या कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट को विजिट करें।
- वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करें, रजिस्ट्रेशन करते समय अपनी डिटेल जैसे – मोबाइल नंबर और ईमेल आदि को ध्यानपूर्वक भरें।
- रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरें और आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
- नेट बैंकिंग या ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से आवेदन शुल्क जमा करें और फॉर्म फाइनल सबमिट करें।
- यदि संस्थान में प्रवेश परीक्षा होती है तो उसे पास करें और काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लें। यदि एडमिशन मेरिट बेस्ड है तो मेरिट लिस्ट जारी होने की प्रतीक्षा करें।
- अंत में डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन कराएं और अपनी एडमिशन प्रोसेस पूरी करें।
JBT कोर्स में एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेज
यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए प्रशिक्षण केंद्रों/संस्थानों द्वारा मांगे जाते हैं। जेबीटी कोर्स में एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी को आप अपने द्वारा चुने गए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।
- शैक्षणिक प्रमाणपत्र (10वीं, 12वीं या ग्रेजुएशन की मार्कशीट – कोर्स लेवल के अनुसार)
- आधार कार्ड
- वोटर आईडी/पैन कार्ड/पासपोर्ट (यदि आपके पास आधार कार्ड उपलब्ध न हो)
- स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) और माइग्रेशन सर्टिफिकेट
- चरित्र प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि आप आरक्षित श्रेणी में हैं या यदि संस्थान में लगाना अनिवार्य है।)
- पासपोर्ट साइज फोटो
JBT कोर्स का सिलेबस
जेबीटी कोर्स का सिलेबस अधिकांश संस्थानों में एक जैसा रहता है, हालाँकि कुछ-कुछ संस्थानों में इसमें भिन्नता देखी जा सकती है। इसलिए इस कोर्स में आवेदन से पहले आप अपने संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर सिलेबस और योग्यता को ध्यानपूर्वक चेक करें। यहाँ दिया गया सिलेबस दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च (DITR) की आधिकारिक वेबसाइट से लिया गया है, जिसे आप आधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं –
| कोर्स का नाम | सिलेबस |
| फ़ॉउंडेशन्स कोर्स | उभरते भारतीयों में शिक्षा, बालक और सीखने की प्रक्रिया को समझना (शैक्षिक मनोविज्ञान), प्राथमिक स्तर पर शैक्षिक प्रबंधन, एजुकेशनल टेक्नोलॉजी, शांति, मूल्य, पर्यावरण और मानवाधिकारों के लिए शिक्षा, हिंदी शिक्षण, सामाजिक अध्ययन शिक्षण, पर्यावरण विज्ञान शिक्षण, गणित शिक्षण, अंग्रेजी शिक्षण, जनसंख्या शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा योग, सेशनल वर्क (पीईटी/योग), कला शिक्षा एवं कार्य अनुभव (थ्योरी एंड प्रैक्टिकल) |
| पेडागोजिकल कोर्स | मातृभाषा (हिंदी) का शिक्षण,अंग्रेजी भाषा का शिक्षण, गणित का शिक्षण, पर्यावरण अध्ययन (विज्ञान) का शिक्षण, पर्यावरण अध्ययन (सामाजिक-अध्ययन) का शिक्षण, कार्य अनुभव का शिक्षण, कला शिक्षा का शिक्षण, स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा का शिक्षण |
| प्रैक्टिकल वर्क | प्रैक्टिकल वर्क: को-करिक्युलर एक्टिविटीज, कम्युनिटी वर्क। NCTE रेगुलेशंस 2014 (ncte.gov.in) के अनुसार इस कोर्स में कम से कम 20 हफ्ते की स्कूल इंटर्नशिप अनिवार्य है – पहले साल 4 हफ्ते क्लासरूम ऑब्ज़र्वेशन और दूसरे साल 16 हफ्ते एक्चुअल टीचिंग। |
JBT कोर्स के लिए प्रमुख कॉलेज और अनुमानित फीस
JBT कोर्स को अधिकांश राज्यों में D.El.Ed के नाम से जाना जाता है। यहाँ कुछ प्रमुख संस्थानों का नाम और उनकी अनुमानित फीस दी गई है। आवेदन से पहले संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट पर फीस जरूर कन्फर्म करें क्योंकि यह हर साल बदल सकती है।
| कॉलेज का नाम | स्थान | प्रकार | कोर्स | अनुमानित कुल फीस |
| महाराजा अग्रसेन कॉलेज ऑफ एजुकेशन | हरियाणा | प्राइवेट | JBT/D.El.Ed | INR 30,000 – INR 70,000 |
| स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन | यमुनानगर, हरियाणा | प्राइवेट | JBT | INR 40,000 – INR 80,000 |
| जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) | विभिन्न राज्य | सरकारी | D.El.Ed/JBT | INR 10,000 – INR 50,000 |
| द्वारका दास मेमोरियल साई कॉलेज ऑफ एजुकेशन | हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश | प्राइवेट | JBT | INR 10,000 – INR 60,000 |
| अभिलाषी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज ऑफ एजुकेशन | मंडी, हिमाचल प्रदेश | प्राइवेट | JBT | INR 30,000 – INR 70,000 |
| ग्रीनवुड कॉलेज ऑफ एजुकेशन | करनाल, हरियाणा | प्राइवेट | JBT | INR 25,000 – INR 60,000 |
| ज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर एजुकेशन | कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश | प्राइवेट | JBT | INR 20,000 – INR 50,000 |
| शिमला कॉलेज ऑफ एजुकेशन | शिमला, हिमाचल प्रदेश | प्राइवेट | JBT | INR 50,000 – INR 90,000 |
| सिटी कॉलेज ऑफ BTC | लखनऊ, उत्तर प्रदेश | प्राइवेट | BTC/D.El.Ed | INR 20,000 – INR 60,000 |
JBT कोर्स करने के बाद करियर स्कोप और सैलरी
जेबीटी कोर्स करने के बाद आप सरकारी और निजी प्राथमिक विद्यालय, गैर-सरकारी संगठन (NGOs), कोचिंग और ट्यूटोरियल सेंटर में विभिन्न जॉब प्रोफाइल्स पर काम कर सकते हैं। नीचे कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल और उनकी अनुमानित सैलरी दी गई है –
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित सालाना सैलरी (INR) |
| टीचर | INR 2.6 लाख – INR 2.9 लाख |
| एजुकेशन काउंसलर | INR 3.3 लाख – INR 3.7 लाख |
| एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेटर | INR 3.9 लाख – INR 4.3 लाख |
| चाइल्ड केयर वर्कर | INR 1.7 लाख – INR 1.9 लाख |
नोट – यहाँ अनुमानित सैलरी की जानकारी Ambitionbox.com के डेटा के आधार पर दी गई है। यह कंपनी, शहर, अनुभव और स्किल्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
सरकारी प्राथमिक शिक्षक बनने की पूरी प्रक्रिया जानने के लिए पढ़ें: सरकारी टीचर कैसे बनें?
FAQs
जेबीटी कोर्स 2 साल (4 सेमेस्टर) का होता है। NCTE Regulations 2014 (ncte.gov.in) के अनुसार इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल के साथ-साथ कम से कम 20 हफ्ते की स्कूल इंटर्नशिप भी अनिवार्य है जिसमें आपको वास्तविक क्लासरूम का अनुभव मिलता है।
12वीं में कम से कम 50% अंकों के साथ पास होने के बाद अपने राज्य की ऑफिशियल वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करें और आवेदन फॉर्म भरें। ध्यान रखें उत्तर प्रदेश में 12वीं के बाद जेबीटी नहीं होता, वहाँ ग्रेजुएशन अनिवार्य है। कुछ राज्यों में मेरिट-बेस्ड एडमिशन होता है जबकि हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में एंट्रेंस एग्जाम अनिवार्य है।
जेबीटी कोर्स में शिक्षा शास्त्र, बाल मनोविज्ञान, शिक्षण विधि, हिंदी शिक्षण, गणित शिक्षण, पर्यावरण अध्ययन, अंग्रेज़ी शिक्षण, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा और कला शिक्षा जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं।
जेबीटी को डी.एल.एड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन), डी.एड और बीटीसी के नाम से भी जाना जाता है। एनसीटीई ने इसे ऑफिशियली डी.एल.एड नाम दिया है, हालाँकि अलग-अलग राज्यों में यह अलग नामों से जाना जाता है।
जेबीटी एक डिप्लोमा कोर्स है, डिग्री नहीं। यह एनसीटीई-रिकग्नाइज़्ड टीचर ट्रेनिंग डिप्लोमा है।
Ambitionbox.com के अनुसार जेबीटी के बाद टीचर की अनुमानित सालाना सैलरी आईएनआर 2.6 लाख से आईएनआर 2.9 लाख तक हो सकती है। सरकारी प्राइमरी टीचर की सैलरी पे स्केल और ग्रेड पे के अनुसार राज्यवार अलग होती है।
यह राज्य के अनुसार अलग होता है। हरियाणा में आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर, राजस्थान में नवंबर-दिसंबर और हिमाचल प्रदेश में HP D.El.Ed CET के बाद काउंसलिंग होती है। अपने राज्य की ऑफिशियल वेबसाइट पर डेट्स जरूर चेक करें।
जूनियर बेसिक ट्रेनिंग कोर्स पूरा करने के बाद आप प्राथमिक विद्यालय शिक्षक, ट्यूशन शिक्षक, एजुकेशन काउंसलर या प्राइवेट स्कूलों में असिस्टेंट टीचर के रूप में काम कर सकते हैं।
जेबीटी शिक्षक बनने के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं में न्यूनतम 50% अंकों के साथ pass करना होता है। इसके साथ NCTE मान्यता प्राप्त JBT/D.El.Ed डिप्लोमा पूरा करने के बाद राज्य स्तर की TET (जैसे REET, HTET) या केंद्र स्तर की CTET (पेपर – 1) पास करना होता है।
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