डी फार्मा कोर्स: आवश्यक योग्यता, सिलेबस, कॉलेज और करियर स्कोप

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डी फार्मा कोर्स

डी फार्मा का पूरा नाम ‘डिप्लोमा इन फार्मेसी’ है। यह भारत में फार्मेसी सेक्टर का एक एंट्री-लेवल व्यावसायिक डिप्लोमा कोर्स है, जिसकी अवधि लगभग 2 वर्ष होती है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए अच्छा विकल्प है जो कम समय में फार्मेसी प्रैक्टिस, दवा वितरण या मेडिकल स्टोर संचालन से जुड़ा व्यावहारिक करियर शुरू करना चाहते हैं। इस कोर्स के बाद आप फार्मेसिस्ट, लैब असिस्टेंट, मेडिकल ट्रांसक्रिप्शनिस्ट, डिस्पेंसिंग असिस्टेंट व मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) आदि पदों पर कार्य कर सकते हैं। यदि आप डी फार्मा कोर्स से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह लेख पूरा पढ़ें।

डी फार्मा कोर्स क्या है?

डिप्लोमा इन फार्मेसी एक 2 वर्ष का अंडरग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स है, जिसे ‘फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया’ (PCI) द्वारा मान्यता प्राप्त है। यह कोर्स आपको फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री, कम्युनिटी फार्मेसी और अस्पताल में दवा वितरण जैसे कार्यों के लिए तैयार करता है। इसमें दवा निर्माण, उपयोग और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी मूलभूत जानकारी दी जाती है। वहीं कोर्स पूरा करने के बाद 3 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप करनी होती है, जिसके बाद आप भारत में रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट बनने के योग्य हो जाते हैं।

ध्यान दें कि यह कोर्स पूरा करने के बाद आपको संबंधित ‘राज्य फार्मेसी काउंसिल’ में पंजीकरण कराना आवश्यक होता है, तभी आप कानूनी रूप से फार्मासिस्ट के रूप में कार्य कर सकते हैं।

डी फार्मा कोर्स के लिए योग्यता

डी फार्मा कोर्स में एडमिशन के लिए सामान्य पात्रता मानदंड इस प्रकार है:

  • शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 या समकक्ष परीक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी/मैथ्स (PCB/PCM) विषयों के साथ पास की होनी चाहिए।  
  • न्यूनतम अंक: भारत के अधिकांश संस्थानों में डी फार्मा कोर्स में एडमिशन के लिए न्यूनतम 55% अंक आवश्यक होते हैं; हालांकि कुछ संस्थानों में यह अधिक हो सकता है या आरक्षित वर्ग को न्यूनतम अंकों में छूट मिल सकती है।
  • आयु सीमा: सामान्यतः इस कोर्स के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष होनी चाहिए। 

नोट: आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान में अप्लाई करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से एडमिशन क्राइटेरिया की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। 

डी फार्मा कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षाएं

भारत के कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों में डी फार्मा कोर्स में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है, जैसे:

परीक्षा का नामसंचालन स्तरसंचालन संस्था/राज्यमहत्वपूर्ण जानकारी
UPSEE / UPTAC (अब CUET के माध्यम से भी)राज्य स्तरउत्तर प्रदेश सरकारउत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी फ़ार्मेसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रमुख परीक्षा।
MHT CET (Maharashtra Common Entrance Test)राज्य स्तरमहाराष्ट्र सरकारमहाराष्ट्र राज्य के फ़ार्मेसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
WBJEE (West Bengal Joint Entrance Examinations)राज्य स्तरपश्चिम बंगाल सरकारपश्चिम बंगाल के फ़ार्मेसी और इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए।
KEAM (Kerala Engineering Architecture Medical)राज्य स्तरकेरल सरकारकेरल राज्य के फ़ार्मेसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए उपयोग की जाती है।
उत्तराखंड फार्मेसी प्रवेश परीक्षा राज्य स्तरउत्तराखंड तकनीकी शिक्षा बोर्ड (UBTER)उत्तराखंड राज्य के संस्थानों में D.Pharma प्रवेश के लिए।
अन्य राज्य-स्तरीय CET/PETराज्य/संस्थान स्तरसंबंधित राज्य/विश्वविद्यालयबिहार, पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में अपनी अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं होती हैं।
मेरिट-आधारित प्रवेशसंस्थान स्तरविभिन्न निजी कॉलेजकई निजी कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थान 12वीं के अंकों के आधार पर सीधे प्रवेश देते हैं।

डी फार्मा कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया

डी फार्मा कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। हालांकि सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:

  • डी फार्मा कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपने चुने हुए कॉलेज या संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद ‘डी फार्मा’ कोर्स का चयन करें। 
  • अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी और पर्सनल डिटेल्स आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म फिल करें। 
  • इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें। 
  • यदि एडमिशन प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी।
  • अपनी सीट कंफर्म करने के लिए तय डेडलाइन के भीतर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराएं और निर्धारित एडमिशन फीस सबमिट करने के बाद  एडमिशन कंफर्म करें। 
  • एडमिशन प्रोसेस पूरा होने के बाद डी फार्मा कोर्स कॉलेज के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार शुरू होता है। 

डी फार्मा कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज

यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज या संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं:

  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट
  • फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड)
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • निवास/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो)
  • अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)

डी फार्मा कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान

यहां भारत के कुछ प्रमुख संस्थानों की सूची दी गई है, जहां से आप डी फार्मा कोर्स कर सकते हैं:

क्रम संख्यासंस्थान का नामस्थान
1जामिया हमदर्द (Jamia Hamdard)नई दिल्ली, दिल्ली
2बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS), पिलानीपिलानी, राजस्थान
3पंजाब यूनिवर्सिटी (Panjab University)चंडीगढ़, चंडीगढ़
4जेएसएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी (JSS College of Pharmacy)ऊटी, तमिलनाडु
5नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फ़ार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER)हैदराबाद, तेलंगाना
6इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT)मुंबई, महाराष्ट्र
7जेएसएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी (JSS College of Pharmacy)मैसूरु, कर्नाटक
8मणिपाल कॉलेज ऑफ फ़ार्मास्युटिकल साइंसेज (MCOPS)उडुपी, कर्नाटक
9नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फ़ार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER)मोहाली, पंजाब
10एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (SRM Institute of Science and Technology)चेन्नई, तमिलनाडु

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डी फार्मा कोर्स की अनुमानित फीस

भारत में डी फार्मा कोर्स की फीस राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। यहां आपके लिए सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में डी फार्मा कोर्स की औसत फीस रेंज दी गई है:

कॉलेज का प्रकारअनुमानित वार्षिक फीस रेंज (INR)
सरकारी कॉलेज से पूरे कोर्स की फीसलगभग INR 50,000 – INR 1,00,000
प्राइवेट कॉलेज से पूरे कोर्स की फीसलगभग INR 90,000 – INR 2,00,000
सरकारी कॉलेज से वार्षिक फीसINR 8,000 – INR 50,000 प्रति वर्ष
प्राइवेट कॉलेज से वार्षिक फीसINR 70,000 – INR 1.5 लाख प्रति वर्ष

नोट: दी गई जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है। आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान या कॉलेज में आवेदन करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से फीस स्ट्रक्चर की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

डी फार्मा कोर्स का सिलेबस

भारत के विभिन्न फार्मा संस्थानों में डी फार्मा कोर्स का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है। इसलिए आप एडमिशन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य जांच लें।

यहां डी फार्मा कोर्स का सिलेबस ‘एल.एम. कॉलेज ऑफ फार्मेसी (LMCP), अहमदाबाद’ की आधिकारिक वेबसाइट lmcp.ac.in के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:

प्रथम वर्ष 
ह्यूमन एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजीफार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री
फार्मास्यूटिक्सफार्माकोग्नॉसी
सोशल फार्मेसी
द्वितीय वर्ष 
फार्माकोलॉजीकम्युनिटी फार्मेसी एंड मैनेजमेंट
बायोकेमिस्ट्री एंड क्लिनिकल पैथोलॉजीफार्माकोथेराप्यूटिक्स
हॉस्पिटल एंड क्लिनिकल फार्मेसीफार्मेसी लॉ एंड एथिक्स

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डी फार्मा के बाद रोजगार के क्षेत्र

आप डी फार्मा कोर्स पूरा करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:

  • सरकारी और प्राइवेट अस्पताल
  • मेडिकल स्टोर व केमिस्ट शॉप
  • फार्मास्यूटिकल कंपनियां
  • ड्रग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
  • क्लीनिक और नर्सिंग होम
  • रिसर्च लैब्स
  • होलसेल दवा बाजार
  • सरकारी स्वास्थ्य विभाग
  • NGO और हेल्थ ऑर्गनाइजेशन
  • ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां 

डी फार्मा कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी

डी फार्मा करने के बाद मिलने वाली अनुमानित सालाना सैलरी Ambitionbox.com के अनुसार नीचे दी गई तालिका में दी गई है। हालांकि वास्तविक सैलरी आपके अनुभव, कौशल और परफॉर्मेंस के आधार पर इससे अधिक भी हो सकती है:

जॉब प्रोफाइलअनुमानित सालाना सैलरी (INR)
रिसर्च ऑफिसर2.2 लाख – 9.3 लाख
एनालिटिकल केमिस्ट1.5 लाख – 5.8 लाख
प्रोडक्शन एक्सक्यूटिव ऑफिसर2.4 लाख – 10 लाख
साइंटिफिक ऑफिसर2 लाख – 15.6 लाख
फार्मासिस्ट1.2 लाख – 4 लाख
हेल्थ इंस्पेक्टर1.1 लाख – 5.5 लाख

FAQs

डी फार्मा क्या होता है?

डी फार्मेसी का पूरा नाम ‘डिप्लोमा इन फार्मेसी’ है, यह एक दो वर्षीय व्यावसायिक डिप्लोमा कोर्स है, जो छात्रों को दवाइयों के वितरण, नुस्खों को समझने और फार्मेसी संचालन के प्रबंधन जैसी प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाता है।

क्या डी-फार्मा के छात्र डॉ. का उपयोग कर सकते हैं?

डी-फार्मा के छात्र आधिकारिक तौर पर अपने नाम के साथ डॉ. का उपयोग नहीं कर सकते हैं, बल्कि ‘डॉक्टर ऑफ फार्मेसी’ (Pharm.D.) की डिग्री धारकों को ही फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) द्वारा आधिकारिक तौर पर इसकी अनुमति मिलती है।

क्या मैं बिना केमिस्ट्री के डी-फार्मा कर सकता हूँ?

नहीं आप बिना केमिस्ट्री के डी-फार्मा नहीं कर सकते हैं, इसे आधिकारिक पात्रता मानदंड के अनुसार योग्य नहीं माना जाता है।

डी फार्मा करके क्या बन सकते हैं?

डी फार्मा पूरा करने के बाद आप कानूनी रूप से रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट बन सकते हैं और हॉस्पिटल, कम्युनिटी फार्मेसी, मेडिकल स्टोर या फार्मास्यूटिकल कंपनियों में फार्मासिस्ट के रूप में काम कर सकते हैं।

डी फार्मा करने के लिए योग्यता क्या है?

डी फार्मा कोर्स में एडमिशन के लिए आपका 10+2 या समकक्ष परीक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी/मैथ्स (PCB/PCM) विषयों के साथ किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

B Pharma और D Pharma में क्या अंतर है?

बी फार्मा एक 4 वर्षीय अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स है जो फार्मास्यूटिकल साइंस और अनुसंधान में गहन ज्ञान प्रदान करता है। वहीं डी फार्मा एक 2 वर्षीय डिप्लोमा कोर्स है जो आपको हॉस्पिटल, कम्युनिटी फार्मेसी और मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट के रूप में व्यावहारिक प्रशिक्षण देता है।

आशा है कि इस लेख में आपको डी फार्मा कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

17 comments
    1. सुलतान जी, राजस्थान में कई ऐसे इंस्टिट्यूट है जो डी फार्मा का कोर्स करवाते हैं।

    1. राहुल जी, आप बिलकुल कर सकते हैं। इसके लिए आपको 10वीं में 40% अंक लाने की आवश्यकता होगी।

    1. संजीव जी, आपका उत्तर स्पष्ट नहीं है। वर्ष 1988 में आपने 12th पास की है या आपके 12th में 88% हैं?

    1. हैलो प्रदुम, डी फार्मेसी का फुल फॉर्म डिप्लोमा इन फार्मेसी है। इस डिप्लोमा प्रोग्राम का उद्देश्य फार्मेसी के लगातार बढ़ते क्षेत्र का मूलभूत ज्ञान प्रदान करना है। इस कोर्स की अवधि 1-2 साल के बीच होती है। इसके अंतर्गत छात्रों को विभिन्न फार्मास्युटिकल दवाओं के निर्माण के पीछे की बुनियादी प्रक्रियाओं के बारे में जानने को मिलता है। डी फार्मा के बारे में अधिक जानने के लिए आप हमारा ब्लाॅग पढ़ सकते हैं।

    1. हैलो मोहम्मद रईस, 12वीं में पीसीएम होने के बाद भी आप डी फाॅर्मा कर सकते हैं।

    1. ताहिर परवाज़ जी, D फार्मा कोर्स करने के लिए PCB की आवश्यकता होती है।

      1. विकास जी, आप इतने प्रतिशत पर डी-फार्मा का कोर्स कर सकते हैं।

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