बीएससी के बाद एमबीए किया जा सकता है। बीएससी बायोलॉजी, केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, फिजिक्स, एग्रीकल्चर या किसी भी सब्जेक्ट से ग्रेजुएशन करने के बाद एमबीए के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन में कम से कम 50% अंक होने चाहिए।
आज के समय में सिर्फ साइंस फील्ड में करियर बनाना काफी नहीं रहा, कंपनियों को ऐसे प्रोफेशनल्स चाहिए जो टेक्निकल नॉलेज के साथ-साथ बिजनेस और मैनेजमेंट भी समझें। इसीलिए बीएससी के बाद एमबीए करने वाले कैंडिडेट्स की डिमांड कॉर्पोरेट सेक्टर में तेजी से बढ़ रही है।
साइंस बैकग्राउंड कुछ एमबीए स्पेशलाइजेशन्स में डायरेक्टली काम आती है, जैसे फार्मास्यूटिकल मैनेजमेंट, हेल्थकेयर मैनेजमेंट, डेटा एनालिटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी मैनेजमेंट। इन फील्ड्स में साइंस ग्रेजुएट्स को अलग से एडवांटेज मिलता है।
इस ब्लॉग में बीएससी के बाद एमबीए की एलिजिबिलिटी, एंट्रेंस एग्जाम्स, बेस्ट स्पेशलाइजेशन्स, टॉप कॉलेज, जॉब प्रोफाइल्स और सैलरी सब डिटेल में कवर किया गया है।
This Blog Includes:
- क्या बीएससी के बाद एमबीए किया जा सकता है?
- बीएससी के बाद एमबीए करने के फायदे
- BSc के बाद MBA के लिए योग्यता
- BSc के बाद MBA के लिए प्रवेश परीक्षाएं 2026-27
- BSc के बाद MBA में कौन सी स्पेशलाइजेशन चुनें?
- BSc के बाद MBA कितने साल का होता है?
- BSc के बाद MBA के लिए शीर्ष कॉलेज
- BSc के बाद MBA: जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- MBA बनाम MSc – BSc के बाद कौन सा बेहतर?
- क्या BSc के बाद MBA के साथ MSc कर सकते हैं?
- FAQs
क्या बीएससी के बाद एमबीए किया जा सकता है?
हाँ, बीएससी के बाद एमबीए किया जा सकता है। एमबीए के लिए किसी स्पेसिफिक स्ट्रीम से ग्रेजुएशन करना जरूरी नहीं होता। बीएससी बायोलॉजी, केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, फिजिक्स, मैथमेटिक्स, एग्रीकल्चर, बायोटेक्नोलॉजी या किसी भी सब्जेक्ट से ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स एमबीए के लिए एलिजिबल होते हैं।
इंडियन इंस्टिट्यूट्स ऑफ मैनेजमेंट (IIM) जैसे टॉप बी-स्कूल्स भी साइंस ग्रेजुएट्स को एडमिट करते हैं। कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) एग्जाम में भी स्ट्रीम का कोई प्रतिबंध नहीं है, सभी ग्रेजुएट्स अप्लाई कर सकते हैं।
एक जरूरी बात यह है कि बीएससी के बाद डायरेक्टली एमबीए लेना जरूरी नहीं है। कुछ स्टूडेंट्स 1-2 साल काम करके वर्क एक्सपीरियंस के साथ एमबीए करते हैं, जो टॉप बी-स्कूल्स में प्रोफाइल को मजबूत बनाता है। हालांकि फ्रेशर भी अप्लाई कर सकते हैं।
बीएससी के बाद एमबीए करने के फायदे
बीएससी के बाद सीधे एमएससी या रिसर्च फील्ड में जाने का ऑप्शन तो होता ही है, लेकिन जो स्टूडेंट्स कॉर्पोरेट वर्ल्ड में जाना चाहते हैं उनके लिए एमबीए एक प्रैक्टिकल चॉइस है। बीएससी के बाद एमबीए करने के कुछ ऐसे फायदे हैं जो दूसरे स्ट्रीम्स के ग्रेजुएट्स को नहीं मिलते-
- विषय की गहरी समझ का फायदा: बीएससी बायोलॉजी के बाद एमबीए इन हेल्थकेयर मैनेजमेंट या फार्मास्यूटिकल मैनेजमेंट करने पर इंडस्ट्री की समझ पहले से होती है। इससे आप उन रोल्स के लिए एलिजिबल होते हैं जहाँ साइंस और बिजनेस दोनों की जरूरत होती है, जैसे मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव से लेकर हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर तक।
- डेटा से जुड़े क्षेत्रों में बढ़त: बीएससी मैथमेटिक्स या स्टैटिस्टिक्स बैकग्राउंड वाले स्टूडेंट्स एमबीए इन डेटा एनालिटिक्स या बिजनेस एनालिटिक्स में दूसरों से आगे होते हैं क्योंकि उनकी क्वांटिटेटिव स्किल्स पहले से स्ट्रॉन्ग होती हैं।
- विशेष इंडस्ट्रीज में प्रवेश: फार्मास्यूटिकल, बायोटेक, एग्री-बिजनेस और एनवायरनमेंटल मैनेजमेंट जैसी इंडस्ट्रीज में साइंस बैकग्राउंड के बिना एमबीए करने वाले कैंडिडेट्स उतने प्रभावी नहीं होते। बीएससी के बाद एमबीए करके आप इन इंडस्ट्रीज में स्पेशलिस्ट बन सकते हैं।
- सैलरी में बड़ा अंतर: बीएससी के बाद एंट्री-लेवल साइंस जॉब्स की तुलना में एमबीए के बाद सैलरी काफी ज्यादा होती है। यह स्पेशलाइजेशन और कॉलेज के हिसाब से अलग-अलग होती है।
- करियर बदलने का मौका: अगर आप साइंस फील्ड में आगे नहीं जाना चाहते, तो एमबीए के जरिए फाइनेंस, मार्केटिंग, ऑपरेशंस जैसी पूरी तरह अलग फील्ड्स में भी जा सकते हैं। सिर्फ बीएससी के साथ यह स्विच इतना आसान नहीं होता।
- खुद का व्यवसाय शुरू करने में मदद: अगर आप अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, खासकर हेल्थकेयर, बायोटेक या एग्री-टेक सेक्टर में, तो एमबीए में बिजनेस प्लानिंग, फाइनेंस और मैनेजमेंट की प्रैक्टिकल नॉलेज मिलती है, जो सीधे काम आती है।
यह भी पढ़ें: क्या बीकॉम के बाद एमबीए कर सकते हैं?
BSc के बाद MBA के लिए योग्यता
BSc के बाद MBA में प्रवेश लेने के लिए कुछ जरूरी योग्यताएं होती हैं। हालांकि हर विश्वविद्यालय के अपने प्रवेश मानदंड हो सकते हैं, लेकिन सामान्य तौर पर ये शर्तें लागू होती हैं:
- शैक्षणिक योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में BSc की डिग्री होनी चाहिए।
- न्यूनतम अंक: सामान्य वर्ग के लिए ग्रेजुएशन में न्यूनतम 50% अंक जरूरी हैं। आरक्षित वर्ग के लिए यह सीमा 45% होती है। ध्यान रखें कि IIM और शीर्ष बी-स्कूलों में यह कटऑफ अलग हो सकती है।
- आयु सीमा: MBA में प्रवेश के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है।
- प्रवेश परीक्षा: MBA में प्रवेश के लिए CAT, MAT, XAT, CMAT, SNAP जैसी प्रवेश परीक्षाओं में से किसी एक में मान्य अंक होना जरूरी है।
- कार्य अनुभव: अधिकतर विश्वविद्यालयों में फ्रेशर भी आवेदन कर सकते हैं। हालांकि कुछ शीर्ष बी-स्कूलों में 1-2 साल का कार्य अनुभव प्रोफाइल को मजबूत बनाता है।
यह भी पढ़ें: 12वीं के बाद MBA कैसे करें?
BSc के बाद MBA के लिए प्रवेश परीक्षाएं 2026-27
BSc के बाद MBA में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय और संस्थान स्तर की प्रवेश परीक्षाएं देनी होती हैं। नीचे प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की सूची दी गई है:
| प्रवेश परीक्षा | परीक्षा तिथि | स्वीकार करने वाले प्रमुख संस्थान |
| CAT | 29 नवंबर 2026 | IIM और अधिकतर शीर्ष बी-स्कूल |
| XAT | जनवरी 2027 (अनुमानित) | XLRI और अन्य संस्थान |
| CMAT | जनवरी 2027 (अनुमानित) | AICTE से मान्यता प्राप्त संस्थान |
| MAT | 31 मई 2026 (PBT), 14 जून 2026 (CBT) | 600+ संस्थान |
| SNAP | दिसंबर 2026 (अनुमानित) | Symbiosis के सभी संस्थान |
| NMAT | अक्टूबर से जनवरी (अनुमानित) | NMIMS और अन्य संस्थान |
| ATMA | 3 मई 2026 | 300+ संस्थान |
इन सभी प्रवेश परीक्षाओं में मुख्य रूप से तार्किक क्षमता, गणितीय योग्यता, मौखिक क्षमता और सामान्य ज्ञान से प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद ग्रुप डिस्कशन और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर अंतिम चयन होता है।
BSc के बाद MBA में कौन सी स्पेशलाइजेशन चुनें?
BSc के बाद MBA में स्पेशलाइजेशन चुनते समय अपनी BSc स्ट्रीम को ध्यान में रखना जरूरी है। नीचे BSc स्ट्रीम के हिसाब से बेहतर MBA स्पेशलाइजेशन दी गई हैं:
| BSc स्ट्रीम | बेहतर MBA स्पेशलाइजेशन |
| BSc बायोलॉजी / जूलॉजी | हेल्थकेयर मैनेजमेंट, फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट |
| BSc केमिस्ट्री | फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट, केमिकल इंडस्ट्री मैनेजमेंट |
| BSc बायोटेक्नोलॉजी | बायोटेक मैनेजमेंट, हेल्थकेयर मैनेजमेंट |
| BSc कंप्यूटर साइंस / आईटी | MBA इन आईटी, डेटा एनालिटिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स |
| BSc मैथमेटिक्स / स्टैटिस्टिक्स | बिजनेस एनालिटिक्स, फाइनेंस, डेटा साइंस |
| BSc एग्रीकल्चर | एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट, रूरल मैनेजमेंट |
| BSc फिजिक्स | ऑपरेशंस मैनेजमेंट, सप्लाई चेन मैनेजमेंट |
| BSc नर्सिंग | हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, हेल्थकेयर मैनेजमेंट |
| BSc एनवायरनमेंटल साइंस | एनवायरनमेंटल मैनेजमेंट, सस्टेनेबिलिटी मैनेजमेंट |
इसके अलावा BSc किसी भी स्ट्रीम से करने के बाद मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, फाइनेंस और इंटरनेशनल बिजनेस जैसी सामान्य स्पेशलाइजेशन भी चुन सकते हैं। इनके लिए किसी विशेष साइंस बैकग्राउंड की जरूरत नहीं होती।
हर स्पेशलाइजेशन में कौन से सब्जेक्ट्स पढ़ने होते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें: MBA के Subjects की पूरी जानकारी
BSc के बाद MBA कितने साल का होता है?
BSc के बाद MBA अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है। अपनी जरूरत के हिसाब से नीचे दिए गए फॉर्मेट्स में से कोई भी चुन सकते हैं:
| MBA का प्रकार | अवधि | किनके लिए उपयुक्त |
| नियमित MBA | 2 साल | फ्रेशर और वर्किंग प्रोफेशनल |
| पार्ट-टाइम MBA | 2-3 साल | नौकरी के साथ पढ़ाई करने वाले |
| डिस्टेंस MBA | 2 साल | घर से पढ़ाई करने वाले |
| ऑनलाइन MBA | 2 साल | घर से पढ़ाई करने वाले |
| एग्जीक्यूटिव MBA | 12-18 महीने | 5+ साल के कार्य अनुभव वाले |
| इंटीग्रेटेड MBA | 5 साल | 12वीं के बाद सीधे MBA करने वाले |
BSc के बाद अधिकतर छात्र नियमित 2 साल का MBA करते हैं। जो छात्र नौकरी छोड़ना नहीं चाहते उनके लिए ऑनलाइन या डिस्टेंस MBA बेहतर रहता है।
BSc के बाद MBA के लिए शीर्ष कॉलेज
BSc के बाद MBA के लिए भारत में कई अच्छे संस्थान हैं। अपनी परिस्थिति और लक्ष्य के हिसाब से नीचे दिए गए विकल्पों में से चुन सकते हैं।
नियमित MBA के लिए शीर्ष कॉलेज
नीचे NIRF रैंकिंग 2025 के आधार पर भारत के शीर्ष नियमित MBA कॉलेज दिए गए हैं:
| संस्थान | राज्य | NIRF रैंक 2025 | अवधि |
| IIM अहमदाबाद | गुजरात | 1 | 2 साल |
| IIM बेंगलुरु | कर्नाटक | 2 | 2 साल |
| IIM कोझिकोड | केरल | 3 | 2 साल |
| IIM लखनऊ | उत्तर प्रदेश | 5 | 2 साल |
| IIM मुंबई | महाराष्ट्र | 6 | 2 साल |
| IIM कलकत्ता | पश्चिम बंगाल | 7 | 2 साल |
| IIM इंदौर | मध्य प्रदेश | 8 | 2 साल |
| MDI गुड़गांव | हरियाणा | 9 | 2 साल |
| XLRI जमशेदपुर | झारखंड | 10 | 2 साल |
| SIBM पुणे | महाराष्ट्र | 11 | 2 साल |
स्रोत: NIRF रैंकिंग 2025, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
पार्ट-टाइम MBA के लिए शीर्ष कॉलेज
जो छात्र नौकरी के साथ MBA करना चाहते हैं उनके लिए पार्ट-टाइम MBA एक अच्छा विकल्प है। नीचे कुछ प्रमुख संस्थान दिए गए हैं जो पार्ट-टाइम MBA ऑफर करते हैं:
| संस्थान | कार्यक्रम का नाम | अवधि |
| IIM बेंगलुरु | PGPEM | 2 साल |
| IIM लखनऊ | PGPWE | 2 साल |
| IIM कोझिकोड | EPGP | 2 साल |
एग्जीक्यूटिव MBA के लिए शीर्ष कॉलेज
एग्जीक्यूटिव MBA उनके लिए है जिनके पास कम से कम 4-5 साल का कार्य अनुभव है और जो नौकरी छोड़े बिना MBA करना चाहते हैं:
| संस्थान | कार्यक्रम का नाम | अवधि | न्यूनतम कार्य अनुभव |
| IIM अहमदाबाद | MBA-PGPX | 1 साल | 4 साल |
| IIM बेंगलुरु | EPGP | 1 साल | 5 साल |
| IIM लखनऊ | IPMX | 1 साल | 5 साल |
ऑनलाइन और डिस्टेंस MBA के लिए शीर्ष कॉलेज
जो छात्र घर से पढ़ाई करके MBA करना चाहते हैं उनके लिए UGC-DEB से मान्यता प्राप्त ये संस्थान बेहतर विकल्प हैं:
| संस्थान | अवधि | मान्यता |
| IGNOU | 2 साल | UGC-DEB, AICTE |
| NMIMS ऑनलाइन | 2 साल | UGC-DEB, NAAC A++ |
| सिम्बायोसिस सेंटर फॉर डिस्टेंस लर्निंग | 2 साल | UGC-DEB |
| एमिटी यूनिवर्सिटी ऑनलाइन | 2 साल | UGC-DEB, NAAC A+ |
| मणिपाल यूनिवर्सिटी ऑनलाइन | 2 साल | UGC-DEB, NAAC A+ |
ध्यान रखें कि फीस और एडमिशन क्राइटेरिया हर साल बदल सकते हैं। प्रवेश से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखें।
MBA कॉलेजों की विस्तृत फीस और योग्यता के लिए यह ब्लॉग जरूर पढ़ें।
BSc के बाद MBA: जॉब प्रोफाइल और सैलरी
BSc के बाद MBA करने पर करियर के कई रास्ते हैं। नीचे प्रमुख जॉब प्रोफाइल, रोजगार क्षेत्र और सैलरी दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | रोजगार क्षेत्र | सैलरी रेंज (INR/वर्ष) | औसत सैलरी (INR/वर्ष) |
| हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेटर | अस्पताल, क्लीनिक, हेल्थकेयर संस्थान | 3.7 लाख – 4.1 लाख | 4 लाख |
| क्लिनिकल रिसर्च मैनेजर | फार्मास्युटिकल, बायोटेक कंपनियां | 9.7 लाख – 12.2 लाख | 11 लाख |
| एग्रीबिजनेस मैनेजर | सीड कंपनियां, फर्टिलाइजर, फूड प्रोसेसिंग | 6.9 लाख – 7.6 लाख | 6 लाख |
| बिजनेस एनालिस्ट | आईटी, एफएमसीजी, बैंकिंग, कंसल्टिंग | 9.5 लाख – 10.4 लाख | 9.9 लाख |
| मार्केटिंग मैनेजर | एफएमसीजी, रिटेल, मीडिया, ई-कॉमर्स | 12.5 लाख – 13.9 लाख | 13.2 लाख |
| ऑपरेशंस मैनेजर | मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिटेल | 10.7 लाख – 11.9 लाख | 11.3 लाख |
| एचआर मैनेजर | सभी उद्योग | 10.8 लाख – 12 लाख | 11.4 लाख |
| फाइनेंशियल एनालिस्ट | बैंकिंग, इन्वेस्टमेंट फर्म, कॉर्पोरेट फाइनेंस | 6.2 लाख – 6.9 लाख | 6.6 लाख |
| प्रोडक्ट मैनेजर | आईटी, ई-कॉमर्स, सास कंपनियां | 21.6 लाख – 23.9 लाख | 22.8 लाख |
| सप्लाई चेन मैनेजर | मैन्युफैक्चरिंग, एफएमसीजी, फार्मा, लॉजिस्टिक्स | 14.3 लाख – 15.8 लाख | 15.1 लाख |
| डेटा एनालिस्ट | आईटी, बैंकिंग, कंसल्टिंग, ई-कॉमर्स | 6.5 लाख – 7.2 लाख | 6.8 लाख |
नोट: ऊपर दी गई सैलरी AmbitionBox पर उपलब्ध डेटा के अनुसार दी गई है और अनुभव, कंपनी और लोकेशन के अनुसार बदल सकती है।
यह भी पढ़ें: MBA के बाद क्या करें?
MBA बनाम MSc – BSc के बाद कौन सा बेहतर?
BSc के बाद दो सबसे सामान्य विकल्प हैं – एमबीए या एमएससी। दोनों के अपने-अपने फायदे और उद्देश्य हैं, इसलिए चुनाव पूरी तरह आपके करियर लक्ष्य पर निर्भर करता है।
अगर आपका लक्ष्य किसी कंपनी में मैनेजमेंट रोल, अच्छी सैलरी और तेज करियर ग्रोथ है तो एमबीए बेहतर विकल्प है। वहीं अगर आप अपने बीएससी विषय में और गहराई से पढ़ना चाहते हैं या रिसर्च में जाना चाहते हैं तो एमएससी सही रहेगा।
| आधार | MBA | MSc |
| फोकस | बिजनेस, मैनेजमेंट और लीडरशिप | विज्ञान के किसी विषय में गहन अध्ययन और रिसर्च |
| करियर दिशा | कॉर्पोरेट, मैनेजमेंट, स्टार्टअप | रिसर्च, अकादमिक, साइंस से जुड़े क्षेत्र |
| सैलरी | आमतौर पर अधिक | विषय और क्षेत्र पर निर्भर |
| अवधि | 2 साल | 2 साल |
| प्रवेश परीक्षा | CAT, XAT, MAT, CMAT | CUET PG, IIT JAM, विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षाएं |
| किसके लिए उपयुक्त | जो कॉर्पोरेट वर्ल्ड में जाना चाहते हैं | जो रिसर्च या साइंस फील्ड में रहना चाहते हैं |
| आगे की पढ़ाई | एग्जीक्यूटिव एमबीए, पीएचडी | पीएचडी, पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च |
क्या BSc के बाद MBA के साथ MSc कर सकते हैं?
नहीं, एक साथ दो रेगुलर फुल-टाइम प्रोग्राम नहीं किए जा सकते। यूजीसी के नियमों के अनुसार किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में एक समय में केवल एक रेगुलर प्रोग्राम में प्रवेश लिया जा सकता है।
हालांकि यूजीसी ने 2022 में एक नया नियम लागू किया जिसके अनुसार एक रेगुलर प्रोग्राम के साथ एक ऑनलाइन या डिस्टेंस प्रोग्राम एक साथ किया जा सकता है। इसलिए अगर आप रेगुलर एमबीए कर रहे हैं और साथ में एमएससी भी करना चाहते हैं तो ऑनलाइन या डिस्टेंस मोड में एमएससी करना संभव है। इससे आप एक साथ मैनेजमेंट और साइंस दोनों क्षेत्रों में योग्यता हासिल कर सकते हैं, जो आपके करियर प्रोफाइल को और मजबूत बना सकता है।
FAQs
बीएससी के बाद रेगुलर एमबीए 2 साल का होता है। हालांकि एग्जीक्यूटिव एमबीए 1 साल में पूरा किया जा सकता है, जिसके लिए कम से कम 4-5 साल का कार्य अनुभव जरूरी होता है। ऑनलाइन और डिस्टेंस एमबीए भी 2 साल का होता है।
बीएससी के बाद एमबीए करने पर सबसे अधिक वेतन प्रोडक्ट मैनेजर (औसत 22.8 लाख रुपये प्रतिवर्ष), सप्लाई चेन मैनेजर (औसत 15.1 लाख रुपये प्रतिवर्ष) और मार्केटिंग मैनेजर (औसत 13.2 लाख रुपये प्रतिवर्ष) जैसी प्रोफाइल में मिलता है।
यह आपकी बीएससी स्ट्रीम पर निर्भर करता है। बीएससी बायोलॉजी या बायोटेक्नोलॉजी वाले छात्रों के लिए हेल्थकेयर मैनेजमेंट या फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट, बीएससी कंप्यूटर साइंस वालों के लिए आईटी या डेटा एनालिटिक्स और बीएससी एग्रीकल्चर वालों के लिए एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट में एमबीए सबसे उपयुक्त रहता है।
हां, बीएससी के बाद सीधे एमबीए किया जा सकता है। इसके लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएससी में न्यूनतम 50% अंक होने चाहिए। कार्य अनुभव जरूरी नहीं है, हालांकि 1-2 साल का अनुभव शीर्ष बी-स्कूलों में प्रोफाइल को मजबूत बनाता है।
बीएससी छात्रों के लिए एमबीए उतना कठिन नहीं होता जितना सोचा जाता है। बीएससी में मिली एनालिटिकल और क्वांटिटेटिव स्किल्स एमबीए में काफी काम आती हैं। बस इकोनॉमिक्स, अकाउंटिंग और बिजनेस जैसे नए विषयों को शुरुआत में थोड़ा अधिक समय देना पड़ता है, जो धीरे-धीरे आसान हो जाते हैं।
हमें उम्मीद है कि इस ब्लॉग में आपको बीएससी के बाद एमबीए से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

One app for all your study abroad needs



60,000+ students trusted us with their dreams. Take the first step today!