बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स: योग्यता, सिलेबस, प्रमुख कॉलेज और करियर स्कोप

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बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट कोर्स है, जिसमें जीवविज्ञान और तकनीक के माध्यम से दवाइयाँ, वैक्सीन, कृषि उत्पाद और जैविक समाधान विकसित करने की पढ़ाई कराई जाती है। यह कोर्स सेल बायोलॉजी, जेनेटिक्स, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री जैसे विषयों की वैज्ञानिक समझ देता है तथा लैब और रिसर्च आधारित कौशल विकसित करता है। इस लेख में आपके लिए बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स की योग्यता, सिलेबस और करियर स्कोप के बारे में बताया गया है।

This Blog Includes:
  1. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स का ओवरव्यू
  2. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स क्या है?
  3. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स में पढ़ाए जाने वाले विषय
  4. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के लिए सिलेबस
  5. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
    1. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स में प्रवेश के लिए कुछ एंट्रेंस एग्जाम
  6. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के लिए कॉलेज और फीस
  7. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया
  8. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के बाद हायर स्टडी के ऑप्शंस
  9. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद करियर स्कोप
    1. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद गवर्नमेंट जॉब्स
  10. बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी
  11. FAQs 

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स का ओवरव्यू

विशेषताविवरण
कोर्स की अवधि3 वर्ष (6 सेमेस्टर)
न्यूनतम योग्यता12वीं पास (PCB/PCM) कम से कम 50% अंकों के साथ
प्रवेश प्रक्रियामेरिट आधारित या प्रवेश परीक्षा (जैसे CUET, LPU NEST)
प्रमुख विषयसेल बायोलॉजी, जेनेटिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, इम्यूनोलॉजी
अनुमानित वार्षिक फीससरकारी: INR 15,000 – INR 1 लाख, प्राइवेट: INR 1 लाख – INR 3 लाख
औसत शुरुआती वेतनINR 2.5 लाख – INR 6 लाख प्रति वर्ष
शीर्ष संस्थानDU, IITs, BHU, मणिपाल अकादमी

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स क्या है?

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी एक तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट साइंस कोर्स है, जिसमें जीवविज्ञान और तकनीक को मिलाकर जीवित कोशिकाओं, सूक्ष्मजीवों और बायोमोलेक्यूल्स के उपयोग से उपयोगी उत्पाद विकसित करना सिखाया जाता है। इस कोर्स में आप समझते हैं कि दवाइयाँ, वैक्सीन, एंजाइम और उन्नत कृषि समाधान कैसे तैयार होते हैं। बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के सिलेबस में सेल बायोलॉजी, जेनेटिक्स, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी और मॉलेक्यूलर बायोलॉजी जैसे विषय शामिल रहते हैं, साथ ही लैब प्रैक्टिकल और बेसिक रिसर्च स्किल पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

भारत में BSc बायोटेक्नोलॉजी की मान्यता और नियम किसी एक संस्था के बजाय कई संस्थाओं द्वारा मिलकर संभाले जाते हैं। इस कोर्स की मुख्य अकादमिक मान्यता यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) देता है, जो BSc जैसी साइंस डिग्रियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक मानक तय करता है। बायोटेक्नोलॉजी के लिए अलग से कोई वैधानिक काउंसिल नहीं है, इसलिए अकादमिक निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) और डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (DBT) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी 3 साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम होता है, जिसे 6 सेमेस्टर में बांटा जाता है। हर सेमेस्टर में थ्योरी के साथ लैब वर्क जरूरी होता है, क्योंकि यह फील्ड पूरी तरह प्रयोग और रिसर्च पर आधारित होता है। पहले साल में सेल बायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी की बेसिक्स सिखाई जाती हैं। दूसरे साल में जेनेटिक्स, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी और इम्यूनोलॉजी जैसे कोर सब्जेक्ट आते हैं।

फाइनल ईयर में जेनेटिक इंजीनियरिंग, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, बायोस्टैटिस्टिक्स के साथ प्रोजेक्ट या इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कराई जाती है, जिससे असली लैब एक्सपीरियंस और रिसर्च वर्क समझने का मौका मिलता है। DBT मॉडल करिकुलम, रिसर्च प्रोजेक्ट और लैब-आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देता है ताकि कोर्स की क्वालिटी बनी रहे।

यह भी पढ़ें – बीए के बाद डिप्लोमा कोर्सेज की लिस्ट

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स में पढ़ाए जाने वाले विषय

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों को पढ़ाया जाता है –

  • सेल बायोलॉजी
  • बायोकेमिस्ट्री
  • जेनेटिक्स
  • माइक्रोबायोलॉजी
  • मॉलिक्यूलर बायोलॉजी
  • जेनेटिक इंजीनियरिंग
  • इम्म्यूनोलॉजी
  • बायोइंफॉर्मेटिक्स
  • बायोस्टेटिस्टिक्स

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के लिए सिलेबस

यहाँ आपके लिए इस कोर्स का कॉमन सिलेबस और इसके कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स दिए गए हैं जो लगभग हर यूनिवर्सिटी में एक से रहते हैं। हालाँकि यूनिवर्सिटी के आधार पर सिलेबस देखने के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सिलेबस जरूर देखने की सलाह दी जाती है:

सेमेस्टरविषयमुख्य टॉपिक्सक्या सीखते हैं
सेमेस्टर 1सेल बायोलॉजीसेल स्ट्रक्चर, ऑरगॅनेल्स, सेल मेम्ब्रेन, सेल साइकिलकोशिका की संरचना और कार्य, जीवन की मूल इकाई को समझना
बायोकेमेस्ट्री बेसिक्सबायोमॉलिक्यूल्स, प्रोटींस, एंजाइम्स, मेटाबोलिज्मशरीर और कोशिका में होने वाली रासायनिक प्रक्रियाएँ
बेसिक माइक्रो बायोलॉजीमाइक्रोऑर्गनिज़्म्स, बैक्टीरिया, स्टर्लाइज़ेशनसूक्ष्मजीवों की पहचान और प्रयोगशाला तकनीक
प्रैक्टिकलमाइक्रोस्कोपी, स्टैनिंग, सोल्यूशन प्रिपरेशनलैब उपकरण और बेसिक प्रयोग सीखना
सेमेस्टर 2जेनेटिक्समेंडेलियन जेनेटिक्स, DNA, म्युटेशनवंशानुक्रम और जीन का कार्य समझना
मॉलिक्यूलर बायोलॉजीDNA रेप्लिकेशन, ट्रांसक्रिप्शन, ट्रांसलेशनजीन से प्रोटीन बनने की प्रक्रिया
बायोस्टैटिक्सडेटा, प्रोबेबिलिटी, ग्रेप्सवैज्ञानिक डेटा का विश्लेषण करना
प्रैक्टिकलDNA आइसोलेशन, जेल इलेक्ट्रोफोरेसिसDNA एक्सट्रैक्शन और एनालिसिस तकनीक
सेमेस्टर 3इम्म्यूनोलॉजीइम्यून सिस्टम, एंटीबॉडीज, वैक्सीन्सशरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली
प्लांट एंड एनिमल बायोटेक्नोलॉजीटिश्यू कल्चर, क्लोनिंगपौधों और जानवरों में बायोटेक्नोलॉजी उपयोग
बायोइंस्ट्रयूमेंटेशनसेंट्रीफ्यूज, स्पेक्ट्रोफोटोमीटरप्रयोगशाला मशीनों का उपयोग
प्रैक्टिकलटिश्यू कल्चर, माइक्रोबियल कल्चरजीवों को लैब में विकसित करना
सेमेस्टर 4जेनेटिक इंजीनियरिंगरिकम्बीनैंट DNA, PCR, क्लोनिंगDNA को बदलने और उपयोग करने की तकनीक
इंडस्ट्रियल बायोटेक्नोलॉजीफर्मेंटेशन, एंजाइम्स, प्रोडक्शनउद्योग में बायोटेक्नोलॉजी उपयोग
एनवायर्नमेंटल बायोटेक्नोलॉजीवेस्ट ट्रीटमेंट, बायोरेमेडिएशनपर्यावरण संरक्षण में बायोटेक्नोलॉजी
प्रैक्टिकलPCR, फर्मेंटेशन टेक्निक्सआधुनिक लैब तकनीक
सेमेस्टर 5बायोइंफॉर्मेटिक्सबायोलॉजिकल डेटाबेस, सीक्वेंस एनालिसिसकंप्यूटर से जैविक डेटा विश्लेषण
मेडिकल बायोटेक्नोलॉजीवैक्सीन्स, डायग्नोस्टिक्स, थेराप्यूटिक्समेडिकल क्षेत्र में बायोटेक उपयोग
रिसर्च मेथोडोलॉजीसाइंटिफिक राइटिंग, रिसर्च डिज़ाइनरिसर्च कैसे की जाती है
प्रैक्टिकलडेटा एनालिसिस, बायोइंफॉर्मेटिक्स टूल्ससॉफ्टवेयर और रिसर्च कौशल
सेमेस्टर 6एडवांस्ड बायोटेक्नोलॉजीजेनोमिक्स, प्रोटॉमिक्स, CRISPRआधुनिक बायोटेक्नोलॉजी तकनीक
प्रोजेक्ट / डिस्सेरटेशनरिसर्च प्रोजेक्ट्सवास्तविक रिसर्च अनुभव
सेमिनार / वायवाप्रेजेंटेशन, कम्युनिकेशनवैज्ञानिक प्रस्तुति कौशल

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता

इस कोर्स में प्रवेश पाने के लिए कुछ निम्नलिखित योग्यताएं और शर्तें जरुरी होती हैं –

  • उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम (PCB/PCM/PCMB) या एग्रीकल्चर स्ट्रीम (ABC) से न्यूनतम 50% – 60% अंकों के साथ पास की हो; हालांकि टॉप सरकारी यूनिवर्सिटीज़ में कट-ऑफ इससे अधिक हो सकती है।
  • कई केंद्रीय और बड़े विश्वविद्यालयों में प्रवेश CUET या यूनिवर्सिटी लेवल की प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। 
  • प्रसिद्ध कॉलेजों में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैं। प्रवेश के लिए उम्मीदवार का इन परीक्षाओं को पास करना आवश्यक होता है।
  • आयु सीमा सामान्यतः नहीं होती, लेकिन हर यूनिवर्सिटी के अपने नियम हो सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक सूचना अवश्य देखें।

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स में प्रवेश के लिए कुछ एंट्रेंस एग्जाम

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स में प्रवेश के लिए कुछ प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ में नीचे दिए एंट्रेंस एग्जाम को आयोजित करती है जिसे पास करना अनिवार्य होता है। एंट्रेंस एग्जाम की जानकारी की पुष्टि ऑफिशियल वेबसाइट से जरूर करें।

परीक्षा का नामसंचालक संस्थालक्षित संस्थानपरीक्षा का स्तरपरीक्षा की तिथि (2026)
CUET-UGNTAसभी केंद्रीय और कई राज्य विश्वविद्यालयनेशनल (NCERT आधारित)15 मई – 31 मई 2026
GAT-BRCB / DBTविशिष्ट रिसर्च-आधारित स्नातक प्रोग्रामनेशनलअप्रैल 2026
KCETKEAकर्नाटक के सरकारी और निजी कॉलेजस्टेट23 अप्रैल -24 अप्रैल 2026
MHT-CETस्टेट CET सेलमहाराष्ट्र के कृषि और तकनीकी विश्वविद्यालयस्टेटसेशन 1: 21 अप्रैल -26 अप्रैल 2026 सेशन 2: 10 मई – 11 मई 2026
LPUNESTLPUलवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (प्राइवेट)यूनिवर्सिटी लेवलफेज 1: 10 जनवरी – 5 फरवरी 2026फेज 2: 15 फरवरी – 31 मार्च 2026
JETजैन यूनिवर्सिटीजैन यूनिवर्सिटी और संबद्ध संस्थानयूनिवर्सिटी लेवल9 अप्रैल 2026

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के लिए कॉलेज और फीस

यहाँ बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के लिए कुछ प्रमुख सरकारी और प्राइवेट कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस की जानकारी दी गई है। 

कॉलेज का नामस्थानकॉलेज का प्रकारअनुमानित वार्षिक फीस (INR)प्रवेश का आधार
दिल्ली यूनिवर्सिटी (विभिन्न कॉलेज)दिल्लीसरकारीINR 25,000 – INR 40,000मेरिट लिस्ट / प्रवेश परीक्षा
बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटीवाराणसीसरकारीINR 20,000 – INR 35,000प्रवेश परीक्षा
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटीदिल्लीसरकारीINR 15,000 – INR 30,000प्रवेश परीक्षा
जामिया मिलिया इस्लामियादिल्लीसरकारीINR 18,000 – INR 35,000प्रवेश परीक्षा
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटीअलीगढ़सरकारीINR 20,000 – INR 40,000प्रवेश परीक्षा
पंजाब यूनिवर्सिटीचंडीगढ़सरकारीINR 30,000 – INR 55,000मेरिट लिस्ट / प्रवेश परीक्षा
अमिटी यूनिवर्सिटीनोएडाप्राइवेटINR 1,20,000 – INR 1,80,000सीधे प्रवेश
मणिपाल यूनिवर्सिटीमणिपालप्राइवेटINR 1,40,000 – INR 2,10,000प्रवेश परीक्षा / सीधे प्रवेश
वेल्लोर प्रौद्योगिकी संस्थानवेल्लोरप्राइवेटINR 1,20,000 – INR 2,00,000प्रवेश परीक्षा
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटीपंजाबप्राइवेटINR 1,00,000 – INR 1,80,000सीधे प्रवेश

नोट: फीस में बदलाव हो सकता है इसलिए प्रवेश से पहले आप संबंधित संस्थान या कॉलेज की आधिकारिक सूचना जरूर देखें।

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के लिए आप निम्नलिखित आवेदन प्रक्रिया को फॉलो कर सकते हैं –

  • योग्यता शर्ते पूरी करने के बाद और यदि प्रवेश परीक्षा के स्कोर मांगे गए हैं तो इस शर्त को पूरी करने के बाद आवेदन करें। कुछ प्राइवेट यूनिवर्सिटी सीधे प्रवेश या मेरिट के आधार पर प्रवेश भी देती हैं तब प्रवेश परीक्षा के अंकों की जरूरत नहीं होती है।
  • यदि प्रवेश परीक्षा के आधार पर एडमिशन होना है तब आपको उसकी प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग राउंड में अपने इच्छुक कॉलेजों का चुनाव कर प्रायोरिटी वाइज लिस्ट करना होता है। फिर आपके अंको के हिसाब से आपको उनमें से कॉलेज दिया जाता है, लेकिन यदि कट ऑफ ज्यादा है और आपके अंक कम है तो आपको कॉलेज नहीं भी मिलता है। कई बार कई राउंड्स होते हैं काउंसलिंग में तो सीट रिक्त होने पर अगले राउंड में दे दी जाती है इसलिए कॉलेज का चुनाव सोच समझ कर करना जरूरी है। यह प्रक्रिया आमतौर पर सरकारी कॉलेज के लिए होती है।
  • इसके अतिरिक्त यदि आप प्राइवेट कॉलेज या उस यूनिवर्सिटी में जहाँ मेरिट बेस्ड एडमिशन होता है वहां एडमिशन ले रहे हैं तो उसके लिए सबसे पहले इच्छुक कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भरें। फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और कोर्स चयन सही-सही भरना जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से आवेदन रद्द हो सकता है।
  • आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। इसके लिए 10वीं व 12वीं मार्कशीट, फोटो, हस्ताक्षर, पहचान पत्र और श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि लागू)। सभी दस्तावेज स्पष्ट और सही फॉर्मेट में होने चाहिए।
  • फॉर्म भरने के बाद आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करें। बिना शुल्क भुगतान के फॉर्म स्वीकार नहीं होता।
  • सीट मिलने पर दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करके एडमिशन कन्फर्म करें। ध्यान रहे इसमें एडमिशन के लिए समय सीमा का पालन जरूरी है, वरना सीट रद्द हो सकती है।

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स के बाद हायर स्टडी के ऑप्शंस

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स पूरा करने के बाद आप अपनी नॉलेज और स्किल्स को बढ़ाने के लिए हायर स्टडी से संबंधित डिग्री कोर्सेज कर सकते हैं। नीचे टेबल में प्रमुख विकल्पों, उनके उद्देश्य और अवधि को सरल भाषा में बताया गया है-

कोर्सकोर्स में क्या पढ़ते हैंआगे के अवसर
एमएससी बायोटेक्नोलॉजीउन्नत आनुवंशिकी, कोशिका अध्ययन, जैव अणु, शोध विधि, प्रयोगशाला कार्यशोध सहायक, वैज्ञानिक सहायक, आगे शोध डिग्री
एमएससी इन माइक्रोबायोलॉजीसूक्ष्म जीव, रोग जनक जीव, खाद्य और दवा में सूक्ष्म जीव का उपयोगजांच प्रयोगशाला, दवा उद्योग, खाद्य सुरक्षा क्षेत्र
एमएससी इन बायोइंफॉर्मेटिक्सजीव विज्ञान के आंकड़ों का गणना से विश्लेषण, जीन आंकड़े, संगणक आधारित शोधऔषधि शोध, जीन अध्ययन, आंकड़ा विश्लेषण कार्य
एमएससी इन बायोकेमिस्ट्रीशरीर के रासायनिक तत्व, एंजाइम, प्रोटीन, चयापचयदवा निर्माण, जांच प्रयोगशाला, शोध कार्य
एमटेक बायोटेक्नोलॉजीजैव प्रौद्योगिकी का तकनीकी उपयोग, उद्योग आधारित प्रशिक्षणउद्योग विशेषज्ञ, उत्पादन और गुणवत्ता कार्य
मास्टर इन पब्लिक हेल्थरोग, जन स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण, स्वास्थ्य नीतिस्वास्थ्य कार्यक्रम, रोग नियंत्रण परियोजना
मैनेजमेंट हेल्थ या मेडिसिनस्वास्थ्य सेवा प्रबंधन, दवा विपणन, संगठन संचालनअस्पताल प्रबंधन, दवा कंपनी कार्य
शोध डिग्री (पीएचडी)गहरा शोध, नया ज्ञान, शोध लेखन, प्रयोगवैज्ञानिक, प्राध्यापक, शोध प्रमुख

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद करियर स्कोप

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद आप नीचे बताए गए पदों पर काम करके अपना अच्छा करियर बना सकते हैं।

जॉब रोलकाम की भूमिकारोजगार क्षेत्र
लेबोरेटरी अस्सिस्टेंटनमूना जाँच, रसायन मिलाना, परीक्षण करनाशोध प्रयोगशाला, अस्पताल, दवा कंपनी
रिसर्च अस्सिस्टेंटवैज्ञानिक के साथ शोध कार्य, डेटा लिखनासरकारी शोध केंद्र, निजी शोध संस्थान
फार्मास्यूटिकल कंपनी वर्करदवा परीक्षण, गुणवत्ता जाँचदवा बनाने वाली कंपनियाँ
फ़ूड टेस्टिंग वर्कखाने की गुणवत्ता और सुरक्षा जाँचखाद्य उद्योग, प्रयोगशाला
हॉस्पिटल लेबोरेटरी वर्कखून और अन्य जाँचअस्पताल और जाँच केंद्र
एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी वर्कबीज सुधार, पौध परीक्षणकृषि केंद्र, बीज कंपनियाँ
टीचिंगपढ़ाना और शोध करनास्कूल, कॉलेज, कोचिंग

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद गवर्नमेंट जॉब्स

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी के बाद आप कई सरकारी नौकरी विकल्प उपलब्ध होते हैं, लेकिन अधिकतर पद प्रतियोगी परीक्षाओं और अतिरिक्त योग्यता पर निर्भर करते हैं। केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों जैसे UPSC, SSC और FSSAI के माध्यम से फूड सेफ्टी ऑफिसर, लैब टेक्नीशियन, साइंटिफिक असिस्टेंट, क्वालिटी कंट्रोल एनालिस्ट और रिसर्च असिस्टेंट जैसी नौकरियाँ मिल सकती हैं।

इसके अलावा CSIR, ICMR और DRDO में प्रोजेक्ट असिस्टेंट या टेक्निकल स्टाफ पदों पर भर्ती होती है, जहाँ चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू से होता है। हालांकि, साइंटिस्ट स्तर की पोस्ट के लिए आमतौर पर MSc, NET या रिसर्च अनुभव आवश्यक होता है।

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी

भारत में बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी किसी एक तय पैमाने पर निर्भर नहीं करती। यह उम्मीदवार की तकनीकी स्किल्स, अनुभव और जॉब लोकेशन के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर शुरुआती स्तर पर सैलरी सीमित रहती है, लेकिन जैसे-जैसे प्रैक्टिकल अनुभव और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स बढ़ती हैं, वैसे-वैसे आय में भी अच्छा ग्रोथ देखने को मिलता है।

नीचे AmbitionBox पर उपलब्ध डाटा के अनुसार भारत में बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद मिलने वाली अनुभव-आधारित अनुमानित वार्षिक सैलरी रेंज दी गई है, जिससे एक सामान्य आइडिया मिल सके:

जॉब प्रोफाइलऔसत शुरुआती सैलरी (सालाना)
लैब अस्सिस्टेंटINR 1.2 लाख – INR 2.4 लाख
ट्रेनीINR 2.3 लाख – INR 3.3 लाख
बायोटेक्नोलॉजिस्टINR 1.7 लाख – INR 3 लाख
माइक्रोबायोलॉजी वर्कINR 1.8 लाख – INR 2.3 लाख
क्वालिटी इंस्पेक्शन वर्कINR 1.1 लाख – INR 1.6 लाख
रिसर्च अस्सिस्टेंटINR 2.6 लाख – INR 3.2 लाख
साइंटिफिक अस्सिस्टेंटINR 2.2 लाख – INR 2.8 लाख
प्रॉडक्शन ट्रेनी (फार्मास्युटिकल कंपनी)INR 1.6 लाख – INR 3 लाख
फार्मास्युटिकल कंपनी क्वालिटी ऑफिसरINR 2.9 लाख – INR 3.8 लाख
रिसर्च प्रोजेक्ट असिस्टेंटINR 4.3 लाख – INR 5.5 लाख

FAQs 

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी पढ़ने से क्या फायदे हैं?

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी से पढ़ने के बाद आप मेडिसिन, एग्रीकल्चर, एनवायरनमेंट और जेनेटिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। आज के समय में इसका उपयोग नई दवाइयाँ बनाने, फसलों की क्वालिटी सुधारने, पर्यावरण को सुरक्षित रखने और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बेहतर बनाने में हो रहा है।

क्या बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी के बाद डॉक्टर बन सकते हैं?

नहीं, इस कोर्स के बाद आप सीधे डॉक्टर नहीं बन सकते हैं। डॉक्टर बनने के लिए आपको अलग से मेडिकल में ग्रेजुएशन डिग्री करना जरूरी होता है। हालांकि बायोटेक्नोलॉजी पढ़ने के बाद आप चिकित्सा शोध, दवा विकास और प्रयोगशाला जांच से जुड़े क्षेत्र में काम कर सकते हैं।

क्या 12वीं के बाद बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स कर सकते हैं?

हाँ, 12वीं के बाद बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए आपका साइंस स्ट्रीम से होना जरूरी है। अधिकतर यूनिवर्सिटीज़ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) अनिवार्य माने जाते हैं, जबकि कुछ कॉलेज मैथ्स वाले छात्रों को भी प्रवेश देते हैं।

बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी और BSc (Hons) में क्या फर्क है?

साधारण BSc बायोटेक्नोलॉजी सामान्य बेसिक कोर्स है, वहीं BSc (Hons) बायोटेक्नोलॉजी अधिक गहराई से पढ़ाई और रिसर्च पर केंद्रित होता है। BSc (Hons) वाले कोर्स में विषयों की डिटेल, रिसर्च प्रोजेक्ट और एडवांस्ड तकनीकों की ट्रेनिंग ज़्यादा होती है, जिससे आगे MSc/PhD करने में मदद मिलती है।

हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको बी.एससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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