बी.एड कोर्स: आवश्यक योग्यता, सिलेबस, कॉलेज और करियर स्कोप

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बैचलर ऑफ एजुकेशन (B.Ed) एक प्रोफेशनल डिग्री प्रोग्राम है जो सरकारी या प्राइवेट स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है। यह कोर्स अपर प्राइमरी (VI-VIII), सेकेंडरी (IX-X) और सीनियर सेकेंडरी (XI-XII) स्तर पर टीचिंग के शुरुआती औपचारिक शिक्षा पहलुओं पर फोकस करता है। B.Ed सिलेबस में टीचिंग के थ्योरिटिकल और प्रैक्टिकल दोनों आस्पेक्ट्स, जैसे पेडागॉजिकल थ्योरी, चाइल्ड डेवलपमेंट, चाइल्ड साइकोलॉजी, क्लासरूम मैनेजमेंट, इफेक्टिव कम्युनिकेशन और चुने हुए विषय (इंग्लिश, साइंस, मैथ्स, हिस्ट्री आदि) शामिल होते हैं। भारत में B.Ed कोर्स रेगुलर, कॉरेस्पॉन्डेंस और इंटीग्रेटेड रूप में ऑफर किया जाता है। यदि आप बीएड के बाद आप आगे अध्ययन करना चाहते हैं तो M.Ed भी कर सकते हैं। इस लेख में आपके लिए बीएड कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी दी गई है। 

बी.एड कोर्स का ओवरव्यू

विशेषताविवरण
कोर्स का नामबैचलर ऑफ एजुकेशन (B.Ed)
कोर्स लेवल डिग्री 
कोर्स की ड्यूरेशन 2 वर्ष 
बीएड एजुकेशन मोड फुल टाइम, डिस्टेंस, पार्ट टाइम 
संचालक संस्थानेशनल कॉउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE)
प्रवेश परीक्षा RIE CEE, DUET, IGNOU B Ed Entrance
न्यूनतम योग्यताग्रेजुएशन 
जॉब प्रोफाइल प्राइमरी टीचर, स्कूल टीचर, स्पेशल एजुकेटर, कंटेंट डेवलपर, स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर
रोजगार के क्षेत्र सरकारी स्कूल, प्राइवेट स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, कोचिंग एवं प्रशिक्षण संस्थान, एड-टेक कंपनियां 

बीएड कोर्स स्ट्रक्चर और मोड

बीएड एक प्रोफेशनल शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स है, जो स्कूलों में पढ़ाने के इच्छुक छात्रों के लिए अनिवार्य माना जाता है। भारत में यह कोर्स ‘राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद’ (NCTE) के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित होता है। इसकी अवधि सामान्यतः 2 वर्ष (चार सेमेस्टर) होती है। पहले वर्ष में शिक्षण की बुनियादी समझ जैसे सीखने की प्रक्रिया, बाल व्यवहार, पेडागॉजी और शिक्षण विधियां सिखाई जाती हैं। दूसरे वर्ष में स्कूल इंटर्नशिप के माध्यम से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें लेसन प्लान बनाना, कक्षा प्रबंधन और प्रभावी अध्यापन कौशल विकसित किए जाते हैं।

बी.एड कोर्स के लिए योग्यता 

बीएड कोर्स में एडमिशन के लिए पात्रता मानदंड कॉलेज और संस्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकते हैं। इसलिए अप्लाई करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक प्रवेश शर्तें जरूर देखनी चाहिए। सामान्य तौर पर पात्रता इस प्रकार होती है:

  • शैक्षणिक योग्यता: छात्र किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज से ग्रेजुएट होना चाहिए।
  • न्यूनतम अंक: ग्रेजुएशन में सामान्य श्रेणी के लिए न्यूनतम 55-60% अंक आवश्यक हैं, जबकि SC/ST उम्मीदवारों को 5% अंक की छूट दी जाती है। 
  • आयु सीमा: : सामान्यतः इस कोर्स के लिए कोई आयु सीमा नहीं होती, लेकिन कुछ विश्वविद्यालयों में अधिकतम आयु की शर्त लागू हो सकती है।

बी.एड स्पेशलाइजेशन

B.Ed एक प्रोफेशनल डिग्री है, जिसमें छात्र अपनी रुचि और भविष्य की मांग के अनुसार विभिन्न विषयों में स्पेशलाइजेशन चुन सकते हैं:

अंग्रेजीहिंदी
जीव विज्ञानसंस्कृत
भौतिक विज्ञानगणित
रसायन विज्ञानइतिहास
भूगोलराजनीति शास्त्र
अर्थशास्त्रकंप्यूटर विज्ञान
शारीरिक शिक्षाकॉमर्स
स्पेशल एजुकेशनपंजाबी 

बी.एड कोर्स का एप्लीकेशन प्रोसेस 

बीएड कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद एडमिशन प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है, क्योंकि अधिकांश कॉलेज प्रवेश परीक्षा (जैसे RIE CEE, DUET, IGNOU B Ed Entrance आदि) के माध्यम से एडमिशन देते हैं। सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:

  • योग्यता की जांच: सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होता है कि आप अपने चयनित कॉलेज या प्रवेश परीक्षा (जैसे RIE CEE, DUET, IGNOU B Ed Entrance) की एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरी करते हैं या नहीं।
  • रजिस्ट्रेशन: अगले स्टेप में आपको संबंधित कॉलेज या प्रवेश परीक्षा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर लॉगिन क्रेडेंशियल प्राप्त करना होता है। 
  • एप्लीकेशन फॉर्म और फीस पेमेंट: अब आप एप्लीकेशन फॉर्म और सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद ऑनलाइन फीस जमा करें। 
  • प्रवेश परीक्षा और रिजल्ट: इसके बाद आप प्रवेश परीक्षा की तैयारी करें और निर्धारित समय पर परीक्षा सेंटर में जाकर परीक्षा दें। फिर परीक्षा के रिज्लट के बाद आप अपनी रैंक और स्कोर के अनुसार  संभावित कॉलेज/यूनिवर्सिटी के लिए पात्रता सुनिश्चित करें। 
  • काउंसलिंग और एनरोलमेंट: फ़ाइनल स्टेप में आपको अपनी रैंक के आधार पर चयनित कॉलेज या यूनिवर्सिटी की काउंसलिंग में शामिल होकर बीएड प्रोग्राम में एनरोलमेंट कंफर्म करना होता है। 

बी.एड कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज

यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज/संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं। अलग-अलग विश्वविद्यालयों के अनुसार इसमें थोड़ा बदलाव हो सकता है:

  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट तथा पासिंग सर्टिफिकेट
  • ग्रेजुएशन डिग्री और मार्कशीट 
  • प्रवेश परीक्षा का स्कोरकार्ड 
  • फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड)
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • निवास/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहाँ आवश्यक हो)
  • माइग्रेशन सर्टिफिकेट (दूसरे बोर्ड/विश्वविद्यालय से आने पर)
  • ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) – कई कॉलेजों में अनिवार्य होता है
  • अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)

बी.एड कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं 

बीएड कोर्स में एडमिशन के लिए भारत की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की सूची इस प्रकार है: 

बीएड प्रवेश परीक्षाएं राज्य/विश्वविद्यालय/ लेवल परीक्षा की तिथि 
CUETराष्ट्रीय परीक्षा अप्रैल, 2026 (टेंटेटिव)
MAH B.Ed CETमहाराष्ट्र (राज्य स्तरीय परीक्षा)मार्च, 2026 (टेंटेटिव)
IGNOU B Ed Entranceराष्ट्रीय परीक्षा मार्च, 2026 (टेंटेटिव)
IPU CETगुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालयअप्रैल, 2026 (टेंटेटिव)
JMI Entrance Examजामिया मिलिया इस्लामिया मार्च, 2026 (टेंटेटिव)

बी.एड कोर्स के लिए कॉलेज और फीस

भारत में मान्यता प्राप्त सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में बीएड कोर्स उपलब्ध है। इसकी फीस संस्थान के प्रकार, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। सामान्यतः सरकारी कॉलेजों में फीस अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि प्राइवेट संस्थानों में यह अधिक रहती है। नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख कॉलेजों के आधार पर बीएड कोर्स की अनुमानित फीस केवल एक सामान्य जानकारी के रूप में दी गई है:

कॉलेज का नामराज्यकॉलेज का प्रकारवार्षिक अनुमानित फीस (INR)
दिल्ली यूनिवर्सिटीदिल्लीसरकारीINR 10,000 – INR 15,000
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटीउत्तर प्रदेशसरकारीINR 12,000 – INR 18,000
राजस्थान यूनिवर्सिटीराजस्थानसरकारीINR 15,000 – INR 25,000
पटना यूनिवर्सिटीबिहारसरकारीINR 10,000 – INR 20,000
मुंबई यूनिवर्सिटीमहाराष्ट्रसरकारीINR 18,000 – INR 30,000
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटीहरियाणासरकारीINR 20,000 – INR 35,000
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटीउत्तर प्रदेशसरकारीINR 25,000 – INR 40,000
एमिटी यूनिवर्सिटीउत्तर प्रदेशनिजीINR 80,000 – INR 1,20,000
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटीपंजाबनिजीINR 90,000 – INR 1,40,000
जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटीराजस्थाननिजीINR 70,000 – INR 1,10,000

नोट: तालिका में दी गई फीस केवल अनुमानित है और समय-समय पर बदल सकती है। सटीक और नवीनतम फीस की जानकारी के लिए संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य देखें।

बी.एड कोर्स के लिए सिलेबस

भारत के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बीएड का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है, क्योंकि प्रत्येक संस्थान अपना करिकुलम और पेपर स्ट्रक्चर स्वयं निर्धारित करता है। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिशन से पहले संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य जांच लें। 


नीचे दिया गया सिलेबस बीएस सिटी कॉलेज, बोकारो की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:

सेमेस्टर 1 
चाइल्डहुड एंड ग्रोइंग अपकंटेम्पररी इंडिया एंड एजुकेशन
लैंग्वेज अक्रॉस द करिकुलमलैंग्वेज अक्रॉस द करिकुलम
प्रैक्टिकम
रीडिंग एंड रिफ्लेक्शन ऑन टेक्स्ट्स
सेमेस्टर 2 
लर्निंग एंड टीचिंगलर्निंग एंड टीचिंग – पार्ट I
पेडागॉजी ऑफ स्कूल सब्जेक्ट  – पार्ट Iअसेसमेंट फॉर लर्निंग
प्रैक्टिकम
ड्रामा एंड आर्ट इन एजुकेशन
सेमेस्टर 3
पेडागॉजी ऑफ स्कूल सब्जेक्ट  – पार्ट II 
प्रैक्टिकम
स्कूल इंटर्नशिप
सेमेस्टर 4 
जेंडर, स्कूल एंड सोसाइटीनॉलेज एंड करिकुलम – पार्ट II 
क्रिएटिंग एन इंक्लूसिव स्कूलऑप्शनल कोर्स
प्रैक्टिकम
क्रिटिकल अंडरस्टैंडिंग ऑफ ICT अंडरस्टैंडिंग द सेल्फ

बी.एड कोर्स के बाद हायर स्टडी के ऑप्शंस

बीएड कोर्स कंप्लीट करने के बाद स्टूडेंट अपनी नॉलेज और स्किल्स को बढ़ाने के लिए हायर स्टडी से संबंधित डिग्री कोर्सेज कर सकते हैं। नीचे ऐसे कुछ प्रमुख कोर्सेज की सूची दी गई है जिन्हें बीएड कोर्स के बाद किया जा सकता है:

  • एम.एड. (M.Ed. – मास्टर ऑफ एजुकेशन)
  • एम.ए. इन एजुकेशन
  • पीजीडी इन गाइडेंस एंड कॉउंसलिंग
  • पीजीडी इन एजुकेशनल मैनेजमेंट
  • पीजीडी इन स्पेशल एजुकेशन
  • मास्टर ऑफ आर्ट्स/साइंस (M.A./M.Sc.)
  • पीएचडी इन एजुकेशन

बी.एड कोर्स के बाद रोजगार के क्षेत्र 

आप बीएड कोर्स कंप्लीट करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:

  • सरकारी स्कूल
  • केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS)
  • नवोदय विद्यालय समिति (NVS)
  • प्राइवेट स्कूल 
  • NGOs 
  • एड-टेक कंपनियां  
  • ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म
  • शिक्षा से जुड़ी संस्थाएं 

बी.एड कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी

बीएड कोर्स पूरा करने के बाद मिलने वाली अनुमानित सालाना सैलरी Ambitionbox.com के अनुसार नीचे दी गई तालिका में दर्शाई गई है। वास्तविक सैलरी आपके अनुभव, कौशल और परफॉर्मेंस के आधार पर इससे अधिक भी हो सकती है।

जॉब प्रोफाइलअनुमानित सालाना सैलरी (INR)
स्कूल टीचर0.8 लाख – 5 लाख
करिकुलम डेवलपर2.5 लाख – 16.1 लाख
करियर कॉउंसलर1.2 लाख – 6.7 लाख
एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेटर1.4 लाख – 9 लाख
सीनियर करिकुलम डेवलपर4.8 लाख – 21 लाख
सीनियर करियर कॉउंसलर2.7 लाख – 8 लाख

B.Ed और D.El.Ed कोर्स में क्या हैं अंतर

यहाँ B.Ed बनाम D.El.Ed में अंतर को आसान भाषा में समझाया गया है –

तुलना का आधारB.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)D.El.Ed (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन)
कोर्स का उद्देश्यमाध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षक तैयार करनाप्राथमिक स्तर के शिक्षक तैयार करना
पढ़ाने का स्तरकक्षा 6 से 12 तककक्षा 1 से 5 (कभी-कभी 8 तक)
न्यूनतम योग्यतास्नातक पास होना जरूरी12वीं पास होना जरूरी
कोर्स की अवधिआमतौर पर 2 वर्षआमतौर पर 2 वर्ष
प्रवेश प्रक्रियाप्रवेश परीक्षा या मेरिट के आधार परराज्य स्तरीय प्रवेश प्रक्रिया
मुख्य विषयशिक्षण विधि, शिक्षा मनोविज्ञान, विषय आधारित पढ़ाईबाल विकास, प्राथमिक शिक्षण पद्धति
प्रशिक्षण का प्रकारस्कूल इंटर्नशिप और विषय आधारित अभ्यासप्राथमिक स्कूल में व्यावहारिक प्रशिक्षण
सरकारी नौकरी की पात्रताटीजीटी, पीजीटी जैसे पदप्राथमिक शिक्षक के पद
शिक्षक पात्रता परीक्षाआमतौर पर कक्षा 6-12 की पात्रताआमतौर पर कक्षा 1-5 की पात्रता
किसके लिए उपयुक्तजो उच्च कक्षाओं में पढ़ाना चाहते हैंजो छोटे बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं

यह भी पढ़ें: D.El.Ed कोर्स कैसे करें?

FAQs 

B.Ed कोर्स क्या होता है और यह क्यों जरूरी है?

B.Ed एक ऐसा कोर्स है जो छात्रों को स्कूल में पढ़ाने की सही ट्रेनिंग देता है। इसमें यह सिखाया जाता है कि बच्चों को कैसे पढ़ाया जाए, उनकी समझ कैसे बढ़ाई जाए और परीक्षा कैसे ली जाए। सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए B.Ed होना जरूरी माना जाता है, क्योंकि इससे पढ़ाने की योग्यता साबित होती है।

B.Ed करने के लिए न्यूनतम योग्यता क्या होती है?

B.Ed करने के लिए किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से स्नातक पास होना जरूरी है। आम तौर पर सामान्य वर्ग के लिए लगभग 50 प्रतिशत अंक मांगे जाते हैं, जबकि आरक्षित वर्ग के छात्रों को कुछ छूट मिलती है। अलग-अलग राज्य और कॉलेज अपने नियम तय करते हैं, इसलिए आवेदन से पहले जानकारी जांचना जरूरी है।

B.Ed कोर्स कितने समय का होता है?

अधिकतर कॉलेजों में B.Ed कोर्स की अवधि दो साल होती है। इस दौरान छात्रों को पढ़ाने से जुड़ी पढ़ाई और स्कूल में अभ्यास कराया जाता है। आने वाले समय में कुछ विशेष योग्यता वाले छात्रों के लिए एक साल का विकल्प भी लागू हो सकता है, लेकिन अभी ज्यादातर जगह दो साल का कोर्स ही चलता है।

12वीं के बाद B.Ed कितने साल का होता है?

12वीं के बाद सीधे सामान्य B.Ed नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले स्नातक पूरा करना जरूरी है। हालांकि कुछ कॉलेज 12वीं के बाद 4 साल का संयुक्त कोर्स देते हैं, जिसमें स्नातक और B.Ed दोनों शामिल होते हैं। यह विकल्प सीमित कॉलेजों में ही मिलता है।

B.Ed की मान्यता कब तक रहती है?

B.Ed की डिग्री की कोई समय सीमा नहीं होती। एक बार मान्यता प्राप्त कॉलेज से B.Ed पूरा करने के बाद यह डिग्री जीवन भर मान्य रहती है। लेकिन शिक्षक की नौकरी के लिए जो पात्रता परीक्षाएं होती हैं, जैसे TET या CTET, उनकी वैधता अलग-अलग हो सकती है।

हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको बीएड कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेखपढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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