बीकॉम यानी बैचलर ऑफ कॉमर्स पूरी करने के बाद अक्सर यही उलझन रहती है कि अब आगे क्या किया जाए। घर में कोई कहता है CA करो, दोस्त MBA की बात करते हैं और कहीं न कहीं सरकारी नौकरी का ख्याल भी आता रहता है।
असल में बीकॉम के बाद के रास्ते काफी हैं, बस थोड़ा सोच-समझकर फैसला लेना होता है। अगर अकाउंटिंग और फाइनेंस में रुचि है तो CA, CMA या CFA जैसे कोर्स एक मजबूत करियर बना सकते हैं। मैनेजमेंट की तरफ जाना हो तो MBA एक अच्छा विकल्प है। जो लोग जल्दी कमाई शुरू करना चाहते हैं वे डिजिटल मार्केटिंग, टैक्सेशन या डेटा एनालिटिक्स जैसे स्किल-बेस्ड कोर्स करके कम समय में जॉब पा सकते हैं।
सरकारी नौकरी के लिहाज से भी बीकॉम एक अच्छी बेस डिग्री है। IBPS, SBI, SSC CGL और UPSC जैसी परीक्षाओं में बीकॉम ग्रेजुएट्स के लिए कई पद होते हैं, खासकर अकाउंट्स और फाइनेंस से जुड़े।
इस लेख में बीकॉम के बाद के प्रमुख कोर्स, सरकारी नौकरी और प्राइवेट जॉब विकल्प बताए गए हैं, जिन्हें आप अपनी रुचि और करियर गोल के अनुसार चुन सकते हैं।
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बीकॉम के बाद प्रोफेशनल कोर्स
यदि आप बीकॉम के बाद मास्टर्स करने के स्थान पर ऐसे प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं जो आपकी करियर ग्रोथ को नई गति प्रदान कर सकें। इसके लिए आप निम्नलिखित प्रोफेशनल कोर्सेज में से किसी एक कोर्स को चुन सकते हैं –
| कोर्स का नाम | न्यूनतम योग्यता | प्रवेश परीक्षा / संस्था | कोर्स अवधि | प्रमुख जॉब प्रोफाइल्स |
| चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) | 12वीं या ग्रेजुएशन | ICAI (CA फाउंडेशन, इंटर, फाइनल) | 4 – 5 वर्ष | ऑडिटर, टैक्स कंसल्टेंट, CFO, अकाउंटेंट |
| कंपनी सेक्रेटरी (CS) | 12वीं या ग्रेजुएशन | ICSI (CSEET, एग्जीक्यूटिव, प्रोफेशनल) | 3 – 4 वर्ष | कंपनी सेक्रेटरी, लीगल एडवाइजर, कॉर्पोरेट मैनेजर |
| कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (CMA) | 12वीं/ग्रेजुएशन | ICMAI (फाउंडेशन, इंटर, फाइनल) | 3 – 4 वर्ष | कॉस्ट अकाउंटेंट, फाइनेंस मैनेजर, बजट एनालिस्ट |
| चार्टर्ड फाइनेंसियल एनालिस्ट (CFA) | ग्रेजुएशन / फाइनल ईयर | CFA इंस्टीट्यूट (लेवल1,2,3) | 2.5 – 3 वर्ष | इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, पोर्टफोलियो मैनेजर |
| सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट (CPA) | ग्रेजुएशन (कॉमर्स प्रिफर्ड) | AICPA | 1.5 – 2 वर्ष | ऑडिटर, अकाउंटिंग स्पेशलिस्ट, फाइनेंस कंसल्टेंट |
| एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स (ACCA) | 12वीं/ग्रेजुएशन | ACCA | 2 – 3 वर्ष | ग्लोबल अकाउंटेंट, टैक्स एडवाइजर, ऑडिटर |
| सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP) | ग्रेजुएशन | FPSB | 6 माह – 1 वर्ष | फाइनेंशियल एडवाइजर, वेल्थ मैनेजर |
| फाइनेंशियल रिस्क मैनेजर (FRM) | ग्रेजुएशन | GARP | 1 – 2 वर्ष | रिस्क एनालिस्ट, बैंकिंग प्रोफेशनल |
| बिजनेस अकाउंटिंग एंड टैक्सेशन (BAT) | B.Com/ग्रेजुएशन | संस्थान आधारित टेस्ट | 3 – 6 माह | टैक्स कंसल्टेंट, अकाउंट एग्जीक्यूटिव |
सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट (CPA) कोर्स के बारे में यहाँ अधिक जानें।
बीकॉम के बाद टॉप मास्टर्स डिग्री कोर्सेज
यदि आप बीकॉम के बाद टॉप मास्टर्स डिग्री कोर्सेज करना चाहते हैं तो आप निम्नलिखित कोर्सेज में से किसी भी एक कोर्स को चुन सकते हैं। इन कोर्सेज में आवेदन करने से पहले आप अपनी इंट्रेस्टेड कॉलेज में इनसे जुड़ी आवश्यक योग्यता को देख सकते हैं –
| कोर्स का नाम | न्यूनतम योग्यता | प्रवेश परीक्षा | कोर्स की अवधि | प्रमुख जॉब प्रोफाइल्स |
| मास्टर ऑफ कॉमर्स (M.Com) | बीकॉम या संबंधित ग्रेजुएशन में कम से कम 50% अंक | CUET PG, DUET, IPU CET या मेरिट बेस | 2 वर्ष | अकाउंटेंट, फाइनेंस एनालिस्ट, टैक्स कंसल्टेंट, प्रोफेसर |
| मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) | किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन (अक्सर 50% या इससे अधिक अंक) | CAT, MAT, XAT, CMAT | 2 वर्ष | मैनेजर, HR, मार्केटिंग मैनेजर, बिजनेस एनालिस्ट |
| मास्टर ऑफ इकोनॉमिक्स | बीकॉम/BA (इकोनॉमिक्स) या संबंधित विषय | CUET PG, यूनिवर्सिटी एंट्रेंस | 2 वर्ष | इकोनॉमिस्ट, रिसर्च एनालिस्ट, पॉलिसी एडवाइजर |
| मास्टर ऑफ फाइनेंस (M.Fin / M.Com Finance) | बीकॉम/फाइनेंस बैकग्राउंड | यूनिवर्सिटी एंट्रेंस / मेरिट | 2 वर्ष | फाइनेंस मैनेजर, इन्वेस्टमेंट बैंकर, रिस्क एनालिस्ट |
| मास्टर ऑफ इंटरनेशनल बिजनेस (MIB) | ग्रेजुएशन (कॉमर्स/मैनेजमेंट प्रेफर्ड) | CAT, MAT, यूनिवर्सिटी टेस्ट | 2 वर्ष | इंटरनेशनल मार्केटिंग मैनेजर, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट मैनेजर |
| मास्टर ऑफ ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (MHRM) | किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन | CAT, XAT, यूनिवर्सिटी एंट्रेंस | 2 वर्ष | HR मैनेजर, ट्रेनिंग मैनेजर, टैलेंट एक्विजिशन |
| मास्टर ऑफ मार्केटिंग मैनेजमेंट (MMM) | बीकॉम या संबंधित ग्रेजुएशन | CAT, MAT, CMAT | 2 वर्ष | मार्केटिंग मैनेजर, ब्रांड मैनेजर, सेल्स मैनेजर |
| मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) | ग्रेजुएशन (12वीं या ग्रेजुएशन में मैथ्स) | NIMCET, CUET PG | 2-3 वर्ष | सॉफ्टवेयर डेवलपर, IT एनालिस्ट, सिस्टम इंजीनियर |
बीकॉम के बाद स्किल-बेस्ड कोर्स की सूची
बीकॉम के बाद आप प्रोफेशनल या पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री करने के अलावा आप स्किल-बेस्ड कोर्स भी कर सकते हैं। स्किल-बेस्ड कोर्स करने के बाद कम समय में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं क्योंकि इन कोर्स की अवधि कोर्स लेवल के अनुसार 6 माह से 1 साल के बीच की अवधि में पूरा कर सकते हैं। यहाँ आपके लिए कुछ प्रमुख स्किल-बेस्ड कोर्स की सूची दी गई है, जिसमें से आप भी किसी एक कोर्स का चुनाव कर सकते हैं –
| कोर्स का नाम | कोर्स का प्रकार | न्यूनतम योग्यता | कोर्स की अवधि | जॉब प्रोफाइल्स |
| बिजनेस अकाउंटिंग और टैक्सेशन (BAT) | सर्टिफिकेट / प्रोफेशनल | 12वीं या बीकॉम | 3-6 माह | अकाउंटेंट, टैक्स कंसल्टेंट, GST एग्जीक्यूटिव |
| डिजिटल मार्केटिंग कोर्स | सर्टिफिकेट | 12वीं या ग्रेजुएशन | 3-6 माह | SEO एग्जीक्यूटिव, सोशल मीडिया मैनेजर |
| स्टॉक मार्केट / निवेश विश्लेषण कोर्स | सर्टिफिकेट | 12वीं/बीकॉम | 3-6 माह | स्टॉक ट्रेडर, इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट |
| ई-कॉमर्स मैनेजमेंट कोर्स | सर्टिफिकेट / डिप्लोमा | 12वीं या बीकॉम | 3-6 माह | ई-कॉमर्स मैनेजर, ऑनलाइन सेल्स एक्सपर्ट |
| बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सर्टिफिकेट | सर्टिफिकेट | 12वीं/ग्रेजुएट | 6 माह – 1 साल | बैंकिंग एग्जीक्यूटिव, रिलेशनशिप मैनेजर |
| पब्लिक रिलेशन (PR) कोर्स | सर्टिफिकेट / डिप्लोमा | 12वीं/ग्रेजुएशन | 6 माह – 1 साल | PR ऑफिसर, मीडिया कोऑर्डिनेटर |
| कम्युनिकेटिव इंग्लिश कोर्स | सर्टिफिकेट | 12वीं पास | 6 माह | कस्टमर सपोर्ट, HR एग्जीक्यूटिव |
| पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन अकाउंटिंग (PGDIA) | PG डिप्लोमा | ग्रेजुएशन (बीकॉम) | 1 साल | सीनियर अकाउंटेंट, ऑडिटर |
| डेटा एनालिटिक्स / एक्सेल फाइनेंस कोर्स | सर्टिफिकेट | 12वीं/ग्रेजुएशन | 3-6 माह | डेटा एनालिस्ट, MIS एग्जीक्यूटिव |
| ग्रामीण विकास / सोशल सेक्टर कोर्स | सर्टिफिकेट | 12वीं/ग्रेजुएशन | 3-6 माह | NGO मैनेजर, फील्ड ऑफिसर |
बीकॉम करने के बाद प्रमुख सरकारी नौकरियां
बीकॉम करने के बाद आप मुख्य रूप से निम्नलिखित सरकारी नौकरियों में आवेदन कर सकते हैं, जिनकी जानकारी को आप नीचे दी गई टेबल के माध्यम से चुन सकते हैं –
| पद का नाम | विभाग / भर्ती बोर्ड | न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता |
| IAS / IPS / IFS (सिविल सेवा) | यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) | किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन |
| इनकम टैक्स इंस्पेक्टर / ऑडिटर | स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC CGL) | ग्रेजुएशन (B.Com योग्य) |
| टैक्स असिस्टेंट | SSC (CGL/CHSL) | ग्रेजुएशन |
| बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) | IBPS / SBI / RBI | ग्रेजुएशन (किसी भी स्ट्रीम) |
| बैंक क्लर्क | IBPS / SBI | ग्रेजुएशन |
| अकाउंटेंट / अकाउंट्स ऑफिसर | विभिन्न मंत्रालय / PSU / SSC | B.Com या संबंधित फील्ड में ग्रेजुएशन |
| रेलवे NTPC (स्टेशन मास्टर, क्लर्क आदि) | रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) | ग्रेजुएशन (कुछ पदों पर 12वीं) |
| डाक विभाग (पोस्टल असिस्टेंट, सॉर्टिंग असिस्टेंट) | भारतीय डाक | 12वीं / ग्रेजुएशन |
| असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) | SSC / विभिन्न मंत्रालय | ग्रेजुएशन |
| रक्षा सेवाएं (ऑफिसर एंट्री – CDS) | UPSC (CDS एग्जाम) | ग्रेजुएशन |
बीकॉम करने के बाद प्रमुख प्राइवेट नौकरियां
बीकॉम करने के बाद आप प्रोफेशनल कोर्सेज, पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम या सरकारी नौकरी में आवेदन करने के अलावा अपनी स्किल डेवलप करने के साथ-साथ प्रमुख कॉर्पोरेट कंपनियों या मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में विभिन्न जॉब्स पा सकते हैं। यहाँ निम्नलिखित टेबल में आप बीकॉम करने के बाद प्रमुख प्राइवेट नौकरियों में भी आवेदन कर सकते हैं –
| पद का नाम | अनुमानित वार्षिक सैलरी (INR) |
| अकाउंटेंट | INR 3.3 लाख – INR 3.6 लाख |
| जूनियर फाइनेंशियल एनालिस्ट | INR 3.7 लाख – INR 4.1 लाख |
| टैक्स असिस्टेंट | INR 4 लाख – INR 4.4 लाख |
| सेल्स एग्जीक्यूटिव | INR 3.1 लाख – INR 3.4 लाख |
| मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव | INR 3.5 लाख – INR 3.9 लाख |
| बिजनेस प्रोसेस एसोसिएट (BPO/KPO) | INR 3.4 लाख – INR 3.8 लाख |
नोट – यहां अनुमानित सैलरी की जानकारी Ambitionbox.com के डेटा के आधार पर दी गई है, यह संस्थान, शहर, अनुभव और स्किल्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
FAQs
B.Com के बाद आपके लिए सबसे अच्छा कोर्स वही है जो आपकी रूचि और करियर गोल्स से मेल खाता हो। उदाहरण के लिए अकॉउंटिंग क्षेत्र के लिए CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) या CMA और मैनेजमेंट क्षेत्र के लिए MBA कोर्स अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
BCom करने के बाद आपको अकाउंटेंट, जूनियर अकाउंट्स एग्जीक्यूटिव, फाइनेंस एनालिस्ट, बिजनेस एग्जीक्यूटिव, ऑडिटर, डेटा एंट्री एनालिस्ट और टैक्स असिस्टेंट जैसी जॉब प्रोफाइल्स पर काम करके अपनी करियर ग्रोथ को नई गति प्रदान कर सकते हैं।
बीकॉम के बाद आपके पास कई सरकारी नौकरी के विकल्प उपलब्ध रहते हैं। इसमें आप बैंकिंग (IBPS, SBI PO/क्लर्क), SSC, रेलवे और UPSC जैसी परीक्षाएं देकर जॉब पा सकते हैं। इसके अलावा कॉमर्स बैकग्राउंड के होने से आप सरकारी विभागों में अकाउंट्स और फाइनेंस से जुड़ी पोस्ट पर जॉब पा सकते हैं।
हाँ, बीकॉम का एक सुरक्षित भविष्य है जिसमें आप अपनी स्किल्स और स्पेशलाइजेशन के आधार पर अपना करियर बना सकते हैं। इसमें आपको अकॉउंटिंग, फाइनेंस और बिज़नेस लॉ जैसे विषयों को ज्ञान मिलता है, जिसके आधार पर आप अपने करियर गोल्स को सफलतापूर्वक प्राप्त कर सकते हैं।
बीकॉम के बाद प्राइवेट सेक्टर जैसे – अकाउंटिंग, फाइनेंस, बैंकिंग, इंश्योरेंस और मार्केटिंग कंपनियों में आप अकाउंटेंट, ऑडिटर, फाइनेंसियल एनालिस्ट और बिजनेस एग्जीक्यूटिव के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
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| अकाउंटेंट कैसे बनें? | इन्वेस्टमेंट बैंकर कैसे बनें? |
आशा है कि इस लेख के माध्यम से आपको बीकॉम के बाद प्रमुख कोर्सेज और नौकरी के विकल्प की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य करियर गाइड के ब्लॉग्स पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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