AME कोर्स यानी एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) यह एक लाइसेंस बेस्ड टेक्निकल कोर्स है, जिसे भारत में DGCA (Directorate General of Civil Aviation) द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इस कोर्स में आपको एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस, रिपेयर और सेफ्टी से जुड़ी ज़रूरी ट्रेनिंग दी जाती है।
बढ़ती एविएशन इंडस्ट्री और हवाई यात्रियों की संख्या में हो रही वृद्धि के कारण आजकल इस फील्ड में स्किल्ड इंजीनियर्स की डिमांड तेज़ी से बढ़ रही है। यही कारण है कि AME कोर्स एविएशन सेक्टर में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के बीच एक लोकप्रिय चॉइस बनता जा रहा है।
अगर आप भी इस फील्ड में अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। यहाँ आपको AME का फुल फॉर्म, कोर्स की योग्यता, फीस, सिलेबस और करियर स्कोप से जुड़ी सारी ज़रूरी जानकारी मिलेगी।
| कोर्स का नाम | एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (AME) |
| रेगुलेटरी बॉडी | DGCA द्वारा नियंत्रित |
| कोर्स का उद्देश्य | विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना, निरीक्षण, मरम्मत और मेंटेनेंस करना |
| कोर्स का प्रकार | लाइसेंस-आधारित तकनीकी कोर्स (डिग्री नहीं) |
| प्रमुख स्ट्रीम | B1 (मैकेनिकल – टर्बाइन विमान, इंजन, स्ट्रक्चर), B2 (एवियोनिक्स – इलेक्ट्रॉनिक्स, नेविगेशन) |
| अवधि | 2 साल (बेसिक ट्रेनिंग) + 2 साल (प्रैक्टिकल मेंटेनेंस एक्सपीरियंस) |
| न्यूनतम योग्यता | 12वीं (फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स) या संबंधित डिप्लोमा |
| प्रवेश परीक्षा | AME CET (राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा) या कॉलेज-विशिष्ट परीक्षाएं |
| करियर स्कोप | एयरलाइंस (Indigo, Air India), MRO संस्थाएं और रक्षा क्षेत्र |
This Blog Includes:
- एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स क्यों करें?
- एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
- AME कोर्स की फीस
- एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स के लिए एडमिशन प्रक्रिया
- एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेज
- एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स का सिलेबस
- AME कोर्स के लिए प्रमुख कॉलेज
- AME बनाम B.Tech एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग
- AME कोर्स करने के बाद करियर स्कोप और सैलरी
- FAQs
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स क्यों करें?
अगर आप एविएशन सेक्टर में एक स्टेबल और टेक्निकल करियर की तलाश में हैं, तो AME कोर्स आपके लिए कई कारणों से एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। नीचे दिए गए पॉइंट्स से आप समझ सकते हैं कि यह कोर्स आज इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जा रहा है:
- बढ़ती डिमांड के साथ मजबूत करियर ऑपर्च्युनिटी: भारत और दुनिया भर में एयर ट्रैफिक तेजी से बढ़ रहा है, जिससे एयरक्राफ्ट की संख्या और उनकी सेफ्टी मेंटेनेंस की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में एविएशन इंडस्ट्री में AME प्रोफेशनल्स की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है।
- DGCA-लाइसेंस्ड प्रोफेशन: AME एक लाइसेंस-आधारित कोर्स है, जिसे DGCA द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह इसे एक सामान्य टेक्निकल कोर्स से अलग बनाता है क्योंकि इसके बाद आप एक सर्टिफाइड प्रोफेशनल बनते हैं, जिसकी अपनी एक अलग प्रोफेशनल पहचान होती है।
- एयरक्राफ्ट की टेक्निकल फिटनेस का अधिकार: AME कोर्स करने के बाद आप वो प्रोफेशनल बन जाते हैं, जो उड़ान से पहले किसी भी एयरक्राफ्ट की टेक्निकल फिटनेस को प्रमाणित करने का अधिकार रखते हैं। यह एक जिम्मेदारी भरा और सम्मानजनक रोल होता है।
- प्रैक्टिकल + क्लासरूम हाइब्रिड लर्निंग: इस कोर्स में आपको केवल थ्योरी का ज्ञान नहीं मिलता, बल्कि एयरक्राफ्ट सिस्टम्स, इंजन और इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है। यह हैंड्स-ऑन एक्सपीरियंस आपको इंडस्ट्री के लिए जॉब-रेडी बनाता है।
- इंटरनेशनल करियर ऑपर्च्युनिटीज: AME लाइसेंस इंटरनेशनल स्तर पर भी वैलिड होता है। यही कारण है कि इस कोर्स को करने के बाद आप भारत के साथ-साथ विदेशी एयरलाइंस या MRO कंपनियों में भी अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए सामान्य पात्रता मानदंड इस प्रकार है:
- इसके लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा को फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ्स विषयों के साथ पास करना होता है।
- AICTE से मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग डिप्लोमा करने वाले उम्मीदवार भी इस कोर्स के लिए पात्र होते हैं।
- आमतौर पर इसके लिए आपकी न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए। हालाँकि कुछ संस्थानों में 16-28 वर्ष के उम्मीदवार भी इस कोर्स के लिए पात्र माने जाते हैं।
- इस कोर्स को करने के लिए आपको कलर ब्लाइंडनेस नहीं होनी चाहिए, साथ ही आपका DGCA के नियमानुसार शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना भी जरुरी होता है।
- इस कोर्स की पढ़ाई अंग्रेजी भाषा में होती है, ऐसे में आपको भाषा का ज्ञान भी होना चाहिए। साथ ही AME कोर्स में एडमिशन के लिए आमतौर पर AME CET को पास करना भी जरुरी होता है।
AME कोर्स की फीस
AME कोर्स की फीस में संस्थानों के प्रकार और अलग-अलग लोकेशन पर भिन्नता देखी जा सकती है, इसके लिए आपको अपने द्वारा चुने गए कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट को जरूर विजिट करना चाहिए। यहाँ आपके अनुमान के लिए सरकारी और प्राइवेट संस्थानों के आधार पर कोर्स की अनुमानित फीस दी गई है, जिससे आपको एक आईडिया मिल सकता है।
| कॉलेज का प्रकार | न्यूनतम कुल फीस (INR) | अधिकतम कुल फीस (INR) |
| सरकारी कॉलेज | INR 1.2 लाख | INR 5 लाख |
| प्राइवेट कॉलेज | INR 1.5 लाख | INR 6.5 लाख |
नोट – यहाँ दी गई फीस को विभिन्न स्त्रोतों से लिया गया है, इसलिए आपको एक बार आवेदन करने से पहले अपने द्वारा चुने गए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर फीस और योग्यता जैसी चीजों की जांच जरूर करनी चाहिए।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स के लिए एडमिशन प्रक्रिया
AME कोर्स में एडमिशन राष्ट्रीय स्तर पर होता है और इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की प्रक्रिया उपलब्ध है –
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले आप DGCA द्वारा अनुमोदित कॉलेज के कैंपस में जाकर प्रॉस्पेक्टस और आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- AME कोर्स के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद आप अपना एडमिशन फॉर्म को प्राप्त करें।
- एडमिशन फॉर्म में मांगी गई शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी को सही तरीके से भरें।
- अब एडमिशन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेजों की कॉपी को अटैच करें।
- इसके बाद आप आवेदन फॉर्म की फीस भरें और अपने फॉर्म को सबमिट करें।
- अब कॉलेज के अधिकृत डॉक्टर द्वारा अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं।
- यदि आपके द्वारा चुने गए संस्थान में प्रवेश परीक्षा का आयोजन होता है तो परीक्षा में पास होकर कॉउंसलिंग प्रक्रिया का हिस्सा बनें। यदि एडमिशन मेरिट बेस्ड होता है तो मेरिट लिस्ट की प्रतीक्षा करें।
- अंत में अपना डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन कराएं और कोर्स की फीस सबमिट करके अपनी एडमिशन प्रोसेस को पूरा करें।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले आप राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा (जैसे AME CET) या विशिष्ट कॉलेज की वेबसाइट की आधिकारिक वेबसाइट को विजिट करें।
- वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करें, रजिस्ट्रेशन करते समय अपनी डिटेल जैसे – मोबाइल नंबर और ईमेल आदि को ध्यानपूर्वक भरें।
- रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरें और आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
- नेट बैंकिंग या ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से आवेदन शुल्क जमा करें और फॉर्म फाइनल सबमिट करें।
- संस्थान के आधार पर आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा में बैठे और परीक्षा को पास करें और काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लें। यदि एडमिशन मेरिट बेस्ड है तो मेरिट लिस्ट जारी होने की प्रतीक्षा करें।
- अंत में डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन कराएं और अपनी कोर्स फीस सबमिट करके अपनी एडमिशन प्रोसेस पूरी करें।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेज
यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए प्रशिक्षण केंद्रों/संस्थानों द्वारा मांगे जाते हैं। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी को आप अपने द्वारा चुने गए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।
- शैक्षणिक प्रमाणपत्र (10वीं, 12वीं या ग्रेजुएशन की मार्कशीट – कोर्स लेवल के अनुसार)
- आधार कार्ड
- वोटर आईडी/पैन कार्ड/पासपोर्ट (यदि आपके पास आधार कार्ड उपलब्ध न हो)
- स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) और माइग्रेशन सर्टिफिकेट
- चरित्र प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि आप आरक्षित श्रेणी में हैं या यदि संस्थान में लगाना अनिवार्य है।)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स का सिलेबस
भारत के विभिन्न संस्थानों में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स का सिलेबस वैसे तो एक जैसा ही रहता है, हालाँकि इसमें थोड़ा सा बदलाव संभव है। इसलिए आप एडमिशन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य चेक कर लें।
यहां एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स के लिए ‘एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग’ का सिलेबस AME CET की आधिकारिक वेबसाइट amecet.in के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:
| मॉड्यूल नंबर | विषय | महत्वपूर्ण टॉपिक्स |
| मॉड्यूल 1 | गणित | अलजेब्रा, ज्योमेट्री, ट्रिग्नोमेट्री, कैलकुलस, वेक्टर मैथेमेटिक्स |
| मॉड्यूल 2 | फिजिक्स | मैकेनिक्स, थर्मोडायनामिक्स, ऑप्टिक्स, साउंड, वेव मोशन |
| मॉड्यूल 3 | इलेक्ट्रिकल फंडामेंटल | DC/AC सर्किट्स, जनरेटर्स, मोटर्स, रेजिस्टेंस, इंडक्टेंस, ट्रांसफॉर्मर्स |
| मॉड्यूल 4 | इलेक्ट्रॉनिक फंडामेंटल | सेमीकंडक्टर्स, PCB, सर्वो सिस्टम्स |
| मॉड्यूल 5 | डिजिटल टेक्निक्स | लॉजिक सर्किट्स, माइक्रोप्रोसेसर्स, डेटा सिस्टम्स, एवियोनिक्स, डिजिटल सिस्टम |
| मॉड्यूल 6 | मटेरियल और हार्डवेयर | एयरक्राफ्ट मैटेरियल्स, कोरोज़न, फास्टनर, बेयरिंग, पाइप |
| मॉड्यूल 7 | मेंटेनेंस प्रैक्टिस | टूल्स, सेफ्टी, वेल्डिंग, एयरक्राफ्ट हैंडलिंग, रिपेयर टेक्निक्स |
| मॉड्यूल 8 | बेसिक एयरोडायनामिक्स | लिफ्ट, ड्रैग, थ्रस्ट, फ्लाइट थ्योरी, स्टैबिलिटी |
| मॉड्यूल 9 | ह्यूमन फैक्टर्स | ह्यूमन एरर, कम्युनिकेशन, स्ट्रेस, सेफ्टी |
| मॉड्यूल 10 | एविएशन लॉ | CAR-66, CAR-145, एयरक्राफ्ट सर्टिफिकेशन, सेफ्टी रूल्स |
| मॉड्यूल 11A | टर्बाइन एयरक्राफ्ट सिस्टम | एयरफ्रेम, फ्यूल सिस्टम, लैंडिंग गियर, हाइड्रोलिक सिस्टम |
| मॉड्यूल 11B | पिस्टन एयरक्राफ्ट सिस्टम | छोटे एयरक्राफ्ट के सिस्टम और स्ट्रक्चर |
| मॉड्यूल 12 | हेलीकॉप्टर सिस्टम | रोटर सिस्टम, वाइब्रेशन, ट्रांसमिशन |
| मॉड्यूल 13 | एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चर और सिस्टम | कम्युनिकेशन, नेविगेशन, इलेक्ट्रिकल पावर, फ्लाइट कंट्रोल |
| मॉड्यूल 14 | प्रोपल्शन | इंजन टाइप्स, इग्निशन सिस्टम, इंजन परफॉरमेंस |
| मॉड्यूल 15 | गैस टरबाइन इंजन | कंप्रेसर, टरबाइन, कंबस्टन, फ्यूल सिस्टम, इंजन मॉनिटरिंग |
| मॉड्यूल 16 | पिस्टन इंजन | कार्बोरेटर, फ्यूल इंजेक्शन, कूलिंग सिस्टम, लुब्रिकेशन |
| मॉड्यूल 17 | प्रोपेलर | प्रोपेलर डिज़ाइन, पिच कंट्रोल, मेंटेनेंस |
AME कोर्स के लिए प्रमुख कॉलेज
AME कोर्स को करने के लिए आपको DGCA द्वारा नियंत्रित और मान्यता प्राप्त संस्थान को चुनना होता है। यहाँ दिए गए निम्नलिखित कॉलेज में से किसी भी एक कॉलेज को चुनकर आप अपनी शैक्षणिक यात्रा को शुरू कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप अपने द्वारा चुने गए संस्थान की आधिकारिक वेबसइट को विजिट कर सकते हैं –
| कॉलेज का नाम | कॉलेज का प्रकार | स्थान |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (IGRUA) | सरकारी (नागरिक उड्डयन मंत्रालय) | अमेठी, उत्तर प्रदेश |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एयरक्राफ्ट इंजीनियरिंग (IIAE) | प्राइवेट | नई दिल्ली |
| एनडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग | प्राइवेट | महाराष्ट्र |
| इंदिरा इंस्टीट्यूट ऑफ एयरक्राफ्ट इंजीनियरिंग | प्राइवेट | पुणे, महाराष्ट्र |
| जवाहरलाल एविएशन इंस्टीट्यूट | प्राइवेट | केरल |
| हिंदुस्तान एविएशन अकादमी | प्राइवेट | बेंगलुरु, कर्नाटक |
| बॉम्बे फ्लाइंग क्लब AME स्कूल | प्राइवेट | मुंबई |
| श्रीनिवास यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एविएशन | प्राइवेट | मंगलुरु, कर्नाटक |
| अल्पाइन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट | प्राइवेट | देहरादून, उत्तराखंड |
AME बनाम B.Tech एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग
यहाँ AME बनाम B.Tech एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के बीच मुख्य अंतर को निम्नलिखित टेबल के माध्यम से बताया गए है, जिससे आप इन दोनों प्रोग्राम्स के बारे में अधिक जान सकें –
| आधार | AME (एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग) | B.Tech एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग |
| कोर्स का प्रकार | लाइसेंस-आधारित तकनीकी प्रशिक्षण | डिग्री इंजीनियरिंग कोर्स |
| रेगुलेटिंग अथॉरिटी | DGCA | AICTE / विश्वविद्यालय |
| मुख्य फोकस | एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस, रिपेयर और सेफ्टी | एयरक्राफ्ट डिजाइन, एयरोडायनामिक्स, रिसर्च |
| काम का प्रकार | हैंड्स-ऑन (फील्ड वर्क) | थ्योरी, डिजाइन और सिमुलेशन |
| अवधि | 2-4 साल (स्ट्रीम के अनुसार) | 4 साल (फुल टाइम) |
| योग्यता | 12वीं (PCM) | 12वीं (PCM) |
| लाइसेंस | DGCA लाइसेंस अनिवार्य | कोई लाइसेंस जरूरी नहीं |
| जॉब रोल | एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर | डिज़ाइन इंजीनियर, एयरोनॉटिकल इंजीनियर |
| कार्य स्थान | एयरपोर्ट, हैंगर, MRO कंपनियां | ऑफिस, R&D लैब, कंपनियां |
यह भी पढ़ें – एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर कैसे बनें?
AME कोर्स करने के बाद करियर स्कोप और सैलरी
AME कोर्स करने के बाद आपके सामने कई करियर ऑप्शन्स खुल जाते हैं। क्योंकि AME लाइसेंस इंटरनेशनल स्तर पर भी वैलिड होता है, इसलिए आप भारत के साथ-साथ विदेशों में भी अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। नीचे कुछ प्रमुख क्षेत्र दिए गए हैं जहाँ AME प्रोफेशनल्स काम करते हैं:
- भारतीय एयरलाइंस: इंडिगो, एयर इंडिया जैसी डोमेस्टिक एयरलाइंस में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर के रूप में
- विदेशी एयरलाइंस: इंटरनेशनल एयरलाइंस में भी AME लाइसेंस के आधार पर जॉब ऑपर्च्युनिटीज
- MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) संस्थाएं: भारत और विदेश दोनों की MRO कंपनियों में टेक्निकल रोल्स
- रक्षा क्षेत्र (डिफेन्स सेक्टर): एयरक्राफ्ट से जुड़े सिविलियन टेक्निकल पोजिशन्स में
इन क्षेत्रों में काम करते हुए आप उड़ान से पहले एयरक्राफ्ट की तकनीकी फिटनेस को प्रमाणित करने जैसी ज़िम्मेदारियाँ निभाते हैं। नीचे कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल और उनकी अनुमानित सैलरी दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित वार्षिक सैलरी (INR) |
| एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर | 14.1 लाख – 15.5 लाख |
| एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर ट्रेनी | 4.1 लाख – 4.5 लाख |
| टेक्निकल सर्विस इंजीनियर | 6.9 लाख – 7.6 लाख |
| लाइसेंसिंग इंजीनियर | 4.3 लाख – 4.8 लाख |
नोट – यहाँ अनुमानित सैलरी की जानकारी Ambitionbox.com के डेटा के आधार पर दी गई है। यह कंपनी, शहर, अनुभव और स्किल्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
FAQs
AME एक ऐसा कोर्स है जिसे DGCA के नियमों के तहत नियंत्रित किया जाता है। इसमें आपको एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस, रिपेयर और सेफ्टी चेकिंग आदि की नॉलेज मिलती है।
AME का पूरा नाम एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग होता है।
AME कोर्स की बेसिक ट्रेनिंग लगभग 2 साल (4 सेमेस्टर्स, ~2400 आवर्स) की होती है, जिसमें अकादमिक क्लासेस और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दोनों शामिल होते हैं। इसके बाद, DGCA AME लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कैंडिडेट को किसी DGCA-अप्रूव्ड MRO में 2 साल का प्रैक्टिकल मेंटेनेंस एक्सपीरियंस पूरा करना होता है। इस तरह, लाइसेंस तक पहुँचने में कुल लगभग 4 साल का समय लगता है।
AME एक लाइसेंस आधारित कोर्स है जिसमें आपको सीधे तौर पर एयरक्राफ्ट पर काम करने का मौका मिलता है, साथ ही इसे करने के बाद आप DGCA से लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। जबकि B.Tech एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग एक डिग्री प्रोग्राम है, जो मुख्य रूप से डिजाइन और रिसर्च पर ज्यादा फोकस करता है।
DGCA (Directorate General of Civil Aviation) एक सरकारी सर्टिफिकेशन है, जो AME कोर्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस लाइसेंस को प्राप्त किए बिना आप किसी भी एयरक्राफ्ट को फ्लाइंग के लिए अप्रूवल नहीं दे सकते हैं। यही कारण है कि AME कोर्स के लिए ये सर्टिफिकेशन प्राप्त करना जरुरी होता है।
AME CET एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जो AME कोर्स और दूसरे एविएशन-रिलेटेड प्रोग्राम्स में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है। भारत में अधिकतर DGCA-अप्रूव्ड इंस्टिट्यूट्स में AME कोर्स में एडमिशन के लिए AME CET को पास करना आमतौर पर जरूरी होता है। हालांकि, कुछ कॉलेज अपनी खुद की एंट्रेंस एग्जाम भी कंडक्ट करते हैं।
AME कोर्स की दो प्रमुख स्ट्रीम्स होती हैं – B1 और B2:
– B1 (मैकेनिकल): इस स्ट्रीम में आपको टर्बाइन विमान, इंजन और एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चर जैसे मैकेनिकल सिस्टम्स की ट्रेनिंग दी जाती है।
– B2 (एवियोनिक्स): इस स्ट्रीम में आपको इलेक्ट्रॉनिक्स, नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम्स से जुड़ी ट्रेनिंग मिलती है।
दोनों स्ट्रीम्स की अपनी अलग प्रोफेशनल स्पेशलाइजेशन होती है, आप अपनी रुचि और करियर गोल्स के आधार पर कोई एक चुन सकते हैं।
हाँ, AME कोर्स के लिए आमतौर पर 12वीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स (PCM) विषयों के साथ पास होना जरूरी होता है। हालांकि, जो छात्र PCM के साथ 12वीं नहीं कर पाए हैं, वे AICTE से मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग डिप्लोमा करके भी इस कोर्स के लिए पात्र हो सकते हैं। दोनों में से कोई भी एक योग्यता AME कोर्स के लिए मान्य है।
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हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको AME कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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