12वीं कॉमर्स के बाद बेस्ट कोर्सेज की लिस्ट

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12वीं कॉमर्स के बाद बेस्ट कोर्सेज

12वीं कॉमर्स के बाद सही कोर्स चुनना आज बेहद महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि बिज़नेस, फाइनेंस, टेक और ग्लोबल मार्केट में लर्निंग रोल्स की लगातार डिमांड बढ़ रही है। B.Com, BBA, BMS जैसे पारंपरिक कोर्सों के साथ-साथ CA, CS, CMA और डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग जैसे स्किल-बेस्ड कोर्स की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे का एक बड़ा कारण यह है कि इन कोर्सेज में विश्लेषणात्मक क्षमता, तकनीकी समझ और व्यावहारिक स्किल्स को प्राथमिकता दी जाती है। इस ब्लॉग में आपके लिए 12वीं कॉमर्स के बाद बेस्ट कोर्स, उनके करियर स्कोप और उनकी बढ़ती डिमांड के बारे में आसान भाषा में बताया गया।

This Blog Includes:
  1. 12वीं कॉमर्स के बाद टॉप कोर्सेज
  2. 12वीं कॉमर्स के बाद कोर्स चुनने से पहले किन बातों पर ध्यान दें?
  3. कोर्स की अवधि के अनुसार उपलब्ध विकल्प
  4. विषय के अनुसार उपलब्ध कोर्सेस – मैथ्स, बिना मैथ्स और अन्य
  5. मैथेमेटिक्स के साथ 12वीं कॉमर्स के बाद बेस्ट कोर्स
    1. बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) – ऑनर्स / जनरल
    2. चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)
    3. कॉस्ट एंड मैनेजमेंट एकाउंटेंसी (CMA)
    4. बैचलर ऑफ साइंस (B.Sc.) इन एक्चुरियल साइंस
    5. बैचलर ऑफ साइंस (B.Sc.) इन इकोनॉमिक्स / B.A. इकोनॉमिक्स
    6. बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA)
    7. बैचलर ऑफ स्टैटिस्टिक्स / B.Stat (मैथ्स छात्रों के लिए)
  6. मैथेमेटिक्स के बिना 12वीं कॉमर्स के बाद बेस्ट कोर्स
    1. बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com)
    2. बैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA)
    3. बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (BMS)
    4. कंपनी सेक्रेटरी (CS)
    5. बैचलर ऑफ हॉस्पिटैलिटी/होटल मैनेजमेंट
    6. बैचलर ऑफ जर्नलिज़्म (बीए जर्नल्ज़िम)
  7. एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और प्रवेश प्रक्रिया
  8. 12वीं के बाद कॉमर्स कोर्स करने के बाद करियर ऑप्शंस और सैलरी
  9. FAQs

12वीं कॉमर्स के बाद टॉप कोर्सेज

12वीं कॉमर्स पास करने के बाद, आपके करियर की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी की आप कौनसा कोर्स चुनते हैं। नीचे कुछ प्रमुख और लोकप्रिय कोर्सेस की लिस्ट दी गई है, जिन्हें छात्र अपनी रुचि के अनुसार चुन सकते हैं: 

कोर्स का नामकोर्स की फुल फॉर्मअवधिमुख्य विषय / फोकस एरिया
बी.कॉमबैचलर ऑफ कॉमर्स (जनरल / ऑनर्स)3 सालअकाउंटिंग, फाइनेंस, टैक्सेशन
बी.बी.एबैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन3 सालमैनेजमेंट, मार्केटिंग, ऑपरेशन
बी.एम.एसबैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़3 सालबिज़नेस स्ट्रैटेजी, लीडरशिप
सी.एचार्टर्ड अकाउंटेंसी4.5-5 सालअकाउंटिंग, टैक्स, ऑडिट
सी.एसकंपनी सेक्रेटरी3-4 सालकंपनी लॉ, कॉर्पोरेट गवर्नेंस
सी.एम.एकॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग3-4 सालकॉस्ट अकाउंटिंग, मैनेजमेंट अकाउंटिंग
लॉबैचलर ऑफ लॉ (बी.बी.ए एलएल.बी / बी.कॉम एलएल.बी)5 सालकानून, कॉर्पोरेट लॉ
एच.एमहोटल मैनेजमेंट3-4 सालहॉस्पिटैलिटी, फूड सर्विस, टूरिज्म
जे.एम.सी जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन3 सालरिपोर्टिंग, मीडिया, विज्ञापन
बी.डिज़ / एफ.डिज़ाइनिंगबैचलर ऑफ डिज़ाइन / फैशन डिज़ाइनिंग3-4 सालडिजाइनिंग, क्रिएटिव आर्ट्स
फॉरेन ट्रेडफॉरेन ट्रेड (बैचलर / डिप्लोमा)1-3 सालइंपोर्ट-एक्सपोर्ट, इंटरनेशनल मार्केट
इवेंट मैनेजमेंटइवेंट मैनेजमेंट (डिप्लोमा / बैचलर)1-3 सालइवेंट प्लानिंग, प्रोडक्शन
बी.ए इन इकोनॉमिक्सबैचलर ऑफ आर्ट्स इन इकोनॉमिक्स3 सालअर्थशास्त्र, डेटा एनालिसिस
बी.ए इन साइकोलॉजीबैचलर ऑफ आर्ट्स इन साइकोलॉजी3 सालमानसिक व्यवहार, काउंसलिंग
बी.ए इन सोशियोलॉजीबैचलर ऑफ आर्ट्स इन सोशियोलॉजी3 सालसमाजशास्त्र, मानव व्यवहार

12वीं कॉमर्स के बाद कोर्स चुनने से पहले किन बातों पर ध्यान दें?

किसी भी कोर्स की लिस्ट देखने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि आपके लिए कौन-सा विकल्प उपयुक्त है।

  • 12वीं में आपने मैथ्स लिया है या नहीं, यह कई कोर्सों की एलिजिबिलिटी तय करता है। जैसे B.Com (Hons.), इकोनॉमिक्स और डेटा-ओरिएंटेड कोर्स में अक्सर मैथ्स आवश्यक होती है।
  • आप नौकरी करना चाहते हैं, बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं या आगे मास्टर्स/प्रोफेशनल स्टडी की योजना है तो आप अपने लिए कोर्स का चयन इसी आधार पर करें।
  • डिग्री कोर्स (B.Com, BBA, BA) आगे की पढ़ाई के लिए मजबूत आधार देते हैं, जबकि प्रोफेशनल कोर्स (CA, CS, CMA) किसी विशेष प्रोफेशन पर केंद्रित होते हैं।
  • कुछ कोर्स भारत-केंद्रित होते हैं, जबकि मैनेजमेंट, अकाउंटिंग और इकोनॉमिक्स जैसे कोर्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक मान्य होते हैं।
  • कई यूनिवर्सिटीज़ में अब CUET या अन्य प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से एडमिशन होता है, जिसे पहले से समझना ज़रूरी है।
  • हमेशा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से ही कोर्स चुनें।
  • ऐसा कोर्स चुनें जो केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक स्किल्स और आगे के करियर विकल्प भी प्रदान करे।

कोर्स की अवधि के अनुसार उपलब्ध विकल्प

12वीं कॉमर्स के बाद हर छात्र के पास अलग-अलग कोर्स करने का विकल्प होता है। कोई जल्दी नौकरी पाना चाहता है, कोई आगे की पढ़ाई करना चाहता है, और कोई किसी खास फील्ड में एक्सपर्ट बनना चाहता है। इस आधार पर कोर्सेस को उनकी अवधि (समय) के अनुसार 4 भागों में बांटा गया है:

1. सर्टिफिकेट कोर्स (6 महीने से 1 साल तक): ये कोर्स कम समय के लिए होते हैं और किसी खास स्किल को जल्दी सिखाने के लिए बनाए जाते हैं। अगर आप जल्दी कोई जॉब करना चाहते हैं या पढ़ाई के साथ-साथ कोई स्किल सीखना चाहते हैं, तो ये कोर्स आपके लिए सही हैं।

2. डिप्लोमा कोर्स (1 से 2 साल): डिप्लोमा कोर्स ऐसे शॉर्ट-टर्म प्रोफेशनल कोर्स होते हैं, जिनमें किसी विशेष स्किल की प्रैक्टिकल और आसान भाषा में ट्रेनिंग दी जाती है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए उपयोगी होते हैं जो किसी खास स्किल में मजबूत आधार बनाकर जल्दी करियर शुरू करना चाहते हैं। उदाहरण: डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन फैशन डिज़ाइन आदि।

3. ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स (3 साल): स्नातक डिग्री कोर्स 12वीं के बाद सबसे ज़्यादा किए जाने वाले कोर्स होते हैं। इन कोर्सों में किसी एक विषय की पूरी पढ़ाई करवाई की जाती है। अगर आप करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं या मास्टर डिग्री की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह कोर्स आपके करियर की बेहतरीन शुरुआत के लिए बहुत ज़रूरी होता है। उदाहरण: बी.कॉम, बी.बी.ए, बी.ए इन इकोनॉमिक्स, साइकोलॉजी, सोशियोलॉजी आदि।

4. इंटीग्रेटेड या प्रोफेशनल कोर्स (3 से 5 साल): इंटीग्रेटेड या प्रोफेशनल कोर्स ऐसे कोर्स होते हैं जो किसी खास प्रोफेशन को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। ये कोर्स उन छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं जो 12वीं के बाद से ही यह तय कर लेते हैं कि उन्हें किस क्षेत्र में करियर बनाना है- जैसे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), वकील (Lawyer), कंपनी सेक्रेटरी (CS) आदि।

विषय के अनुसार उपलब्ध कोर्सेस – मैथ्स, बिना मैथ्स और अन्य

12वीं कॉमर्स स्ट्रीम में छात्र मैथ्स लेकर या बिना मैथ्स के पढ़ाई कर सकते हैं। इसके आधार पर उनके लिए कुछ खास कोर्सेस के विकल्प खुलते हैं। नीचे तीनों कैटेगरी में मिलने वाले प्रमुख कोर्सेस की जानकारी दी गई है:

1. मैथ्स के साथ कॉमर्स स्टूडेंट्स के लिए कोर्सेस: अगर आपने 12वीं में मैथ्स लिया है, तो आप कुछ एडवांस और एनालिटिकल कोर्सेस में एडमिशन ले सकते हैं:

  • बीकॉम (ऑनर्स)
  • बीए (ऑनर्स) इकोनॉमिक्स
  • बैचलर ऑफ स्टैटिस्टिक्स / एक्चुरियल साइंस
  • बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस (BCA)
  • चार्टर्ड एकाउंटेंसी (CA)
  • कॉस्ट एंड मैनेजमेंट एकाउंटिंग (CMA)
  • डेटा एनालिटिक्स / डेटा साइंस
  • इंवेस्टमेंट बैंकिंग एंड फाइनेंसियल मॉडलिंग

2. बिना मैथ्स कॉमर्स स्टूडेंट्स के लिए कोर्सेस: यदि आपने 12वीं में मैथ्स नहीं लिया है, तब भी आपके पास कई करियर और कोर्स विकल्प उपलब्ध रहते हैं, जैसे:

  • बीकॉम (जनरल)
  • बैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA)
  • बैचलर इन होटल मैनेजमेंट (BHM)
  • बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC)
  • बीए इन साइकोलॉजी / सोशियोलॉजी / इंग्लिश
  • डिप्लोमा इन डिजिटल मार्केटिंग / फैशन डिजाइनिंग / इवेंट मैनेजमेंट
  • कंपनी सेक्रेटरी (CS)
  • फॉरेन ट्रेड / एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट मैनेजमेंट

3. अन्य स्किल-बेस्ड और क्रिएटिव कोर्सेस (Maths हो या न हो, सभी के लिए): कुछ कोर्स ऐसे होते हैं जिनमें मैथ्स होना जरूरी नहीं, लेकिन ये सभी स्टूडेंट्स के लिए खुले होते हैं:

  • ग्राफ़िक डिजाइनिंग
  • फैशन डिजाइनिंग
  • इंटीरियर डिजाइनिंग
  • फोटोग्राफी / वीडियोग्राफी 
  • एनीमेशन एंड VFX 
  • ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट
  • लैंग्वेज कोर्सेज (इंग्लिश, फ्रेंच, जर्मन आदि)
  • कंटेंट राइटिंग / ब्लॉगिंग / कॉपीराइटिंग कोर्सेस

मैथेमेटिक्स के साथ 12वीं कॉमर्स के बाद बेस्ट कोर्स

यहाँ मैथेमेटिक्स सब्जेक्ट के साथ 12वीं कॉमर्स के बाद बेस्ट कोर्स के बारे में बताया गया है, हालाँकि कोई भी कोर्स आपकी रूचि और स्किल के आधार पर ही आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है –

बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) – ऑनर्स / जनरल

बी.कॉम एक तीन साल का अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स है जिसमें अकाउंटिंग, फाइनेंस, टैक्सेशन, बैंकिंग और बिजनेस लॉ जैसे विषयों का अध्ययन होता है। इसके अंतर्गत आप कंपनी के वित्तीय डाटा का विश्लेषण, बजटिंग और टैक्सेशन सीखते हैं, जिससे ऑडिटर, फाइनेंस एनालिस्ट, अकाउंटेंट जैसे पदों में नौकरी मिलती है। B.Com का स्कोप एमबीए, सीए जैसी अडवांस स्टडीज़ के लिए भी अच्छा फाउंडेशन देता है। यह कोर्स बिज़नेस और MSME सेक्टर में पारदर्शिता व वित्तीय अनुशासन के लिए फाइनेंशियल नॉलेज बढ़ाता है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)

CA प्रोफेशनल कोर्स इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (ICAI) द्वारा संचालित होता है। इसमें अडिटिंग, टैक्सेशन, कॉर्पोरेट फाइनेंस, और इंटर्नशिप शामिल हैं। कोर्स की अवधि लगभग 4–5 साल होती है (फाउंडेशन से फाइनल तक) और पास होने पर अकाउंटिंग फर्म्स, कॉर्पोरेट फाइनेंस टीम, टैक्स कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों में उच्च जिम्मेदारियाँ मिलती हैं। इस कोर्स को करने के बाद आप किसी भी बिज़नेस में फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कॉस्ट एंड मैनेजमेंट एकाउंटेंसी (CMA)

CMA कोर्स इनस्टिट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के जरिए होता है और इसमें बजटिंग, कॉस्टिंग, प्राइसिंग और फाइनेंशियल प्लानिंग की पढ़ाई होती है। इसके बाद आप कॉस्ट अकाउंटेंट, फाइनेंस कंसल्टेंट, बजट एनालिस्ट जैसे रोल्स में काम कर सकते हैं। ये कोर्स किसी भी बिज़नेस में प्रॉफिटेबिलिटी और लागत नियंत्रण पर फोकस करता है। इसमें आप कंपनियों के संसाधनों का स्मार्ट यूज़ और एक्सपेंसेस कंट्रोल सुनिश्चित करता है।

बैचलर ऑफ साइंस (B.Sc.) इन एक्चुरियल साइंस

एक्चुरियल साइंस तीन साल का कोर्स है जिसमें मैथ्स, सांख्यिकी और जोखिम प्रबंधन पढ़ाया जाता है। इसमें आप इंश्योरेंस, पेंशन, रिटायरमेंट प्लानिंग जैसे फील्ड्स में न्यूमेरिकल मॉडलिंग और फाइनेंशियल प्रेडिक्शन करना सीखते हैं। अंत में मुंशी (एक्च्युरी) बनने के बाद आप रिस्क एनालिस्ट, फाइनेंशियल सलाहकार जैसे प्रोफाइल्स में जा सकते हैं।

बैचलर ऑफ साइंस (B.Sc.) इन इकोनॉमिक्स / B.A. इकोनॉमिक्स

इकोनॉमिक्स कोर्स में मैक्रो और माइक्रोइकोनॉमिक्स, पब्लिक पॉलिसी, मार्केट ट्रेंड और डेटा एनालिसिस पढ़ाई जाती है। जबकि बीएससी इकोनॉमिक्स कोर्स अधिक मैथेमेटिकल और डेटा-हेवी होता है, जबकि बीए इकोनॉमिक्स में थ्योरी, पॉलिसी और पब्लिक सेक्टर फोकस ज्यादा होता है। इन डिग्रियों के बाद आपके पास इकोनॉमिक एनालिस्ट, मार्केट रिसर्चर, बैंकर जैसे रोल्स उपलब्ध होते हैं।

बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA)

BCA तीन साल का कोर्स है जिसमें प्रोग्रामिंग, नेटवर्किंग, डेटा बेस, वेब और मोबाइल डेवलपमेंट जैसे कंप्यूटर एप्लिकेशन विषय शामिल हैं। इससे जूनियर डेवलपर, सिस्टम एनालिस्ट, वेब डेवलपर आदि के रूप में करियर बनता है। कॉमर्स और मैथ्स स्टूडेंट्स के लिए यह प्रोग्राम टेक्नोलॉजी-फोकस्ड रोजगार क्षेत्रों में प्रवेश का अच्छा रास्ता है।

बैचलर ऑफ स्टैटिस्टिक्स / B.Stat (मैथ्स छात्रों के लिए)

B.Stat एक विश्लेषणात्मक कोर्स है जिसमें प्रायिकता, सांख्यिकी, डेटा एनालिसिस और मॉडलिंग पढ़ाया जाता है। इसके बाद आप डेटा एनालिस्ट, रिसर्च एसोसिएट, मार्केट रिसर्चर जैसे रोल्स में जा सकते हैं। यह कोर्स डेटा-ड्रिवन इंडस्ट्री में मजबूत स्किल सेट देता है।

मैथेमेटिक्स के बिना 12वीं कॉमर्स के बाद बेस्ट कोर्स

यहाँ मैथेमेटिक्स सब्जेक्ट के बिना 12वीं कॉमर्स के बाद बेस्ट कोर्स के बारे में बताया गया है, हालाँकि कोई भी कोर्स आपकी रूचि और स्किल के आधार पर ही आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है –

बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com)

बी.कॉम एक तीन साल का स्नातक डिग्री प्रोग्राम है जिसमें अकाउंटिंग, फाइनेंस, टैक्सेशन, बिजनेस लॉ, बैंकिंग और मैनेजमेंट जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। यह कोर्स फाइनेंस/एकाउंटिंग के बुनियादी से लेकर एडवांस कॉन्सेप्ट तक सिखाता है और 12वीं में मैथमेटिक्स आवश्यक नहीं है। पूरा करने के बाद आप एकाउंटेंट, टैक्स कंसल्टेंट, बैंकिंग एग्जीक्यूटिव या फाइनेंस एनालिस्ट के रूप में करियर बना सकते हैं। समाज में यह कोर्स व्यवसायिक दक्षता और आर्थिक साक्षरता को बढ़ावा देता है।

बैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA)

बीबीए एक तीन साल का डिग्री कोर्स है जो बिजनेस मैनेजमेंट, मार्केटिंग, ऑपरेशन, एचआर और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में ज्ञान देता है। यह कोर्स गैर-मैथ स्टूडेंट्स के लिए भी खुले कई कॉलेजों में उपलब्ध है; कुछ में प्रवेश मानदंड भिन्न हो सकते हैं। पूरा करने पर आप मैनेजमेंट ट्रेनी, मार्केटिंग असिस्टेंट, ऑपरेशन को-ऑर्डिनेटर जैसे रोल्स के लिए योग्य हो जाते हैं। सामाजिक रूप से यह नेतृत्व और व्यावसायिक कौशलों को विकसित करता है।

बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (BMS)

बीएमएस तीन साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है जो मैनेजमेंट के सिद्धांत, संगठनात्मक व्यवहार, मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन पर केंद्रित है। यह प्रोग्राम छात्रों को कॉर्पोरेट दुनिया के व्यवहार और नेतृत्व की समझ देता है। पूरा करने पर छात्र मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव, प्रोजेक्ट असिस्टेंट, एचआर को-ऑर्डिनेटर जैसे करियर पथ चुन सकते हैं। समाज में यह कोर्स सतत व्यापार प्रथाओं और टीम-वर्क क्षमता को मजबूत बनाता है।

कंपनी सेक्रेटरी (CS)

आईसीएसआई द्वारा संचालित यह पेशेवर कोर्स कॉर्पोरेट लॉ, कंपनी नियमावली, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और कानूनी अनुपालन पर केंद्रित है। CS में फाउंडेशन, एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल तीन लेवल होते हैं जिनके लिए 12वीं पास (किसी भी विषय) पर्याप्त है। इसे पूरा करने पर आप कंपनी सेक्रेटरी, कॉर्पोरेट कंसल्टेंट, कानूनी सलाहकार जैसे पदों के लिए तैयार होते हैं। यह कोर्स उद्योगों में नैतिक प्रशासन और उत्तरदायित्व के महत्व को बढ़ाता है।

बैचलर ऑफ हॉस्पिटैलिटी/होटल मैनेजमेंट

यह तीन साल का डिग्री प्रोग्राम होटल संचालन, कैटरिंग प्रबंधन, ग्राहक सेवा, पर्यटन और इवेंट मैनेजमेंट जैसे विषयों को कवर करता है। बिना मैथमेटिक्स वाले छात्रों के लिए यह सुंदर विकल्प है क्योंकि इसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण और इंटर्नशिप का बड़ा हिस्सा होता है। इसके बाद आप होटल मैनेजर, फूड एंड बेवरेज सुपरवाइजर, टूरिज्म कंसल्टेंट जैसे करियर में प्रवेश कर सकते हैं। सामाजिक रूप से यह कोर्स सेवा उद्योग में गुणवत्ता और ग्राहक अनुभव को उभारता है।

बैचलर ऑफ जर्नलिज़्म (बीए जर्नल्ज़िम)

बीए जर्नलिज़्म एक तीन साल का कोर्स है जिसमें लेखन, मीडिया प्रोडक्शन, रिपोर्टिंग, न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल मीडिया जैसे विषय सिखाए जाते हैं। इस कोर्स के लिए किसी भी स्ट्रीम की 12वीं मान्य है और इसमें मैथ्स की आवश्यकता नहीं होती। इसे पूरा करने पर आप जर्नलिस्ट, कंटेंट राइटर, मीडिया को-ऑर्डिनेटर, डिजिटल एडिटर बन सकते हैं। यह समाज में सूचना के पारदर्शी संचार और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देता है।

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और प्रवेश प्रक्रिया

12वीं कॉमर्स के बाद किसी भी कोर्स में एडमिशन लेने के लिए कुछ जरूरी कॉमन योग्यताएं और प्रवेश प्रक्रिया होती है। यह कोर्स और कॉलेज के अनुसार थोड़ा अलग हो सकते हैं, लेकिन सामान्य नियम लगभग एक जैसे होते हैं, जो कि इस प्रकार हैं:

योग्यता: 

  • छात्र ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास की हो। यदि आपने कॉमर्स स्ट्रीम से पढ़ाई की है, तो कई कॉमर्स-संबंधित कोर्सों में प्रवेश लेना आसान हो जाता है।
  • कुछ कोर्स (जैसे B.Com Hons., इकोनॉमिक्स) में मैथ्स अनिवार्य होता है।
  • किसी भी संस्थान में न्यूनतम अंक की डिमांड कोर्स और कॉलेज के प्रकार पर निर्भर करती है, हालाँकि आमतौर पर लगभग अधिकांश संस्थान में प्रवेश के लिए छात्रों से 45%-60% अंक की डिमांड की जाती है।
  • इसके अलावा प्रोफेशनल कोर्स (जैसे CA, CS) के लिए अलग-अलग संस्थानों द्वारा तय योग्यता जरूरी होती है।

प्रवेश प्रक्रिया:

  • ज़्यादातर डिग्री कोर्स में मेरिट बेस्ड एडमिशन (12वीं के अंकों के आधार पर) होता है।
  • कुछ कॉलेज/यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्ज़ाम लेती हैं (जैसे CUET, SET, IPU CET आदि)।
  • प्रोफेशनल कोर्स (CA, CS, CMA) में प्रवेश के लिए संबंधित संस्था के फाउंडेशन या एंट्रेंस लेवल पास करना होता है।
  • कई प्राइवेट कॉलेजों में डायरेक्ट एडमिशन भी मिलता है, लेकिन कोर्स की फीस कॉलेज के अनुसार अलग होती है।
  • कुछ कोर्सेज के लिए इंटरव्यू या काउंसलिंग राउंड भी होते हैं।

12वीं के बाद कॉमर्स कोर्स करने के बाद करियर ऑप्शंस और सैलरी

कॉमर्स बैकग्राउंड से छात्र अकाउंटिंग, फाइनेंस, बैंकिंग, मैनेजमेंट, मीडिया, हॉस्पिटैलिटी और बिज़नेस जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। करियर की प्रगति केवल कोर्स पर नहीं, बल्कि स्किल्स, अनुभव, इंटर्नशिप और आगे की पढ़ाई पर भी निर्भर करती है। 12वीं कॉमर्स के बाद चुने गए कोर्स और स्किल्स के आधार पर आगे कई फील्ड्स में करियर बनाने के अवसर मिलते हैं। कुछ कोर्सेज से आप सरकारी नौकरियों के लिए तैयारी कर सकते हैं, वहीं कुछ से आप सीधे कॉरपोरेट या बिज़नेस सेक्टर में जॉब पा सकते हैं।

यहाँ कुछ लोकप्रिय करियर विकल्प और उनकी अनुमानित सैलरी दी गई है, यह सैलरी डिटेल्स सिर्फ अनुमानित है, जो अनुभव, कंपनी और लोकेशन के अनुसार बदल सकती है।

करियर ऑप्शनअनुमानित शुरुआती सैलरी (प्रति माह)
अकाउंटेंटINR 15,000 – INR 30,000
फाइनेंशियल एनालिस्टINR 25,000 – INR 50,000
बैंकिंग असिस्टेंट / क्लर्कINR 20,000 – INR 35,000
डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिवINR 18,000 – INR 40,000
चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)INR 50,000 – INR 1,00,000+
कंपनी सेक्रेटरी (CS)INR 40,000 – INR 80,000
टैक्स कंसल्टेंटINR 25,000 – INR 60,000
HR/बिज़नेस मैनेजर (BBA/BMS)INR 30,000 – INR 60,000
होटल मैनेजमेंट प्रोफेशनलINR 20,000 – INR 45,000
इवेंट मैनेजरINR 25,000 – INR 50,000
बीमा/सेल्स एजेंटINR 15,000 – INR 35,000 और इंसेंटिव
पत्रकार / मीडिया प्रोफेशनलINR 20,000 – INR 40,000

FAQs

12वीं कॉमर्स के बाद कौन सा कोर्स सबसे अच्छा है?

12वीं कॉमर्स के बाद सबसे अच्छा कोर्स आपके करियर इंटरेस्ट पर निर्भर करता है, जैसे अकाउंटिंग, फाइनेंस, बिजनेस मैनेजमेंट, बैंकिंग, मार्केटिंग या प्रोफेशनल सर्टिफिकेट तथा डिप्लोमा कोर्स।

कॉमर्स में कौन-कौन से करियर विकल्प हैं?

कॉमर्स में करियर विकल्पों में अकाउंटिंग, फाइनेंस, बैंकिंग, बिजनेस मैनेजमेंट, मार्केटिंग, इंश्योरेंस और प्रोफेशनल कोर्सेज शामिल हैं।

12वीं कॉमर्स के बाद प्रोफेशनल कोर्स कौन-कौन से हैं?

12वीं कॉमर्स के बाद आप कुछ प्रमुख प्रोफेशनल कोर्स जैसे – चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए), कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) और कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंसी (CMA), बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA), बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) और बैचलर ऑफ लॉ (LLB) आदि का चुनाव कर सकते हैं।

CUET का 12वीं कॉमर्स के बाद कोर्स चयन में क्या रोल है?

कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अब CUET स्कोर के आधार पर B.Com, BBA और BA जैसे कोर्सों में प्रवेश दिया जाता है।

12वीं कॉमर्स के बाद सही कॉलेज और कोर्स चुनने के लिए क्या देखना चाहिए?

12वीं कॉमर्स के बाद सही कॉलेज और कोर्स चुनने के लिए आपको कोर्स की मान्यता, एलिजिबिलिटी, प्रवेश प्रक्रिया और भविष्य के अवसरों को समझकर ही अंतिम निर्णय लेना चाहिए।

हमें आशा है कि इस लेख में आपको 12वीं कॉमर्स के बाद बेस्ट कोर्सेज की जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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