प्रकाश का वर्ण विक्षेपण क्या है? चित्र सहित समझाइये।

1 minute read
varn vikshepan kise kahate hain
Answer
Verified

प्रकाश का वर्ण विक्षेपण वह घटना है जिसमें सफेद प्रकाश किसी प्रिज़्म या पारदर्शी माध्यम से होकर गुजरने पर अपने घटक रंगों में विभाजित हो जाता है।  

सफेद प्रकाश वास्तव में एक ही रंग नहीं होता, बल्कि यह सात विभिन्न रंगों – बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल  का मिश्रण होता है। जब यह प्रकाश प्रिज़्म से होकर गुजरता है, तो ये सभी रंग अलग-अलग दिखाई देने लगते हैं। सफेद प्रकाश के इस प्रकार रंगों में विभाजित होने की घटना को वर्ण विक्षेपण (Dispersion of Light) कहते हैं।

स्पेक्ट्रम कैसे बनता है?

जब सफेद प्रकाश प्रिज़्म में प्रवेश करता है, तो उसमें उपस्थित सभी रंग एक साथ नहीं चलते। प्रत्येक रंग की तरंगदैर्घ्य अलग-अलग होने के कारण उनका अपवर्तन भी समान नहीं होता। प्रिज़्म से बाहर निकलते समय ये रंग अलग-अलग दिशाओं में फैल जाते हैं और एक क्रमबद्ध रंगीन पट्टी बनाते हैं। इसी क्रमबद्ध रंगीन पट्टी को स्पेक्ट्रम (Spectrum) कहा जाता है।

वर्ण विक्षेपण का कारण

वर्ण विक्षेपण का मुख्य कारण यह है कि प्रिज़्म का अपवर्तनांक प्रकाश की तरंगदैर्घ्य पर निर्भर करता है। कम तरंगदैर्घ्य वाले रंगों के लिए अपवर्तनांक अधिक होता है, जबकि अधिक तरंगदैर्घ्य वाले रंगों के लिए अपवर्तनांक कम होता है। इसी कारण विभिन्न रंग प्रिज़्म में अलग-अलग मात्रा में विचलित होते हैं और सफेद प्रकाश अपने घटक रंगों में विभाजित हो जाता है।

प्रिज़्म द्वारा सफेद प्रकाश का वर्ण विक्षेपण (चित्र सहित)

  1. जब सफेद प्रकाश की किरण प्रिज़्म के पहले पृष्ठ पर आपतित होती है, तो वायु से काँच में प्रवेश करने के कारण उसका अपवर्तन होता है और किरण अभिलंब की ओर झुकती है। 
  2. प्रिज़्म के भीतर पहुँचने पर सफेद प्रकाश अपने घटक रंगों में विभाजित होने लगता है, क्योंकि प्रत्येक रंग का अपवर्तनांक भिन्न होता है।
  3. जब ये किरणें प्रिज़्म के दूसरे पृष्ठ से बाहर निकलती हैं, तो पुनः अपवर्तन होता है और सभी रंग अलग-अलग दिशाओं में निकलते हैं।
  4. इस प्रकार सफेद प्रकाश सात रंगों के स्पेक्ट्रम में विभाजित हो जाता है। यही प्रक्रिया प्रिज़्म द्वारा सफेद प्रकाश का वर्ण विक्षेपण कहलाती है।
varn vikshepan kise kahate hain

वर्ण विक्षेपण में रंगों का क्रम

वर्ण विक्षेपण के दौरान प्राप्त रंगों का क्रम सदैव निश्चित होता है:

बैंगनी → जामुनी → नीला → हरा → पीला → नारंगी → लाल

  • बैंगनी रंग की तरंगदैर्घ्य सबसे कम होने के कारण प्रिज़्म में उसका अपवर्तनांक अधिक होता है, इसलिए वह सबसे अधिक विचलित होता है।
  • लाल रंग की तरंगदैर्घ्य सबसे अधिक होने के कारण उसका अपवर्तनांक कम होता है, इसलिए वह सबसे कम विचलित होता है।
  • इसका कारण यह है कि बैंगनी रंग की तरंगदैर्घ्य न्यूनतम तथा लाल रंग की तरंगदैर्घ्य अधिकतम होती है।
  • इस निश्चित क्रम को याद रखने के लिए VIBGYOR शब्द का प्रयोग किया जाता है।

विक्षेपण का उदाहरण

प्रयोगशाला में वर्ण विक्षेपण का प्रमुख उदाहरण काँच के प्रिज़्म द्वारा सफेद प्रकाश का विभाजन है। प्राकृतिक रूप से वर्ण विक्षेपण का सबसे सुंदर उदाहरण इंद्रधनुष है। वर्षा के बाद सूर्य का सफेद प्रकाश जल की बूँदों से होकर गुजरते समय अपने घटक रंगों में विभाजित हो जाता है, जिससे आकाश में इंद्रधनुष दिखाई देता है।

इस प्रकार जब सफेद प्रकाश किसी प्रिज़्म या पारदर्शी माध्यम से होकर गुजरते समय अपवर्तन के कारण अपने विभिन्न रंगों के स्पेक्ट्रम में विभाजित हो जाता है, तो इस घटना को प्रकाश का वर्ण विक्षेपण कहते हैं।

Leave a Reply

Required fields are marked *

*

*