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जहर का घूँट पीना मुहावरे का अर्थ होता है – असहनीय अपमान या कड़वी बात को मजबूरी में चुपचाप बर्दाश्त कर लेना।
[UPSC सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2023 हिंदी अनिवार्य पेपर]
जहर का घूँट पीना मुहावरे का प्रयोग मुख्य रूप से उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ इंसान को गहरा अपमान, अन्याय या कड़वी बात सहनी पड़ती है, लेकिन वह चाहकर भी पलटकर जवाब नहीं दे सकता या देता है।
जहर का घूँट पीना मुहावरे का वाक्यों में प्रयोग
- एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को कई बार व्यवस्था की राजनीति और अनचाहे दबावों के सामने जहर का घूँट पीकर भी अपना काम जारी रखना पड़ता है।
- पूरी पंचायत के सामने सरपंच ने सोहन को बहुत भला-बुरा कहा, लेकिन अपनी गरीबी और बेबसी के कारण सोहन जहर का घूँट पीकर रह गया।
- नौकरी जाने का डर ऐसा था कि राजन अपने बॉस की गलत बातों को भी जहर का घूँट पीकर सहता रहा।
- प्रथम विश्व युद्ध के बाद, भारतीय नेताओं ने ब्रिटिश सरकार के दमनकारी कानूनों को जहर का घूँट पीकर सहा, क्योंकि वे एक बड़े और संगठित राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी के लिए सही समय का इंतज़ार कर रहे थे।
- आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कई प्रतिभावान बेटियाँ अपनी पढ़ाई छोड़ने के फैसले को जहर का घूँट पीकर स्वीकार कर लेती हैं, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति या सामाजिक परंपराओं पर आंच न आए।

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