मोल (Mole) से आप क्या समझते हैं?

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मोल से आप क्या समझते हैं
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मोल (Mole) रसायन विज्ञान में पदार्थ की मात्रा (amount of substance) मापने की मूल SI इकाई है। किसी भी पदार्थ का 1 मोल उस पदार्थ के 6.022 × 10²³  मूल कणों (परमाणु, अणु या आयन) के बराबर होता है। इस निश्चित संख्या को एवोगैड्रो संख्या (Avogadro Number, Nₐ) कहा जाता है।

सरल शब्दों में कहें तो मोल पदार्थ के कणों की गिनती करने की वैज्ञानिक इकाई है।

मोल की आवश्यकता क्यों पड़ी?

रसायन विज्ञान में पदार्थ परमाणुओं और अणुओं से बने होते हैं, जो अत्यंत सूक्ष्म होते हैं।

उदाहरण के लिए –

एक ग्राम पदार्थ में भी अरबों-खरबों कण होते हैं, जिन्हें सीधे गिनना असंभव है। इसी समस्या के समाधान के लिए वैज्ञानिकों ने मोल की अवधारणा विकसित की, ताकि कणों की संख्या को अप्रत्यक्ष रूप से मापा जा सके और रासायनिक अभिक्रियाओं में पदार्थों की सटीक तुलना और गणना की जा सके।

एवोगैड्रो संख्या और मोल का आधार

एवोगैड्रो संख्या = 6.022 × 10²³

यह संख्या इस तथ्य पर आधारित है कि 12 ग्राम कार्बन-12 में जितने परमाणु होते हैं, उतने ही कण 1 मोल में होते हैं। अर्थात 

  • 1 mol C-12 = 12 g = 6.022 × 10²³ परमाणु

यही मोल की मानक परिभाषा का आधार है।

मोल और मोलर द्रव्यमान (Molar Mass)

मोलर द्रव्यमान किसी पदार्थ के 1 मोल का द्रव्यमान (ग्राम में) होता है।

महत्वपूर्ण नियम: किसी पदार्थ का मोलर द्रव्यमान (g/mol) = उसके परमाणु या आणविक द्रव्यमान (amu)

उदाहरण:

  • H₂O का आणविक द्रव्यमान = 18 amu
    ⇒ 1 mol H₂O = 18 ग्राम
  • O₂ का आणविक द्रव्यमान = 32 amu
    ⇒ 1 mol O₂ = 32 ग्राम

मोल और रासायनिक अभिक्रियाएँ

रासायनिक अभिक्रियाएँ वास्तव में परमाणुओं और अणुओं के बीच होने वाली अभिक्रियाएँ होती हैं।
मोल की सहायता से हम यह जान पाते हैं कि कितने कण अभिक्रिया में भाग ले रहे हैं, किस पदार्थ की कितनी मात्रा चाहिए और कितना उत्पाद बनेगा। इसलिए कहा जाता है कि मोल रसायन विज्ञान में गणनाओं की रीढ़ है।

उदाहरण से और स्पष्ट करें

  • 1 mol Na = 6.022 × 10²³ Na परमाणु
  • 1 mol CO₂ = 6.022 × 10²³ CO₂ अणु
  • 2 mol H₂O = 2 × 6.022 × 10²³ अणु

यह दिखाता है कि मोल संख्या से जुड़ी अवधारणा है, न कि केवल द्रव्यमान से।

अतः कहा जा सकता है कि मोल पदार्थ की मात्रा को व्यक्त करने की एक मानक SI इकाई है, जो परमाणुओं, अणुओं और आयनों की विशाल संख्या को सरल, व्यवस्थित और गणनायोग्य रूप में प्रस्तुत करती है।

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