उत्तर: A, इस प्रश्न का सही उत्तर है। हिन्दी भाषा में क्रिया के मुख्यतः 2 भेद होते हैं।
इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर:
क्रिया वह शब्द होता है जो किसी कार्य के होने, होने की अवस्था या स्थिति को प्रकट करता है। जब कोई व्यक्ति, पशु, वस्तु या कोई अन्य कर्ता किसी कार्य को करता है, उस कार्य को दर्शाने वाला शब्द ‘क्रिया’ कहलाता है। उदाहरण: राम खेलता है और सीता गाना गाती है। बता दें कि क्रिया के दो मुख्य भेद होते हैं।
- सकर्मक क्रिया
- अकर्मक क्रिया
सकर्मक क्रिया
वह क्रिया जो अपने साथ कर्म (object) रखती है और जिसका कार्य किसी वस्तु पर प्रभाव डालता है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।
उदाहरण: वह किताब पढ़ता है।
यहाँ “किताब” कर्म है और उसको पढ़ना सकर्मक क्रिया है।
अकर्मक क्रिया
वह क्रिया जो किसी कर्म की आवश्यकता नहीं रखती और सिर्फ कर्ता के कार्य को ही व्यक्त करती है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं।
उदाहरण: वह सोता है।
यहाँ कोई कर्म नहीं है; केवल क्रिया है जो कार्य को दर्शा रही है।
संबंधित आर्टिकल्स
- गिन-गिन कर पैर रखना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- बंदर घुड़की देना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- छाती पर साँप लोटना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- नाक पर मक्खी न बैठने देना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- सिर पर सवार होना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- गेहूँ के साथ घुन पिसना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- नाक का बाल होना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- चांदी का जूता मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- चेहरे पर हवाइयाँ उड़ना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- लकीर का फकीर होना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- अपना उल्लू सीधा करना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- कागजी घोड़े दौड़ाना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- जहर का घूँट पीना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग
- आँखें बिछाना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग

One app for all your study abroad needs

60,000+ students trusted us with their dreams. Take the first step today!