उत्तर: इस प्रश्न का सही उत्तर C है। वर्तमान में, केरल में कुल 14 जिले हैं, जो राज्य के प्रशासनिक और भौगोलिक विभाजन को दर्शाते हैं। बता दें कि केरल, भारत का एक सुंदर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य है, जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य और उच्च साक्षरता दर के लिए प्रसिद्ध है।
इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर:
केरल, जिसे 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था, वर्तमान में केरल 14 जिलों में विभाजित है। बता दें कि राज्य के गठन के समय, केरल में केवल पांच जिले थे, जिनके नाम त्रिवेंद्रम (अब तिरुवनंतपुरम), कोल्लम, कोट्टायम, त्रिशूर और मालाबार था। इसके बाद 1 जनवरी 1957 को, मालाबार जिले को विभाजित करके कन्नूर, कोझिकोड और पलक्कड़ जिलों का गठन किया गया। इसके बाद 17 अगस्त 1957 को, कोट्टायम और कोल्लम जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर अलाप्पुझा जिला बनाया गया।
इसके बाद 1 अप्रैल 1958 को, त्रिशूर और कोट्टायम जिलों के क्षेत्रों से एर्नाकुलम जिले की स्थापना हुई। फिर 16 जून 1969 को, कोझिकोड और पलक्कड़ जिलों के कुछ तालुकों को मिलाकर मलप्पुरम जिला बनाया गया। इसके बाद 26 जनवरी 1972 को, इडुक्की जिला स्थापित किया गया। फिर 1 नवंबर 1980 को, वायनाड जिला बनाया गया। इसके बाद सरकार द्वारा 1 नवंबर 1982 को, पथानमथिट्टा जिले की स्थापना की गई। फिर 24 मई 1984 को, कासरगोड जिला केरल का 14वां और अंतिम जिला बना।
केरल के जिलों का इतिहास राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विकास को दर्शाता है। केरल के हर जिले की स्थापना ने राज्य के समग्र विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। केरल राज्य के जिलों के नाम जानकर आप अपने सामान्य ज्ञान में वृद्धि कर सकते हैं।
केरल के 14 जिलों के नाम:
केरल के 14 जिलों के नाम निम्नलिखित हैं :
- तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram)
- कोल्लम (Kollam)
- पथनमथिट्टा (Pathanamthitta)
- अलप्पुझा (Alappuzha)
- कोट्टायम (Kottayam)
- इडुक्की (Idukki)
- एर्नाकुलम (Ernakulam)
- त्रिशूर (Thrissur)
- पालक्काड (Palakkad)
- मलप्पुरम (Malappuram)
- कोझिकोड (Kozhikode)
- वायनाड (Wayanad)
- कन्नूर (Kannur)
- कासरगोड (Kasaragod)

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