उत्तर: A, इस प्रश्न का सही उत्तर है। बता दें कि गोवा मुक्ति दिवस 19 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन “गोवा मुक्ति दिवस” (Goa Liberation Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन उस समय की याद दिलाता है जब भारत ने पुर्तगाल के 450 वर्षों के शासन से गोवा को आज़ाद कराया था। बता दें कि यह स्वतंत्रता एक शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं, बल्कि एक सैन्य अभियान के ज़रिए मिली थी, जिसे “ऑपरेशन विजय” कहा गया था।
गोवा मुक्ति दिवस क्यों मनाया जाता है?
गोवा मुक्ति दिवस हर साल 19 दिसंबर को मनाया जाता है। 19 दिसंबर 1961 को भारतीय सेना ने गोवा, दमन और दीव को पुर्तगाल के कब्जे से मुक्त कराया था। पुर्तगाल ने भारत की स्वतंत्रता के बाद भी गोवा पर अपना कब्ज़ा बनाए रखा था। भारत सरकार ने कई वर्षों तक कूटनीतिक प्रयास किए, लेकिन जब पुर्तगाल पीछे नहीं हटा, तो वर्ष 1961 में एक सैन्य अभियान चलाया गया।
इस ऑपरेशन को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर केवल 36 घंटों में सफल बनाया। इसके बाद गोवा को भारत का अभिन्न अंग घोषित कर दिया गया। हालांकि, 1987 में गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
गोवा मुक्ति दिवस का महत्व
15 अगस्त 1947 को भारत तो स्वतंत्र हो गया था, लेकिन गोवा, दमन और दीव अभी भी पुर्तगाली शासन में थे। भारत ने कई बार पुर्तगाल से इन क्षेत्रों को छोड़ने की मांग की, लेकिन उन्हें अस्वीकार कर दिया गया। आखिरकार, दिसंबर 1961 में भारत ने “ऑपरेशन विजय” शुरू किया। 19 दिसंबर 1961 को गोवा भारत का हिस्सा बन गया। यह दिन सिर्फ गोवा की आज़ादी का ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता के लिए किए गए संघर्ष का प्रतीक है।

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