बल (Force) एक ऐसा बाह्य कारक या क्रिया है, जो किसी वस्तु की विराम अवस्था (rest), गति की अवस्था (motion), दिशा या आकार में परिवर्तन करता है या परिवर्तन करने का प्रयास करता है। सरल शब्दों में, धक्का या खींच को ही बल कहते हैं। बिना बल के किसी वस्तु की गति या स्थिति में परिवर्तन संभव नहीं है।
बल एक सदिश राशि (Vector Quantity) है, अर्थात इसमें परिमाण (magnitude) और दिशा (direction) दोनों होते हैं। बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
बल का सूत्र
| F = m × a |
जहाँ –
- F = बल
- m = द्रव्यमान
- a = त्वरण
बल के मुख्य प्रभाव
बल लगाने से किसी वस्तु पर कई प्रकार के प्रभाव पड़ सकते हैं, जिनके कारण वस्तु की अवस्था, गति, दिशा या आकार में परिवर्तन हो सकता है –
- विराम अवस्था में परिवर्तन: बल किसी स्थिर वस्तु को गतिमान कर सकता है। उदाहरण: मेज़ पर रखी पुस्तक को धक्का देने पर उसका खिसकना।
- गति में परिवर्तन: बल गतिशील वस्तु की चाल बढ़ा या घटा सकता है। उदाहरण: ब्रेक लगाने पर गाड़ी की गति कम हो जाना।
- दिशा में परिवर्तन: बल चलती हुई वस्तु की दिशा बदल सकता है। उदाहरण: क्रिकेट में बल्ले से गेंद की दिशा बदलना।
- आकार या आकृति में परिवर्तन: बल किसी वस्तु के आकार या आकृति को बदल सकता है। उदाहरण: स्प्रिंग को खींचना या रबर की गेंद को दबाना।
- गतिशील वस्तु को स्थिर करना: बल किसी चलती वस्तु को रोक सकता है। उदाहरण: फुटबॉल को पकड़ना।
बल के प्रकार
बल को मुख्य रूप से दो प्रकार में विभाजित किया जाता है –
- संपर्क बल (Contact Force): जिस बल के लिए वस्तुओं का आपसी संपर्क आवश्यक हो, उसे संपर्क बल कहते हैं। उदाहरण: घर्षण बल, पेशीय बल।
- असंपर्क बल (Non-contact Force): जिस बल के लिए वस्तुओं का आपस में संपर्क होना आवश्यक नहीं हो, उसे असंपर्क बल कहते हैं। उदाहरण: गुरुत्वाकर्षण बल, चुंबकीय बल, विद्युत बल।
बल और त्वरण के बीच संबंध
किसी वस्तु पर लगाया गया बल उसकी त्वरण (Acceleration) को प्रभावित करता है।
न्यूटन के द्वितीय गति नियम के अनुसार –
किसी वस्तु का त्वरण, उस पर लगाए गए बल के समानुपाती होता है तथा वस्तु के द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
गणितीय रूप में –
F = m × a
अर्थात –
- बल बढ़ाने पर त्वरण बढ़ता है
- द्रव्यमान बढ़ाने पर समान बल में त्वरण घटता है
उदाहरण:
हल्की गेंद को धक्का देने पर वह जल्दी गति पकड़ लेती है, जबकि भारी वस्तु को वही धक्का देने पर कम त्वरण प्राप्त होता है।
अतः कहा जा सकता है कि बल वह भौतिक कारण है, जो किसी वस्तु की अवस्था, गति, दिशा या आकार में परिवर्तन करता है, तथा बल और त्वरण के बीच सीधा संबंध पाया जाता है।
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