रश्मि पटेल

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रश्मि पटेल एक पैशनेट राइटर, एडिटर और कंटेंट टीम लीड हैं, जिनका शैक्षणिक बैकग्राउंड विविधता से भरा है। उनके पास Diploma in Computer Science और BA in Public Administration and Sociology की डिग्री है, साथ ही उन्होंने हिंदी साहित्य में भी बैचलर की डिग्री हासिल की है। उनका यह ज्ञान UPSC और अन्य शैक्षिक विषयों पर ब्लॉग लिखने और एडिट करने में मदद करता है। वर्तमान में, रश्मि पटेल लीवरेज एडु में कंटेंट टीम लीड के रूप में कार्यरत हैं और उनके पास कंटेंट राइटिंग व एडिटिंग में 4 साल का अनुभव है। इस दौरान, उन्होंने 2000+ ब्लॉग लिखे और 10000+ ब्लॉग एडिट किए हैं, जो कक्षा 1 से लेकर PhD विद्यार्थियों तक की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करते हैं। उनके ब्लॉग्स में कोर्स चयन, एग्जाम प्रिपरेशन, कॉलेज सिलेक्शन, छात्र जीवन से जुड़े मुद्दे, एजुकेशन लोन, और अन्य शैक्षिक विषयों को कवर किया गया है। उनका कंटेंट अब तक 80 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है, जो उनकी लेखन क्षमता, SEO स्किल्स और विषय की गहरी समझ को दर्शाता है। SEO और डिजिटल मार्केटिंग के प्रति उनकी गहरी रुचि है, और वे नए SEO टूल्स, एल्गोरिदम अपडेट्स और कंटेंट ट्रेंड्स के साथ खुद को अपडेट रखती हैं। लेखन और संगठन के अलावा, रश्मि पटेल को किताबें पढ़ना, कविता लिखना और शब्दों की सुंदरता की सराहना करना बेहद पसंद है।

samajik jeevan mein krodh ki zarurat barabar padti hai is kathan ke aadhar par krodh ke paksh ya vipaksh mein apna mat spasht kijiye
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उत्तर: क्रोध के पक्ष में मत – क्रोध सदैव नकारात्मक नहीं होता। यह कभी-कभी अन्याय के विरुद्ध संघर्ष…
निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए- (क) बालकु बोलि बधाँ नहि तोही। (ख) कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा।
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उत्तर- (क) ‘ब’ और ‘ह’ की आवृत्ति के कारण अनुप्रास अलंकार है। (ख) ‘कोटि कुलिस’ में ‘क’ वर्ण…
इस पूरे प्रसंग में व्यंग्य का अनूठा सौन्दर्य है। उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर: इस प्रसंग में लक्ष्मण की वाणी में व्यंग्य का अत्यंत मार्मिक और कलात्मक सौन्दर्य देखने को मिलता…
इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ॥ देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना ।। का भाव स्पष्ट कीजिए
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उत्तर: इस चौपाई में लक्ष्मण परशुराम के क्रोध और शस्त्र प्रदर्शन पर व्यंग्य करते हुए कहते हैं कि…
बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी ॥ पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू ॥' का भाव स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर: उपरोक्त चौपाई में लक्ष्मण परशुराम के प्रति व्यंग्य करते हुए कहते हैं कि वे स्वयं को बहुत…
परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्यांश के आधार पर लिखिए
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बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही ॥भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही ॥सहसबाहुभुज छेदनिहारा।…
लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए।
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उत्तर: लक्ष्मण (मुस्कराते हुए):हे मुनिवर! हमने तो बाल्यकाल में न जाने कितने धनुष तोड़े हैं, तब तो आपने…