रश्मि पटेल

148 posts
रश्मि पटेल एक पैशनेट राइटर, एडिटर और कंटेंट टीम लीड हैं, जिनका शैक्षणिक बैकग्राउंड विविधता से भरा है। उनके पास Diploma in Computer Science और BA in Public Administration and Sociology की डिग्री है, साथ ही उन्होंने हिंदी साहित्य में भी बैचलर की डिग्री हासिल की है। उनका यह ज्ञान UPSC और अन्य शैक्षिक विषयों पर ब्लॉग लिखने और एडिट करने में मदद करता है। वर्तमान में, रश्मि पटेल लीवरेज एडु में कंटेंट टीम लीड के रूप में कार्यरत हैं और उनके पास कंटेंट राइटिंग व एडिटिंग में 4 साल का अनुभव है। इस दौरान, उन्होंने 2000+ ब्लॉग लिखे और 10000+ ब्लॉग एडिट किए हैं, जो कक्षा 1 से लेकर PhD विद्यार्थियों तक की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करते हैं। उनके ब्लॉग्स में कोर्स चयन, एग्जाम प्रिपरेशन, कॉलेज सिलेक्शन, छात्र जीवन से जुड़े मुद्दे, एजुकेशन लोन, और अन्य शैक्षिक विषयों को कवर किया गया है। उनका कंटेंट अब तक 80 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है, जो उनकी लेखन क्षमता, SEO स्किल्स और विषय की गहरी समझ को दर्शाता है। SEO और डिजिटल मार्केटिंग के प्रति उनकी गहरी रुचि है, और वे नए SEO टूल्स, एल्गोरिदम अपडेट्स और कंटेंट ट्रेंड्स के साथ खुद को अपडेट रखती हैं। लेखन और संगठन के अलावा, रश्मि पटेल को किताबें पढ़ना, कविता लिखना और शब्दों की सुंदरता की सराहना करना बेहद पसंद है।

लक्ष्मण के व्यंग्य को सुनकर परशुराम के स्वभाव की कौन-सी विशेषता दृष्टिगोचर हुई
Read More
उत्तर: लक्ष्मण द्वारा परशुराम पर यह व्यंग्य किया गया कि उन्होंने माता-पिता के ऋण से तो अपने कठोर…
लक्ष्मण के कठोर वचनों को सुनकर परशुराम क्या बोले
Read More
उत्तर: लक्ष्मण के व्यंग्यपूर्ण और कठोर वचनों को सुनकर परशुराम अत्यंत क्रोधित हो उठे। उन्होंने अपना फरसा संभालते…
सूर समर - कथहिं प्रतापु।। इन पंक्तियों में लक्ष्मण के मन का कौनसा भाव प्रकट हुआ है
Read More
उत्तर- इस पंक्ति में लक्ष्मण का वीरता और आत्मसम्मान का भाव प्रकट हुआ है। वे कहते हैं कि…
लक्ष्मण की किन बातों से परशुराम ने अपमान महसूस किया था
Read More
उत्तर: लक्ष्मण ने परशुराम के क्रोधपूर्ण स्वभाव और उनके पराक्रम पर व्यंग्य करते हुए कटाक्ष किए थे। उन्होंने…
'ब्यर्थ धरहु धनु बान कुठारा' में निहित भाव को स्पष्ट कीजिए।
Read More
उत्तर: इस पंक्ति में लक्ष्मण परशुराम के क्रोध और उनकी युद्ध-भावना का व्यंग्यपूर्वक खंडन करते हैं। वे कहते…
इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं॥ पंक्ति का भावार्थ लिखिए।
Read More
उत्तर: इस पंक्ति का भावार्थ है कि हम कोई कुम्हड़बतिया या छुईमुई जैसे दुर्बल व्यक्ति नहीं हैं जो…