क्या आपने कभी सोचा है कि मीटिंग या कोर्ट में हुई सारी बातें कैसे मिनटों में दस्तावेज बन जाते हैं? इसका तकनीक का सही जवाब स्टेनोग्राफर है। जो अपनी तेज टाइपिंग और शॉर्टहैंड के माध्यम से इन सभी कार्यों को आसान बनाते हैं। आज के समय में सरकारी ऑफिसों, कोर्ट, मंत्रालयों और कॉर्पोरेट सेक्टर में स्टेनोग्राफर की भूमिका बेहद अहम हो गई है। मीटिंग में कही गई बातें तुरंत रिकॉर्ड करना, अधिकारियों के निर्देशों को सही शब्दों में लिखना ये सब स्टेनोग्राफर ही संभालते हैं।
अगर आपको लिखने में रुचि है, फास्ट टाइपिंग पसंद है और सरकारी नौकरी का सपना है, तो यह लेख आपके लिए है। इस लेख में स्टेनोग्राफर बनने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया है।
This Blog Includes:
| पद का नाम | स्टेनोग्राफर |
| आयु सीमा | आवेदन के लिए उम्र 18-27 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को उम्र में छूट दी जाती है। |
| स्किल | शॉर्टहैंड, टाइपिंग (इंग्लिश/हिंदी), कंप्यूटर एप्लीकेशन, कम्युनिकेशन स्किल्स व ऑफिस प्रोसीजर आदि। |
| चयन आयोग/बोर्ड | SSC, RRB, SPSC, UPSC व अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाएं |
| चयन प्रक्रिया | CBT परीक्षा और स्किल टेस्ट |
| कार्य क्षेत्र | एडमिनिस्ट्रेटिव सपोर्ट, लीगल ट्रांसक्रिप्शन, डेटा एवं रिकॉर्ड सत्यापन, प्रेस कॉन्फ्रेंस, कोर्ट रिपोर्टिंग, ऑफिस डॉक्यूमेंटेशन आदि। |
| प्रमुख जॉब प्रोफाइल | पर्सनल असिस्टेंट (PA), प्राइवेट सेक्रेटरी, सीनियर स्टेनोग्राफर, कोर्ट रिपोर्टर, लीगल ट्रांसक्रिप्शनिस्ट, ऑफिस सुपरिटेंडेंट, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर आदि। |
| रोजगार के क्षेत्र | सरकारी विभाग, संसद एवं विधानमंडल, सार्वजनिक उपक्रम (PSUs), शैक्षणिक संस्थान, कोर्ट, बैंक, मीडिया हाउस, लॉ फर्म, MNCs आदि। |
स्टेनोग्राफर कौन होता है?
स्टेनोग्राफर वह व्यक्ति होता है जो तेज शॉर्टहैंड और टाइपिंग की मदद से कही गई बातों को तुरंत लिख लेता है। उसका काम मीटिंग, भाषण, अदालत या दफ्तर में होने वाली बातचीत को ठीक उसी तरह नोट करना होता है, ताकि बाद में उसे रिकॉर्ड या रिपोर्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।
स्टेनोग्राफर के कार्य और जिम्मेदारियां
स्टेनोग्राफर को अपने रोजमर्रा के कामों में निम्नलिखित कार्य करने होते हैं:
- डिक्टेशन एवं ट्रांसक्रिप्शन: मीटिंग, भाषण या कोर्ट प्रोसिडिंग्स के दौरान बोले गए शब्दों को शॉर्टहैंड में तेज और सटीक रूप से लिखना तथा बाद में उन्हें पढ़ने योग्य टेक्स्ट में बदलना।
- कोर्ट रिपोर्टिंग: न्यायालय में कार्यवाही को शब्द-दर-शब्द ट्रांसक्राइब करना और आवश्यकता पड़ने पर गवाही के अंश दोबारा प्रस्तुत करना।
- सटीकता की जांच: ट्रांसक्रिप्ट में व्याकरण, तथ्यों और भाषा की शुद्धता सुनिश्चित करना।
- दस्तावेज प्रबंधन: आधिकारिक दस्तावेज़ों, ट्रांसक्रिप्ट, रिपोर्ट और पत्राचार को व्यवस्थित रूप से संरक्षित एवं प्रबंधित करना।
- प्रशासनिक सहयोग: कार्यालयीन कार्यों, रिकॉर्ड प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों में सहायता करना।
- बहुभाषी दक्षता: हिंदी, अंग्रेजी तथा आवश्यकतानुसार क्षेत्रीय भाषाओं में स्टेनोग्राफी करने की क्षमता रखना।
- गति एवं एकाग्रता: उत्कृष्ट सुनने की क्षमता, तेज टाइपिंग स्पीड और न्यूट्रल तरीके से शब्द-दर-शब्द रिकॉर्ड करने की दक्षता बनाए रखना।
स्टेनोग्राफर बनने के लिए आवश्यक योग्यताएं
स्टेनोग्राफर बनने के लिए आवश्यक योग्यताएं इस प्रकार हैं:-
| स्टेनोग्राफी कोर्स | कैंडिडेट का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 12वीं पास होना आवश्यक है। |
| स्टेनोग्राफी कोर्स | स्टेनोग्राफी कोर्स डिप्लोमा या सर्टिफिकेट के रूप में किया जा सकता है, जो शॉर्टहैंड और टाइपिंग स्किल मजबूत करने में मदद करता है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। |
| हिंदी स्टेनोग्राफर के लिए गति | टाइपिंग स्पीड: न्यूनतम 25 शब्द प्रति मिनट शॉर्टहैंड स्पीड: न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट |
| अंग्रेजी स्टेनोग्राफर के लिए गति | टाइपिंग स्पीड: न्यूनतम 30 शब्द प्रति मिनट शॉर्टहैंड स्पीड: न्यूनतम 100 शब्द प्रति मिनट |
| भाषा एवं व्याकरण ज्ञान | कैंडिडेट को हिंदी, अंग्रेज़ी या क्षेत्रीय भाषा की व्याकरणिक समझ और लेखन क्षमता होनी चाहिए। |
| कंप्यूटर दक्षता | कैंडिडेट को कंप्यूटर और डिजिटल डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट में कार्य करने की प्रोफिशिएंसी होनी चाहिए। |
| आयु सीमा | SSC स्टेनोग्राफर ग्रेड C के लिए 18 से 30 वर्ष और ग्रेड D के लिए 18 से 27 वर्ष की आयु सीमा होती है। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार छूट मिलती है। |
| विभागीय आवश्यकताएं | कुछ विभागों में ग्रेजुएशन या अतिरिक्त योग्यताएं भी मांगी जा सकती हैं, इसलिए सरकारी रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन ध्यानपूर्वक पढ़नी चाहिए। |
नोट: दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से ली गई है और इसमें बदलाव संभव है।
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स्टेनोग्राफी का कोर्स कैसे करें?
स्टेनोग्राफर बनने के लिए आप डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या ITI स्तर के स्टेनोग्राफी कोर्स कर सकते हैं। ये कोर्स मुख्य रूप से शॉर्टहैंड, टाइपिंग स्पीड, भाषा और ऑफिस वर्क से जुड़ी ट्रेनिंग प्रदान करते हैं।
भारत में ऐसे कई ITI संस्थान, पॉलिटेक्निक कॉलेज और सरकारी प्रशिक्षण केंद्र हैं, जो स्टेनोग्राफी से जुड़े कोर्स संचालित करते हैं। इसके अलावा कुछ संस्थान ‘मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट’ जैसे कोर्स भी कराते हैं, जिनमें स्टेनोग्राफी के साथ-साथ कंप्यूटर और ऑफिस स्किल्स सिखाई जाती हैं।
इन कोर्सेज की अवधि सामान्यतः 6 महीने से 1 वर्ष तक होती है, जबकि फीस संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों, जैसे केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान (CHTI) में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा या स्किल टेस्ट भी लिया जाता है। आज के डिजिटल दौर में छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्टेनोग्राफी सीख सकते हैं। सही संस्थान और नियमित अभ्यास के साथ किया गया स्टेनोग्राफी कोर्स उम्मीदवार को परीक्षा और नौकरी दोनों के लिए बेहतर रूप से तैयार करता है।
सरकारी स्टेनोग्राफर बनने की प्रक्रिया
सरकारी स्टेनोग्राफर बनने की प्रक्रिया आमतौर पर दो चरणों में होती है:
1. लिखित परीक्षा (CBT)
SSC द्वारा आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा में शामिल होना होता है, जिसमें प्रश्न पूछे जाते हैं:
- जनरल अवेयरनेस
- जनरल इंग्लिश / हिंदी
- रीजनिंग
- बेसिक गणित
कुल प्रश्न: 200 MCQs
समय: 2 घंटे
2. स्किल टेस्ट
लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को स्किल टेस्ट के लिए बुलाया जाता है।
- ग्रेड C: 100 शब्द/मिनट (10 मिनट डिक्टेशन)
- ग्रेड D: 80 शब्द/मिनट (10 मिनट डिक्टेशन)
इसके बाद उम्मीदवार को निर्धारित समय में ट्रांसक्रिप्शन करना होता है।
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स्टेनोग्राफर की परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
स्टेनोग्राफर की परीक्षा की तैयारी के लिए निम्नलिखित बिंदुओं का पालन करें:
- SSC स्टेनोग्राफर सिलेबस को ध्यान में रखकर पढ़ाई करें।
- जनरल इंग्लिश, GA और रीजनिंग पर फोकस करें।
- नियमित मॉक टेस्ट दें।
- पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें।
- रोज़ाना शॉर्टहैंड और टाइपिंग का अभ्यास करें।
रोजगार के अवसर
स्टेनोग्राफर एक ऐसा पेशा है जिसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में अच्छी संभावनाएं हैं;
सरकारी सेक्टर में स्टेनोग्राफर की आवश्यकता
- मंत्रालय और सचिवालय
- राज्य सरकारी कार्यालय
- न्यायालय
- रेलवे विभाग
- सेना मुख्यालय
- संसद एवं विधानमंडल
- निर्वाचन आयोग
- सरकारी बैंक
- सार्वजनिक उपक्रम (PSUs)
- शैक्षणिक संस्थान
निजी क्षेत्र
- कॉर्पोरेट कंपनियां
- मल्टीनेशनल कंपनियां
- लॉ फर्म
- मीडिया हाउस
- फ्रीलांस वर्क
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वेतन और प्रमोशन की संभावनाएं
स्टेनोग्राफर पद पर नियुक्ति के बाद, SSC स्टेनोग्राफर ग्रेड D के लिए शुरुआती वेतन लगभग 36,000 से 38,000 रुपये और ग्रेड C के लिए 50,000 से 52,000 रुपये/माह होता है। हालांकि विभिन्न विभागों और पदों के अनुसार वेतन में अंतर हो सकता है। जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है, कर्मचारी को प्रमोशन के साथ उच्च ग्रेड पे और पद प्राप्त होते हैं। स्टेनोग्राफर से वरिष्ठ स्टेनोग्राफर, निजी सचिव और फिर वरिष्ठ निजी सचिव तक प्रमोशन की संभावना होती है। समय-समय पर विभागीय परीक्षाओं और प्रदर्शन के आधार पर ग्रोथ मिलती है।
नोट: दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से ली गई है और इसमें बदलाव संभव है।
FAQs
स्टेनोग्राफर बनने के लिए स्टेनोग्राफी (शॉर्टहैंड + टाइपिंग) सीखना जरूरी होता है, लेकिन इसके लिए किसी खास कोर्स की अनिवार्यता नहीं है। आप चाहें तो किसी इंस्टिट्यूट से स्टेनोग्राफी कोर्स कर सकते हैं या खुद अभ्यास करके भी कौशल सीख सकते हैं।
इंग्लिश और हिंदी दोनों ही विकल्प अच्छे हैं और स्कोरिंग आपके कौशल पर निर्भर करता है। अगर आपकी अंग्रेज़ी मजबूत है और स्पीड अच्छी है, तो इंग्लिश स्टेनो बेहतर रहेगा। वहीं, अगर आपकी पकड़ हिंदी पर ज्यादा है और आप देवनागरी में तेजी से लिखते हैं, तो हिंदी स्टेनो आपके लिए सही विकल्प है। सही भाषा का चुनाव आपकी सुविधा और अभ्यास के आधार पर करना चाहिए।
स्टेनोग्राफर का रोज़मर्रा का काम मीटिंग, कॉन्फ्रेंस या अधिकारियों द्वारा बोले गए कंटेंट को शॉर्टहैंड में लिखना और बाद में उसे साफ-सुथरे टाइप किए हुए डॉक्यूमेंट में बदलना होता है। इसके अलावा वे लेटर ड्राफ्टिंग, नोट्स तैयार करना, फाइलें मैनेज करना, ऑफिस रिकॉर्ड अपडेट करना और जरूरी संदेशों को लिखित रूप में तैयार करने जैसे काम भी करते हैं।
स्टेनोग्राफी सीखने में ज्यादा समय नहीं लगता। आमतौर पर 4 से 6 महीने की नियमित प्रैक्टिस से अच्छी स्पीड आ जाती है। अगर आप रोज अभ्यास करते हैं, तो शॉर्टहैंड और टाइपिंग दोनों में कम समय में पकड़ बन सकती है।
स्टेनोग्राफी बिना कोचिंग के भी सीखी जा सकती है। अगर आपके पास अच्छा स्टडी मटेरियल, शॉर्टहैंड बुक और नियमित अभ्यास की आदत है, तो आप घर पर ही टाइपिंग और शॉर्टहैंड दोनों में पकड़ बना सकते हैं। कोचिंग सिर्फ गाइडेंस और स्पीड बढ़ाने में मदद करती है, पर सीखने के लिए यह अनिवार्य नहीं है।
हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको स्टेनोग्राफर कैसे बनें इसका उत्तर मिल गया है। ऐसे ही अन्य करियर से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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