स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) भारत सरकार की एक एलीट सुरक्षा यूनिट है, जो राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। इसकी स्थापना विशेष रूप से VVIP सुरक्षा के लिए की गई थी। SPG का आदर्श वाक्य “शौर्यम समर्पणम सुरक्षाम” है, जो इसके समर्पण और वीरता को दर्शाता है। एसपीजी कमांडो बनने के लिए उम्मीदवार को सीधे भर्ती का अवसर नहीं मिलता, बल्कि उन्हें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (जैसे BSF, CRPF, CISF, SSB) में चयनित होना होता है। इसके बाद उन्हें डेप्यूटेशन पर SPG में भेजा जाता है। यह एक अत्यधिक प्रशिक्षित और गोपनीय सुरक्षा बल है, जिसकी कार्यप्रणाली सार्वजनिक रूप से सीमित जानकारी के साथ संचालित होती है। यदि आप जानना चाहते हैं एसपीजी कमांडो कैसे बनें, तो ये लेख आपके लिए है। इस लेख में एसपीजी कमांडो के प्रमुख कार्य, आवश्यक योग्यता और चयन प्रक्रिया को सरल रूप में बताया गया है।
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एसपीजी की स्थापना
एसपीजी की स्थापना भारत सरकार द्वारा वर्ष 1985 में की गई थी। इसका गठन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर, 1984 को हत्या के बाद किया गया था, ताकि देश के शीर्ष नेताओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष और अत्यंत सक्षम बल तैयार किया जा सके। एसपीजी को अपने शौर्य और बहादुरी के लिए अब तक 1 शौर्य चक्र और 45 प्रेसिडेंट पुलिस मेडल और 351 पुलिस मेडल मिल चुके हैं।
एसपीजी कमांडो के प्रमुख कार्य
SPG कमांडो का कार्य बहुत ही संवेदनशील, गोपनीय और उच्च स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। नीचे दिए बिंदुओं में एसपीजी कमांडो की जिम्मेदारियां बताई गई हैं:
- VVIP सुरक्षा सुनिश्चित करना: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए देश-विदेश में हर जगह SPG तैनात रहती है।
- यात्रा और कार्यक्रमों की सुरक्षा: पीएम की हर यात्रा, इवेंट और ठहराव के स्थान की पहले से जांच और सुरक्षा व्यवस्था करना।
- एंटी-सबोटाज जांच और निगरानी: कार्यक्रम स्थल की सफाई, बम और खतरनाक वस्तुओं की जांच, संदिग्धों की पहचान करना।
- सुरक्षा घेरे बनाना: पीएम के चारों ओर कई सुरक्षा घेरा बनाए जाते हैं, आंतरिक से लेकर बाहरी तक।
- आपात स्थिति में पीएम की रक्षा करना: किसी भी हमले की स्थिति में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सुरक्षित निकालना।
- काउंटर असॉल्ट टीम (CAT): यह टीम कवरिंग फायरपावर देती है, ताकि हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की जा सके।
- लोकल पुलिस और अन्य बलों के साथ समन्वय: भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक और बाहरी घेरे की निगरानी लोकल पुलिस व NSG, IAF आदि के साथ मिलकर की जाती है।
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एसपीजी में भर्ती के लिए आवश्यक योग्यता
SPG कमांडो बनने के लिए आपको कुछ आवश्यक योग्यताओं को पूरा करना अनिवार्य होता है, जैसे:-
- शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से स्नातक होना अनिवार्य है।
- आयु सीमा: उम्मीदवार की अधिकतम आयु 35 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- शारीरिक मापदंड: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए न्यूनतम लंबाई लगभग 170 सेमी (5 फीट 7 इंच) होनी चाहिए। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
- मेडिकल फिटनेस: उम्मीदवार को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट होना चाहिए। कोई गंभीर बीमारी या कमजोर दृष्टि नहीं होनी चाहिए।
- चयन प्रक्रिया का माध्यम: एसपीजी में डायरेक्ट भर्ती नहीं होती; इसमें शामिल होने के लिए उम्मीदवार का CRPF, CISF, BSF या ITBP जैसे केंद्रीय अर्धसैनिक बल से होना अनिवार्य है।
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एसपीजी कमांडो के लिए चयन प्रक्रिया
एसपीजी कमांडो बनने के लिए उम्मीदवारों का चयन एक कठिन प्रक्रिया के तहत किया जाता है, जिसमें इंटेलिजेंस रिपोर्ट, बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, इंटरव्यू, फिजिकल टेस्ट, साइकोलॉजिकल असेसमेंट और लिखित परीक्षा शामिल होती है। इस प्रक्रिया का नेतृत्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के एक पैनल द्वारा किया जाता है, जिसमें IG, दो DIG और दो AIG रैंक के अधिकारी होते हैं।
चयन के बाद उम्मीदवारों को भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली टॉप क्लास ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन, बम निष्क्रिय करने की तकनीक, स्नाइपर स्किल्स, एडवांस ड्राइविंग, वीआईपी सुरक्षा और उच्च स्तरीय सतर्कता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
एसपीजी कमांडो की सैलरी और सुविधाएं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एसपीजी कमांडो की मासिक सैलरी लगभग 84,236 रुपये से लेकर 2,44,632 रुपये तक होती है। इसमें बेसिक वेतन के साथ कई प्रकार के भत्ते भी शामिल होते हैं। ऑपरेशन ड्यूटी पर तैनात कमांडो को सालाना 27,800 रुपये और नॉन ऑपरेशन ड्यूटी पर तैनात कमांडो को सालाना 21,225 रुपये का ड्रेस भत्ता मिलता है। कुल मिलाकर, एसपीजी कमांडो की सालाना आय लगभग 12 से 13 लाख रुपये तक होती है। इसके अलावा, उन्हें आवास, यात्रा सुविधा और अन्य विशेष लाभ भी प्रदान किए जाते हैं।
नोट: यह जानकारी विभिन्न स्रोतों से ली गई है, जिसमें बदलाव संभव है।
क्या आप सीधे SPG कमांडो बन सकते हैं?
नहीं आप सीधे किसी परीक्षा के माध्यम से SPG कमांडो नहीं बन सकते हैं क्योंकि इसमें प्रवेश के लिए आपको पूरी तरह से प्रतिनियुक्ति (Deputation) प्रक्रिया का हिस्सा बनना होता है। SPG कमांडो का चयन केवल पहले से कार्यरत अधिकारियों और जवानों में से किया जाता है। SPG कमांडो बनने के लिए आपको सबसे पहले भारतीय पुलिस सेवा (IPS), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (जैसे BSF, CRPF, CISF, ITBP) या राज्य पुलिस बलों में अपनी सेवाएं देनी होती हैं, जिसके बाद आप डेप्यूटेशन के माध्यम से ही आपको SPG कमांडो के लिए आपके प्रदर्शन और आवश्यक योग्यता के आधार पर चुना जा सकता है।
SPG कमांडो बनने का पूरा प्रोसेस
SPG कमांडो बनने के लिए सबसे पहले आपको किसी सुरक्षा बल या सेवा (जैसे – IPS, CRPF, CISF, BSF या ITBP) में शामिल होना पड़ता है। इसके लिए आप UPSC (IPS के लिए) या संबंधित पैरामिलिट्री फोर्स की भर्ती परीक्षाएं पास करते हैं। इन सेवाओं में कुछ वर्षों तक सर्वश्रेष्ठ और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद ही आपका चयन SPG के लिए किया जाता है। SPG में केवल अनुभवी और अनुशासित अधिकारियों को ही लिया जाता है, यही कारण है कि इसमें कोई एक डायरेक्ट परीक्षा के माध्यम से प्रवेश की कोई व्यवस्था नहीं है।
SPG कमांडो की चयन प्रक्रिया का हिस्सा बनने पर इंटरव्यू के माधयम से आपकी मानसिक सतर्कता, निर्णय क्षमता और दबाव में काम करने की योग्यता को परखा जाता है। इसके बाद साइकोलॉजिकल टेस्ट, फिजिकल टेस्ट और कुछ मामलों में लिखित परीक्षा का भी आयोजन होता है। इन सभी चरणों को पास करने के बाद ही आप कड़ी और आधुनिक ट्रेनिंग का हिस्सा बन पाते हैं, जिसमें आपको हथियारों का उपयोग, क्लोज प्रोटेक्शन, मार्शल आर्ट और हाई-रिस्क सिचुएशन हैंडलिंग जैसी स्किल्स के बारे में सीखने का अवसर मिलता है।
बता दें कि SPG में आपकी पोस्टिंग कभी भी स्थायी नहीं होती, बल्कि एक निश्चित अवधि (जैसे – लगभग 3 से 5 वर्षों) के लिए होती है जिसे पूरा करने के बाद आपको वापस अपनी मूल यूनिट में पुनः सर्विस देनी होती है।
FAQs
एसपीजी की भर्ती केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) या राज्य पुलिस से डेप्युटेशन के माध्यम से की जाती है।
एसपीजी कमांडो एक विशेष रूप से प्रशिक्षित सुरक्षा अधिकारी होता है, जो राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा करता है।
एसपीजी कमांडो का फुल फॉर्म ‘स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप’ होता है।
SPG कमांडो चयन के बाद संबंधित केंद्रीय/सैन्य बलों के विशेष प्रशिक्षण प्रोग्राम के तहत सुरक्षा-और प्रोटेक्शन स्किल ट्रेनिंग प्राप्त करते हैं, जो गृह मंत्रालय के निर्देशन में लागू होती है।
आशा है कि आपको इस लेख में एसपीजी कमांडो कैसे बनें की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य करियर से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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