राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से स्वायत्त शासन विभाग में राजस्व अधिकारी (RO) और अधिशासी अधिकारी (EO) के पदों पर भर्ती प्रक्रिया होती है। यह पद प्रशासनिक जिम्मेदारियों और शहरी विकास से जुड़े कार्यों के कारण अत्यंत प्रतिष्ठित माने जाते हैं। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने की कुंजी इसके सुनियोजित और व्यापक सिलेबस को गहराई से समझना है।
RPSC RO EO परीक्षा का सिलेबस मुख्यतः दो भागों सामान्य ज्ञान/सामान्य अध्ययन तथा राजस्थान नगरपालिका अधिनियम में विभाजित है। यदि आप भी इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका है। यहां आपको RPSC RO EO सिलेबस, PDF, परीक्षा पैटर्न और पात्रता की पूरी जानकारी मिलेगी।
| परीक्षा | राजस्व अधिकारी (RO) ग्रेड 2 और अधिशासी अधिकारी (EO) ग्रेड 4 |
| संचालित संस्था | राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) |
| नौकरी का स्थान | राजस्थान |
| चयन प्रक्रिया | लिखित परीक्षा |
| परीक्षा का माध्यम | ऑनलाइन |
| ऑफिशियल वेबसाइट | rpsc.rajasthan.gov.in |
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RPSC RO EO परीक्षा क्या है?
RPSC RO EO परीक्षा राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा राजस्व अधिकारी (RO) ग्रेड-II और कार्यकारी/अधिशाषी अधिकारी (EO) ग्रेड-IV के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की जाने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगी भर्ती परीक्षा है। यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए होती है जो राजस्थान सरकार के स्वायत शासन विभाग तथा नगर-नगर निगम/नगर निकायों में सरकारी पदों पर नियुक्त होना चाहते हैं। इस परीक्षा में उम्मीदवारों की जनरल नॉलेज, करंट अफेयर्स, हिंदी, अंग्रेजी और प्रशासनिक कौशल की जांच की जाती है।
राजस्व अधिकारी (RO) के कार्य
RPSC राजस्व अधिकारी (ग्रेड-II) द्वारा किए जाने वाले प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:
- राजस्व और कर वसूली का मूल्यांकन तथा संग्रह: RO संपत्ति कर सहित स्थानीय निकायों के राजस्व का सही आकलन और समय पर वसूली सुनिश्चित करता है।
- स्टाफ़ का निरीक्षण और प्रबंधन: वह विभागीय कर्मचारियों, जैसे मूल्यांकनकर्ता और कर संग्राहक के कार्यों की समीक्षा और निरीक्षण करता है।
- संपत्तियों का निरीक्षण: संपत्ति रिवीजन याचिकाओं और आपत्तियों के संबंध में संपत्तियों का निरीक्षण करना RO का कर्तव्य होता है।
- सिविल वसूली मामलों का प्रबंधन: जिन मामलों में संपत्ति कर की वसूली के लिए सिविल मुकदमे आवश्यक हैं, उन मामलों का निरीक्षण और कार्यवाही करना।
- राजस्व नीतियों और प्रक्रियाओं का अनुपालन: RO विभागीय नियमों के अनुसार राजस्व प्रशासन नीतियों को लागू और पालन कराता है।
अधिशाषी अधिकारी (EO) के कार्य
RPSC अधिशाषी अधिकारी (ग्रेड-IV) द्वारा किए जाने वाले प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:
- नगरपालिकाओं/नगर निकायों के प्रशासन का संचालन तथा प्रमुख अधिकारी के रूप में कार्य करना, जिसमें दैनिक प्रशासन और कर्मचारियों का प्रबंधन शामिल है।
- सार्वजनिक सेवाओं जैसे सड़कों, जल आपूर्ति, स्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन की निगरानी और कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
- नगर के विकास कार्यों की योजना बनाना और उन्हें लागू करवाना, जिससे नगर के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का सुधार हो।
- नगरपालिका के वित्तीय और बजट संबंधित कार्यों में भाग लेना, जैसे योजनाओं के बजट का निर्माण और खर्च का संचालन।
- निकाय की बैठकों, रिपोर्टिंग और स्थानीय सरकार से संबंधित कानूनी/नियमित कार्यों का निष्पादन करना।
RPSC RO EO की योग्यता
RPSC RO (राजस्व अधिकारी) और EO (अधिशाषी अधिकारी) परीक्षा के लिए आवश्यक योग्यता इस प्रकार है:
- उम्मीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए।
- किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री आवश्यक है। RO और EO दोनों पदों के लिए ग्रेजुएशन अनिवार्य है।
- उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु सामान्य युवा के लिए लगभग 40 वर्ष निर्धारित है, आरक्षित वर्ग को सरकार के नियमों के अनुसार छूट मिलेगी।
- शारीरिक फिटनेस मानक, कुछ पदों पर आवश्यक हो सकते हैं (अगर RPSC ने विशेष नियम लागू किए हों)।
- उम्मीदवार शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए।
RPSC RO EO सिलेबस
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in के अनुसार RPSC RO EO का सिलेबस इस प्रकार है:
पार्ट 1: राजस्थान की हिस्ट्री, कल्चर, आर्ट, फिलोसॉफी, ट्रेडिशन एवं हेरिटेज
- राजस्थान की प्रिहिस्टोरिक साइट्स: पुरापाषाण से ताम्र पाषाण एवं कांस्य युग तक
- ऐतिहासिक राजस्थानः प्रारम्भिक ईस्वी काल के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक केन्द्र प्राचीन राजस्थान में समाज
- धर्म एवं संस्कृति: प्रमुख राजवंशों के महत्वपूर्ण शासकों की राजनीतिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियाँ-गुहिल, प्रतिहार, चौहान, परमार राठौड़, सिसोदिया और कच्छावा मध्यकालीन राजस्थान में प्रशासनिक तथा राजस्व व्यवस्था।
- आधुनिक राजस्थान का उदय 19वीं 20वीं शताब्दी के दौरान राजस्थान में सामाजिक जागृति के कारक। राजनीतिक जागरण समाचार पत्रों एवं राजनीतिक संस्थाओं की भूमिका 20वीं शताब्दी में जनजाति तथा किसान आन्दोलन, 20वीं शताब्दी के दौरान विभिन्न देशी रियासतों में प्रजामण्डल आन्दोलन राजस्थान का एकीकरण।
- राजस्थान की वास्तु परम्परा मंदिर, किले, महल एवं मानव निर्मित जलीय संरचनाएँ: चित्रकला की
- विभिन्न शैलियाँ और हस्तशिल्प
- प्रदर्शन कला शास्त्रीय संगीत एवं शास्त्रीय नृत्य लोक संगीत एवं वाद्य लोक नृत्य एवं नाट्य ।
- भाषा एवं साहित्य : राजस्थानी भाषा की बोलियाँ राजस्थानी भाषा का साहित्य एवं लोक साहित्य।
- धार्मिक जीवन धार्मिक समुदाय, राजस्थान में संत एवं सम्प्रदाय राजस्थान के लोक देवी देवता।
- राजस्थान में सामाजिक जीवन मेले एवं त्योहार, सामाजिक रीति-रिवाज तथा परम्पराये वेशभूषा एवं आभूषण
- राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व लोक संगीत, लोक नृत्य, वाद्ययंत्र एवं आभूषण
- राजस्थानी संस्कृति, परंपरा एवं विरासत
- महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पर्यटन स्थल
राजस्थान का भूगोल
- मेजर जियोमोर्फिक रीजंस एंड देयर कैरेक्टर स्टिक्स
- क्लाइमेट फीचर्स
- मेजर रिवर्स एंड लैक्स
- नेचुरल वेजीटेशन एंड सॉइल
- मेजर क्रॉप एंड व्हीट, मेज, बारले, कॉटन, सजरकैन, मिलेट
- मेजर इंडस्ट्रीज
- मेजर इरिगेशन प्रोजेक्ट्स एंड वेटेज कंजर्वेशन टेक्नोलॉजीज
- पॉपुलेशन ग्रोथ, डेंसिटी, लिटरेसी, सेक्स, रेश्यो एंड मेजर ट्राइब्स
- मिनरल्स, मैटेलिक एंड नॉन मैटेलिक एनर्जी रिसोर्सेज, कन्वेंशनल एंड नॉन कन्वेंशनल
- बायो डायवर्सिटी एंड इट्स कंजर्वेशन
- टूरिस्ट प्लेसेज एंड सर्किट्स
- मिनरल रिसोर्सेज
भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन प्रणाली
भारतीय संविधानः प्रिंसिपल एलिमेंट्स:
- कांस्टीट्यूटें असेंबली, फीचर्स ऑफ इंडियन कांस्टीट्यूशन, कांस्टीट्यूशनल अमेंडमेंट.
- प्रिएंबल, फंडामेंटल राइट्स, डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स ऑफ स्टेट पॉलिसी, फंडामेंटल ड्यूटीज़
भारतीय राजनीतिक व्यवस्था:
- प्रेसिडेंट, प्राइम मिनिस्टर एंड काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स, पार्लियामेंट, सुप्रीम कोर्ट एंड ज्यूडिशियल रिव्यू
- इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इण्डिया, कंप्ट्रॉलर एंड एडिटर जनरल, नीति आयोग, सेंटर विजिलेंस कमीशन, लोकपाल, सेंट्रल इनफॉर्मेशन कमीशन एंड नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन
- फेडरलिज्म, डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स इन इंडिया, कोलिशन गवर्नमेंट, नेशनल इंटीग्रेशन
- पॉलिटिकल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम ऑफ राजस्थान
राज्य की राजनीतिक व्यवस्था:
- गवर्नर, चीफ मिनिस्टर एंड काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स, राजस्थान लेजिस्लेटिव असेंबली, High कोर्ट
राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था:
- डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन, लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट एंड पंचायती राज इंस्टीट्यूशंस
संस्थाएं:
- आरपीएससी, स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन, लोकायुक्त, स्टेट इलेक्शन कमीशन, स्टेट इनफॉर्मेशन कमीशन
लोक नीति एवं अधिकार:
- पब्लिक पॉलिसी, लीगल राइट्स एंड सिटीजन चार्टर, राजस्थान पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट, 2011
समसामयिक घटनाएं:
- मेजर कंटेंपरेरी इवेंट्स एंड इश्यूज ऑफ राजस्थान, इंडियन एंड इंटरनेशनल इंपोर्टेंस,
- करेंटली पापुलर पीपल, प्लेसेज एंड इंस्टीट्यूशंस
- स्पोर्ट्स एंड स्पोर्ट्स रिलेटेड एक्टिविटीज
यह भी पढ़ें: RPSC फ़ूड सेफ्टी ऑफिसर सिलेबस और परीक्षा पैटर्न
पार्ट 2: राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 एवं नगरीय निकायों से संबंधित विविध नियम एवं योजनाएं
- राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009:
- फॉर्मेशन एंड गवर्नेंस ऑफ़ म्युनिसिपालिटी
- वर्किंग कमिटी एंड वार्ड कमिटी
- म्युनिसिपल प्रॉपर्टी
- म्युनिसिपल फाइनेंस एंड म्युनिसिपल फंड
- म्युनिसिपल रेवेन्यू
- म्युनिसिपल डेवलपमेंट एंड टाउन प्लानिंग डेवलपमेंट
- म्युनिसिपल पावर्स एंड ऑफेंसेज प्रॉसिक्यूशन, सूट्स
- कंट्रोल
2. राजस्थान नगरपालिका (सामान क्रय एवं अनुबंध) नियम, 1974 राजस्थान नगरपालिका (कार्य संचालन) नियम, 2009
3. राजस्थान नगरपालिका (समितियों की शक्तियां, कर्तव्य और कृत्य नियम), 2009
4. राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाएं:
- स्वच्छ भारत मिशन (शहरी)
- इंदिरा रसोई योजना
- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)
- इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गांरटी योजना
- अमृत मिशन
- हृदय योजना
- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन
- इंदिरा गांधी क्रेडिट कार्ड योजना
RPSC RO EO ऑफिशियल सिलेबस PDF
RPSC-RO/EO की आधिकारिक सिलेबस PDF के अनुसार सिलेबस पढ़ें और Part-I तथा Part-II को पहले कवर करें। PDF इस प्रकार है:
RPSC RO EO ऑफिशियल सिलेबस PDF को डाउनलोड करें।
RPSC RO EO के लिए एग्जाम पैटर्न
RPSC RO EO परीक्षा का पैटर्न नीचे दिया गया है। यह परीक्षा कुल 2 घंटे की अवधि में आयोजित की जाती है।
| क्वेश्चन पेपर | अंक | अधिकतम अंक |
| पार्ट 1 | 80 | 80 |
| पार्ट 2 | 40 | 40 |
| कुल अंक | 120 | 120 |
यह भी पढ़ें: राजस्थान पटवारी परीक्षा का सिलेबस और परीक्षा पैटर्न
RPSC RO EO की तैयारी के लिए टिप्स
यहां RPSC RO EO की तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जो आपके लिए सहायक होंगे:
- स्टडी प्लान बनाएं: हर विषय के लिए स्पष्ट समय का विभाजन करें और सिलेबस को हिस्सों में बाँटकर पढ़ें।
- मुख्य विषयों को प्राथमिकता दें: सामान्य ज्ञान, राजस्थान GK, रीजनिंग और अर्थव्यवस्था जैसे हाई‑वेटेज सेक्शन को पहले कवर करें।
- नियमित मॉक टेस्ट लें: समय प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए नियमित रूप से मॉक टेस्ट करें।
- पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र अभ्यास करें: इससे परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के प्रकार की समझ बेहतर होती है।
- कमजोर विषयों पर अतिरिक्त ध्यान दें: जहां कठिनाई हो, वहां अतिरिक्त समय देकर विषय में दक्षता बढ़ाएं।
- नोट्स बनाकर रिवीजन करें: छोटे और स्पष्ट नोट्स रोज़ाना बनाकर रिवीजन करें।
- स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन: पढ़ाई के बीच छोटे ब्रेक लें और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
FAQs
परीक्षा में कुल 120 वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न होते हैं, प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है और कुल परीक्षा अंक 120 होते हैं।
RPSC RO EO परीक्षा कुल 2 घंटे (120 मिनट) की अवधि में आयोजित होती है।
RPSC राजस्व अधिकारी (ग्रेड-II) और अधिशाषी अधिकारी (ग्रेड-IV) परीक्षा का सिलेबस दो मुख्य भागों में विभाजित है। पार्ट A: सामान्य ज्ञान जिसमें भारतीय संविधान, शासन, राजस्थान का इतिहास, कला‑संस्कृति, भूगोल और करंट अफ़ेयर्स शामिल हैं; और पार्ट B: राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 एवं नगरीय निकायों से संबंधित विविध नियम एवं योजनाएं।
इस भर्ती प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, इंटरव्यू और प्रमाण पत्र सत्यापन शामिल हैं।
आशा है कि आपको इस लेख में RPSC RO EO सिलेबस और परीक्षा पैटर्न की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही इंडियन एग्जाम से संबंधित अन्य ब्लॉग पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।
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