रेडियोलॉजिस्ट कैसे बनें: आवश्यक योग्यता, स्टेप-बाय-स्टेप गाइड और करियर स्कोप

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रेडियोलॉजिस्ट कैसे बनें

रेडियोलॉजिस्ट वह विशेषज्ञ डॉक्टर होता है, जो एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई और अल्ट्रासाउंड जैसी इमेजिंग तकनीकों के जरिए शरीर के अंदर की समस्याओं को समझता है और सही बीमारी का पता लगाने में मदद करता है। कैंसर, हड्डियों के फ्रैक्चर, अंदरूनी चोट या दिमाग और अन्य अंगों से जुड़ी गंभीर स्थितियों के निदान में इनकी भूमिका बेहद अहम होती है।

आज के समय में रेडियोलॉजी को मेडिकल क्षेत्र का एक स्थिर और सम्मानजनक करियर माना जाता है, लेकिन यहाँ तक पहुँचने का रास्ता आसान नहीं होता। अगर आप जानना चाहते हैं कि रेडियोलॉजिस्ट कैसे बनें, इसके लिए आवश्यक योग्यताएं क्या हैं, कौन-सी परीक्षाएँ देनी होती हैं, पढ़ाई में कितना समय लगता है, किन स्किल्स की जरूरत होती है, तो ये गाइड आपके लिए उपयोगी हो सकती है।

रेडियोलॉजिस्ट कौन होता है?

रेडियोलॉजिस्ट वे होते हैं, जो आधुनिक तकनीक और इमेजिंग टेस्ट जैसे एक्स-रे, MRI, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड की मदद से बीमारियों की पहचान और इलाज में सहायता करते हैं। इनका मुख्य कार्य बीमारियों, चोटों या किसी असामान्य स्थिति की पहचान करना और सही इलाज के लिए डॉक्टरों को मार्गदर्शन प्रदान करना होता है। आज के समय में रेडियोलॉजी हेल्थकेयर सिस्टम का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है, और यही कारण है कि यह प्रोफेशन छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

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रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड

रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए आप यहाँ दिए गए स्टेप बाय स्टेप गाइड को फॉलो कर सकते हैं –

स्टेप 1: विज्ञान स्ट्रीम से इंटरमीडिएट (10+2) पास करें

रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए सबसे पहले आपको इंटरमीडिएट कक्षा को विज्ञान स्ट्रीम से पास करें। 10+2 में विज्ञान स्ट्रीम में आपके पास फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे विषय होने चाहिए। रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए MBBS करना अनिवार्य है, जिसमें प्रवेश पाने के लिए आपको NEET परीक्षा की तैयारी करनी होती है। जबकि रेडियोलॉजिक टेक्नोलॉजिस्ट बनने के लिए आप 12वीं के बाद बीएससी इन रेडियोलोजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी में अपनी डिग्री की पढ़ाई कर सकते हैं।

स्टेप 2: NEET परीक्षा की तैयारी करें

MBBS में एडमिशन के लिए आपको NEET UG की परीक्षा देनी अनिवार्य है। NEET परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए आपको फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी तीनों सब्जेक्ट्स की अच्छे से तैयारी करनी चाहिए। NEET परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए रिवीजन और टेस्ट पेपर पर फोकस करना चाहिए। NEET परीक्षा में पास होने के बाद ही आपको मेडिकल कॉलेज में MBBS के लिए सीट मिलती है।

इसके अलावा NEET-PG की परीक्षा को क्वालीफाई करके आप MD/DNB रेडियोलोजी में प्रवेश के लिए। रेडियोलॉजी भारत की सबसे प्रतिस्पर्धी PG ब्रांचों में से एक है और इसमें सीट पाने के लिए बहुत उच्च रैंक चाहिए होती है।

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स्टेप 3: MBBS डिग्री पूरी करें

MBBS पूरा करने के बाद ही रेडियोलॉजी स्पेशलाइज़ेशन के लिए राह खुल जाती है। रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए आपको MBBS की पांच साल छह महीने की पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप पूरी करनी होती है। इसके बाद आप MD रेडियोलॉजी या DNB रेडियोलॉजी में एडमिशन ले सकते हैं। MBBS के दौरान मिलने वाला क्लिनिकल एक्सपोजर आपको मेडिकल इमेजिंग, डायग्नोसिस और पेशेंट केयर की असली समझ देता है।

स्टेप 4: रेडियोलॉजी में MD या DNB करें

MBBS करने के बाद आपको रेडियोलॉजी में MD या DNB जैसी पोस्टग्रेजुएट डिग्री करनी होती है। ये दोनों कोर्स के तहत एक्स-रे, CT स्कैन, MRI और अल्ट्रासाउंड जैसी मेडिकल इमेजिंग को सही तरीके से पढ़ना और बीमारियों का डायग्नोसिस करना सिखाते हैं। MD रेडियोलॉजी सरकारी और प्राइवेट दोनों कॉलेजों में मिलता है, जबकि DNB को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशंस नियंत्रित करता है।

स्टेप 5: मेडिकल लाइसेंस प्राप्त करें

MBBS कोर्स में एडमिशन लेकर इंटरर्नशिप पूरी करनी पड़ती है। फिर रेडियोलॉजी में MD या DNB जैसे पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम किए जाते हैं। डिग्री के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा आयोजित लाइसेंसिंग प्रक्रिया पूरी करके मेडिकल लाइसेंस मिलता है, जो आपको एक प्रोफेशनल रेडियोलॉजिस्ट के रूप में काम करने की अनुमति देता है। इसके लिए स्टेट मेडिकल कॉउंसिल रजिस्ट्रेशन या राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) में रजिस्ट्रेशन के बाद ही आपको मेडिकल लाइसेंस प्राप्त हो सकता है। इसके लिए वर्तमान में किसी भी प्रकार की परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाता है।

स्टेप 6: अपनी स्किल्स को पहचानें

रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए आप में शारीरिक रचना और विकृति विज्ञान का गहन ज्ञान होना चाहिए। इसके साथ ही निम्नलिखित सॉफ्ट स्किल्स भी आपकी ग्रोथ में सहायक भूमिका निभा सकती हैं –

  • इंटरवेंशनल स्किल्स 
  • कंप्यूटर और प्रौद्योगिकी साक्षरता
  • तीक्ष्ण अवलोकन कौशल (शार्प ऑब्जरवेशन स्किल्स)
  • कम्युनिकेशन स्किल्स
  • टाईमटेबल मैनेजमेंट
  • डिसीजन मेकिंग
  • टीमवर्क

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रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए आवश्यक योग्यता

रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए आपके पास निम्नलिखित योग्यता का होना जरुरी है –

  • रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए सबसे पहले आपको 12वीं कक्षा विज्ञान (PCB – फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) स्ट्रीम से पास करनी होती है।
  • MBBS और PG कोर्स में प्रवेश के लिए NEET UG और NEET PG जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएँ पास करनी होती हैं।
  • इसके बाद ग्रेजुएशन लेवल MBBS (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) करना ज़रूरी है, जो लगभग 5.5 साल का कोर्स होता है।
  • MBBS के बाद रेडियोलॉजी में MD (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) या DNB (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) करना पड़ता है, जो कि 3 साल का स्पेशलाइजेशन कोर्स है।
  • मेडिकल टेक्नोलॉजी की समझ, मरीजों से संवाद करने की क्षमता और एनालिटिकल थिंकिंग रेडियोलॉजिस्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
  • विदेश में रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए अंतर्राष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज और देश के आधार पर योग्यता भिन्न-भिन्न होती है। उदाहरण के रूप में देखा जाए तो USA में रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए छात्रों को अंडर ग्रेजुएट होने के साथ-साथ, MCAT पास करने के बाद MD और USMLE पास करना अनिवार्य होती है। इसके अलावा UK में रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए छात्रों को MBBS/MBChB के साथ-साथ, FRCR करनी होती है।
  • विदेश में रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री पाने के लिए आपको अंग्रेजी भाषा में दक्षता (जैसे – IELTS या TOEFL) की आवश्यकता होती है, जो कि हर यूनिवर्सिटी और देश की मांग के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकता है।
  • कई बार यूनिवर्सिटी के प्रवेश के लिए अकादमिक रिकॉर्ड के आधार पर प्रवेश दिए जाते हैं, जबकि कुछ देशों में स्टूडेंट्स को प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होती है।

रेडियोलॉजिस्ट के लिए टॉप रिक्रूटर्स

  • AIIMS
  • Columbia Asia
  • Apollo Hospital
  • CMC
  • Medanta
  • Fortis Hospital
  • UniHealthcare Recruiters
  • AMN Healthcare

रेडियोलॉजिस्ट बनने के बाद करियर स्कोप

रेडियोलॉजिस्ट के रूप में आप सरकारी और निजी अस्पताल, डायग्नोस्टिक इमेजिंग सेंटर और पैथोलॉजी लैब में नीचे दिए गए पदों पर अपने करियर की शुरुआत करके काम कर सकते हैं। इसके साथ ही स्वयं का क्लिनिक खोलकर भी आप अपना करियर शुरू कर सकते हैं –

  • डायग्नोस्टिक रेडियोलॉजिस्ट
  • इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट
  • रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट
  • पीडियाट्रिक रेडियोलॉजिस्ट
  • न्यूरो-रेडियोलॉजिस्ट

रेडियोलॉजिस्ट को मिलने वाला वेतन

Ambitionbox.com के अनुसार रेडियोलॉजिस्ट को मिलने वाला अनुमानित सालाना वेतन 3.7 लाख – 50 लाख के बीच हो सकता है। इसके साथ ही विदेश में रेडियोलॉजिस्ट बनने के बाद आपकी सालाना सैलरी देश के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकती है। इसका अनुमान लगाना कठिन है क्योंकि हर देश में इसकी सैलरी वहां की करेंसी के आधार पर अलग-अलग होती है। हालाँकि वास्तविक सैलरी आपके अनुभव, कौशल और परफॉर्मेंस के आधार पर इससे अधिक भी हो सकती है।

रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिक टेक्नोलॉजिस्ट के बीच अंतर

रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिक टेक्नोलॉजिस्ट के बीच अंतर को निम्नलिखित तालिका में दिया गया है –

तुलना का आधाररेडियोलॉजिस्टरेडियोलॉजिक टेक्नोलॉजिस्ट
कार्य का प्रकारयह मेडिकल डॉक्टर होता है जो X-Ray, CT Scan, MRI जैसी रिपोर्ट्स को पढ़कर बीमारी का पता लगाता है।यह मशीनें चलाने वाला हेल्थकेयर प्रोफेशनल होता है जो X-Ray, CT, MRI की इमेज तैयार करता है।
शिक्षा योग्यताMBBS के बाद 3 साल का MD Radiology या DNB Radiology।12वीं साइंस के बाद B.Sc Radiology, BRT, या Diploma in Radiology।
जिम्मेदारियाँडायग्नोसिस करना, रिपोर्ट बनाना।मशीन सेट-अप, मरीज की पोज़िशनिंग, इमेज क्वालिटी चेक करना।
कौशलमेडिकल नॉलेज, एनालिटिकल स्किल, जटिल रिपोर्ट समझने की क्षमता।टेक्निकल स्किल, मशीन हैंडलिंग, पेशेंट केयर।
कार्य स्थानहॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर।हॉस्पिटल, क्लिनिक, इमेजिंग सेंटर्स।

FAQs 

क्या BSc Radiography से मैं रेडियोलॉजिस्ट बन सकता हूँ?

नहीं, BSc Radiography करने के बाद आप रेडियोलॉजिक टेक्नोलॉजिस्ट बनते हैं, जबकि रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए NEET की परीक्षा देने के बाद MBBS + PG (MD/DNB) करना आवश्यक होता है।

रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए कितने साल की पढ़ाई करनी पड़ती है?

एमबीबीएस की पढ़ाई लगभग पांच साल की होती है और इसके बाद रेडियोलॉजी में तीन साल की पीजी पढ़ाई करनी पड़ती है। यानी कुल मिलाकर आठ साल का समय लगता है।

रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए क्या पढ़ाई करनी पड़ती है?

रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए 12वीं के बाद आपको NEET की परीक्षा देकर MBBS करना होता है। इसके बाद आपको MD रेडियोलोजी या DNB रेडियोलोजी की पढ़ाई करनी होती है।

रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए कौन सी परीक्षा देनी होती है?

रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए पहले मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है, जिससे एमबीबीएस में प्रवेश मिलता है। एमबीबीएस पूरा करने के बाद विशेषज्ञ पढ़ाई के लिए अलग प्रवेश परीक्षा देनी होती है। इस परीक्षा में अच्छे अंक जरूरी होते हैं क्योंकि सीटें सीमित होती हैं। पढ़ाई के दौरान मेहनत और अच्छे अंक बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

क्या रेडियोलॉजिस्ट खुद का जांच केंद्र खोल सकता है?

हाँ, स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनने के बाद रेडियोलॉजिस्ट खुद का जांच केंद्र खोल सकता है। इसके लिए मेडिकल पंजीकरण, मशीनों की अनुमति और सरकारी नियमों का पालन जरूरी होता है। मशीनें महंगी होती हैं, इसलिए शुरुआत में निवेश ज्यादा लगता है। कई डॉक्टर पहले अस्पताल में अनुभव लेते हैं, फिर अपना केंद्र खोलते हैं।

हमें आशा है कि आप इस लेख में जान पाए होंगे कि रेडियोलॉजिस्ट कैसे बनें। ऐसे ही करियर से संबंधित अन्य लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।

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