Money Multiplier in Hindi : जानिए यह क्या है और कैसे काम करता है?

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Money Multiplier in Hindi

इंसान अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई प्रकार से अपनी सेविंग्स करता है, जिसमें कि बैंक्स का बहुत बड़ी भूमिका निभाते है। बैंकिंग सिस्टम का मुख्य काम लोगों की बैंकिंग हैबिट को इम्प्रूव करना होता है, जिसके आधार पर लोग बैंक की कार्य प्रणाली पर विश्वास कर सके और ज्यादा से ज्यादा सेविंग्स करके डिपोसिट कर सकें। इसी के आधार पर बैंक्स कई प्रकार की योजनाओं को लागू करते है, उसमें से ही एक योजना मनी मल्टीप्लायर है। Money multiplier in hindi के इस ब्लॉग में आपको मनी मल्टीप्लायर के बारे में जानने को मिलेगा।

मनी मल्टीप्लायर एक ऐसी व्यवस्था है जिसके माध्यम से बैंक आपके द्वारा जमा की गयी कुल धन राशि में से कुछ राशि को आरक्षित रखता है और बाकि बची हुई धन राशि से वह अन्य लोगों को लोन देने का काम करता है जिससे बैंक, बैंकिंग स्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ मनी यानि कि मुद्रा में भी इजाफा करता है। Money multiplier in hindi का यह ब्लॉग आपको आसान भाषा में मनी मल्टीप्लायर के बारें में विस्तृत जानकारी देगा। 

मनी मल्टीप्लायर का हिंदी अनुवाद मुद्रा गुणक
मनी मल्टीप्लायर का क्या काम इनकम जनरेट करना, बैंकिंग प्रणाली सशक्त करना
मनी मल्टीप्लायर को कैलकुलेट करने का फॉर्मूला  “मनी मल्टीप्लायर= 1/LRR” और “1/R”
LRR की फुलफॉर्म  लीगल रिजर्व रेश्यो
लीगल रिजर्व रेश्यो का हिंदी अनुवाद कानूनी आरक्षित अनुपात
लीगल रिजर्व रेश्यो के प्रकार  इसके क्रमशः दो प्रकार होते है।कैश रिज़र्व रेश्यो स्टैचट्री लिक्विडिटी रेश्यो
कैश रिज़र्व रेश्यो का हिंदी अनुवाद नगद आरक्षित अनुपात
स्टैचट्री लिक्विडिटी रेश्यो का हिंदी अनुवाद वैधानिक तरलता अनुपात

मनी मल्टीप्लायर क्या होता है?

मनी मल्टीप्लायर नाम से ही इसकी परिभाषा को समझा जा सकता है कि मनी को मल्टीप्लाई करने के सन्दर्भ में प्रयोग में आने वाली यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। वहीं या फिर जिसमें बैंक्स में जमा कराई गयी धन राशि का प्रयोग करके बैंक लोन देने की प्रक्रिया को सुचारु रख पाता है। इसी व्यवस्था के आधार पर बैंक अपने स्ट्रक्चर को आर्थिक मुनाफा देकर मजबूत करता है। इसी के माध्यम से ग्राहकों के डिपोसिट के बदले उन्हें इंटरेस्ट भी मिलता है।

मनी मल्टीप्लायर कैसे काम करता है?

मनी मल्टीप्लायर के काम करने का तरीका सरल और सटीक है जिसको आसान भाषा में समझने के लिए आपको पहले किसी भी बैंक की कार्य प्रणाली को समझना बेहद जरूरी है। मनी मल्टीप्लायर के काम करने का तरीका कुछ यूँ है कि जो बैंक के पास कुछ डिपाजिट धनराशि होती है बैंक उसमें से कुछ रिज़र्व रखता है और कुछ प्रतिशत को वह लोन के लिए आगे बढ़ता है फिर जैसे लोन की रिकवरी होती है। ऐसे में बैंक उससे प्राप्त धनराशि में से कुछ को आरक्षित करता है और बाकि को फिर लोन के लिए आगे बड़ा देता है। यही प्रोसेस से बैंक इनकम जनरेट करता है और अपने स्ट्रक्चर को मजूबत कर ग्राहकों की बैंकिंग हैबिट में सुधार करने का प्रयास करता है।

सरल भाषा में समझें तो बैंक आपकी धनराशि में आरक्षित धनराशि के अलावा वह जितनी धनराशि से अन्य लोगो को लोन देता है। इससे बैंक की इनकम जनरेट होती है और इसी प्रक्रिया को बैंक जब दोहराता है तो यह प्रक्रिया मनी मल्टीप्लायर कहलाती है।

मनी मल्टीप्लायर के क्या प्रभाव है?

मनी मल्टीप्लायर एक ऐसी व्यवस्था है कि जितने इसके लाभ है उतने ही इसको प्रभावित करने वाले कारक है, आपको यह समझ आ गया होगा कि कैसे बैंक मनी मल्टीप्लायर के माध्यम से मुद्रा का उत्पादन यानि कि मनी जनरेट करते हैं। अब आपको यह जान लेना चाहिए कि आखिर कौन-कौन से फैक्टर हैं, जो मनी मल्टीप्लायर की व्यवस्था पर प्रभाव डालते हैं। Money multiplier in hindi का उद्देश्य आपको उन प्रभावशाली कारकों के बारें में बताना है जो कि मनी मल्टीप्लायर पर प्रभाव डालते है जो कि निम्नलिखित है;

  • आयात खर्च के कारण पैसा विदेश में खर्च हो जाता है और अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति को कम करता है। इसलिए, यह अर्थव्यवस्था में मनी मल्टीप्लायर यानि कि मुद्रा गुणक को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
  • महँगी मौद्रिक नीति रेपो दर को बढ़ाती है जो रिज़र्व बैंकों को उच्च भंडार रखने के लिए मजबूर करती है और इसी के कारण बैंको को RBI से उधार लेना महंगा पड़ता है। इसी के चलते बैंक अपनी जमा राशि का कम अनुपात आम जनता को देकर मनी मल्टीप्लायर (मुद्रा गुणक) को प्रभावित करते है।
  • निर्यात आय सदैव अर्थव्यवस्था में धन की आपूर्ति को बढ़ाती ही है, परिणामस्वरूप यह बहुत ही सकारात्मक रूप से मनी मल्टीप्लायर (मुद्रा गुणक) को प्रभावित करती है।

मनी मल्टीप्लायर का फॉर्मूला

मनी मल्टीप्लायर को जानने का एक फॉर्मूला है जो कि आपको सही व सटीक जानकारी दे सकता है, money multiplier in hindi लाया है आपके लिए मनी मल्टीप्लायर का फॉर्मूला जो कि निम्नलिखित है;

  • “मनी मल्टीप्लायर= 1/LRR” और “मनी मल्टीप्लायर= 1/R
  • उपरोक्त फॉर्मूले में LRR का अर्थ लीगल रिजर्व रेश्यो है।

लीगल रिज़र्व रेश्यो के प्रकार क्या हैं?

लीगल रिज़र्व रेश्यो कई प्रकार से मनी मल्टीप्लायर की व्यवस्था में एहम भूमिका रखता है क्योंकि मनी मल्टीप्लायर को कैलकुलेट करने के लिए लीगल रिज़र्व रेश्यो का प्रयोग होता है दरअसल लीगल रिज़र्व रेश्यो कॉमर्सिअल बैंकों के डिपोसिट का प्रतिशत है जिसे ग्राहकों द्वारा विड्रॉल की स्तिथि के लिए कैश के रूप में रिज़र्व या आरक्षित रखा जाता है। यह मनी मल्टीप्लायर के लिए बेहद आवश्यक पहलु है इसीलिए money multiplier in hindi के माध्यम से आपको यह जाने को मिलेगा कि लीगल रिज़र्व रेश्यो के 2 प्रकार होते है जो कि निम्नलिखित है;

  1. कैश रिज़र्व रेश्यो 
  2. स्टैचट्री लिक्विडिटी रेश्यो

मनी मल्टीप्लायर के उदाहरण जानिए

मनी मल्टीप्लायर की परिभाषा के बाद money multiplier in hindi आपके लिए आसान भाषा में मनी मल्टीप्लायर के उदाहरण को समझाने के लिए आपके लिए निम्नलिखित उदहारण है;

  • आपके द्वारा जमा किया गया सोना या नगद धनराशि इसका सबसे खास उदाहरण है जिसमें आपके द्वारा जमा धनराशि या सोने को बैंक अपने पास आरक्षित रखता है और फिर उससे इनकम जनरेट करता है।
  • केंद्रीय बैंक या आरबीआई से ली गयी धनराशि का भी बैंक इसी प्रकार मनी जनरेट के कार्यों में प्रयोग करता है,  कि इसका जीता जागता उदाहरण है। 

FAQs

मनी मल्टीप्लायर क्या है?

यह एक कि ऐसी व्यवस्था है जो कि इनकम जनरेट करने में बैंकों की सहायता करती है।  

मनी मल्टीप्लायर को कैलकुलेट करने का फॉर्मूला क्या है?

मनी मल्टीप्लायर को कैलकुलेट करने का फॉर्मूला निम्नलिखित है;
1. मनी मल्टीप्लायर=1/LRR अथवा मनी मल्टीप्लायर=1/R 
2. LRR की फुलफॉर्म क्या है?
3. LRR  की फुलफॉर्म “लीगल रिजर्व रेश्यो” है।

LRR (लीगल रिजर्व रेश्यो) के कितने प्रकार होते है?

money multiplier in hindi के अनुसारLRR (लीगल रिजर्व रेश्यो) के क्रमशः दो प्रकार होते है;
1. कैश रिज़र्व रेश्यो 
2. स्टैचट्री लिक्विडिटी रेश्यो

Source – Pratham Singh – The Economics Addict

आशा है कि मनी मल्टीप्लायर के सम्बन्ध में money multiplier in hindi का यह ब्लॉग आपको जानकारी से भरपूर लगा होगा। ऐसे ही और अन्य तरह के ब्लॉग्स पढ़ने के लिए बने रहिए Leverage Edu के साथ।

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