जगदीप धनखड़ एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो भारत के 14वें उपराष्ट्रपति रह चुके हैं। श्री धनखड़ 30 जुलाई, 2019 से 18 जुलाई 2022 तक पश्चिम बंगाल के 28वें राज्यपाल भी रह चुके हैं। राजस्थान के छोटे से जिले झुंझुनू से निकलकर देश के दूसरे सर्वोच्च पद तक पहुंचने वाले जगदीप धनखड़ की जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए। इसके बावजूद उन्होंने हर चुनौती का सामना किया और सफलता हासिल की। इस लेख में भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का जीवन परिचय और उनकी राजनीतिक यात्रा की जानकारी दी गई है।
| नाम | जगदीप धनखड़ |
| जन्म | 18 मई, 1951 |
| जन्म स्थान | किठाना गांव, झुंझुनू जिला, राजस्थान |
| शिक्षा | एल.एल.बी. (राजस्थान विश्वविद्यालय) |
| पेशा | अधिवक्ता, राजनीतिज्ञ |
| पिता का नाम | स्वर्गीय श्री गोकल चंद |
| माता का नाम | स्वर्गीय श्रीमती केसरी देवी |
| पत्नी का नाम | डॉ. सुदेश धनखड़ |
| संतान | एक पुत्री (श्रीमती कामना) |
| राजनीतिक पार्टी | भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) |
| धारित पद | भारत के 14वें उपराष्ट्रपति, 28वें राज्यपाल (पश्चिम बंगाल) |
| सदस्य | भारतीय विधि संस्थान, नई दिल्ली, भारतीय मध्यस्थता परिषद, ICC मध्यस्थता आयोग के सदस्य |
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जगदीप धनखड़ का जन्म
श्री जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई, 1951 को राजस्थान के झुंझुनू जिले के किठाना नामक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय श्री गोकल चंद और माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती केसरी देवी था। वे चार भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर आते हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा किठाना गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हुई। कक्षा 6 में उन्होंने सरकारी माध्यमिक विद्यालय, गरदाना में प्रवेश लिया। इसके बाद उन्होंने चित्तौड़गढ़ स्थित सैनिक स्कूल में भी अध्ययन किया।
इसके उपरांत उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से संबद्ध महाराजा कॉलेज, जयपुर से भौतिकी में बी.एससी (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वर्ष 1978-1979 में उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से एल.एल.बी. की डिग्री हासिल की।
देश के प्रतिष्ठित वकीलों में शुमार हुए
श्री जगदीप धनखड़ वर्ष 1988 में राजस्थान बार काउंसिल के सदस्य चुने गए। इसके पश्चात वर्ष 1990 में उन्हें राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। वे देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में प्रैक्टिस कर चुके हैं और 30 जुलाई, 2019 को राज्यपाल का पद संभालने तक राजस्थान के सबसे वरिष्ठ नामित अधिवक्ताओं में गिने जाते थे।
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक करियर लगभग 30 वर्षों का रहा है। वर्ष 1989 में वे झुंझुनू संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से 9वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 1990 में वे चंद्रशेखर सरकार में केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री बनाए गए। वर्ष 1993 से 1998 तक वे अजमेर जिले के किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र से राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे।
जगदीप धनखड़ लोकसभा तथा राजस्थान विधानसभा की विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य रहे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री के रूप में वे यूरोपीय संसद में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के उपनेता भी रहे। इसके उपरांत, 30 जुलाई 2019 से 18 जुलाई 2022 तक उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
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भारत के 14वें उपराष्ट्रपति बने
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने जगदीप धनखड़ को 6 अगस्त 2022 को आयोजित होने वाले उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार नामित किया था। बताना चाहेंगे उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की ओर से संयुक्त विपक्ष की प्रत्याशी, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यपाल मार्गरेट अल्वा को बड़े अंतर से पराजित कर शानदार जीत दर्ज की थी।
इस दौरान कुल 725 वोट डाले गए, जिनमें से 528 वोट NDA उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को प्राप्त हुए, जबकि 182 वोट संयुक्त विपक्ष की प्रत्याशी मार्गरेट अल्वा को मिले और 15 वोट अमान्य घोषित किए गए। वे लगभग 73% मतों के साथ विजयी हुए थे। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 11 अगस्त 2022 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में श्री जगदीप धनखड़ को भारत के 14वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई थीं।
उपराष्ट्रपति कार्यकाल और पद से इस्तीफा
भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में जगदीप धनखड़ का कार्यकाल लगभग तीन वर्ष रहा। हालांकि उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 21 जुलाई, 2025 को स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल वर्ष 2027 तक निर्धारित था। धनखड़ के इस्तीफे के बाद 12 सितंबर, 2025 को सी. पी. राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए।
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विभिन्न देशों की यात्राएं की
श्री जगदीप धनखड़ ने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, इटली, स्विट्ज़रलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, चीन, हांगकांग, सिंगापुर आदि सहित कई देशों की व्यापक यात्रा की है। उन्हें खेल, संगीत और अध्ययन में विशेष रुचि है।
जगदीप धनखड़ का व्यक्तिगत जीवन
वर्ष 1979 में श्री जगदीप धनखड़ का विवाह डॉ. सुदेश धनखड़ से हुआ था। डॉ. सुदेश ने प्रतिष्ठित बनस्थली विद्यापीठ से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है। उनकी रुचि सामाजिक कार्य, जैविक खेती तथा बच्चों की शिक्षा और उत्थान में है। उनकी पुत्री श्रीमती कामना धनखड़ का विवाह कार्तिकेय वाजपेयी से हुआ है।
FAQs
श्री जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई, 1951 को राजस्थान के झुंझुनू जिले में किठाना नामक गांव में हुआ था।
जगदीप धनखड़ का संबंध राजस्थान राज्य के झुंझुनू जिले के एक छोटे से गाँव ‘किठाना’ से है।
श्री जगदीप धनखड़ भारत के 14वें उपराष्ट्रपति हैं।
जगदीप धनखड़ की पुत्री श्रीमती कामना का विवाह कार्तिकेय वाजपेयी से हुआ है।
जगदीप धनखड़ ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.एससी. और एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है।
वर्ष 2025 में जगदीप धनखड़ की उम्र 74 वर्ष है।
आशा है कि आपको उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ का जीवन परिचय पर आधारित हमारा यह ब्लॉग पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य प्रसिद्ध और महान व्यक्तियों के जीवन परिचय पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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