यदि आप ITI में संबंधित ट्रेड में डिप्लोमा या डिग्री कोर्स पूरा करके ‘औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान’ (ITI) में टीचर यानी इंस्ट्रक्टर बनना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। आईटीआई इंस्ट्रक्टर बनने के लिए आपको शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के साथ ‘क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम’ (CITS) कोर्स पूरा करना होता है, जो ‘राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद’ (NCVT) द्वारा संचालित होता है। यह कोर्स सरकारी और निजी ITI दोनों में इंस्ट्रक्टर बनने के लिए अनिवार्य है। इसके अलावा संबंधित ट्रेड में निर्धारित अवधि का टीचिंग एक्सपीरियंस भी होना आवश्यक है। इस लेख में ITI इंस्ट्रक्टर बनने की पूरी प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी दी गई है।
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ITI में टीचर बनने के लिए योग्यता
ITI में इंस्ट्रक्टर बनने के लिए आवश्यक योग्यता और पात्रता मानदंड ‘राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद’ (NCVT) और ‘प्रशिक्षण महानिदेशालय’ (DGT) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। सामान्यतः आवश्यक योग्यताएं इस प्रकार हैं:
- शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 किसी भी स्ट्रीम से पास करने के बाद, संबंधित ट्रेड में ‘राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद’ (NCVT) द्वारा जारी ‘नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट’ (NTC), ‘नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट’ (NAC) या मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना आवश्यक है।
- CITS कोर्स: ITI में इंस्ट्रक्टर बनने के लिए मुख्यतः NCVT और DGT द्वारा संचालित ‘क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम’ (CITS) के तहत 1 वर्षीय प्रशिक्षण पूरा करना आवश्यक होता है।
- आयु सीमा: CITS कोर्स में सामान्य रूप से किसी ऊपरी आयु सीमा की बाध्यता नहीं होती।
ITI में टीचर कैसे बनें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में टीचर बनने की प्रक्रिया के कुछ प्रमुख चरण इस प्रकार हैं:
स्टेप 1: संबंधित ट्रेड में डिप्लोमा या डिग्री कंप्लीट करें
भारत के किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 10वीं या 12वीं पास करने के बाद आप ‘औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान’ (ITI) से संबंधित ट्रेड में डिप्लोमा प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद आप स्नातक डिग्री भी प्राप्त कर सकते हैं।
स्टेप 2: CITS कोर्स के लिए आवेदन करें
CITS की फुल फॉर्म ‘क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम’ है। यह एक एडवांस्ड लेवल का कोर्स है, जिसे विशेष रूप से ITI पास छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है, जो ITI कॉलेजों में शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
CITS कोर्स में आवेदन के लिए आपके पास संबंधित ट्रेड में राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (NCVT) या राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (SCVT) से ‘नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट’ (NTC) व ‘नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट’ (NAC) होना चाहिए। इसके साथ ही आपके पास 1 वर्ष का वर्क एक्सपीरियंस भी होना चाहिए, जो आपने उसी ट्रेड में किया हो।
अगर आपने ट्रेड से संबंधित क्षेत्र में इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है, तब भी आप इस कोर्स के लिए योग्य हैं। CITS कोर्स में एडमिशन के लिए आपको ‘ऑल इंडिया कॉमन एंट्रेंस टेस्ट’ पास करना होता है, जो वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता है। इस प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद ही आप सीआईटीएस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। यह कोर्स आप ‘राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान’ (NSTI), प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण संस्थान (IToT) या प्राइवेट संस्थान से कर सकते हैं।
स्टेप 3: CITS कोर्स पूरा करें
इस कोर्स में आपको टीचिंग मेथड्स, एडवांस्ड टेक्निकल स्किल्स और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे आप एक कुशल इंस्ट्रक्टर बन सकें। इसके अलावा आपको क्लासरूम मैनेजमेंट, लेसन प्लानिंग और स्टूडेंट हैंडलिंग टेक्निक्स भी सिखाई जाती हैं। CITS कोर्स पूरा करने के बाद आपको ‘राष्ट्रीय प्रशिक्षक प्रमाणपत्र’ मिलता है।
स्टेप 4: शिक्षण अनुभव हासिल करें
CITS कोर्स पूरा करने के बाद आपके पास 3 वर्ष का शिक्षण अनुभव होना आवश्यक है। इसी प्रकार यदि आपने डिप्लोमा किया है, तो आपके पास 2 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। वहीं, यदि आपने B.Tech किया है, तो आपके पास 1 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है। ध्यान रखें कि आप अपनी संबंधित ट्रेड में टेक्निकल जॉब करके भी अनुभव प्राप्त कर सकते हैं, बशर्ते यह अनुभव किसी रजिस्टर्ड कंपनी से प्राप्त किया गया हो।
स्टेप 5: ITI टीचर के रूप में अपना करियर शुरू करें
सरकारी ITI में टीचर की भर्ती ‘कर्मचारी चयन आयोग’ (SSC) या ‘कर्मचारी चयन बोर्ड’ (जैसे MPESB, HSSC आदि) द्वारा की जाती है। चयन प्रक्रिया में आमतौर पर लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन द्वारा फाइनल सिलेक्शन किया जाता है।
वहीं प्राइवेट ITI में कोई राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाती। बल्कि भर्ती सीधे संस्थान द्वारा की आती है। चयन प्रक्रिया में आमतौर पर इंटरव्यू, डेमो क्लास, अनुभव और योग्यता के आधार पर सिलेक्शन किया जाता है। इसके बाद आप ITI टीचर के रूप में अपना करियर शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा आप पॉलिटेक्निक कॉलेज और ट्रेनिंग सेंटर्स में भी पढ़ा सकते हैं।
ITI टीचर की सैलरी
ITI टीचर के रूप में आपकी सैलरी संबंधित ट्रेड तथा सरकारी और प्राइवेट संस्थानों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए, UPSSSC ITI प्रशिक्षक का वेतन 7वें वेतन आयोग के अनुसार INR 35,400 से INR 1,12,400 प्रतिमाह होता है। वहीं, प्राइवेट ITI में AmbitionBox के उपलब्ध डेटा के अनुसार, ITI टीचर की वार्षिक सैलरी INR 1.8 लाख से INR 2.7 लाख के बीच होती है।
FAQs
ITI टीचर बनने के लिए संबंधित ट्रेड में NCVT प्रमाणपत्र, डिप्लोमा व डिग्री के बाद CITS कोर्स करना आवश्यक होता है।
ITI शिक्षक बनने के लिए आपको पहले संबंधित ट्रेड में शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होती है, फिर CITS प्रशिक्षण लेकर राज्य स्तरीय चयन प्रक्रिया में सफल होना पड़ता है।
ITI इंस्ट्रक्टर वह प्रशिक्षित शिक्षक होता है जो औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में विभिन्न ट्रेडों में तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।
सरकारी ITI शिक्षक बनने हेतु पहले संबंधित ट्रेड में NTC, NAC, डिप्लोमा या डिग्री हासिल करनी होती है। इसके बाद CITS प्रशिक्षण पूरा कर राज्य स्तरीय चयन प्रक्रिया उत्तीर्ण करनी होती है।
ITI पूरा करने के बाद आप संबंधित ट्रेड में तकनीकी कर्मचारी, विज़ुअलाइज़ेशन ऑपरेटर, मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, फिटर या तकनीशियन जैसी नौकरी कर सकते हैं।
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हमें आशा है कि इस लेख के माध्यम से आपको ITI में टीचर बनने की प्रक्रिया की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य करियर से जुड़े लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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