CITS कोर्स डिटेल्स: अवधि, प्रवेश परीक्षा (AICET), योग्यता, प्रमुख ट्रेड्स, कॉलेज, फीस, ट्रेनिंग मेथडोलॉजी सिलेबस 

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CITS जिसकी फुल फॉर्म ‘क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम’ है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य लोगों को इंस्ट्रक्टर बनने के लिए जरूरी कौशल और ज्ञान प्रदान करना है। CITS के कोर्स डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (DGT), जो कि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के अंतर्गत आता है, के माध्यम से संचालित किए जाते हैं।

ITI में प्रशिक्षक बनने के लिए CITS प्रशिक्षण को आवश्यक योग्यता माना जाता है, इसलिए इस कोर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह कोर्स आमतौर पर 1 वर्ष का होता है, जिसे 2 सेमेस्टर में विभाजित किया जाता है (कुछ ट्रेड्स में अवधि अलग हो सकती है)। कोर्स पूरा करने पर आपको ‘राष्ट्रीय शिल्प प्रशिक्षक प्रमाण पत्र’ (NCIC) मिलता है, जो NCVET द्वारा मान्यता प्राप्त है।

वर्तमान में क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग 41 ट्रेड्स में दी जा रही है, जो 33 नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स (NSTIs) के माध्यम से संचालित होती है, जिनमें सेंट्रल फील्ड इंस्टीट्यूट्स और 120 IToTs शामिल हैं।

कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने पर ट्रेनी को नेशनल क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट (NCIC) दिया जाता है, जिसे NCVET द्वारा मान्यता प्राप्त है। आइए जानते है इस कोर्स के बारे में विस्तार से जानते हैं आगे।

CITS कोर्स कितने समय का होता है?

CITS प्रोग्राम के तहत परीक्षा प्रणाली वार्षिक होती है सत्र 2025-26 की शुरुआत 25 अगस्त 2025 से हुई थी। इस कोर्स की कुल अवधि लगभग 1200 घंटे + 150 घंटे + 240 घंटे की होती है। इसमें 150 घंटे का हिस्सा OJT (On the Job Training) या ग्रुप प्रोजेक्ट के रूप में अनिवार्य होता है, जबकि 240 घंटे का कोर्स ऑप्शनल होता है।

CITS में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा (AICET)

CITS कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको ऑल इंडिया कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (AICET) देना होता है। यह परीक्षा डीजीटी (DGT) द्वारा आयोजित की जाती है और CITS में प्रवेश के लिए अनिवार्य होती है। यह एक ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम है, जिसकी कुल अवधि 2 घंटे होती है। इसमें अधिकतर प्रश्न (लगभग 75%) आपके चुने गए ट्रेड के CTS सिलेबस पर आधारित होते हैं, जबकि बाकी प्रश्न (25%) आपकी लॉजिकल, न्यूमेरिकल और रीजनिंग क्षमता को जांचते हैं। इस परीक्षा के माध्यम से यह आंका जाता है कि आप इंस्ट्रक्टर बनने के लिए कितने योग्य हैं।

AICET पास करने के बाद आपको केंद्रीकृत काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होता है, जिसमें आपकी मेरिट और चॉइस फिलिंग के आधार पर ट्रेड और संस्थान (NSTI/IToT) में सीट आवंटित की जाती है।

अगर आप CITS कोर्स करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको AICET के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। प्रवेश परीक्षा शुल्क जनरल वर्ग के लिए INR 500, SC / ST / PH / EWS / महिला उम्मीदवारों के लिए INR 300 है और फीस का भुगतान ऑनलाइन माध्यम (UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग आदि) से किया जाता है।

आवेदन करने के लिए आप नीचे दिए गए आधिकारिक वेबसाइट लिंक का उपयोग कर सकते हैं:

  • http://nimionlineadmission.in
  • http://nimi.gov.in
  • http://dgt.gov.in

CITS के लिए योग्यता

CITS कोर्स में एडमिशन लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें होती हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है।

  • शैक्षणिक योग्यता:
    • NTC / NAC / डिप्लोमा / डिग्री (मान्यता प्राप्त संस्थान से) जरूरी है।
    • SCVT उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन CoE उम्मीदवार योग्य नहीं होते।
    • पढ़ाई कर रहे (अपियरिंग) उम्मीदवार भी अस्थायी रूप से आवेदन कर सकते हैं।
  • आयु सीमा:
    • न्यूनतम आयु 16 वर्ष होनी चाहिए।
    • अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है।

यहाँ NTC (नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट) आईटीआई कोर्स पूरा करने के बाद दिया जाता है, जबकि NAC (नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट) अप्रेंटिसशिप (ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग) पूरी करने के बाद मिलता है।

CITS कोर्स के प्रमुख ट्रेड्स और उनकी योग्यता

CITS कोर्स के तहत कई अलग-अलग ट्रेड्स उपलब्ध हैं, जिनमें एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित क्षेत्र में डिग्री, डिप्लोमा या आईटीआई (NTC/NAC) की योग्यता होना जरूरी होता है। कुछ मामलों में सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों के लिए संबंधित क्षेत्र में अनुभव भी मान्य होता है। इसके अलावा, कुछ ट्रेड्स में अतिरिक्त शर्तें जैसे ड्राइविंग लाइसेंस आदि भी जरूरी हो सकते हैं। नीचे सभी प्रमुख ट्रेड्स और उनकी योग्यता का विवरण दिया गया है:

ट्रेड का नामयोग्यता
एरोनॉटिकल स्ट्रक्चर एंड इक्विपमेंट फिटरएरोनॉटिकल/मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री / बी.वोक / 3 साल का डिप्लोमा / संबंधित आईटीआई (NTC/NAC) या 15 साल का एयर फोर्स अनुभव
आर्किटेक्चरल ड्राफ्ट्समैनआर्किटेक्चर में डिग्री / 3 साल का डिप्लोमा / आईटीआई (NTC/NAC) या 15 साल का सशस्त्र बल अनुभव
कैटरिंग एंड हॉस्पिटैलिटीहोटल मैनेजमेंट/हॉस्पिटैलिटी में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई (फूड प्रोडक्शन आदि) या 15 साल अनुभव
कंप्यूटर एडेड एम्ब्रॉयडरी एंड डिजाइनिंगटेक्सटाइल/फैशन में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंगकंप्यूटर/आईटी/इलेक्ट्रॉनिक्स में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एप्लीकेशनकंप्यूटर/आईटी में डिग्री / पोस्ट ग्रेजुएट / NIELIT / PGDCA / डिप्लोमा / आईटीआई (COPA) या 15 साल अनुभव
कॉस्मेटोलॉजीब्यूटी/कॉस्मेटोलॉजी में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
डेस्कटॉप पब्लिशिंग ऑपरेटरकंप्यूटर/आईटी/प्रिंटिंग में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
ड्राफ्ट्समैन सिविलसिविल इंजीनियरिंग में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
ड्राफ्ट्समैन मैकेनिकलमैकेनिकल/प्रोडक्शन में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
ड्रेस मेकिंगफैशन/अपैरल में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई (1 वर्ष) या 15 साल अनुभव
इलेक्ट्रिशियनइलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिकइलेक्ट्रॉनिक्स/कम्युनिकेशन में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजीफैशन डिजाइनिंग में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई (NTC/NAC) या 15 साल अनुभव
फिटरमैकेनिकल/प्रोडक्शन में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
फ्रूट्स एंड वेजिटेबल प्रोसेसिंगफूड टेक्नोलॉजी में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
फाउंड्रीमैनमैकेनिकल/मेटलर्जी में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजीकंप्यूटर/आईटी में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
इंस्ट्रूमेंट मैकेनिकइंस्ट्रूमेंटेशन/कंट्रोल में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
इंटीरियर डिजाइन एंड डेकोरेशनइंटीरियर डिजाइन/सिविल/आर्किटेक्चर में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
मशीनिस्ट (ग्राइंडर)मैकेनिकल में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
मशीनिस्ट एंड ऑपरेटर एडवांस मशीन टूलमैकेनिकल/मेकाट्रॉनिक्स में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
मैकेनिक एग्रीकल्चरल मशीनरीएग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
मैकेनिक डीजलमैकेनिकल/ऑटोमोबाइल में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई + ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य
मैकेनिक मशीन टूल मेंटेनेंसमैकेनिकल में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई या 15 साल अनुभव
मैकेनिक रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंगमैकेनिकल में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई (RAC) या 15 साल अनुभव
मैकेनिक मोटर व्हीकलमैकेनिकल/ऑटोमोबाइल में डिग्री / डिप्लोमा / आईटीआई + ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य

CITS के लिए कॉलेज (NSTI संस्थान सूची)

CITS (क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम) कोर्स देशभर के विभिन्न NSTI (नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट्स) और IToT (इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) संस्थानों में कराया जाता है। नीचे ऐसे प्रमुख संस्थानों की सूची दी गई है, जहाँ आप CITS कोर्स के लिए एडमिशन ले सकते हैं:

NSTI कानपुरNSTI (Women) इलाहाबादNSTI देहरादून
NSTI हल्द्वानीNSTI भुवनेश्वरNSTI (Women) बेंगलुरु
NSTI बेंगलुरुNSTI कालीकटNSTI (Women) तिरुवनंतपुरम
NSTI (Women) वडोदराNSTI (Women) गोवाNSTI (Women) जम्मू
NSTI जमशेदपुरNSTI (Women) त्रिचीNSTI चेन्नई (ATI)
NSTI हैदराबाद (रामनगर)NSTI हैदराबाद (विद्यानगर)NSTI (Women) अगरतला
NSTI (Women) मोहालीNSTI (Women) हैदराबादNSTI लुधियाना
NSTI (Women) कोलकाताNSTI हावड़ाNSTI (Women) पटना
NSTI (Women) इंदौरNSTI (Women) मुंबईNSTI तुरा
NSTI मुंबईNSTI (Women) जयपुरNSTI जोधपुर
NSTI (Women) पानीपतNSTI (Women) शिमला

CITS कोर्स फीस

CITS कोर्स की फीस NSTI संस्थानों में तय नियमों के अनुसार ली जाती है और यह आपकी कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। महिलाओं के लिए फीस में छूट सरकारी नियमों के अनुसार दी जाती है। वहीं, राज्य सरकार और प्राइवेट IToT संस्थानों में फीस का स्ट्रक्चर अलग हो सकता है, इसलिए सटीक जानकारी के लिए संबंधित संस्थान से संपर्क करना बेहतर रहता है। नीचे फीस का सामान्य विवरण दिया गया है:

फीस प्रकारसामान्यSC/ST/PH/EWSगवर्नमेंट स्पॉन्सर्ड कैंडिडेट
एडमिशन फीसINR 100INR 25INR 100
रजिस्ट्रेशन फीसINR 50NilNil
सिक्योरिटी डिपॉजिट (रिफंडेबल)INR 250INR 250INR 250
जिमखाना फीसINR 100NilINR 100
लाइब्रेरी डिपॉजिटINR 20INR 20INR 20
ट्यूशन फीसINR 900 (हर 6 महीने)INR 300 (हर 6 महीने)Nil
एग्जाम फीसINR 100INR 25INR 100
कुल वार्षिक फीसINR 2420INR 920INR 570

CITS सिलेबस (ट्रेनिंग मेथडोलॉजी)

CITS कोर्स में सभी ट्रेड्स के लिए एक कॉमन ट्रेनिंग मेथडोलॉजी सिलेबस होता है। इसमें इंस्ट्रक्टर की भूमिका, पढ़ाने के तरीके, साइकोलॉजी, कम्युनिकेशन, टेस्टिंग, क्लास मैनेजमेंट और नई टेक्नोलॉजी जैसी जरूरी चीजें शामिल होती हैं। नीचे इसका संक्षिप्त और समझने योग्य विवरण दिया गया है:

यूनिटमुख्य विषय
1इंस्ट्रक्टर की भूमिका, ट्रेनिंग और एजुकेशन का अंतर, अच्छे इंस्ट्रक्टर के गुण
2लर्निंग साइकोलॉजी, मोटिवेशन, सीखने के सिद्धांत (पावलोव, स्किनर आदि)
3सिलेबस समझना और कोर्स प्लान बनाना (इंस्ट्रक्शन डिज़ाइन, टाइम मैनेजमेंट)
4लेसन प्लान, स्किल सिखाने के स्टेप्स, क्वेश्चनिंग टेक्नीक
5कम्युनिकेशन स्किल, टीचिंग एड्स (ब्लैकबोर्ड, प्रोजेक्टर आदि), माइक्रो टीचिंग
6लिखित ट्रेनिंग मटेरियल (WIM), जॉब शीट, रिकॉर्ड मेंटेन करना
7टेस्ट और इवैल्यूएशन, क्वेश्चन पेपर बनाना, असेसमेंट सिस्टम
8वर्कशॉप और क्लास मैनेजमेंट, सेफ्टी, 5S और हाउसकीपिंग
9काउंसलिंग और मेंटरिंग, स्ट्रेंथ-वीकनेस पहचानना, इंटरव्यू तैयारी
10एंटरप्रेन्योरशिप, टाइम मैनेजमेंट, स्ट्रेस मैनेजमेंट
11ICT और इंटरनेट, डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन टीचिंग
12NSQF, QP, NOS और लर्निंग आउटकम समझना
13एडल्ट लर्निंग प्रिंसिपल (बड़ों को सिखाने के तरीके)
14प्रोफेशनल डेवलपमेंट, करियर ग्रोथ प्लान
15कम्युनिकेशन, जॉब रेडीनेस, इंटरव्यू स्किल्स
16नई टेक्नोलॉजी (AI, IoT, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड, 3D प्रिंटिंग आदि)

CITS कोर्स सिलेबस ऑफिशियल PDF

ट्रेड वाइज CITS कोर्स का डिटेल्ड सिलेबस इस लिंक के द्वारा देख सकते हैं।

CITS कोर्स करने के बाद क्या करें?

CITS कोर्स करने के बाद आप निम्नलिखित क्षेत्रों में काम करने में सक्षम होते हैं:

  • आप इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) में इंस्ट्रक्टर बनकर छात्रों को सही तरीके से स्किल ट्रेनिंग दे सकते हैं।
  • आप शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म स्कीम्स के तहत एक प्रमाणित इंस्ट्रक्टर के रूप में ट्रेनिंग दे सकते हैं।
  • आप उद्योगों (कंपनियों) में ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर बनकर कर्मचारियों के कौशल को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
  • आप वोकेशनल ट्रेनिंग के क्षेत्र में एक प्रोफेशनल के रूप में देश-विदेश में अवसर पा सकते हैं।
  • आप रिटन इंस्ट्रक्शनल मैटेरियल (WIM) और ई-लर्निंग कंटेंट डेवलपर बनकर ट्रेनिंग से जुड़ी पढ़ाई की सामग्री तैयार कर सकते हैं।

FAQs

CITS में सीटों का आरक्षण कैसे होता है?

CITS में एडमिशन के दौरान सीटों का आरक्षण केंद्र सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार किया जाता है। यानी SC, ST, OBC, EWS आदि वर्गों के लिए सीटें सरकारी नियमों के अनुसार निर्धारित होती हैं।

CITS कोर्स कितने साल का होता है?

CITS कोर्स आमतौर पर 1 वर्ष का होता है, जिसे 2 सेमेस्टर में विभाजित किया जाता है। 

CITS का पूरा नाम हिंदी में क्या है?

CITS का फुल फॉर्म Craft Instructor Training Scheme (क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम) है, जिसे हिंदी में शिल्प अनुदेशक प्रशिक्षण योजना कहा जाता है।

CITS कोर्स की फीस कितनी होती है?

CITS की फीस कैटेगरी के अनुसार अलग होती है, जो लगभग INR 570 से INR 2,420 तक हो सकती है।

भारत में कितने CITS कॉलेज हैं?

भारत में लगभग 45–55 CITS कॉलेज (NSTI और IToT) मौजूद हैं, जहां यह कोर्स कराया जाता है।

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