भारत में आर्थिक धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और हाई-प्रोफाइल अपराधों की जांच के लिए काम करने वाली प्रमुख एजेंसी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (CBI) है, जो कानूनी रूप से दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत कार्य करती है। इसी एजेंसी में सब-इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और DSP जैसे पदों पर अधिकारी काम करते हैं, जिन्हें आम तौर पर SSC कंबाइंड लेवल एग्जामिनेशन या सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन जैसे कॉम्पटेटिव एग्जाम के माध्यम से चुना जाता है। यदि आप सीबीआई ऑफिसर बनकर अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं तो इस लेख में आपके लिए सीबीआई ऑफिसर बनने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।
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सीबीआई ऑफिसर की जिम्मेदारियां
सीबीआई ऑफिसर के रूप में कई जिम्मेदारियों को निभाना पड़ता है, उनमें से कुछ नीचे बताई गई हैं:
- भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच करना: CBI अधिकारियों का मुख्य काम सरकारी विभागों में होने वाले भ्रष्टाचार की जांच करना होता है। इसमें रिश्वतखोरी, पद का दुरुपयोग, और सरकारी फंड के गलत उपयोग जैसे मामलों की जांच शामिल होती है।
- आर्थिक अपराधों की जांच करना: बैंक धोखाधड़ी, बड़े वित्तीय घोटाले, फर्जी कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराधों की जांच भी CBI अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इन मामलों में अक्सर बड़े दस्तावेज़ और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करनी पड़ती है।
- महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों की जांच करना: कई बार राज्य सरकार या अदालत गंभीर अपराधों की जांच CBI को सौंप देती है। ऐसे मामलों में हत्या, संगठित अपराध या बड़े आपराधिक नेटवर्क की गहन जांच CBI अधिकारी करते हैं।
- साक्ष्य एकत्र करना और उनका विश्लेषण करना: किसी भी केस को मजबूत बनाने के लिए अधिकारी घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य, डिजिटल डेटा और गवाहों के बयान इकट्ठा करते हैं। इसके बाद इन साक्ष्यों का कानूनी तरीके से विश्लेषण किया जाता है।
- पूछताछ और बयान दर्ज करना: संदिग्ध व्यक्तियों, गवाहों और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ करना भी CBI अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। पूछताछ के दौरान प्राप्त जानकारी को केस डायरी में दर्ज किया जाता है।
- न्यायालय में केस प्रस्तुत करना: जांच पूरी होने के बाद CBI अधिकारी अदालत में चार्जशीट दाखिल करते हैं और केस से संबंधित तथ्य प्रस्तुत करते हैं, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके।
- अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करना: कई मामलों में CBI अधिकारियों को राज्य पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना पड़ता है, जिससे जांच अधिक सटीक और प्रभावी बन सके।
CBI के प्रमुख डिवीजन और उनके प्रमुख कार्य
CBI में कोई भी एक ऑफिसर सारे काम नहीं करता है, बल्कि इस विभाग में कार्यों को डिवीजन के अनुसार निर्धारित किया जाता है। CBI के हर डिवीजन की कार्यशैली और जिम्मेदारियां हर दूसरे डिवीजन से अलग होती है। यहाँ दी गई निम्नलिखित टेबल में आपके लिए CBI के प्रमुख डिवीजन और उनके प्रमुख कार्यों की जानकारी दी गई है –
| CBI का प्रमुख डिवीजन | मुख्य कार्य और जिम्मेदारियाँ |
| भ्रष्टाचार निरोधक डिवीजन (Anti-Corruption Division) | यह डिवीजन केंद्र सरकार के विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और सरकारी अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करता है। रिश्वतखोरी, पद के दुरुपयोग, सरकारी संसाधनों के गलत इस्तेमाल और आय से अधिक संपत्ति जैसे मामलों की जांच मुख्य रूप से इसी डिवीजन के अंतर्गत आती है। |
| आर्थिक अपराध डिवीजन (Economic Offences Division) | यह डिवीजन बैंकिंग धोखाधड़ी, फाइनेंशियल स्कैम, कॉरपोरेट फ्रॉड, बड़े आर्थिक अपराध और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों की जांच करता है। उदाहरण के तौर पर बैंक लोन फ्रॉड, बहु-करोड़ घोटाले और कंपनियों द्वारा किए गए आर्थिक अपराध इसी डिवीजन के तहत जांचे जाते हैं। |
| विशेष अपराध डिवीजन (Special Crimes Division) | यह डिवीजन ऐसे गंभीर और संवेदनशील आपराधिक मामलों की जांच करता है जो राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसमें हत्या, अपहरण, संगठित अपराध, बड़े घोटाले या ऐसे मामले शामिल हो सकते हैं जिन्हें राज्य पुलिस से हटाकर CBI को सौंप दिया जाता है। |
| नीति एवं समन्वय डिवीजन (Policy & Coordination Division) | यह डिवीजन CBI के प्रशासनिक और समन्वय कार्यों को संभालता है। इसमें अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, जैसे इंटरपोल से सहयोग, नीति निर्माण, ट्रेनिंग कार्यक्रमों का समन्वय और विभिन्न जांच इकाइयों के बीच तालमेल बनाए रखना शामिल होता है। |
सीबीआई ऑफिसर बनने के मुख्य तरीके
सीबीआई ऑफिसर बनने के लिए आपके पास SSC CGL और UPSC परीक्षा जैसे दो प्रमुख तरीके होते हैं। इसके अलावा डिपार्टमेंटल प्रोमोशन भी एक प्रमुख रास्ता है जो उन कर्मचारियों के लिए होता है जो पहले से ही जांच एजेंसियों या पुलिस सेवा में काम कर रहे हैं और बाद में उच्च पदों पर प्रोमोशन पाना चाहते हैं। सीबीआई ऑफिसर बनने के लिए आप निम्नलिखित सरकारी सेवाओं या परीक्षाओं में आवेदन कर सकते हैं –
| एंट्री का तरीका | संबंधित परीक्षा / प्रक्रिया | शुरुआती पद |
| SSC CGL के माध्यम से भर्ती | SSC कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जामिनेशन | सब-इंस्पेक्टर (SI) |
| UPSC सिविल सेवा के माध्यम से | सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन | DSP / SP स्तर |
| विभागीय प्रमोशन | आंतरिक चयन प्रक्रिया | इंस्पेक्टर / DSP |
सीबीआई ऑफिसर बनने के लिए आवश्यक स्किल्स
सीबीआई ऑफिसर बनने के लिए आप में निम्नलिखित आवश्यक स्किल्स होनी चाहिए, जो आपको इस पद के योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं –
- एनालिटिकल एंड लॉजिकल थिंकिंग
- अटेंशन टू डिटेल
- ऑब्ज़र्वेशनल स्किल्स
- पेशेंस एंड रेजेलिएंस
- लीडरशिप स्किल्स
- टाइम मैनेजमेंट स्किल
- कम्युनिकेशन स्किल
- टीमवर्क स्किल
- फिजिकल फिटनेस
- मेन्टल टफनेस
- टेक्निकल अंडरस्टैंडिंग
- सिचुएशनल अवेयरनेस
- लीगल नॉलेज
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सीबीआई ऑफिसर बनने के लिए योग्यता
सीबीआई ऑफिसर के रूप में आपकी नियुक्ति सब-इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, DSP, SP जैसे कई पद पर होती हैं। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया CBI ऑफिसर बनने के तीनों तरीकों पर अलग-अलग होती है, परिणामस्वरूप आपको इसके लिए आवश्यक योग्यताओं में भी अंतर देखने को मिल सकता है, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है –
SSC CGL के माध्यम से CBI में सब-इंस्पेक्टर बनने के लिए आवश्यक योग्यता
SSC CGL परीक्षा भारत में CBI में प्रवेश करने का सबसे सामान्य और लोकप्रिय तरीका है। इस परीक्षा के माध्यम से आपका चयन CBI में सब-इंस्पेक्टर पद पर नियुक्त होते हैं।
- शैक्षणिक योग्यता: इस पद पर नियुक्ति के लिए और SSC CGL परीक्षा के आपके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम (साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स) में ग्रेजुएशन डिग्री का होना अनिवार्य है। SSC CGL परीक्षा को पास करने के बाद आप CBI में सब-इंस्पेक्टर की आगे की प्रक्रिया के लिए योग्य होते हैं।
- आयु सीमा: इसमें सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा लगभग 20 से 30 वर्ष होती है। हालाँकि SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in के अनुसार आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों जैसे – OBC उम्मीदवारों 3 वर्ष, SC/ST उम्मीदवारों 5 वर्ष और अन्य आरक्षित वर्गों PwD (जनरल – 10 वर्ष, ओबीसी – 13 वर्ष और SC/ST – 15 वर्ष) को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलती है।
- राष्ट्रीयता: इस परीक्षा में आवेदन करने और इस माध्यम से सीबीआई ऑफिसर बनने के लिए आपका भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।
- शारीरिक मानक: इसमें पुरुष उम्मीदवार की न्यूनतम ऊँचाई लगभग 165 सेमी और महिला उम्मीदवार के लिए न्यूनतम ऊँचाई लगभग 150 सेमी निर्धारित होती है। इसमें पहाड़ी और आदिवासी आप को छूट मिलती है। इसके अलावा केवल पुरुषों के लिए छाती फुलाने के साथ न्यूनतम छाती माप 76cm होता है।
- दृष्टि (विज़न स्टैंडर्ड): सामान्यतः दूर दृष्टि के लिए आपकी आँखों की रोशनी एक आंख से 6/6 और दूसरी आँख से (बिना चश्मे के) 6/9 होनी चाहिए। साथ ही निकट दृष्टि के लिए आपकी आँखों की रोशनी एक आंख से 0.6 और दूसरी आँख से 0.8 होनी चाहिए।
UPSC के माध्यम से CBI में DSP / SP स्तर पर नियुक्ति की योग्यता
CBI के कई वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति सीधे भर्ती से नहीं होती, बल्कि IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति (deputation) के माध्यम से होती है। सबसे पहले आपको IPS अधिकारी बनने के लिए यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा पास करनी होती है।
- शैक्षणिक योग्यता: इस पद पर नियुक्ति के लिए आपके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम (साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स) में ग्रेजुएशन डिग्री का होना अनिवार्य है।
- आयु सीमा: इसमें सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा लगभग 21 से 32 वर्ष होती है। हालाँकि OBC उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष, SC/ST उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 से 37 वर्ष और अन्य आरक्षित वर्गों को सरकार के नियमों के अनुसार अतिरिक्त आयु में छूट मिलती है।
- राष्ट्रीयता: इस परीक्षा में बैठने के लिए आपका भारतीय नागरिक होना जरुरी है। इसके अलावा नेपाल / भूटान के नागरिक या 1 जनवरी 1962 से पहले भारत में आए तिब्बती शरणार्थी (जो स्थायी रूप से भारत में बसने के उद्देश्य से आए हों) भी इस परीक्षा में बैठ सकते हैं।
- शारीरिक मानक: इसमें पुरुष उम्मीदवार की न्यूनतम ऊँचाई लगभग 165 सेमी और महिला उम्मीदवार के लिए न्यूनतम ऊँचाई लगभग 150 सेमी निर्धारित होती है। इसमें पहाड़ी और आदिवासी आप को छूट मिलती है। इसके अलावा केवल पुरुषों के लिए छाती फुलाने के साथ न्यूनतम छाती माप 84cm होता है। इसके अतिरिक्त आप UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in को विजिट करके आवेदन से पहले योग्यता से जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अन्य विभागीय प्रमोशन के माध्यम से CBI ऑफिसर बनने की योग्यता
CBI में कुछ पद आंतरिक प्रमोशन के माध्यम से भी भरे जाते हैं। इसका मतलब यह है कि पहले से सरकारी विभागों जैसे – राज्य पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (जैसे BSF, CRPF) या बैंक के सतर्कता विभाग (Vigilance) के अधिकारी या CBI में कार्यरत व्यक्ति अनुभव के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करते हैं।
- सरकारी सेवा का अनुभव: आप पहले से किसी सरकारी जांच एजेंसी या पुलिस विभाग में कार्यरत होना चाहिए।
- सेवा रिकॉर्ड: अच्छा सेवा रिकॉर्ड और अनुशासन महत्वपूर्ण माना जाता है।
- अनुभव: कई वर्षों की सेवा के बाद अधिकारी को सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर और आगे DSP पद पर प्रमोशन मिल सकता है।
सीबीआई ऑफिसर बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड
भारत में सीबीआई ऑफिसर बनने के लिए सीधी भर्ती परीक्षा नहीं होती है लेकिन CBI डिपार्मेंट में नौकरी पाने के दो रास्ते हैं। एक यह कि आप SSC कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जामिनेशन के माध्यम से CBI सब-इंस्पेटकर बन सकते हो। दूसरा रास्ता यह है कि UPSC एग्जाम पास करके IPS बनने के बाद कुछ वर्षों का अनुभव लेने के बाद CBI में उच्च पदों जैसे DSP या SP के पद पर नियुक्त हो सकते हैं। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि CBI में प्रवेश का मुख्य रास्ता SSC CGL या UPSC सिविल सेवा परीक्षा है, जिनकी विस्तृत जानकारी निम्नलिखित स्टेप्स के माध्यम से दी गई है –
SSC CGL परीक्षा के माध्यम से CBI ऑफिसर बनने के स्टेप
यहां SSC CGL परीक्षा के माध्यम से CBI ऑफिसर बनने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड दी गई है, जो इस प्रकार है –
स्टेप 1: आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी करें
SSC की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार CBI में सब-इंस्पेक्टर बनने के लिए आपके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अलावा इस परीक्षा में आवेदन के लिए आपकी नागरिकता भारतीय होनी चाहिए। SSC CGL की परीक्षा के माध्यम से CBI ऑफिसर बनने की रणनीति बनाने से पहले आपको इसकी आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी कर लेनी चाहिए। आवश्यक योग्यताओं को पूरा करने के बाद आप इस परीक्षा में बैठने या आगे के चरणों में किसी समस्या का सामना किए बिना अपनी रणनीति तैयार कर सकते हैं।
स्टेप 2: SSC CGL परीक्षा के लिए आवेदन करें
SSC CGL परीक्षा के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के बाद आप SSC की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ssc.gov.in के माध्यम से SSC CGL परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। SSC CGL परीक्षा में आवेदन करने के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं, इसके बाद आप अपना वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) करें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आप SSC CGL परीक्षा का आवेदन भरें, जिसमें आपको आपकी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और आवश्यक दस्तावेज को समय पर सबमिट करना होता है। इसके बाद परीक्षा शुल्क जमा करने और परीक्षा केंद्र की जानकारी भरने के साथ अपनी आवेदन प्रक्रिया को पूरा करें।
स्टेप 3: SSC CGL परीक्षा के लिए रणनीति बनाएं और परीक्षा चरण को समझें
SSC CGL परीक्षा के लिए आवेदन करने के बाद बिना समय गवाए अपनी परीक्षा की तैयारी को शुरू कर देना चाहिए, इसके लिए सबसे पहले आपका ये जानना जरुरी है कि परीक्षा कितने चरणों में और किस प्रकार की होती है। SSC CGL परीक्षा मुख्य रूप से टियर-1, टियर-2, फिजिकल और मेडिकल टेस्ट जैसे चरणों में पूरी होती है। इन सभी परीक्षा चरणों के लिए आपको एक सशक्त रणनीति बनानी चाहिए जो आपको परीक्षा के हर पड़ाव को पास करने में सहायक साबित हो सकती हैं।
स्टेप 4: SSC CGL टियर-1 परीक्षा को पास करें
SSC CGL परीक्षा के चरणों को जानने और SSC CGL टियर-1 परीक्षा के लिए सही रणनीति के साथ आप टियर-1 परीक्षा को पास करें। इस परीक्षा की अवधि एक घंटा होती है जिसमें आपसे जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और अंग्रेजी भाषा से ऑब्जेक्टिव (MCQ) टाइप के प्रश्नों को पूछा जाता है। इस परीक्षा में आपका अगले चरण में चयन मेरिट के आधार पर होता है।
स्टेप 5: SSC CGL टियर-2 परीक्षा को पास करें
SSC CGL टियर-1 परीक्षा को पास करने के बाद आपको टियर-2 परीक्षा को पास करना होता है। इस परीक्षा की अवधि 2 घंटा होती है जिसमें आपसे क्वांटिटेटिव एबिलिटीज, अंग्रेजी भाषा और समझ के साथ-साथ, कुछ पोस्ट के लिए स्टैटिस्टिक्स या फाइनेंस जैसे विषयों से ऑब्जेक्टिव (MCQ) टाइप के प्रश्नों को पूछा जाता है। मेरिट के आधार पर ही आपका अगले चरण में चयन होता है।
स्टेप 6: शारीरिक मानक परीक्षण और दस्तावेज़ सत्यापन प्रोसेस का हिस्सा बनें
CBI में सब-इंस्पेक्टर पद के लिए लिखित परीक्षा को पास करने के बाद आपको फिजिकल स्टैंडर्ड्स टेस्ट (PST) और दस्तावेज़ सत्यापन प्रोसेस से होकर गुजरना पड़ता है। इसमें आपकी ऊँचाई, छाती का माप और दृष्टि से जुड़े मानदंडों की जांच होती है। इसके अलावा आप के शैक्षणिक प्रमाणपत्र और पहचान के लिए आपके दस्तावेजों की भी पुष्टि की जाती है। इन सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही आपका चयन सूची में नाम शामिल किया जाता है और आपको आगे ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है।
स्टेप 7: ट्रेनिंग के बाद अपनी नियुक्ति पाएं
शारीरिक मानक परीक्षण और दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आपको ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है, जहाँ आपको जांच प्रक्रिया, कानून और अपराध विश्लेषण से जुड़ी जानकारी दी जाती है। ट्रेनिंग के दौरान केस स्टडी, पूछताछ तकनीक, साक्ष्य संग्रह और फॉरेंसिक से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक शिक्षा दी जाती है। ट्रेनिंग पूरा होने के बाद आपको CBI के विभिन्न कार्यालयों में सब-इंस्पेक्टर पद पर नियुक्त किया जाता है और यहीं से आपका करियर शुरू होता है।
UPSC परीक्षा के माध्यम से CBI में अधिकारी बनने के स्टेप
यहाँ यहां UPSC परीक्षा के माध्यम से CBI ऑफिसर बनने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड दी गई है, जो इस प्रकार है –
स्टेप 1: सिविल सेवा परीक्षा के लिए पात्रता प्राप्त करें
UPSC परीक्षा के माध्यम से CBI में अधिकारी बनने का एक प्रमुख रास्ता सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन है। इसके लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करना अनिवार्य होता है। सिविल सेवा परीक्षा के लिए पात्रता प्राप्त करने के बाद आपको UPSC की परीक्षा के लिए बैठना पड़ता है। इसकी पात्रता पूरी करने के बाद आपको UPSC परीक्षा के लिए आवेदन करना पड़ता है।
स्टेप 2: UPSC सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करें
सिविल सेवा परीक्षा के लिए पात्रता प्राप्त करने के बाद अब आपको UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर सिविल सेवा परीक्षा (IAS/IPS परीक्षा) का फॉर्म भरना होता है। यह परीक्षा हर साल UPSC द्वारा आयोजित की जाती है और इसके माध्यम से आपकी भारत की शीर्ष सेवाओं (जैसे – IAS, IPS, IFS और अन्य केंद्रीय सेवाएँ) में भर्ती होती है।
स्टेप 2: UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करें
UPSC सिविल सेवा परीक्षा में आवेदन के बाद आपको इसकी परीक्षा को पास करना होता है। यह परीक्षा तीन चरणों जैसे – प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से आयोजित होती है। UPSC की प्रारंभिक परीक्षा में आपसे ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों को पूछा जाता है। इसके बाद आपको UPSC की मुख्य परीक्षा पास करनी होती है जिसमें कुल 9 पेपर होते हैं, इसमें निबंध, सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय शामिल होते हैं। दोनों परीक्षाओं को पास करने के बाद आपको इंटरव्यू प्रक्रिया में भी पास होना होता है, जिसके बाद ही आपका नाम अंतिम मेरिट लिस्ट में आता है।
स्टेप 3: IPS अधिकारी बनकर CBI में नियुक्ति
UPSC परीक्षा के तीनों चरणों को पास करने के बाद आपकी नियुक्ति CBI में ऑफिसर बनने के लिए आप IPS अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद आपको कुछ वर्षों के सेवा अनुभव के बाद प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर CBI में भेजा जाता है। CBI में IPS अधिकारियों के सामान्य पद DSP, SP और जॉइंट डायरेक्टर होते हैं, IPS अधिकारी के रूप में अपनी सेवाओं के बाद मिलने वाले प्रोमोशन में आप इन्हीं पदों पर नियुक्त होते हैं। इस प्रकार आप UPSC के माध्यम से भी सीबीआई ऑफिसर बन सकते हैं।
स्टेप 4: अनुभव के साथ करियर ग्रोथ
CBI में नियुक्ति के बाद अधिकारी को विभिन्न प्रकार के मामलों की जांच करने का अनुभव मिलता है। डिपार्टमेंट को दिए गए समय और सेवा अनुभव के आधार पर आपको आगे प्रोमोशन भी मिलता रहता है। इसमें अनुभव के साथ आप सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर, फिर DSP और आगे SP जैसे पदों तक करियर ग्रोथ पा सकते हैं। उच्च स्तर पर CBI अधिकारी बनने के बाद आप राष्ट्रीय स्तर के संवेदनशील मामलों की जांच करते हैं और इसी दौरान आपको विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने का अवसर मिलता हैं।
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सीबीआई ऑफिसर बनने के बाद करियर ग्रोथ और सैलरी
सीबीआई ऑफिसर बनने के बाद करियर ग्रोथ और सैलरी आपके पद के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां करियर ग्रोथ एंड अनुमानित सैलरी रेंज सरकारी आंकड़ों के आधार पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार नीचे दी गई है:
| पद / रैंक | पे लेवल (7वां वेतन) | बेसिक सैलरी रेंज (INR) | अनुमानित इन-हैंड सैलरी प्रतिमाह (INR) |
| सब-इंस्पेक्टर (CBI) | लेवल-7 | INR 44,900 – INR 1,42,400 | INR 55,000 – INR 80,000 |
| इंस्पेक्टर (CBI) | लेवल-8 | INR 47,600 – INR 1,51,100 | INR 75,000 – INR 1,00,000 |
| डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) | लेवल-10 | INR 56,100 – INR 1,77,500 | INR 90,000 – INR 1,30,000 |
| सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) | लेवल-11 | INR 67,700 – INR 2,08,700 | INR 1.2 लाख – INR 1.6 लाख |
| सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) | लेवल-12 | INR 78,800 – INR 2,09,200 | INR 1.5 लाख – INR 2 लाख |
नोट – यह जानकारी विभिन्न सोर्स से ली गई है, जिसमें बदलाव संभव है।
FAQs
सीबीआई अधिकारी बनने के लिए आमतौर पर स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जामिनेशन देनी होती है। इस परीक्षा के माध्यम से सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती होती है। इसके अलावा कुछ वरिष्ठ पदों पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा से भी नियुक्ति हो सकती है।
सीबीआई ऑफिसर बनने के लिए आपको सबसे पहले किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री को प्राप्त करना होता है, इसके बाद आपको एसएससी-सीजीएल या यूपीएससी परीक्षा के सभी स्टेप्स क्लियर करके आप एक सीबीआई ऑफिसर बन सकते हैं।
नहीं, 12वीं के बाद सीधे सीबीआई अधिकारी नहीं बन सकते। पहले किसी भी विषय में ग्रेजुएशन डिग्री के बाद संबंधित प्रतियोगी परीक्षा देकर चयन प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता है।
सीबीआई अधिकारी का मुख्य काम देश से जुड़े बड़े अपराधों की जांच करना होता है। इसमें भ्रष्टाचार के मामले, आर्थिक अपराध, बैंक धोखाधड़ी और गंभीर आपराधिक मामलों की जांच शामिल होती है, जिसमें CBI अधिकारी को सबूत जुटाने, पूछताछ करने और अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
सीबीआई में सबसे ऊंचा पद डायरेक्टर ऑफ द सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन का होता है। यह अधिकारी पूरे संगठन का प्रमुख होता है। सभी बड़े मामलों की निगरानी, जांच की दिशा तय करना और प्रशासनिक फैसले लेना इसी पद की जिम्मेदारी होती है।
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हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको सीबीआई ऑफिसर कैसे बनें की आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य करियर-गाइड्स से जुड़े लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu पर उपलब्ध लेख देख सकते हैं।

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