BHM कोर्स: योग्यता, एडमिशन प्रोसेस, सिलेबस, फीस और करियर स्कोप

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BHM Course Details in Hindi

बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट (BHM) एक अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स है, जो होटल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के ऑपरेशनल और मैनेजमेंट दोनों पहलुओं की व्यावहारिक समझ प्रदान करता है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए उपयुक्त माना जाता है जो 12वीं के बाद स्किल-आधारित और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड करियर बनाना चाहते हैं और जिनकी रुचि सर्विस, मैनेजमेंट और फील्ड-लेवल वर्क में है।

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर भारत और विदेशों दोनों में रोजगार के अवसर देता है, लेकिन इस क्षेत्र में करियर की शुरुआत आमतौर पर ऑपरेशनल लेवल से होती है। BHM करने के बाद आगे बढ़ने की संभावनाएं पूरी तरह व्यक्तिगत स्किल्स, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, इंडस्ट्रियल एक्सपोज़र और संस्थान की ट्रेनिंग क्वालिटी पर निर्भर करती हैं। इसी संदर्भ में, इस लेख में BHM कोर्स से जुड़ी योग्यता, एडमिशन प्रोसेस, सिलेबस, कॉलेज विकल्प, करियर अवसर और सैलरी से संबंधित जानकारी दी गई है, ताकि छात्र 12वीं के बाद इस कोर्स को चुनने से पहले इसकी वास्तविक पढ़ाई और करियर स्कोप को समझकर निर्णय ले सकें।

कोर्सबैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट (BHM)
कोर्स लेवलग्रेजुएशन 
कोर्स ड्यूरेशन3 से 4 वर्ष
योग्यता12वीं पास (किसी भी स्ट्रीम से) न्यूनतम 50% अंकों के साथ
प्रवेश प्रक्रियामेरिट या एंट्रेंस परीक्षा (जैसे AIHMCT WAT, AIMA UGAT, CUET, GNIHM JET और NCHMCT JEE)
मूल्यांकन विधिथ्योरी + प्रैक्टिकल ट्रेनिंग + इंटर्नशिप
जॉब प्रोफाइलहोटल मैनेजर, फ्रंट ऑफिस मैनेजर, फूड एंड बेवरेज मैनेजर, गेस्ट रिलेशन एग्जीक्यूटिव, हाउसकीपिंग सुपरवाइज़र
इंडस्ट्री होटल्स, हॉस्पिटल हॉस्पिटैलिटी, रिसॉर्ट्स, एयरलाइंस, क्रूज़, फूड चैन 

BHM कोर्स क्या है?

BHM एक प्रोफेशनल डिग्री प्रोग्राम है, जिसमें होटल ऑपरेशन, फूड सर्विस, फ्रंट ऑफिस, हाउसकीपिंग, अकाउंटिंग और कस्टमर सर्विस जैसे विषय शामिल होते हैं। यह कोर्स केवल थ्योरी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि छात्रों को वास्तविक होटल वातावरण में काम करने का अनुभव भी देता है। भारत में यह कोर्स अलग-अलग नामों और स्ट्रक्चर में उपलब्ध होता है, जैसे Bachelor of Hotel Management (BHM), Bachelor of Hotel Management and Catering Technology (BHMCT) या BSc Hospitality। इसलिए एडमिशन से पहले संस्थान की मान्यता और ट्रेनिंग स्ट्रक्चर जांचना जरूरी होता है।

BHM कोर्स क्यों करें?

BHM कोर्स आज के समय में उन छात्रों के लिए एक प्रैक्टिकल और फ्यूचर-ओरिएंटेड करियर विकल्प माना जाता है, जो 12वीं के बाद सर्विस-ओरिएंटेड और मैनेजमेंट-आधारित क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:

  • हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की व्यावहारिक ट्रेनिंग और इंटर्नशिप:BHM कोर्स में फ्रंट ऑफिस, फूड प्रोडक्शन, हाउसकीपिंग और फूड एंड बेवरेज जैसे प्रमुख विभागों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है। अधिकांश संस्थानों में इंटर्नशिप को कोर्स का अहम हिस्सा बनाया जाता है, जिससे छात्रों को होटल, रेस्टोरेंट या हॉस्पिटैलिटी संस्थानों में वास्तविक कार्य अनुभव मिलता है। इस दौरान वे टीम में काम करना, ग्राहक सेवा, समय प्रबंधन और ऑपरेशनल प्रक्रियाओं को व्यावहारिक रूप से समझते हैं।
  • 12वीं के बाद प्रोफेशनल करियर की स्पष्ट दिशा: BHM कोर्स 12वीं के बाद एक स्ट्रक्चर्ड और स्पष्ट करियर मार्ग प्रदान करता है। जिन छात्रों की रुचि सेवा, मेहमाननवाज़ी और मैनेजमेंट में होती है, उनके लिए यह डिग्री होटल मैनेजमेंट के साथ-साथ टूरिज्म, मार्केटिंग और मानव संसाधन जैसे क्षेत्रों की बुनियादी समझ विकसित करती है।
  • होटल और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े व्यापक करियर विकल्प: BHM करने के बाद करियर विकल्प केवल होटल तक सीमित नहीं रहते। छात्र फ्रंट ऑफिस, फूड एंड बेवरेज, हाउसकीपिंग, बैंक्वेट और इवेंट मैनेजमेंट के अलावा टूरिज्म और अन्य सर्विस-आधारित क्षेत्रों में भी अवसर तलाश सकते हैं।
  • मैनेजमेंट लेवल भूमिकाओं के लिए जरूरी बेसिक स्किल्स: BHM कोर्स में अकाउंटिंग, मार्केटिंग, HR और बिजनेस कम्युनिकेशन जैसे विषय शामिल होते हैं, जो किसी भी होटल या सर्विस इंडस्ट्री में आगे चलकर मैनेजमेंट स्तर की जिम्मेदारियां संभालने के लिए आवश्यक आधार तैयार करते हैं।

BHM कोर्स की अवधि और स्ट्रक्चर

यहां छात्रों के लिए BHM कोर्स की अवधि सहित स्ट्रक्चर की सामान्य जानकारी दी जा रही है और यह अधिकांश भारतीय संस्थानों में समान होती है:

विषयजानकारी
कोर्स की कुल अवधिभारत में BHM कोर्स की अवधि आमतौर पर 3 से 4 साल होती है। यह कॉलेज और यूनिवर्सिटी के नियमों पर निर्भर करती है।
3 साल का BHM कोर्स3 साल के BHM कोर्स में थ्योरी और बेसिक प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। इसमें छात्रों को होटल के अलग-अलग विभागों की शुरुआती जानकारी दी जाती है।
4 साल का BHM कोर्स4 साल के BHM कोर्स में आमतौर पर एक पूरा साल इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग / इंटर्नशिप के लिए दिया जाता है, जिससे छात्रों को होटल में काम करने का असली अनुभव मिलता है।
कोर्स की अवधि कैसे तय होती हैBHM कोर्स की अवधि पूरे देश में एक जैसी नहीं होती। यह संबंधित कॉलेज या यूनिवर्सिटी के पढ़ाने के तरीके और ट्रेनिंग सिस्टम पर निर्भर करती है।
सेमेस्टर सिस्टमBHM कोर्स आमतौर पर सेमेस्टर सिस्टम में पढ़ाया जाता है, यानी हर साल दो सेमेस्टर होते हैं।
शुरुआती सेमेस्टर में क्या पढ़ाया जाता हैशुरुआत में छात्रों को होटल मैनेजमेंट की बेसिक बातें सिखाई जाती हैं, जैसे फूड सर्विस, फ्रंट ऑफिस, हाउसकीपिंग और कम्युनिकेशन स्किल्स।
आगे के सेमेस्टर में क्या पढ़ाया जाता हैबाद के सेमेस्टर में मैनेजमेंट, अकाउंटिंग, मार्केटिंग और HR जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं, जिससे छात्रों को मैनेजमेंट की समझ मिलती है।
इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग / इंटर्नशिपइंटर्नशिप आमतौर पर 16 से 24 हफ्तों या एक पूरे सेमेस्टर की होती है, जिसमें छात्र होटल, रिसॉर्ट या हॉस्पिटैलिटी कंपनी में काम करते हैं।
प्रैक्टिकल ट्रेनिंगट्रेनिंग के दौरान छात्रों को फ्रंट ऑफिस, फूड एंड बेवरेज, हाउसकीपिंग और किचन जैसे विभागों में काम करने का मौका मिलता है।
इस स्ट्रक्चर का उद्देश्यBHM कोर्स का उद्देश्य छात्रों को शुरुआती लेवल की नौकरी से मैनेजमेंट लेवल तक आगे बढ़ने के लिए तैयार करना होता है।
जरूरी बात3 या 4 साल का BHM चुनते समय केवल अवधि नहीं, बल्कि कॉलेज की गुणवत्ता, ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सपोर्ट पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी होता है।

BHM कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता

BHM कोर्स में एडमिशन के लिए निर्धारित योग्यताएँ संस्थान के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती हैं, लेकिन सामान्य रूप से नीचे दी गई शर्तें लागू होती हैं:

  • उम्मीदवार का मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना आवश्यक है।
  • आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस – किसी भी स्ट्रीम के छात्र आवेदन कर सकते हैं।
  • अधिकांश कॉलेजों में न्यूनतम 45% से 60% अंक की शर्त होती है।
  • कई संस्थानों में 12वीं कक्षा में अंग्रेजी विषय को प्राथमिकता दी जाती है।
  • एडमिशन के समय उम्मीदवार की न्यूनतम आयु आमतौर पर 17 वर्ष होनी चाहिए।
  • जिन कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर एडमिशन होता है, वहाँ संबंधित एंट्रेंस एग्जाम की पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी होता है।
  • कुछ चुनिंदा संस्थानों में डिप्लोमा धारकों के लिए लेटरल एंट्री का विकल्प भी उपलब्ध हो सकता है।
  • कभी-कभी एडमिशन के समय मेडिकल या फिटनेस सर्टिफिकेट भी मांगा जा सकता है।

नोट: योग्यता से जुड़े नियम कॉलेज, यूनिवर्सिटी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार बदल सकते हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक एडमिशन गाइडलाइन जरूर जांचनी चाहिए।

BHM कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षाएं

यहाँ BHM कोर्स के लिए अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग प्रकार की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं:

एग्जाम का नामएग्जाम का स्तरएग्जाम डेटएडमिशन किस प्रकार के कॉलेज में मिलता है
NCHMCT JEEराष्ट्रीय स्तर25 अप्रैल 2026सरकारी IHM और कुछ चुनिंदा निजी होटल मैनेजमेंट संस्थान (BHM / BHMCT कोर्स)
CUET-UGराष्ट्रीय स्तर11 मई 2026 – 31 मई 2026कुछ केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय, जो होटल मैनेजमेंट या हॉस्पिटैलिटी से जुड़े अंडरग्रेजुएट कोर्स ऑफर करते हैं
AIMA UGATराष्ट्रीय स्तर13 जून 2026ज़्यादातर निजी होटल मैनेजमेंट कॉलेज और संस्थान
GNIHM JETसंस्थान स्तरफेज 1 – 4 जनवरी 2026 फेज 2 – फरवरी 2026GNIHM से जुड़े प्राइवेट होटल मैनेजमेंट कॉलेज
AIHMCT WATसंस्थान स्तरअप्रैल – मई 2026AIHMCT और उससे संबद्ध होटल मैनेजमेंट संस्थान
आर्मी इंस्टिट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट एंट्रेंस टेस्टसंस्थान स्तरमई 2026 (अनुमानित पहला सप्ताह)आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, बेंगलुरु
स्टेट लेवल होटल मैनेजमेंट एंट्रेंस परीक्षाएंराज्य स्तरराज्य के अनुसारराज्य सरकार या राज्य-स्तरीय होटल मैनेजमेंट कॉलेज
इंस्टिट्यूट लेवल एंट्रेंस / इंटरव्यूकॉलेज स्तरकॉलेज के अनुसारनिजी विश्वविद्यालय और कॉलेज
मेरिट बेस्ड एडमिशन (12वीं के अंक)कॉलेज स्तरमई–जुलाईकई निजी कॉलेज और विश्वविद्यालय

ध्यान दें: सभी कॉलेज सभी प्रवेश परीक्षाएं स्वीकार नहीं करते, इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय की आधिकारिक एडमिशन गाइडलाइन जरूर देखनी चाहिए।

BHM एडमिशन प्रोसेस (स्टेप-बाय-स्टेप)

BHM कोर्स की सामान्य योग्यता पूरी करने के बाद एडमिशन की प्रक्रिया कुछ तय चरणों में पूरी होती है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में प्रक्रिया में हल्का अंतर हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर एडमिशन का फ्लो नीचे दिए गए स्टेप्स के अनुसार रहता है:

  • स्टेप 1: कॉलेज और कोर्स विकल्प शॉर्टलिस्ट करें: सबसे पहले BHM या BHMCT कोर्स ऑफर करने वाले कॉलेजों की सूची तैयार करें। इस स्टेज पर छात्रों को कॉलेज की मान्यता, ट्रेनिंग सिस्टम और पिछले प्लेसमेंट ट्रेंड पर ध्यान देना चाहिए। सही जानकारी के लिए हमेशा कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
  • स्टेप 2: आवेदन फॉर्म भरें: शॉर्टलिस्ट किए गए कॉलेज या एंट्रेंस एग्जाम के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। फॉर्म भरते समय पर्सनल और शैक्षणिक जानकारी सावधानी से दर्ज करना जरूरी होता है, क्योंकि यही आगे की प्रक्रिया का आधार बनती है। आवेदन करते समय कुछ जरूरी डाक्यूमेंट्स मांगें जाते हैं। यहां उन डाक्यूमेंट्स का विवरण दिया गया है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए मांगे जाते हैं:
    • कक्षा 10वीं मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट
    • कक्षा 12वीं मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट
    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • जाति प्रमाणपत्र (SC/ST/OBC/EWS आदि के लिए, यदि लागू हो) 
    • आधार कार्ड, पासपोर्ट या अन्य वैध ID प्रूफ
    • जन्म प्रमाणपत्र
    • कैरेक्टर सर्टिफिकेट
    • एंट्रेंस एग्जाम एडमिट कार्ड और स्कोरकार्ड
    • ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC)
    • माइग्रेशन सर्टिफिकेट
    • मूल निवास प्रमाणपत्र
  • स्टेप 3: एंट्रेंस एग्जाम या मेरिट प्रक्रिया में भाग लें: जिस कॉलेज में एंट्रेंस एग्जाम अनिवार्य है, वहां निर्धारित तारीख पर परीक्षा में शामिल हों। जिन संस्थानों में मेरिट के आधार पर एडमिशन होता है, वहां 12वीं के अंकों के अनुसार मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।
  • स्टेप 4: काउंसलिंग या इंटरव्यू राउंड: लिखित परीक्षा या मेरिट लिस्ट के बाद कई कॉलेज काउंसलिंग, पर्सनल इंटरव्यू या ग्रुप डिस्कशन आयोजित करते हैं। इस चरण में छात्रों की कम्युनिकेशन स्किल्स और हॉस्पिटैलिटी फील्ड में रुचि को परखा जाता है।
  • स्टेप 5: सीट अलॉटमेंट और कन्फर्मेशन: चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉलेज द्वारा सीट अलॉट की जाती है। तय समय सीमा के भीतर फीस जमा करने पर एडमिशन कन्फर्म माना जाता है।
  • स्टेप 6: फीस भुगतान के बाद एडमिशन फाइनल करें: निर्धारित समय सीमा के भीतर कोर्स फीस जमा करने के बाद एडमिशन औपचारिक रूप से पूरा माना जाता है। इसके बाद कॉलेज द्वारा रिपोर्टिंग, ओरिएंटेशन, अकादमिक कैलेंडर और क्लास शेड्यूल से जुड़ी जानकारी दी जाती है, जिससे छात्र BHM कोर्स की शुरुआत सही तरीके से कर सकें।

यह भी पढ़ें: होटल मैनेजमेंट डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स लिस्ट

BHM कोर्स का सिलेबस

BHM कोर्स का सिलेबस विश्वविद्यालय और संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। यहां दिया गया सिलेबस केवल उदाहरण (Indicative) के रूप में है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि एडमिशन से पहले अपने चुने हुए कॉलेज या यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट से अपडेटेड सिलेबस जरूर जांच लें।

यह सिलेबस भारत की अधिकांश विश्वविद्यालयों और संस्थानों में पढ़ाए जाने वाले सामान्य BHM सिलेबस पर आधारित है। हालांकि, अलग-अलग कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में विषयों की संरचना या नामों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

सेमेस्टर I

इस सेमेस्टर का उद्देश्य छात्रों को हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की बेसिक समझ देना होता है।

  • खाद्य एवं पेय उत्पादन के मूल सिद्धांत
  • खाद्य एवं पेय सेवा के मूल सिद्धांत
  • फ्रंट ऑफिस के मूल सिद्धांत
  • हाउसकीपिंग के मूल सिद्धांत
  • कंप्यूटर का आधारभूत ज्ञान
  • बुनियादी संचार कौशल – I

सेमेस्टर II

यहां से छात्रों को ऑपरेशनल लेवल की ट्रेनिंग मिलनी शुरू होती है।

  • खाद्य एवं पेय उत्पादन – I
  • खाद्य एवं पेय सेवा – I
  • फ्रंट ऑफिस – I
  • हाउसकीपिंग – I
  • बुनियादी संचार कौशल – II
  • पर्यावरण अध्ययन

सेमेस्टर III

इस चरण में छात्र होटल या संबंधित संस्थानों में जाकर रियल वर्क एनवायरनमेंट को समझते हैं।

  • औद्योगिक प्रशिक्षण / इंडस्ट्रियल एक्सपोज़र ट्रेनिंग

सेमेस्टर IV से VIII

इन सेमेस्टरों में पढ़ाई का फोकस धीरे-धीरे एडवांस ऑपरेशंस, मैनेजमेंट और स्पेशलाइजेशन की ओर बढ़ता है। अंतिम सेमेस्टरों में छात्रों को स्पेशलाइजेशन चुनने और इंडस्ट्री-रेडी बनने का अवसर मिलता है। मुख्य रूप से इसमें शामिल होते हैं:

  • एडवांस फूड प्रोडक्शन, सर्विस, फ्रंट ऑफिस और हाउसकीपिंग
  • उद्यमिता (Entrepreneurship) और प्रबंधन के सिद्धांत
  • होटल अकाउंटिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट
  • मानव संसाधन प्रबंधन और संगठनात्मक व्यवहार
  • ओपन और प्रोफेशनल इलेक्टिव्स (जैसे वर्ल्ड क्यूज़ीन, बार मैनेजमेंट, गेस्ट रिलेशन, फैसिलिटी मैनेजमेंट)
  • रिसर्च मेथडोलॉजी और हॉस्पिटैलिटी रिसर्च प्रोजेक्ट
  • व्यक्तित्व विकास, सॉफ्ट स्किल्स और कम्युनिकेशन
  • हॉस्पिटैलिटी मार्केटिंग और नई टेक्नोलॉजी (जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग)

BHM कोर्स में इंटर्नशिप और क्लिनिकल ट्रेनिंग

BHM कोर्स में इंटर्नशिप को आमतौर पर इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग (IT) कहा जाता है और यह केवल वैकल्पिक अनुभव नहीं, बल्कि कोर्स का अनिवार्य अकादमिक हिस्सा होती है। अधिकतर सरकारी होटल मैनेजमेंट संस्थान और विश्वविद्यालय, जो NCHMCT या राज्य तकनीकी विश्वविद्यालयों से संबद्ध होते हैं, इस ट्रेनिंग को प्री-फाइनल या फाइनल ईयर में शामिल करते हैं, ताकि छात्रों को होटल इंडस्ट्री के वास्तविक कार्य वातावरण की प्रैक्टिकल समझ मिल सके।

इंटर्नशिप के दौरान छात्र किसी मान्यता प्राप्त होटल, रिसॉर्ट या हॉस्पिटैलिटी यूनिट में 16 से 24 सप्ताह तक कार्य करते हैं, हालांकि इसकी अवधि विश्वविद्यालय और पाठ्यक्रम संरचना के अनुसार बदल सकती है। इस अवधि में छात्रों को नियमित होटल स्टाफ की तरह विभिन्न विभागों में जिम्मेदारियां दी जाती हैं, जिससे वे यह समझ पाते हैं कि होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई वास्तविक कार्य परिस्थितियों में कैसे लागू होती है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सभी कॉलेज पेड इंटर्नशिप की गारंटी नहीं देते, क्योंकि स्टाइपेंड होटल, संस्थान और ट्रेनिंग पॉलिसी पर निर्भर करता है।

BHM कोर्स की स्पेशलाइजेशन 

BHM कोर्स में स्पेशलाइजेशन का चुनाव एडमिशन के समय नहीं, बल्कि कोर्स के दौरान, आमतौर पर दूसरे या तीसरे वर्ष में किया जाता है। पहले वर्ष में छात्रों को होटल मैनेजमेंट के सभी प्रमुख विभागों की बेसिक और प्रैक्टिकल समझ दी जाती है, ताकि वे यह जान सकें कि किस क्षेत्र में उनकी रुचि और क्षमता बेहतर है। इसके बाद, इंटर्नशिप और अकादमिक एक्सपोज़र के आधार पर छात्र यह तय कर पाते हैं कि वे किस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। 

BHM में चुनी गई स्पेशलाइजेशन का सीधा असर इंटर्नशिप प्लेसमेंट, शुरुआती जॉब रोल और लॉन्ग-टर्म करियर ग्रोथ पर पड़ता है। इसलिए स्पेशलाइजेशन का चुनाव केवल नाम देखकर नहीं, बल्कि कोर्स के 2–3 वर्षों के अनुभव, इंटर्नशिप के दौरान मिले व्यावहारिक ज्ञान और कॉलेज की ट्रेनिंग फैसिलिटी को ध्यान में रखकर करना चाहिए। यह भी समझना जरूरी है कि सभी कॉलेज सभी स्पेशलाइजेशन ऑफर नहीं करते, और कई बार स्पेशलाइजेशन की गुणवत्ता पूरी तरह लैब, ट्रेनिंग किचन और इंडस्ट्री टाई-अप्स पर निर्भर करती है।

नीचे BHM की प्रमुख स्पेशलाइजेशन को उनके फोकस, करियर दिशा और चयन के समय के साथ समझाया गया है:

स्पेशलाइजेशनइस स्पेशलाइजेशन में क्या सिखाया जाता हैकरियर किस दिशा में जाता हैआमतौर पर कब चुनी जाती है
फूड एंड बेवरेज मैनेजमेंटरेस्टोरेंट ऑपरेशन, फूड सर्विस, मेन्यू प्लानिंग, स्टाफ कोऑर्डिनेशन और कस्टमर हैंडलिंगहोटल और रेस्टोरेंट ऑपरेशंस, F&B मैनेजमेंट, आउटलेट हेड2nd या 3rd वर्ष में
फ्रंट ऑफिस और गेस्ट रिलेशन मैनेजमेंटरिसेप्शन, रिज़र्वेशन सिस्टम, गेस्ट इंटरैक्शन, कम्युनिकेशन और सर्विस क्वालिटीफ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव, गेस्ट रिलेशन मैनेजर, होटल ऑपरेशंस2nd या 3rd वर्ष में
हाउसकीपिंग मैनेजमेंटरूम मेंटेनेंस, हाइजीन स्टैंडर्ड, स्टाफ सुपरविजन, क्वालिटी कंट्रोलहाउसकीपिंग सुपरवाइज़र, फ्लोर मैनेजर, फैसिलिटी मैनेजमेंट2nd या 3rd वर्ष में
हॉस्पिटैलिटी मार्केटिंग और सेल्स मैनेजमेंटहोटल सेल्स, मार्केटिंग स्ट्रैटेजी, ब्रांड प्रमोशन, कॉरपोरेट क्लाइंट हैंडलिंगसेल्स मैनेजर, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, बिजनेस डेवलपमेंट3rd या 4th वर्ष में
ऑपरेशंस-ओरिएंटेड स्पेशलाइजेशन (कॉलेज आधारित)मल्टी-डिपार्टमेंट ऑपरेशंस, बेसिक मैनेजमेंट और फील्ड ट्रेनिंगहोटल ऑपरेशंस और मैनेजमेंट ट्रैककॉलेज की पॉलिसी के अनुसार

भारत के प्रमुख BHM कॉलेज और फीस

भारत में BHM कोर्स के लिए कई सरकारी और निजी कॉलेज उपलब्ध हैं। नीचे दी गई लिस्ट रैंकिंग नहीं है केवल उदाहरण (Indicative) के रूप में प्रस्तुत की गई है, ताकि छात्रों को कॉलेज विकल्पों और फीस के स्तर का एक सामान्य अंदाज़ा मिल सके। किसी भी कॉलेज की फीस, प्रवेश प्रक्रिया और कोर्स स्ट्रक्चर समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए एडमिशन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट से अपडेटेड जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। कॉलेज का चयन करते समय यह भी सुनिश्चित करें कि संस्थान UGC / NCHMCT / राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त हो।

सरकारी संस्थान

सरकारी BHM कॉलेज आमतौर पर NCHMCT या राज्य सरकारों से संबद्ध होते हैं। इन संस्थानों की फीस निजी कॉलेजों की तुलना में कम होती है, लेकिन हर साल इसमें मामूली बदलाव संभव है।

सरकारी संस्थान का नामस्थानकोर्स अवधिअनुमानित वार्षिक फीस (INR)
इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), दिल्लीनई दिल्ली3–4 वर्षINR 1,00,000 – INR 1,50,000
IHM, मुंबईमहाराष्ट्र3–4 वर्षINR 1,10,000 – INR 1,60,000
IHM, कोलकातापश्चिम बंगाल3–4 वर्षINR 1,00,000 – INR 1,50,000
IHM, बेंगलुरुकर्नाटक3–4 वर्षINR 1,10,000 – INR 1,70,000
IHM, हैदराबादतेलंगाना3–4 वर्षINR 1,00,000 – INR 1,50,000
IHMCT&ANचेन्नई3–4 वर्षINR 95,000 – INR 1,40,000
IHM, लखनऊउत्तर प्रदेश3–4 वर्षINR 90,000 – INR 1,30,000

प्राइवेट संस्थान

प्राइवेट BHM कॉलेज निजी विश्वविद्यालयों या शैक्षणिक समूहों द्वारा संचालित होते हैं। इनकी फीस अपेक्षाकृत अधिक होती है, लेकिन कई संस्थान बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री एक्सपोज़र और इंटरनेशनल टाई-अप्स भी प्रदान करते हैं।

संस्थान का नामस्थानकोर्स अवधिअनुमानित वार्षिक फीस (INR)
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IIHM)कई शहर3–4 वर्षINR 2,50,000 – INR 4,00,000
वेलकमग्रुप ग्रेजुएट स्कूल ऑफ होटल एडमिनिस्ट्रेशन (WGSHA)मणिपाल4 वर्षINR 4,00,000 – INR 5,50,000
बनारसीदास चांदीवाला इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (BCIHMCT)नई दिल्ली3 वर्षINR 2,20,000 – INR 3,50,000
आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंटबेंगलुरु4 वर्षINR 2,00,000 – INR 3,00,000
अमरपाली इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंटउत्तराखंड3 वर्षINR 1,80,000 – INR 3,00,000

ध्यान दें: फीस कॉलेज, राज्य और कोटा (गवर्नमेंट/प्राइवेट) के अनुसार काफी भिन्न हो सकती है। फीस में परीक्षा, लैब और अन्य एडमिनिस्ट्रेशन शुल्क अलग से शामिल हो सकते हैं, इसलिए सटीक जानकारी के लिए संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट देखना जरूरी होता है।

BHM कोर्स के बाद करियर ऑप्शन्स

BHM कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों के लिए हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर में कई करियर विकल्प उपलब्ध होते हैं। इस फील्ड में करियर की शुरुआत आमतौर पर ऑपरेशनल लेवल से होती है और आगे की ग्रोथ अनुभव, स्किल्स, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और लगातार सीखने की प्रक्रिया पर निर्भर करती है। नीचे BHM कोर्स पूरा करने के बाद उपलब्ध मुख्य करियर विकल्पों और उनके संभावित रोल्स की जानकारी दी गई है।

  • होटल और रिसॉर्ट इंडस्ट्री: बीएचएम के बाद सबसे सामान्य करियर विकल्प होटल और रिसॉर्ट्स में होता है। शुरुआती पदों पर छात्र फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव, फूड एंड बेवरेज सर्विस स्टाफ, हाउसकीपिंग सुपरवाइज़र जैसे रोल्स में काम करते हैं। कुछ वर्षों के अनुभव के बाद असिस्टेंट मैनेजर और मैनेजर स्तर तक पहुँचना संभव होता है।
  • रेस्टोरेंट और फूड चेन: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रेस्टोरेंट चेन में ऑपरेशंस, कस्टमर सर्विस और स्टोर मैनेजमेंट से जुड़े अवसर उपलब्ध होते हैं। इस क्षेत्र में काम का दबाव अधिक हो सकता है, लेकिन सीखने के अवसर भी लगातार मिलते हैं।
  • एयरलाइंस और क्रूज़ हॉस्पिटैलिटी: बीएचएम ग्रेजुएट्स एयरलाइंस में केबिन क्रू, ग्राउंड सर्विस या एयरपोर्ट हॉस्पिटैलिटी से जुड़े रोल्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। क्रूज़ इंडस्ट्री में भी हॉस्पिटैलिटी स्टाफ की मांग रहती है, हालांकि चयन प्रक्रिया प्रतिस्पर्धी होती है।
  • कैटरिंग और इवेंट मैनेजमेंट: शादियों, कॉर्पोरेट इवेंट्स और बड़े समारोहों के लिए कैटरिंग और इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों में बीएचएम ग्रेजुएट्स ऑपरेशन और कोऑर्डिनेशन की भूमिका निभाते हैं। यह फील्ड प्रोजेक्ट-बेस्ड और फील्ड-ओरिएंटेड होती है।
  • हॉस्पिटैलिटी एजुकेशन: बीएचएम के बाद MHM या संबंधित पोस्ट-ग्रेजुएशन करने पर छात्र होटल मैनेजमेंट कॉलेजों में टीचिंग या ट्रेनिंग रोल्स में जा सकते हैं। इसके लिए अकादमिक योग्यता और अनुभव जरूरी होता है।
  • स्वरोजगार के अवसर: कुछ छात्र अनुभव प्राप्त करने के बाद अपना रेस्टोरेंट, कैफे, बेकरी या फूड सर्विस बिजनेस शुरू करते हैं। इसमें मैनेजमेंट के साथ-साथ फाइनेंस और मार्केटिंग की समझ भी आवश्यक होती है।
  • सरकारी क्षेत्र के अवसर: BHM के बाद सीधे स्थायी सरकारी नौकरी के अवसर सीमित होते हैं, लेकिन कुछ विकल्प उपलब्ध रहते हैं। हायर एजुकेशन जैसे MHM या संबंधित पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद छात्र सरकारी होटल मैनेजमेंट संस्थानों में टीचिंग या ट्रेनिंग रोल्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ IHM संस्थानों में कॉन्ट्रैक्ट आधारित पद, तथा राज्य या केंद्र सरकार के पर्यटन विभागों में हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म प्रमोशन और इवेंट से जुड़े पदों पर भी अवसर मिल सकते हैं। इन पदों की पात्रता और भर्ती प्रक्रिया संबंधित विभाग या संस्थान की नीति पर निर्भर करती है।

BHM कोर्स के बाद सैलरी

BHM कोर्स के बाद सैलरी आपके एक्सपीरियंस, जॉब सेक्टर, कंपनी और शहर के हिसाब से भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज नीचे दी गई है:

नौकरी का पदफ्रेशर सैलरी (0–1 वर्ष)(2–5 वर्ष) अनुभव के साथ अनुमानित सालाना सैलरी5+ वर्ष अनुभव के साथ अनुमानित सालाना सैलरी
होटल मैनेजरINR 2.5 – INR 4 लाखINR 4 लाख – INR 8.0 लाखINR 8 लाख – INR 10 लाख
फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिवINR 2 – INR 3.5 लाखINR 3 लाख – INR 5 लाखINR 5 लाख – INR 7 लाख
फूड एंड बेवरेज मैनेजरINR 3.5 – INR 5 लाखINR 5 लाख – INR 7 लाखINR 7 लाख – INR 9.0 लाख
शेफ / सूस शेफINR 3 – INR 5 लाखINR 5 लाख – INR 8 लाखINR 8 लाख – INR 12 लाख
हाउसकीपिंग सुपरवाइज़रINR 2 – INR 3.5 लाखINR 3.5 लाख – INR 5 लाखINR 5 लाख – INR 7 लाख
गेस्ट रिलेशन एग्जीक्यूटिवINR 2.5 – INR 4 लाखINR 4 लाख – INR 6 लाखINR 6 लाख – INR 8 लाख
होटल मैनेजमेंट फैकल्टीINR 1.5 – INR 3 लाखINR 2 लाख – INR 5 लाखINR 5 लाख – INR 6 लाख

Source: AmbitionBox

बीएचएम (BHM) और बीएचएमसीटी (BHMCT) में अंतर

12वीं के बाद होटल मैनेजमेंट से जुड़े कोर्स खोजते समय छात्रों को अक्सर BHM और BHMCT जैसे नाम दिखाई देते हैं। ये तीनों शब्द सुनने में एक जैसे लगते हैं, लेकिन कोर्स की संरचना, पढ़ाई का फोकस और करियर दिशा एक जैसी नहीं होती। इसी भ्रम के कारण कई छात्र गलत कोर्स चुन लेते हैं या एडमिशन के बाद यह महसूस करते हैं कि उनका चुना हुआ प्रोग्राम उनकी रुचि के अनुसार नहीं है। 

BHM और BHMCT दोनों ही हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े अंडरग्रेजुएट कोर्स हैं, लेकिन इनका फोकस और पढ़ाई का तरीका अलग-अलग होता है। जहाँ BHM में होटल ऑपरेशंस और मैनेजमेंट पर अधिक ध्यान दिया जाता है, वहीं BHMCT में कैटरिंग, फूड प्रोडक्शन और किचन-ओरिएंटेड ट्रेनिंग का दायरा ज्यादा होता है।

इसी भ्रम को दूर करने और सही निर्णय लेने में मदद करने के लिए यहाँ BHM और BHMCT के बीच अंतर को सरल भाषा में समझाया गया है।

आधारबीएचएम (BHM)बीएचएमसीटी (BHMCT)
पूरा नामBachelor of Hotel ManagementBachelor of Hotel Management & Catering Technology
कोर्स का मुख्य फोकसहोटल ऑपरेशंस, मैनेजमेंट और कस्टमर सर्विस पर फोकसहोटल मैनेजमेंट के साथ किचन, कैटरिंग और फूड टेक्नोलॉजी पर ज्यादा फोकस
फूड प्रोडक्शन की भूमिकाबेसिक से मीडियम लेवल तकएडवांस और टेक्निकल लेवल पर
कैटरिंग विषयसीमित रूप में शामिलकोर्स का मुख्य और अनिवार्य हिस्सा
सिलेबस का झुकावमैनेजमेंट और सर्विस-ओरिएंटेडकिचन, कैटरिंग और ऑपरेशंस-ओरिएंटेड
कोर्स अवधि3 से 4 वर्ष (संस्थान पर निर्भर)आमतौर पर 4 वर्ष
इंडस्ट्रियल ट्रेनिंगशामिल होती हैअनिवार्य और अधिक गहराई के साथ
प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का स्तरसंतुलित (ऑपरेशंस + मैनेजमेंट)अधिक प्रैक्टिकल और किचन-फोकस्ड
प्रमुख जॉब रोल्सफ्रंट ऑफिस, F&B मैनेजमेंट, होटल ऑपरेशंसकिचन मैनेजमेंट, कैटरिंग, फूड ऑपरेशंस
लॉन्ग-टर्म करियर दिशाहोटल मैनेजमेंट, गेस्ट रिलेशन, ऑपरेशंस मैनेजमेंटकिचन-साइड मैनेजमेंट, कैटरिंग और फूड-ओरिएंटेड रोल्स
किस तरह के छात्रों के लिए उपयुक्तजो मैनेजमेंट, कस्टमर इंटरैक्शन और ऑपरेशंस में रुचि रखते होंजो फूड, किचन, कैटरिंग और टेक्निकल ट्रेनिंग में रुचि रखते हों

BHM के बाद हायर एजुकेशन के विकल्प

BHM कोर्स पूरा करने के बाद कई छात्र अपनी प्रोफेशनल ग्रोथ और मैनेजमेंट लेवल की भूमिका के लिए हायर एजुकेशन चुनते हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हर पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स में केवल BHM डिग्री ही पर्याप्त नहीं होती। कुछ प्रोग्राम्स में एंट्रेंस एग्जाम, वर्क एक्सपीरियंस या अतिरिक्त पात्रता भी जरूरी हो सकती है। नीचे BHM के बाद उपलब्ध प्रमुख हायर स्टडी विकल्पों को उनकी पात्रता और एडमिशन आवश्यकताओं के साथ समझाया गया है।

हायर एजुकेशन विकल्पकोर्स का फोकसBHM के अलावा क्या जरूरी हो सकता है
मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट (MHM)एडवांस होटल ऑपरेशंस, मैनेजमेंट और टीचिंग ओरिएंटेशनकुछ संस्थानों में एंट्रेंस एग्जाम या मेरिट-बेस्ड चयन
MBA इन हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंटबिजनेस मैनेजमेंट + हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्रीMBA एंट्रेंस एग्जाम (CAT, MAT, CMAT, XAT आदि – संस्थान पर निर्भर)
M.Sc. इन हॉस्पिटैलिटी एडमिनिस्ट्रेशन / मैनेजमेंटअकादमिक और रिसर्च-ओरिएंटेड हॉस्पिटैलिटी स्टडीकुछ विश्वविद्यालयों में एंट्रेंस टेस्ट या इंटरव्यू
मास्टर इन टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट (MTHM)टूरिज्म, होटल मैनेजमेंट और डेस्टिनेशन प्लानिंगअक्सर मेरिट-बेस्ड, कुछ जगह एंट्रेंस टेस्ट
PGDM इन हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंटइंडस्ट्री-फोकस्ड, स्किल-बेस्ड मैनेजमेंट ट्रेनिंगPGDM एंट्रेंस टेस्ट / इंटरव्यू, कॉलेज-स्पेसिफिक प्रक्रिया

हायर स्टडी चुनते समय क्या ध्यान रखें?

BHM के बाद हायर एजुकेशन का चुनाव करते समय केवल कोर्स का नाम नहीं, बल्कि करियर उद्देश्य को ध्यान में रखना जरूरी होता है। उदाहरण के लिए, जो छात्र होटल मैनेजमेंट कॉलेजों में टीचिंग या ट्रेनिंग की भूमिका चाहते हैं, उनके लिए MHM या M.Sc. बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, जो छात्र मैनेजमेंट, सेल्स या कॉरपोरेट हॉस्पिटैलिटी में जाना चाहते हैं, उनके लिए MBA या PGDM अधिक उपयुक्त रहता है।

इसके अलावा, कई MBA और PGDM प्रोग्राम्स में एंट्रेंस एग्जाम और कभी-कभी वर्क एक्सपीरियंस की मांग होती है, जबकि कुछ MHM और M.Sc. कोर्स सीधे BHM के बाद भी किए जा सकते हैं। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक पात्रता शर्तें और प्रवेश प्रक्रिया जरूर जांचनी चाहिए।

FAQs 

क्या BHM करने के लिए होटल इंडस्ट्री का बैकग्राउंड जरूरी है?

नहीं, BHM कोर्स करने के लिए होटल इंडस्ट्री का कोई पूर्व अनुभव या पारिवारिक बैकग्राउंड होना जरूरी नहीं होता। यह कोर्स खासतौर पर ऐसे छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है, जो 12वीं के बाद नए सिरे से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की पढ़ाई शुरू करना चाहते हैं। BHM के दौरान छात्रों को होटल मैनेजमेंट के सभी प्रमुख विभागों की बेसिक से लेकर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे वे बिना किसी पूर्व अनुभव के भी इस फील्ड में आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, जिन छात्रों में कम्युनिकेशन स्किल्स, सीखने की इच्छा और सर्विस-ओरिएंटेड सोच होती है, वे इस कोर्स में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं और आगे चलकर अच्छे करियर अवसर बना सकते हैं।

क्या BHM लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए समान है?

हाँ, BHM कोर्स लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए समान रूप से उपयुक्त है। कोर्स की पढ़ाई, सिलेबस, ट्रेनिंग और मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार का लिंग-आधारित अंतर नहीं होता। हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में फ्रंट ऑफिस, फूड एंड बेवरेज, हाउसकीपिंग, मैनेजमेंट और ट्रेनिंग जैसे अधिकांश रोल्स में लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए बराबर अवसर उपलब्ध होते हैं। हालांकि, कुछ ऑपरेशनल भूमिकाओं में वर्किंग शिफ्ट, टाइमिंग या फील्ड नेचर संस्थान और जॉब प्रोफाइल के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, जिसे करियर चुनते समय ध्यान में रखना चाहिए।

BHM कोर्स में एडमिशन कैसे मिलता है?

BHM कोर्स में अधिकांश कॉलेजों में 12वीं पास छात्रों को मेरिट या एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर एडमिशन दिया जाता है। कुछ संस्थानों में NCHMCT JEE या CUET जैसे एग्जाम मान्य होते हैं, जबकि कुछ कॉलेज इंटरव्यू या मेरिट लिस्ट के जरिए चयन करते हैं।

क्या BHM कोर्स विदेश में मान्य होता है?

भारत में की गई BHM डिग्री की मान्यता विदेश में संस्थान और देश के नियमों पर निर्भर करती है। विदेशों में होटल मैनेजमेंट आमतौर पर हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट या होटल मैनेजमेंट जैसे नामों से पढ़ाया जाता है।

BHM कोर्स 3 साल का करें या 4 साल का कौन सा बेहतर है?

3 और 4 साल के BHM कोर्स में से कौन सा बेहतर है, यह पूरी तरह छात्र के करियर लक्ष्य और कॉलेज की ट्रेनिंग क्वालिटी पर निर्भर करता है। 4 वर्षीय BHM कोर्स में आमतौर पर इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग का समय अधिक होता है, जबकि 3 वर्षीय कोर्स में थ्योरी और बेसिक प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर ज्यादा फोकस किया जाता है। इसलिए केवल अवधि नहीं, बल्कि कॉलेज की इंडस्ट्री टाई-अप्स और प्लेसमेंट सपोर्ट को ध्यान में रखकर निर्णय लेना ज्यादा सही होता है।

हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको BHM कोर्स से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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