आप की रूचि के आधार पर आप किस फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं और आपकी रणनीति किस हद तक सफल होगी ये इस बात पर निर्भर करती है कि आपने 10वीं के बाद अपने लिए कौन सा कोर्स चुना है। 10वीं पास करने के बाद आपके सामने सीनियर सेकेंडरी (साइंस/कॉमर्स/आर्ट्स), पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, ITI/स्किल कोर्स जैसे विकल्प आते हैं।
भारत में तकनीकी और सर्विस सेक्टर में विस्तार के कारण डिप्लोमा और स्किल्ड बेस्ड कोर्स की डिमांड तेजी से बढ़ी है, जिससे पास-आउट होने पर आपको रोजगार के अधिक अवसर मिल सकते हैं। इस लेख में आप जान सकेंगे कि 10वीं के बाद कौनसा कोर्स करें, साथ ही यहाँ इन सभी विकल्पों के लाभ, अवधि और करियर स्कोप की जानकारी दी गई है।
This Blog Includes:
- 10वीं के बाद कोर्स का चयन कैसे करें?
- 11वीं में कौनसी स्ट्रीम चुनें?
- 10वीं के बाद किए जाने वाले सर्टिफिकेट कोर्स
- 10वीं के बाद किए जाने वाले डिप्लोमा कोर्स
- 10वीं के बाद किए जाने वाले ITI कोर्स
- 10वीं के बाद लोकप्रिय डिजाइन स्पेशलाइजेशन
- 10वीं के बाद डिजाइन और क्रिएटिव कोर्स
- 10वीं के बाद एग्रीकल्चर आधारित कोर्स
- 10वीं के बाद पैरामेडिकल सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स
- 10वीं के बाद भारत में किए जा सकने वाले प्रमुख सरकारी स्किल प्रोग्राम
- FAQs
10वीं के बाद कोर्स का चयन कैसे करें?
यहाँ 10वीं के बाद कोर्स का चयन करने से पहले उन मुख्य बिंदुओं की जानकारी दी गई, जो आपके करियर के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं –
- अपनी रुचि और क्षमता पहचानें: 10वीं के बाद अपने लिए कोर्स चुनते समय आप केवल दोस्तों या ट्रेंड के आधार पर निर्णय न लें। यदि आपके गणित और विज्ञान में निरंतर अच्छे अंक हैं तो विज्ञान स्ट्रीम या पॉलिटेक्निक आपके लिए उपयुक्त हो सकता है। यदि आपकी अकाउंट्स और बिज़नेस में रुचि है तो कॉमर्स आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। इसलिए आप रुचि और प्रदर्शन जैसे मापदंडों को ध्यान में रखते हुए अपने कोर्स का चयन करें।
- कोर्स की मान्यता जरूर जांचें: आप जिस भी कोर्स या संस्थान में प्रवेश लेना चाहते हैं, इस बात का ध्यान रखें कि उसकी मान्यता संबंधित आधिकारिक संस्था से होनी चाहिए। जैसे तकनीकी डिप्लोमा के लिए AICTE, आईटीआई ट्रेड के लिए DGT (कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय) की स्वीकृति देखें। बिना मान्यता वाले संस्थान से डिग्री भविष्य में समस्या दे सकती है।
- कोर्स को करने पर भविष्य में मिलने वाले अवसर को समझें: हर कोर्स के बाद क्या विकल्प मिलेंगे, यह स्पष्ट करें। उदाहरण के लिए पॉलिटेक्निक के बाद B.Tech में लेटरल एंट्री मिलती है, जबकि 12वीं विज्ञान के बाद इंजीनियरिंग या मेडिकल के रास्ते खुलते हैं।
- आर्थिक और समय निवेश का मूल्यांकन करें: कोर्स को चुनते समय आपको कोर्स की अवधि, फीस और संभावित रिटर्न पर विचार भी कर लेना चाहिए। इसके अलावा आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि सभी शॉर्ट-टर्म कोर्स आपको तुरंत उच्च वेतन नहीं देते हैं।
- कोर्स चुनते समय आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें: कोर्स का चुनाव आपके करियर को प्रभावित करता है इसलिए अपने करियर के लिए निर्णय लेने से पहले आपको संबंधित बोर्ड या सरकारी वेबसाइट से सटीक जानकारी ले लेनी चाहिए, ताकि आप किसी भी प्रकार की भ्रम या भ्रामक जानकारी से बच कर अपने कोर्स का चुनाव कर सकें।
यह भी पढ़ें – 12वीं के बाद इंजीनियरिंग कोर्स की पूरी जानकारी
11वीं में कौनसी स्ट्रीम चुनें?
यहाँ नीचे दी गई टेबल में 10वीं के बाद उपलब्ध मुख्य स्ट्रीम्स के बारे में बताया गया है। 11वीं में इन प्रोग्राम्स की पाठ्यक्रम संरचना NCERT/राज्य बोर्ड स्ट्रक्चर पर आधारित होती है और इसमें आगे की प्रवेश परीक्षाएँ संबंधित वैधानिक निकायों द्वारा संचालित की जाती हैं –
| स्ट्रीम | मुख्य विषय | चयन का प्रमुख कारण | आगे की पढ़ाई / प्रवेश परीक्षाएँ | करियर के अवसर |
| साइंस (PCM) | फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स (इसके साथ ही वैकल्पिक विषय) | गणित व विश्लेषण में रुचि | B.Tech/BE, NDA, B.Sc; इंजीनियरिंग हेतु राष्ट्रीय/राज्य स्तरीय परीक्षाएँ | इंजीनियर, डिफेंस, रिसर्च |
| साइंस (PCB) | फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी | जीवविज्ञान व स्वास्थ्य क्षेत्र में रुचि | MBBS/BDS/B.Sc; मेडिकल हेतु राष्ट्रीय परीक्षा | डॉक्टर, फार्मेसी, नर्सिंग, रिसर्च |
| कॉमर्स | एकाउंटिंग, बिज़नेस स्टडी, इकोनॉमिक्स, मैथ्स/आईपी | फाइनेंस, बिज़नेस, डेटा में रुचि | B.Com, CA (ICAI), CS, CMA, BBA | चार्टर्ड अकाउंटेंसी, बैंकिंग, कॉरपोरेट |
| आर्ट्स (ह्यूमैनिटीज) | इतिहास, राजनीति, भूगोल, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र | समाज व नीतियों में रुचि | BA, LLB, सिविल सेवा परीक्षाएँ | प्रशासन, कानून, शिक्षण, मीडिया |
| वोकेशनल/स्किल विषय (कुछ बोर्ड) | आईटी, रिटेल, हेल्थकेयर आदि | क्विक स्किल बेस्ड रूट | डिप्लोमा/स्किल सर्टिफिकेट | एंट्री-लेवल जॉब/अपस्किलिंग |
10वीं के बाद किए जाने वाले सर्टिफिकेट कोर्स
यहाँ 10वीं के बाद किए जाने वाले सर्टिफिकेट कोर्स की जानकारी दी गई है, जिन्हें आप कम समय में पूरा करके अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं –
| कोर्स का नाम | कोर्स का विवरण |
| सर्टिफिकेट इन सेरीकल्चर (रेशम पालन) | ये कोर्स 6 महीने का शॉर्ट टर्म कोर्स है जहाँ आप रेशम के कीड़ों, उनके पालन-पोषण, रेशम की गुणवत्ता और मार्केटिंग सीखते हो। ये करियर खासकर ग्रामीण और कृषि-आधारित क्षेत्रों में अच्छा ऑप्शन है। |
| सर्टिफिकेट इन पोल्ट्री फार्मिंग | 6 महीने में यह कोर्स मुर्गी पालन, अंडा उत्पादन, बिमारियों की पहचान और व्यापारिक तकनीकें सिखाता है। ये कोर्स 8वीं पास के लिए भी ओपन होता है, और आपको छोटा व्यवसाय शुरू करने या फार्म हेल्पर के रूप में जॉब में अवसर मिलते हैं। |
| सर्टिफिकेट इन बी कीपिंग | मधुमक्खी पालन सीखकर आप शहद उत्पादन, छत्तों की देख-रेख और शहद का मार्केटिंग समझते हो। ये कोर्स भी 6 महीने का होता है और शुरुआती जॉब प्रोफाइल में फील्ड असिस्टेंट या एपियरी टेक्नोलॉजिस्ट बन सकते हो। |
| सर्टिफिकेट इन वेब डिजाइनिंग / ग्राफ़िक डिजाइनिंग | ये शॉर्ट कोर्स 6-12 महीने के अंदर वेबपेज बनाना, UI/UX, ग्राफिक्स और डिजाइन टूल्स सिखाते हैं। डिज़ाइनर के तौर पर आपको कंपनियों में या फ्रीलांसर के रूप में भी जॉब मिल सकती है। |
| सर्टिफिकेट इन डिजिटल मार्केटिंग | इसका फोकस सोशल मीडिया, SEO (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन), कंटेंट मार्केटिंग और एड कैंपेन होता है। इस कोर्स में 6-8 महीने में सीखकर आप डिजिटल मार्केटर, SEO एग्जीक्यूटिव या कंटेंट स्पेशलिस्ट बन सकते हो। |
| सर्टिफिकेट इन मोबाइल रिपेयरिंग / हार्डवेयर | यह प्रैक्टिकल कोर्स 6-8 महीने का होता है जहाँ मोबाइल और कंप्यूटर हार्डवेयर रिपेयरिंग तकनीकें सीखते हैं। टॉप-अप स्किल के साथ आप खुद का मोबाइल रिपेयर सेंटर भी चला सकते हो। |
| सर्टिफिकेट इन ऑफिस असिस्टेंट / MS ऑफिस सर्टिफिकेट | 3-6 महीने में यह कोर्स एमएस-वर्ड, एक्सेल, प्रेजेंटेशन, ई-मेल एटीके के फंडामेंटल्स सिखाता है। इससे आपको ऑफिस जॉब या डेटा एंट्री रोल्स में आसानी से प्लेसमेंट मिल सकती है। |
10वीं के बाद किए जाने वाले डिप्लोमा कोर्स
यहाँ 10वीं के बाद किए जाने वाले डिप्लोमा कोर्स की जानकारी दी गई है, जिन्हें आप चुनकर आप अपने करियर को नई दिशा दे सकते हैं –
| डिप्लोमा कोर्स का नाम | कोर्स की अवधि | आवश्यक योग्यता |
| डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग | 3 साल | 10वीं पास और मैथ्स/साइंस |
| डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस / IT | 1-3 साल | 10वीं पास |
| डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर साइंस | 1-2 साल | 10वीं पास |
| डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी | 1 साल | 10वीं पास |
| डिप्लोमा इन सिविल / मैकेनिकल / ऑटो | 1-3 साल | 10वीं पास |
| डिप्लोमा इन फैशन डिजाइनिंग | 1-2 साल | 10वीं पास |
| डिप्लोमा इन ग्राफ़िक डिजाइनिंग | 1 साल | 10वीं पास |
| डिप्लोमा इन होटल एंड हॉस्पिटैलिटी | 1-2 साल | 10वीं पास |
| डिप्लोमा इन ब्यूटी एंड हेयर कल्चर | 6-12 माह | 10वीं पास |
| डिप्लोमा इन साइबर सिक्योरिटी / डिजिटल स्किल्स | 6-12 माह | 10वीं पास |
10वीं के बाद किए जाने वाले ITI कोर्स
यहाँ 10वीं के बाद किए जाने वाले ITI कोर्स की जानकारी दी गई है, जो एंट्रेंस एग्जाम से शुरू होकर सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया के साथ पूरी होती है।
| कोर्स का नाम | कोर्स का विवरण | कोर्स की अवधि |
| इलेक्ट्रीशियन | यहाँ आप फंडामेंटल्स इलेक्ट्रिसिटी, वायरिंग, सर्किट्स, पैनल इंस्टालेशन और मेंटेनेंस सीखते हैं। इसका काम घर, फैक्ट्री या बिल्डिंग में इलेक्ट्रिकल सिस्टम इंस्टॉल/मेंटेन करना होता है। | 1–2 वर्ष |
| फिटर | मशीन पार्ट्स को फिट/अडजस्ट करना सीखते हैं। वेल्डिंग, मशीन ऑपरेशन, टूल्स यूज़ करना आता है और मैन्युफैक्चरिंग औद्योगिक काम में यह कोर्स बेहद जरूरी होता है। | 2 वर्ष |
| मैकेनिक (मोटर व्हीकल) | व्हीकल इंजिन, ब्रेक, सस्पेंशन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, इंजन मेकैनिक्स सब सीखते हैं। मोटर गैरेज या सर्विसिंग सेंटर में काम मिलता है। | 2 वर्ष |
| सिविल | सिविल ड्रॉइंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग और AutoCAD जैसे सॉफ्टवेयर का प्रयोग सीखते हैं। बिल्डिंग/कंस्ट्रक्शन फील्ड में जॉब्स मिलते हैं। | 2 वर्ष |
| कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग अस्सिस्टेंट (COPA) | बेसिक कंप्यूटर फंडामेंटल्स, MS Office, टाइपिंग, प्रोग्रामिंग बेसिक्स और हार्डवेयर नॉलेज सीखते हैं। ऑफिस/आईटी सेक्टर में जॉब मिलते हैं। | लगभग 1 वर्ष |
| इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक | इलेक्टॉन्िक डिवाइसेस जैसे रेडियो, TV, सर्किट बोर्ड, सेंसर्स आदि की रिपेयर और मेंटेनेंस सीखते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयरिंग शॉप में करियर बनता है। | 2 वर्ष |
| रेफ्रिजरेशन एंड AC मैकेनिक | AC, रेफ्रिजरेटर सिस्टम, कूलिंग मेकानिक्स और फ्रीज रिपेयर सीखते हैं। कंज्यूमर/अप्लायंस मरम्मत सेक्टर में काम मिलता है। | 2 वर्ष |
| ड्रेस मेकिंग / टेलरिंग | फैशन डिज़ाइन का बेसिक ट्रेनिंग, सिलाई/कटिंग स्किल्स, पैटर्न मेकिंग सीखते हैं। छोटे बिज़नेस या फैशन इंडस्ट्री में अप्लाई होता है। | लगभग 1 वर्ष |
| हेयर एंड स्किन केयर | हेयरकट, स्किन ट्रीटमेंट, ब्यूटी से जुड़ी टेक्निक्स सीखते हैं। ये कोर्स ब्यूटी इंडस्ट्री में काम करने के लिए बहुत अच्छा है। | लगभग 1 वर्ष |
| फ्रूट एंड वेजिटेबल प्रोसेसिंग | फूड प्रोडक्शन, प्रिज़र्वेशन, पैकेजिंग, क्वालिटी चेक सीखते हैं। फूड इंडस्ट्री में काम या खुद का पहलू शुरू कर सकते हैं। | लगभग 1 वर्ष |
10वीं के बाद लोकप्रिय डिजाइन स्पेशलाइजेशन
यहाँ 10वीं के बाद लोकप्रिय डिजाइन स्पेशलाइजेशन की जानकारी दी गई है, जिन्हें करके आप अपने करियर को नई दिशा में शुरू कर सकते हैं –
- फैशन डिजाइन
- इंटीरियर डिजाइन
- ग्राफिक डिजाइन
- एनिमेशन और वीएफएक्स
- ज्वेलरी डिजाइन
- टेक्सटाइल डिजाइन
- प्रोडक्ट डिजाइन
10वीं के बाद डिजाइन और क्रिएटिव कोर्स
भारत में फैशन और डिजाइन शिक्षा के लिए NIFT एक सरकारी संस्थान है, जिसकी स्थापना 1986 में हुई और यह संसद के अधिनियम से स्थापित संस्थान है। यहाँ दिए गए निम्नलिखित कोर्सेज को आप NIFT से करके अपने करियर ग्रोथ को एक मजबूत आधार दे सकते हैं। इसके अलावा कई बड़े डिज़ाइन संस्थानों में 10वीं के बाद डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करके आगे डिग्री कोर्स (जैसे B.Des) में प्रवेश का रास्ता मिलता है।
| कोर्स का नाम | न्यूनतम योग्यता | कोर्स की अवधि |
| डिप्लोमा इन फैशन डिजाइन और टेक्नोलॉजी | 10वीं के बाद संबंधित डिप्लोमा/स्किल कोर्स | 1-2 वर्ष (डिप्लोमा / सर्टिफिकेट) |
| डिप्लोमा इन डिजिटल टेक्सटाइल डिजाइन (CAD फॉर टेक्सटाइल) | 10वीं पास और कंप्यूटर की बेसिक जानकारी | लगभग 6 महीने |
| इंडियन मेंसवेयर डिजाइन कोर्स | 10वीं पास | लगभग 6 महीने |
| फैशन और क्लोदिंग टेक्नोलॉजी कोर्स | 10वीं / 12वीं (कोर्स पर निर्भर करता है।) | लगभग 1 वर्ष |
| डिप्लोमा इन टेक्सटाइल और लेदर डिजाइन फाउंडेशन | 10वीं के बाद संबंधित डिप्लोमा या 12वीं कक्षा में पास होना अनिवार्य | लगभग 2 वर्ष |
| फैशन प्रोडक्ट डिजाइन और टेक्नोलॉजी | 10वीं के बाद डिप्लोमा / 12वीं पास | लगभग 2 वर्ष |
| टेक्सटाइल एप्लिकेशन फॉर फैशन एंड लिविंग | 10वीं पास | लगभग 6-12 महीने |
| डिप्लोमा इन ग्राफिक डिजाइन / विज़ुअल कम्युनिकेशन | 10वीं पास | 1-3 वर्ष |
| डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइन | 10वीं पास | 1-3 वर्ष |
| डिप्लोमा इन मल्टीमीडिया डिजाइन | 10वीं पास | 1-2 वर्ष |
10वीं के बाद एग्रीकल्चर आधारित कोर्स
भारत में 10वीं के बाद एग्रीकल्चर क्षेत्र में कई डिप्लोमा और स्किल-आधारित कोर्स उपलब्ध हैं। ये कोर्स आमतौर पर कृषि कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक संस्थान और स्किल डेवलपमेंट संस्थानों में पढ़ाए जाते हैं। कई कोर्स 6 महीने से 3 साल तक के होते हैं और इनमें खेती, डेयरी, बागवानी, फसल प्रबंधन और ऑर्गेनिक फार्मिंग जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। इसमें एडवांस्ड लेवल की स्टडी के लिए आप 12वीं या ग्रेजुएशन के विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं –
| कोर्स का नाम | न्यूनतम योग्यता | कोर्स अवधि |
| कृषि इनपुट में डिप्लोमा (Diploma in Agri-Inputs) | 10वीं पास या समकक्ष | 1 वर्ष (2 सेमेस्टर) |
| डिप्लोमा इन कृषि प्रौद्योगिकी (Diploma in Farm Technology) | 10वीं पास | लगभग 1 वर्ष |
| डिप्लोमा इन बागवानी तकनीक (Diploma in Horticultural Technologies) | 10वीं पास | लगभग 1 वर्ष |
| डिप्लोमा इन जैविक कृषि (Diploma in Organic Agriculture) | 10वीं पास | लगभग 1 वर्ष |
| डिप्लोमा इन कृषि मशीनरी एवं रखरखाव | 10वीं पास | लगभग 1 वर्ष |
| मधुमक्खी पालन सर्टिफिकेशन कोर्स | 10वीं उत्तीर्ण / 10वीं उपस्थित | लगभग 6 माह |
| मशरूम उत्पादन सर्टिफिकेशन कोर्स | 10वीं उत्तीर्ण / 10वीं उपस्थित | लगभग 6 माह |
| वर्मी-कम्पोस्ट / जैविक खाद उत्पादन सर्टिफिकेशन कोर्स | 10वीं उत्तीर्ण / 10वीं उपस्थित | लगभग 6 माह |
| नर्सरी एवं पौध प्रबंधन सर्टिफिकेशन कोर्स | 10वीं उत्तीर्ण / 10वीं उपस्थित | लगभग 6 माह |
10वीं के बाद पैरामेडिकल सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स
भारत में अधिकांश पैरामेडिकल सर्टिफिकेट / डिप्लोमा कोर्स में न्यूनतम योग्यता 10वीं पास होती है और इनकी अवधि आमतौर पर 6 महीने से 2 वर्ष तक होती है। यहाँ दिए गए इन निम्नलिखित कोर्सेज में आप को अस्पताल, लैब, ऑपरेशन थिएटर और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों की सहायता करने की ट्रेनिंग दी जाती है।
| कोर्स का नाम | अवधि | न्यूनतम योग्यता |
| मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate in Medical Laboratory Technology) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| नर्सिंग असिस्टेंट सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate in Nursing Assistant) | 6–12 महीने | 10वीं पास |
| ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate in Operation Theatre Technician) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| हेल्थ एंड सैनिटरी इंस्पेक्टर सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate in Health & Sanitary Inspector) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| ऑप्टोमेट्री सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate in Optometry) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate in Multipurpose Health Worker) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| डेंटल मैकेनिक सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate in Dental Mechanic) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| पैथोलॉजी टेक्नीशियन सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate in Pathology Technician) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| एक्स-रे तकनीशियन सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate in X-Ray Technician) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| हेल्थ केयर असिस्टेंट डिप्लोमा (Diploma in Health Care Assistant) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| नर्सिंग असिस्टेंट डिप्लोमा (Diploma in Nursing Assistant) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी डिप्लोमा (Diploma in Operation Theatre Technology) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी डिप्लोमा (Diploma in Medical Lab Technology) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| विजन केयर टेक्नीशियन डिप्लोमा (Diploma in Vision Care Technician) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
| मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर डिप्लोमा (Diploma in Multipurpose Health Worker) | लगभग 1 वर्ष | 10वीं पास |
10वीं के बाद भारत में किए जा सकने वाले प्रमुख सरकारी स्किल प्रोग्राम
भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन के तहत कई ऐसे स्किल प्रोग्राम हैं जिन्हें आप 10वीं पास होने पर कर सकते हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को कम समय में रोजगार योग्य स्किल देना है। यह प्रोग्राम मुख्य रूप से कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) के तहत चलाए जाते हैं। यहाँ आपके लिए ऐसे ही कुछ प्रमुख प्रोग्राम्स की जानकारी दी गई है –
| सरकारी स्किल प्रोग्राम / कोर्स का नाम | संचालित करने वाली संस्था / योजना | पात्रता | कोर्स का उद्देश्य |
| प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत स्किल कोर्स | कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय | 10वीं पास / 10वीं के बाद | युवाओं को उद्योग से जुड़े स्किल जैसे डेटा एंट्री ऑपरेटर, रिटेल सेल्स, इलेक्ट्रिशियन आदि सिखाना |
| प्रधानमंत्री कौशल केंद्र (PMKK) प्रशिक्षण कार्यक्रम | नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन | 10वीं पास | जिला स्तर पर आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर में रोजगार आधारित प्रशिक्षण देना |
| दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) | ग्रामीण विकास मंत्रालय | ग्रामीण क्षेत्र के 10वीं पास युवा | ग्रामीण युवाओं को फ्री स्किल ट्रेनिंग और प्लेसमेंट देना |
| राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (NAPS) | नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन | 10वीं या ITI | उद्योग में काम करते हुए युवाओं को ट्रेनिंग और स्टाइपेंड देना |
| स्किल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म ट्रेनिंग | स्किल इंडिया मिशन | 10वीं / 12वीं | ऑनलाइन स्किल कोर्स जैसे डिजिटल स्किल, IT, रिटेल, लॉजिस्टिक्स की नॉलेज देना |
| सोलर पीवी इंस्टॉलर (सूर्यमित्र) स्किल कोर्स | राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान | 10वीं पास | सोलर पैनल इंस्टॉलेशन और नवीकरणीय ऊर्जा तकनीक की जानकारी देना |
| इलेक्ट्रिशियन / हाउसहोल्ड वायरिंग स्किल कोर्स | स्किल इंडिया मिशन | 10वीं पास | युवाओं में घरेलू बिजली मरम्मत और इंस्टॉलेशन स्किल डेवलप करना |
| सिलाई मशीन ऑपरेटर / टेलरिंग स्किल ट्रेनिंग | नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन | 10वीं पास | परिधान उद्योग (अपैरल इंडस्ट्री) में रोजगार के लिए ट्रेनिंग देना |
| डेटा एंट्री ऑपरेटर स्किल कोर्स | राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान | 10वीं पास | कंप्यूटर टाइपिंग, ऑफिस सॉफ्टवेयर और डेटा मैनेजमेंट की नॉलेज देना |
FAQs
इलेक्ट्रिशियन, फिटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, नर्सिंग सहायक और तकनीकी डिप्लोमा जैसे कोर्स में जल्दी रोजगार के अवसर मिलते हैं। यह क्षेत्र कौशल पर आधारित होते हैं और उद्योग में इनकी मांग रहती है।
10वीं के बाद सबसे अच्छा कोर्स आपकी रुचि और भविष्य की योजना पर निर्भर करता है। इसके बाद आप 11वीं में विज्ञान, वाणिज्य या कला ले सकते हैं। इसके अलावा आईटीआई, पॉलिटेक्निक और डिप्लोमा कोर्स भी अच्छे विकल्प हैं।
आईटीआई में कम समय में कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है। पॉलिटेक्निक तीन वर्ष का डिप्लोमा कोर्स है, जिससे आगे इंजीनियरिंग में प्रवेश का अवसर मिलता है। दोनों का उद्देश्य तकनीकी रोजगार बढ़ाना है।
10वीं के बाद लड़कियाँ किसी भी क्षेत्र में जा सकती हैं। हालाँकि लड़कियों के लिए नर्सिंग, फार्मेसी, शिक्षण, बैंकिंग, कंप्यूटर, फैशन डिज़ाइन और सरकारी सेवाएं अच्छे विकल्प हैं। अपने लिए सही कोर्स का चुनाव आपको अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करना चाहिए।
यदि आप जल्दी तकनीकी क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो डिप्लोमा अच्छा विकल्प है। इससे आपको तीन साल में विशेष ज्ञान मिलता है और बाद में आप सीधे इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष में प्रवेश पा सकते हैं।
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हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको 10वीं के बाद कौनसा कोर्स करें इसकी जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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