Read More NNCERT Solutionsपरशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए कौन-कौनसे तर्क दिए? रश्मि पटेल27/05/2025 उत्तर- परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष टूट जाने पर तर्क देते हुए कहा कि यह… Read More
Read More NNCERT Solutionsसूरदास का जीवन परिचय एवं कृतित्व संक्षेप में लिखिए। रश्मि पटेल23/05/2025 (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23) उत्तर: सूरदास भक्तिकाल के प्रमुख कृष्ण भक्त एवं सगुण उपासक थे। उनका… Read More
Read More NNCERT Solutionsसूरदास के पदों में सरसता एवं भावुकता के साथ वाग्विदग्धता भी है, स्पष्ट कीजिए। रश्मि पटेल23/05/2025 उत्तर: सूरदास के पदों की सबसे बड़ी विशेषता है उनकी वाग्विदग्धता, अर्थात् बोलने की सहज, प्रभावशाली और चतुराई… Read More
Read More NNCERT Solutionsसंकलित पदों में व्यक्त गोपियों की विरह-विवशता पर प्रकाश डालिए। रश्मि पटेल23/05/2025 उत्तर: ‘भ्रमरगीत’ में उद्धव द्वारा ज्ञान योग का संदेश देने पर गोपियाँ अपनी गहन विरह-विवशता व्यक्त करती हैं।… Read More
Read More NNCERT Solutionsसूरसागर में वर्णित ‘भ्रमरगीत’ का अभिप्राय बताइये। रश्मि पटेल23/05/2025 उत्तर- भक्तकवि सूरदास की रचना ‘सूरसागर’ में कृष्ण काव्य के एक प्रसंग को ‘भ्रमरगीत’ कहा गया है। इस… Read More
Read More NNCERT Solutionsसूर की भ्रमरगीत परम्परा पर संक्षेप में प्रकाश डालिए रश्मि पटेल23/05/2025 उत्तर: भ्रमरगीत परम्परा संस्कृत के भागवत महापुराण में वर्णित उस प्रसंग से जुड़ी है जिसमें श्रीकृष्ण द्वारा उद्धव… Read More
Read More NNCERT Solutionsसूरदास की भक्ति-भावना पर प्रकाश डालिए। रश्मि पटेल23/05/2025 उत्तर: सूरदास की भक्ति भावना सखा भाव पर आधारित है, जिसे प्रेमलक्षणा भक्ति भी कहा जाता है। उनका… Read More
Read More NNCERT Solutionsअष्टछाप के कवियों का नामोल्लेख कीजिए। इसकी स्थापना का श्रेय किसे दिया जाता है? रश्मि पटेल23/05/2025 उत्तर: अष्टछाप की स्थापना 1565 ई. में गोस्वामी विट्ठलनाथ (वल्लभाचार्य के पुत्र) ने की थी। यह आठ कवियों… Read More
Read More NNCERT Solutions“ऊधो, तुम हौ अति बड़भागी” – इसमें किन लोगों पर व्यंग्य है? सूरदास ने इसके माध्यम से क्या सन्देश दिया है? रश्मि पटेल23/05/2025 उत्तर: “ऊधो, तुम हौ अति बड़भागी” — इस कथन के माध्यम से सूरदास ने उन लोगों पर व्यंग्य… Read More
Read More NNCERT Solutions“राजधरम तौ यहै” इस कथन के माध्यम से सूरदास ने किस जीवन-सत्य का बोध कराया है? रश्मि पटेल23/05/2025 उत्तर: सूरदास ने इस जीवन-सत्य का बोध कराया है कि राजधर्म का मूल उद्देश्य प्रजा का कल्याण और… Read More