बफर स्टॉक (Buffer Stock) से तात्पर्य किसी अनाज या वस्तु के भंडारण से है जिसका उपयोग इसकी कीमत में होने वाले उतार-चढ़ाव और आकस्मिक आपात स्थितियों में किया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो भविष्य में होने वाली किसी वस्तु की कमी को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा वस्तु का भंडार तैयार किया जाता है जिसे ‘बफर स्टॉक’ कहा जाता है।
बफर स्टॉक किसे कहते हैं?
बफर स्टॉक उस अनाज या वस्तु के भंडार को कहते हैं, जिसे सरकार या कोई संस्था आकस्मिक आपात पर बाजार में उपलब्ध कराने के लिए संग्रहित करती है, ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके और आपूर्ति में स्थिरता बनी रहे। बफर स्टॉक बनाने का उद्देश्य आवश्यकता पड़ने पर मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाने, मूल्य वृद्धि कम करने और आपदा के समय वस्तु को बाजार में लाकर स्थिति को नियंत्रित करना होता है।
भारत में बफर स्टॉक कौन बनाता है?
भारत सरकार ने बफर स्टॉक के लिए अनाज एवं दालों की खरीद हेतु भारतीय खाद्य निगम (FCI), भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (NAFED) और लघु कृषक कृषि-व्यवसाय संघ (SFAC) को नियुक्त किया है। बफर स्टॉक खाद्यान्नों का सरकारी भंडार होता है। वास्तव में बफर स्टॉक कमी वाले क्षेत्रों में और समाज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बाजार कीमत से कम कीमत पर अनाज एवं वस्तुएं वितरण करने के लिए बनाया जाता है। बफर स्टॉक कई बार ख़राब मौसम में या फिर आपात परिस्थिति में अनाज की समस्या को हल करने में मदद करता है।
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