अपनी खिचड़ी अलग पकाना मुहावरे का अर्थ और इसका वाक्यों में प्रयोग

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अपनी खिचड़ी अलग पकाना मुहावरे का अर्थ
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[UPSC सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2025 हिंदी अनिवार्य पेपर]

अपनी खिचड़ी अलग पकाना मुहावरे का अर्थ होता है – अलग-थलग रहना, दूसरों के सुख-दुःख में सहभागी न होना तथा सामूहिक सहमति या निर्णय से हटकर अपना अलग रुख अपनाना।

जब कोई व्यक्ति समाज, परिवार या समूह में रहते हुए भी सामूहिक भावनाओं से स्वयं को अलग रखता है और दूसरों के सुख-दुःख में सहभागी नहीं होता, तब ऐसे व्यवहार को अपनी खिचड़ी अलग पकाना कहा जाता है।

अपनी खिचड़ी अलग पकाना मुहावरे का वाक्यों में प्रयोग

  1. परिवार में रहते हुए भी वह सभी सदस्यों के सुख-दुःख से दूर रहता है, वह अपनी खिचड़ी अलग ही पकाता है।
  2. जब पूरी टीम एक रणनीति पर सहमत हो चुकी थी, तब भी वह बीच में नई योजना लाकर अपनी खिचड़ी अलग पकाने लगा।
  3. कक्षा में सभी छात्र निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी कर रहे थे लेकिन वह चर्चा का रुख मोड़कर अपनी खिचड़ी अलग पकाने लगा।
  4. पंचायत में सर्वसम्मति बन चुकी थी, फिर भी वह पुरानी बहस छेड़कर अपनी खिचड़ी अलग पकाने लगा।
  5. जलवायु परिवर्तन पर विकसित और विकासशील देशों के बीच सहमति बन रही थी तभी कुछ राष्ट्र उत्सर्जन कटौती से पीछे हटकर अपनी खिचड़ी अलग पकाने लगे।
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