उत्तर: B, इस प्रश्न का सही उत्तर है। हिन्दी भाषा में अलंकार मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं।
इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर:
हिंदी साहित्य में दो मुख्य प्रकार के अलंकार होते हैं, जिनकी जानकारी निम्नलिखित है –
- शब्दालंकार (Shabd Alankar)
- अर्थालंकार (Arth Alankar)
शब्दालंकार किसे कहते हैं?
जब किसी वाक्य या कविता में शब्दों की ध्वनि, लय या छंद विशेष प्रभाव डालते हैं, तो वहां शब्दालंकार होता है। यह अलंकार शब्दों के सौंदर्य पर आधारित होता है। बता दें कि शब्दालंकार मुख्य रूप से तीन प्रकार – “अनुप्रास अलंकार, यमक अलंकार और श्लेष अलंकार” के होते हैं।
अर्थालंकार किसे कहते हैं?
जब किसी कविता या वाक्य में भावों की सुंदरता, कल्पना या तुलना के माध्यम से सौंदर्य पैदा होता है, तो उसे अर्थालंकार कहते हैं। यह अलंकार भावों की सुंदरता पर आधारित होता है। बता दें कि अर्थालंकार मुख्य रूप से चार प्रकार – “उपमा अलंकार, रूपक अलंकार, उत्प्रेक्षा अलंकार और अनुमान अलंकार” के होते हैं।
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