विदेश में पढ़ाई कैसे करें: भारतीय छात्रों के लिए योग्यता और प्रक्रिया की पूरी जानकारी 

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विदेश में पढ़ाई कैसे करें

भारत में हर साल हजारों छात्र विदेश में पढ़ाई करने की योजना बनाते हैं, लेकिन कई बार यह स्पष्ट नहीं होता कि इसकी शुरुआत कहाँ से करें और सही निर्णय कैसे लें। विदेश में पढ़ाई का निर्णय केवल यूनिवर्सिटी चुनने तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें आपकी शैक्षणिक योग्यता, बजट, कोर्स का चयन और भविष्य की करियर योजना जैसे कई पहलू शामिल होते हैं। इसी कारण, विदेश में पढ़ाई की प्रक्रिया को सही क्रम और स्पष्ट जानकारी के साथ समझना बेहद जरूरी है। इस लेख में भारतीय छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई कैसे करें-इससे संबंधित योग्यता, आवेदन प्रक्रिया और तैयारी के प्रमुख चरणों को विस्तार से समझाया गया है, ताकि आप अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुसार सही स्ट्रेटजी बना सकें।

विदेश में पढ़ाई करने के प्रमुख कारण

विदेश में पढ़ाई करने के प्रमुख कारण नीचे दिए गए हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और रिसर्च सुविधाएँ। 
  • प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड कोर्स। 
  • अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र और मल्टी-कल्चरल एक्सपीरियंस। 
  • सीमित अवधि के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क अवसर। 
  • ग्लोबल जॉब मार्केट को समझने का अनुभव। 

विदेश में पढ़ाई के लिए आवश्यक योग्यता

भारतीय छात्रों को विदेश में पढ़ाई के लिए कुछ आवश्यक योग्यताओं को पूरा करना होता है। इसकी सामान्य जानकारी के लिए आप नीचे दी गई तालिका देख सकते हैं। हालांकि विदेश में पढ़ाई के लिए आवश्यक योग्यताएँ देश और चुनी गई यूनिवर्सिटी के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं, जैसे:

योग्यता का प्रकार12वीं के बाद (UG)ग्रेजुएशन के बाद (PG)महत्वपूर्ण बिंदु 
शैक्षणिक योग्यतामान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पासमान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशनओपन बोर्ड/डिस्टेंस एजुकेशन हर देश में स्वीकार नहीं होती।
स्ट्रीम / विषय की अनिवार्यतासंबंधित विषय (जैसे साइंस, कॉमर्स)संबंधित UG डिग्रीबिना रिलेटेड बैकग्राउंड के एडमिशन मुश्किल होता है।
अंग्रेज़ी भाषा योग्यताIELTS / TOEFL / PTE / DuolingoIELTS / TOEFL / PTE / Duolingoहर यूनिवर्सिटी Duolingo स्वीकार नहीं करती।
IELTS स्कोर (औसत)नोट – हर यूनिवर्सिटी और कोर्स के अनुसार इसमें परिवर्तन हो सकता है, जिसके लिए आप आधिकारिक वेबसाइट को जरूर देखें। यहाँ केवल एक अनुमानित रेंज दी गई है, जिससे आपको एक आईडिया मिल सकता है।6.0 – 6.56.5 – 7.0कुछ कोर्स में प्रत्येक बैंड की शर्त होती है।
अन्य एंट्रेंस टेस्टSAT / ACT (कुछ देशों में)GRE / GMAT (चयनित कोर्स में)ये टेस्ट हर देश/कोर्स में अनिवार्य नहीं हैं।
स्टडी गैप1–2 साल सामान्य2–5 साल तक स्वीकार्य (कारण जरूरी)बिना उचित कारण गैप वीज़ा रिजेक्शन बढ़ा सकता है।
वर्क एक्सपीरियंसआवश्यक नहींकुछ कोर्स में आवश्यक / वांछनीयMBA जैसे कोर्स में एक्सपीरियंस अहम होता है।
SOP (स्टेटमेंट ऑफ पर्पस)अनिवार्यअनिवार्यकमजोर SOP एडमिशन और वीज़ा दोनों को प्रभावित करता है।
LOR (रिकमेन्डेशन लेटर)कुछ यूनिवर्सिटी मेंज़्यादातर यूनिवर्सिटी मेंप्रोफेसर/एम्प्लॉयर से होना चाहिए।
फाइनेंशियल योग्यतापहले साल का खर्च दिखाना जरूरीपहले साल का खर्च दिखाना जरूरीपैसा होना और दिखाना दोनों अलग बातें हैं।
मेडिकल फिटनेसआवश्यकआवश्यकदेश के अनुसार मेडिकल टेस्ट अलग हो सकता है।
पुलिस क्लियरेंस (PCC)वीज़ा स्टेज परवीज़ा स्टेज परअनदेखा करने पर वीज़ा में देरी हो सकती है।

विदेश में पढ़ाई के लिए परीक्षाओं की सूची

विदेश में पढ़ाई करने के लिए आपको कुछ प्रमुख परीक्षाओं के बारे में जानकारी होनी चाहिए, जिनकी सूची नीचे दी गई है। हालांकि, ये परीक्षाएँ आपके द्वारा चुनी गई यूनिवर्सिटी और कोर्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं:

प्रोग्राम लेवलस्टैंडर्डाइज़्ड टेस्टिंगइंग्लिश लैंग्वेज प्रोफिसिएंसी टेस्ट
सर्टिफिकेट/डिप्लोमाIELTS/PTE, TOEFL, CAE/CPE
मेडिकल कोर्सेजMCAT, NEET (MBBS)IELTS/PTE, TOEFL, CAE/CPE
लॉ कोर्सेजLSATIELTS/PTE, TOEFL, CAE/CPE
अंडरग्रेजुएटSAT/ACTIELTS/PTE, TOEFL, CAE/CPE
MS/PhDGREIELTS/PTE, TOEFL, CAE/CPE
MBA/MiMGMAT या GREIELTS/PTE, TOEFL, CAE/CPE

विदेश में पढ़ाई के लिए सही देश कैसे चुनें?

इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को विदेश में पढ़ाई करने के लिए देश और यूनिवर्सिटी चुनते समय केवल लोकप्रियता नहीं, बल्कि निम्नलिखित व्यावहारिक कारकों को भी देखना चाहिए:

  • सबसे पहले यह देखें कि जिस देश को चुन रहे हैं, वहाँ आपका कोर्स सरकारी और अकादमिक रूप से मान्यता प्राप्त है या नहीं। केवल देश की लोकप्रियता नहीं, बल्कि कोर्स कंटेंट और इंडस्ट्री वैल्यू अधिक मायने रखती है।
  • ट्यूशन फीस के साथ रहने, हेल्थ इंश्योरेंस और अन्य अनिवार्य खर्चों को जोड़कर ही निर्णय लें। केवल ‘सस्ता देश’ देखकर फैसला करना अक्सर गलत साबित होता है।
  • हर देश के वीज़ा नियम, पार्ट-टाइम वर्क लिमिट और पोस्ट-स्टडी वर्क ऑप्शन अलग होते हैं। इन्हें आधिकारिक इमिग्रेशन वेबसाइट से ही जांचें।
  • पढ़ाई के बाद काम करने की अनुमति और जॉब मार्केट की स्थिति समझना जरूरी है, क्योंकि हर देश में नौकरी की संभावना समान नहीं होती।
  • देश चुनते समय यह भी सोचें कि अगर पढ़ाई के बाद प्लान-A सफल न हो, तो आपके पास क्या विकल्प होंगे।

विदेश में पढ़ाई की पूरी प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

यहां विदेश में पढ़ाई की प्रक्रिया को सरल भाषा में चरणों में समझाया गया है:

  • स्टेप 1: लक्ष्य स्पष्ट करें: सबसे पहले यह तय करें कि आप विदेश में क्यों पढ़ना चाहते हैं?  इसके बाद आप अपने लिए ऐसा देश चुनें जो आपके इच्छित पाठ्यक्रम, संस्कृति, फीस, उपलब्ध छात्रवृत्तियों, रिश्तेदारों की उपस्थिति (यदि हो) और भविष्य की कार्य संभावनाओं के लिहाज से उपयुक्त हो।
  • स्टेप 2: कोर्स और यूनिवर्सिटी का चयन: रैंकिंग से अधिक ध्यान कोर्स सिलेबस, मान्यता और फैकल्टी पर दें। इसके लिए यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी को सत्यापित जरूर करें।
  • स्टेप 3: योग्यता और टेस्ट तैयारी: शैक्षणिक पात्रता के साथ IELTS, TOEFL या अन्य भाषा परीक्षाओं की आवश्यकता को समझें और समय पर तैयारी करें।
  • स्टेप 4: आवेदन और डॉक्युमेंटेशन: SOP, LOR, अकादमिक ट्रांसक्रिप्ट और रिज़्यूमे सही और स्पष्ट जानकारी के साथ तैयार करें।
  • स्टेप 5: एडमिशन ऑफर और फीस: ऑफर लेटर मिलने के बाद शर्तें ध्यान से पढ़ें और समय पर फीस जमा करें।
  • स्टेप 6: वीज़ा आवेदन: वित्तीय प्रमाण, मेडिकल और वास्तविक स्टूडेंट इंटेंट के साथ वीज़ा प्रक्रिया पूरी करें।

विदेश में पढ़ाई की आवेदन प्रक्रिया

विदेश में पढ़ाई के लिए आवेदन प्रक्रिया एक अहम चरण है। इसे सही तरीके से समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को ध्यान से पढ़ें:

  • कोर्स और यूनिवर्सिटी का चयन: सबसे पहले छात्र को अपने शैक्षणिक बैकग्राउंड, बजट और करियर लक्ष्य के अनुसार कोर्स और मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटीज़ की सूची तैयार करनी चाहिए। केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि कोर्स कंटेंट और भविष्य की उपयोगिता को प्राथमिकता देना जरूरी है।
  • योग्यता और प्रवेश शर्तों की जांच: हर यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर दी गई पात्रता, न्यूनतम अंक, भाषा परीक्षा (IELTS/TOEFL आदि) और अन्य आवश्यकताओं को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इसके अलावा SAT, ACT, GRE, GMAT आदि परीक्षाओं में उत्तीर्ण करना होता है।
  • आवेदन दस्तावेज़ तैयार करना: इसमें शैक्षणिक प्रमाणपत्र, ट्रांसक्रिप्ट, स्टेटमेंट ऑफ पर्पस (SOP), लेटर ऑफ रिकमेन्डेशन (LOR), रिज़्यूम और भाषा परीक्षा स्कोर शामिल होते हैं। दस्तावेज़ स्पष्ट, सही और सत्यापन योग्य होने चाहिए।
  • ऑनलाइन आवेदन जमा करना: अधिकतर यूनिवर्सिटीज़ में आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। आवेदन शुल्क समय पर जमा करना आवश्यक होता है।
  • ऑफर लेटर प्राप्त करना: आवेदन की समीक्षा के बाद यूनिवर्सिटी कंडीशनल या अनकंडीशनल ऑफर लेटर जारी करता है।
  • ऑफर स्वीकार करना और फीस जमा करना: तय समय सीमा में ऑफर स्वीकार कर ट्यूशन फीस या डिपॉज़िट जमा करना होता है।
  • वीज़ा प्रक्रिया की तैयारी: ऑफर लेटर मिलने के बाद छात्र स्टूडेंट वीज़ा प्रक्रिया शुरू करता है।

विदेश में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप

अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए उपलब्ध स्कॉलरशिप हर देश और यूनिवर्सिटी के अनुसार भिन्न होती हैं। यहां देश के आधार पर कुछ प्रमुख स्कॉलरशिप की जानकारी दी गई है:

USA में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप

  • फुलब्राइट-नेहरू मास्टर्स फेलोशिप
  • हार्वर्ड फाइनेंसियल ऐड (नीड-बेस्ड)
  • नाइट-हेनेसी स्कॉलरशिप (ग्रेजुएट लेवल)
  • MIT नीड-बेस्ड स्कॉलरशिप्स
  • रीजेंट स्कॉलरशिप
  • इनलैक्स शिवदासानी फाउंडेशन स्कॉलरशिप
  • टाटा स्कॉलरशिप (कॉर्नेल यूनिवर्सिटी)

कनाडा में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप

  • ओंटारियो ग्रेजुएट स्कॉलरशिप्स
  • वैनियर कनाडा ग्रेजुएट स्कॉलरशिप्स
  • कनाडा-आसियान स्कॉलरशिप्स
  • शास्त्री इंडो-कैनेडियन इंस्टीट्यूट स्कॉलरशिप्स
  • लेस्टर बी. पियर्सन इंटरनेशनल स्कॉलरशिप्स
  • मैकगिल एंट्रेंस स्कॉलरशिप्स
  • ग्लोबल अकादमिक एक्सीलेंस स्कॉलरशिप्स

ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप

  • ऑस्ट्रेलिया अवॉर्ड्स स्कॉलरशिप्स
  • एंडेवर पोस्टग्रेजुएट स्कॉलरशिप अवॉर्ड्स
  • इंटरनेशनल पोस्टग्रेजुएट रिसर्च स्कॉलरशिप्स (IPRS)
  • मेलबर्न इंटरनेशनल स्कॉलरशिप्स
  • एएनयू चांसलर स्कॉलरशिप
  • मोनाश इंटरनेशनल मेरिट स्कॉलरशिप
  • सिडनी स्कॉलर्स अवॉर्ड्स

जर्मनी में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप

  • डीएएडी (DAAD) स्कॉलरशिप्स
  • कोनराड एडेनॉयर स्टिफ्टंग स्कॉलरशिप
  • हेनरिक बोल फाउंडेशन स्कॉलरशिप

यूके में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप

  • कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप
  • चेवनिंग स्कॉलरशिप
  • रोड्स स्कॉलरशिप

यूरोपियन देशों में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप

  • इरास्मस मुंडस संयुक्त मास्टर डिग्री (ईएमजेएम)
  • स्वीडिश इंस्टीट्यूट स्कॉलरशिप्स
  • हॉलैंड स्कॉलरशिप
  • ऑरेंज ट्यूलिप स्कॉलरशिप
  • एफिल एक्सीलेंस स्कॉलरशिप

विदेश में पढ़ाई के दौरान काम करने के नियम

विदेश में पढ़ाई करते समय बजट का ध्यान रखना आवश्यक होता है। इसके लिए छात्रों को पढ़ाई के दौरान काम करने से जुड़े नियमों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे पढ़ाई के साथ अपनी लिविंग कॉस्ट को बेहतर ढंग से मैनेज कर सकें।

नीचे विदेश में पढ़ाई के दौरान काम करने से संबंधित कुछ प्रमुख नियम दिए गए हैं। हालाँकि, ये नियम देश और यूनिवर्सिटी के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए छात्रों को अपने चुने गए देश और संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए।

  • विदेश में पढ़ाई के दौरान काम करने की अनुमति हर देश में सीमित और नियंत्रित होती है। 
  • अधिकांश देशों में स्टूडेंट्स को पार्ट-टाइम काम की ही अनुमति होती है, जो आमतौर पर सप्ताह में 20 घंटे तक सीमित रहती है।
  • सेमेस्टर ब्रेक या आधिकारिक छुट्टियों में कुछ देश फुल-टाइम काम की अनुमति देते हैं, लेकिन इसके लिए अलग नियम लागू होते हैं।
  • काम करने से पहले स्टूडेंट को वैध स्टूडेंट वीज़ा और आवश्यक पहचान संख्या (जैसे टैक्स या सोशल सिक्योरिटी नंबर) लेना अनिवार्य होता है।
  • ऑन-कैंपस काम (लाइब्रेरी, कैफेटेरिया, रिसर्च असिस्टेंट) अपेक्षाकृत सुरक्षित और नियमों के दायरे में होता है।
  • ऑफ-कैंपस काम के लिए कई देशों में अतिरिक्त अनुमति या निश्चित समय सीमा पूरी करना जरूरी होता है।
  • वर्क लिमिट से ज्यादा काम करना या गैर-कानूनी रोजगार वीज़ा रद्द होने का कारण बन सकता है।
  • पढ़ाई को प्राथमिकता देना अनिवार्य है; काम के कारण अकादमिक प्रदर्शन गिरना वीज़ा शर्तों का उल्लंघन माना जा सकता है।

FAQs

विदेश में पढ़ाई के लिए न्यूनतम योग्यता क्या है?

विदेश में पढ़ाई के लिए मान्यता प्राप्त बोर्ड या यूनिवर्सिटी से शैक्षणिक योग्यता आवश्यक होती है। 12वीं के बाद अंडरग्रेजुएट और ग्रेजुएशन के बाद पोस्टग्रेजुएट कोर्स के लिए आवेदन किया जा सकता है। साथ ही अंग्रेज़ी भाषा दक्षता परीक्षा जैसे IELTS या TOEFL भी जरूरी होती है।

विदेश में पढ़ाई का कुल खर्च कितना होता है?

यह देश, कोर्स और यूनिवर्सिटी पर निर्भर करता है। औसतन भारतीय छात्रों को ट्यूशन फीस और रहने के खर्च मिलाकर ही अपना बजट तैयार करना चाहिए। इसमें आने वाले कुल खर्च की जानकारी को आप अपने द्वारा चुनी गई यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।

आशा है कि इस लेख में आप जान पाए होंगे कि विदेश में पढ़ाई कैसे करें, जिससे आईडिया लेकर आप अपने लिए बेहतर रणनीति बना सकते है। ऐसे ही स्टडी अब्रॉड से संबंधित अन्य लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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