Sadev ka Sandhi Viched | जानिए सदैव का संधि विच्छेद क्या होगा

1 minute read
Sadev ka Sandhi Viched

संधि, हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। इसका शाब्दिक अर्थ है- मेल। यानी दो वर्णों के परस्पर मेल से जो परिवर्तन होता है, उसे संधि कहा जाता है और दो शब्दों के मेल से बने शब्द को पुनः अलग अलग करना संधि विच्छेद कहलाता है।

यह भी पढ़े : संधि विच्छेद ट्रिक

Sadev ka Sandhi Viched क्या है?

इस लेख में हम जानेंगे कि सदैव का संधि विच्छेद क्या होगा। तो आईये आपको बताते हैं कि सदैव का संधि विच्छेद होगा ‘सदा + एव।‘। सदैव शब्द में वृद्धि संधि लागू होती है।

वृद्धि संधि क्या है?

यदि ‘अ’/ ‘आ’ के साथ ए/ ऐ आये तो ‘ऐ’ और ओ/ औ आये तो औ बन जाता है। इस प्रकार बनने वाले शब्दों को वृद्धि संधि कहा जाता है।

जब अ,आ के साथ ए,ऐ हो तो “ऐ” बनता है।
जब अ,आ के साथ ओ,औ हो तो ” औ” बनता है।

उदाहरण

  • मत + एकता = मतैकता
  • जन + ऐश्वर्य = जनैश्वर्य
  • यथा + एव = यथैव

सदैव से बनने वाले शब्दों का वाक्य में प्रयोग

सदैव से बनने वाले शब्दों का वाक्य में प्रयोग निम्नलिखित है:

  • हमें सदैव बड़ो का सम्मान करना चाहिए।
  • शुभम ने सदैव हर चुनौती का डटकर सामना किया।
  • नीरज सदैव सत्य बोलता है।

संबंधित आर्टिकल्स :

जगदीश का संधि विच्छेद

संस्कृत का संधि विच्छेद

इत्यादि का संधि विच्छेद

निराशा का संधि विच्छेद

आशा करते हैं कि इस ब्लॉग से आपको Sadev ka Sandhi Viched पता चल गया होगा। संधि से जुड़े हुए अन्य महत्वपूर्ण और रोचक ब्लॉग पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहिए।

प्रातिक्रिया दे

Required fields are marked *

*

*